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सावन: आस्था, प्रकृति और संतुलन का संदेश बृजेश शर्मा /BHILWARA भारतीय संस्कृति में सावन का महीना केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि जीवन के गहरे अर्थों को समझने का अवसर भी है। वर्षा ऋतु के मध्य आने वाला यह पावन मास प्रकृति, आस्था और मानवीय भावनाओं का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। जहां एक ओर धरती हरियाली की चादर ओढ़ लेती है, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं। सावन का महत्व प्राचीन काल से ही भारतीय जीवनशैली में रचा-बसा है। मान्यता है कि इस माह में भगवान शिव की आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। यही कारण है कि मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और कांवड़ यात्राओं का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया जाता है। यह आस्था केवल धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करती है। प्राकृतिक दृष्टि से भी सावन का महीना अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्षा के कारण जलस्रोत भरते हैं, फसलें लहलहाती हैं और पर्यावरण में नई ऊर्जा का संचार होता है। किसानों के लिए यह समय उम्मीद और परिश्रम का प्रतीक होता है। उनके चेहरे पर दिखने वाली मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि सावन केवल मौसम नहीं, बल्कि जीवनदायिनी शक्ति है। हालांकि, बदलते समय के साथ सावन की परंपराओं में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। आधुनिक जीवनशैली, शहरीकरण और पर्यावरणीय असंतुलन ने इस पावन माह के मूल स्वरूप को कहीं न कहीं प्रभावित किया है। कांवड़ यात्राओं में बढ़ती भीड़, ध्वनि प्रदूषण और प्लास्टिक कचरे की समस्या इस बात की ओर संकेत करती है कि हमें अपनी परंपराओं को निभाने के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी भी समझनी होगी। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम सावन के संदेश को केवल धार्मिक आस्था तक सीमित न रखें, बल्कि इसे जीवन में संतुलन और सामंजस्य के रूप में अपनाएं। प्रकृति के साथ तालमेल, जल संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता जैसे प्रयासों को इस माह के साथ जोड़ना समय की मांग है। अंततः, सावन हमें यह सिखाता है कि जीवन में आस्था और प्रकृति दोनों का संतुलन जरूरी है। यदि हम इस संदेश को आत्मसात कर लें, तो न केवल हमारा व्यक्तिगत जीवन समृद्ध होगा, बल्कि समाज और पर्यावरण भी संतुलित और समृद्ध बन सकेगा।

21 hrs ago
user_Anil Tailor (journalist)
Anil Tailor (journalist)
Journalist भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
21 hrs ago
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सावन: आस्था, प्रकृति और संतुलन का संदेश बृजेश शर्मा /BHILWARA भारतीय संस्कृति में सावन का महीना केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि जीवन के गहरे अर्थों को समझने का अवसर भी है। वर्षा ऋतु के मध्य आने वाला यह पावन मास प्रकृति, आस्था और मानवीय भावनाओं का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। जहां एक ओर धरती हरियाली की चादर ओढ़ लेती है, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं। सावन का महत्व प्राचीन काल से ही भारतीय जीवनशैली में रचा-बसा है। मान्यता है कि इस माह में भगवान शिव की आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। यही कारण है कि मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और कांवड़ यात्राओं का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया जाता है। यह आस्था केवल धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करती है। प्राकृतिक दृष्टि से भी सावन का महीना अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्षा के कारण जलस्रोत भरते हैं, फसलें लहलहाती हैं और पर्यावरण में नई ऊर्जा का संचार होता है। किसानों के लिए यह समय उम्मीद और परिश्रम का प्रतीक होता है। उनके चेहरे पर दिखने वाली मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि सावन केवल मौसम नहीं, बल्कि जीवनदायिनी शक्ति है। हालांकि, बदलते समय के साथ सावन की परंपराओं में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। आधुनिक जीवनशैली, शहरीकरण और पर्यावरणीय असंतुलन ने इस पावन माह के मूल स्वरूप को कहीं न कहीं प्रभावित किया है। कांवड़ यात्राओं में बढ़ती भीड़, ध्वनि प्रदूषण और प्लास्टिक कचरे की समस्या इस बात की ओर संकेत करती है कि हमें अपनी परंपराओं को निभाने के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी भी समझनी होगी। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम सावन के संदेश को केवल धार्मिक आस्था तक सीमित न रखें, बल्कि इसे जीवन में संतुलन और सामंजस्य के रूप में अपनाएं। प्रकृति के साथ तालमेल, जल संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता जैसे प्रयासों को इस माह के साथ जोड़ना समय की मांग है। अंततः, सावन हमें यह सिखाता है कि जीवन में आस्था और प्रकृति दोनों का संतुलन जरूरी है। यदि हम इस संदेश को आत्मसात कर लें, तो न केवल हमारा व्यक्तिगत जीवन समृद्ध होगा, बल्कि समाज और पर्यावरण भी संतुलित और समृद्ध बन सकेगा।

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  • महिला कांग्रेस (देहात) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी एवं सांसद कंगना रनौत का पुतला फूंककर जताया विरोध भीलवाड़ा, 31 जुलाई | राजकुमार गोयल भीलवाड़ा तरंग न्यूज़ महिला कांग्रेस (देहात) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी एवं सांसद कंगना रनौत का पुतला फूंककर जताया विरोध भीलवाड़ा, 31 जुलाई | राजकुमार गोयल अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्का लांबा एवं प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह के निर्देशानुसार शुक्रवार शाम महिला कांग्रेस (देहात) की जिलाध्यक्ष सुशीला सालवी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यालय, भीलवाड़ा के बाहर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी एवं सांसद कंगना रनौत का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर विरोध-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। जिलाध्यक्ष सुशीला सालवी ने कहा कि महिला कांग्रेस जनहित एवं महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाती रहेगी तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराती रहेगी। प्रदर्शन में पूर्व सभापति मधु जाजू, ब्लॉक अध्यक्ष ज्योति उपाध्याय, रेखा बलाई, दुर्गेश कंवर, जिला पदाधिकारी प्रज्ञा बुनकर, रेखा भट्ट, दीपमाला लोट, ममता शर्मा, अनुराधा जाट, लीना कनोज, समा बानू सहित महिला कांग्रेस (देहात) की अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान सभी महिला कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की तथा लोकतांत्रिक तरीके से विरोध-प्रदर्शन किया। फोटो कैप्शन: भीलवाड़ा तरंग न्यूज़: भीलवाड़ा में कांग्रेस कार्यालय के बाहर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी एवं सांसद कंगना रनौत का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर विरोध-प्रदर्शन करती महिला कांग्रेस (देहात) की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता। (संलग्न फोटो)
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    महिला कांग्रेस (देहात) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी एवं सांसद कंगना रनौत का पुतला फूंककर जताया विरोध

भीलवाड़ा, 31 जुलाई | राजकुमार गोयल
भीलवाड़ा तरंग न्यूज़
महिला कांग्रेस (देहात) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी एवं सांसद कंगना रनौत का पुतला फूंककर जताया विरोध
भीलवाड़ा, 31 जुलाई | राजकुमार गोयल
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्का लांबा एवं प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह के निर्देशानुसार शुक्रवार शाम महिला कांग्रेस (देहात) की जिलाध्यक्ष सुशीला सालवी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यालय, भीलवाड़ा के बाहर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी एवं सांसद कंगना रनौत का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर विरोध-प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। जिलाध्यक्ष सुशीला सालवी ने कहा कि महिला कांग्रेस जनहित एवं महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाती रहेगी तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराती रहेगी।
प्रदर्शन में पूर्व सभापति मधु जाजू, ब्लॉक अध्यक्ष ज्योति उपाध्याय, रेखा बलाई, दुर्गेश कंवर, जिला पदाधिकारी प्रज्ञा बुनकर, रेखा भट्ट, दीपमाला लोट, ममता शर्मा, अनुराधा जाट, लीना कनोज, समा बानू सहित महिला कांग्रेस (देहात) की अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान सभी महिला कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की तथा लोकतांत्रिक तरीके से विरोध-प्रदर्शन किया।
फोटो कैप्शन:
भीलवाड़ा तरंग न्यूज़: भीलवाड़ा में कांग्रेस कार्यालय के बाहर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी एवं सांसद कंगना रनौत का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर विरोध-प्रदर्शन करती महिला कांग्रेस (देहात) की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता। (संलग्न फोटो)
    user_राजकुमार गोयल
    राजकुमार गोयल
    Local News Reporter Bhilwara, Rajasthan•
    13 hrs ago
  • ग्राम पंचायत साड़ास में आंगनबाड़ी सहायिका के सेवानिवृत्त कार्यक्रम कार्यकर्त्ताओ द्वारा माला पहनाकर स्वागत
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    ग्राम पंचायत साड़ास में आंगनबाड़ी  सहायिका के सेवानिवृत्त कार्यक्रम कार्यकर्त्ताओ द्वारा माला पहनाकर स्वागत
    user_SADAS LIVE NEWS
    SADAS LIVE NEWS
    Local News Reporter गंगरार, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • बदहाल सड़क से आमजन परेशान राह पर चलना हुआ दुभर , अधिकारी ने सुनी लोगो की पीड़ा गंगरार उपखंड के ग्राम पंचायत साडास में गैर के चौक से बालाजी तक का सड़क मार्ग पूर्ण रूप से बदहाली का शिकार हो चुका है इस रास्ते पर काफ़ी लोगों का किसानों का छात्र छात्राओं का आना जाना लगा रहता हे , इस मार्ग में एक रा.उच्च माध्यमिक विद्यालय व आयुर्वेदिक चिकित्सालय है आगे एक प्रसिद्ध बालाजी का मंदिर हैजर्जर पड़े संपर्क मार्ग को लेकर ग्रामीणों ने बताया है कि गांव तक पहुंचने के लिए रोजाना जान जोखिम में डालनी पड़ती है। बरसात में सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि यही मार्ग क्षेत्र के सैकड़ों किसानों व विद्यार्थियों का प्रमुख रास्ता है। और अन्य भारी वाहन प्रतिदिन इसी सड़क से गुजरते हैं, लेकिन गहरे गड्ढों के कारण हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। ग्रामीणों का दावा है कि कई बार वाहन असंतुलित हो चुके हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जान का भी जोखिम उठाना पड़ता है। ग्रामीणों ने सड़क सुधार की मांग की है।।
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    बदहाल सड़क से आमजन परेशान राह पर चलना हुआ दुभर , अधिकारी ने सुनी लोगो की पीड़ा 
गंगरार उपखंड के ग्राम पंचायत साडास में गैर के चौक से बालाजी तक का सड़क मार्ग पूर्ण रूप से बदहाली का शिकार हो चुका है इस रास्ते पर काफ़ी लोगों का किसानों का छात्र छात्राओं का आना जाना लगा रहता हे , इस मार्ग में एक रा.उच्च माध्यमिक विद्यालय व आयुर्वेदिक चिकित्सालय है आगे एक प्रसिद्ध बालाजी का मंदिर हैजर्जर पड़े संपर्क मार्ग को लेकर  ग्रामीणों ने बताया है कि गांव तक पहुंचने के लिए रोजाना जान जोखिम में डालनी पड़ती है। बरसात में सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यही मार्ग क्षेत्र के सैकड़ों किसानों व  विद्यार्थियों का  प्रमुख रास्ता है। और अन्य भारी वाहन प्रतिदिन इसी सड़क से गुजरते हैं, लेकिन गहरे गड्ढों के कारण हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। ग्रामीणों का दावा है कि कई बार वाहन असंतुलित हो चुके हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जान का भी जोखिम उठाना पड़ता है। ग्रामीणों ने सड़क सुधार  की मांग की है।।
    user_Chandra prakash  bilwal
    Chandra prakash bilwal
    Teacher गंगरार, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • Chittorgarh का अद्भुत हजारेश्वर महादेव मंदिर, एक लोटा जल से हजार शिवलिंग का अभिषेक, हर ओर 'हर-हर महादेव' का जयघोष गूंज रहा #LatestNews #RajasthanNews #RajasthanWithZee
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    Chittorgarh का अद्भुत हजारेश्वर महादेव मंदिर, एक लोटा जल से हजार शिवलिंग का अभिषेक, हर ओर 'हर-हर महादेव' का जयघोष गूंज रहा 
#LatestNews #RajasthanNews #RajasthanWithZee
    user_Jalampura AC morcha adhyaks D.
    Jalampura AC morcha adhyaks D.
    Newspaper advertising department करेड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • एनडीपीएस कोर्ट का सख्त फैसला: 4.2 किलो अफीम तस्करी में दो दोषियों को 15-15 साल की जेल, डेढ़-डेढ़ लाख का जुर्माना भीलवाड़ा। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज अफीम तस्करी के एक मामले में विशिष्ट न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट, भीलवाड़ा ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को 15-15 वर्ष के कठोर कारावास तथा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। विशिष्ट लोक अभियोजक रामस्वरूप गुर्जर ने शुक्रवार शाम करीब 6 बजे बताया कि 7 मार्च 2022 को मंगरोप थाना पुलिस पुलिस चौकी मंडपिया के सामने नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल चालक पुलिस को देखकर वापस मुड़ने लगा। संदेह होने पर पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली। आरोपी की पहचान चेनराम पुत्र मांगीलाल गुंदरावत (भील), निवासी नीमच सिटी (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई। मोटरसाइकिल की डिग्गी की तलाशी लेने पर 4 किलो 200 ग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने चेनराम को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने अफीम परमानन्द पुत्र मन्नाराम जाट, निवासी बरखेड़ा देव, जिला मंदसौर (मध्यप्रदेश) से खरीदना स्वीकार किया। जांच के बाद पुलिस ने परमानन्द को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने चेनराम को धारा 8/18 एनडीपीएस एक्ट तथा परमानन्द को धारा 8/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी माना। दोनों को 15-15 वर्ष के कठोर कारावास और डेढ़-डेढ़ लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक रामस्वरूप गुर्जर ने 8 गवाहों के बयान और 78 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया।
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    एनडीपीएस कोर्ट का सख्त फैसला: 4.2 किलो अफीम तस्करी में दो दोषियों को 15-15 साल की जेल, डेढ़-डेढ़ लाख का जुर्माना
भीलवाड़ा। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज अफीम तस्करी के एक मामले में विशिष्ट न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट, भीलवाड़ा ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को 15-15 वर्ष के कठोर कारावास तथा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
विशिष्ट लोक अभियोजक रामस्वरूप गुर्जर ने शुक्रवार शाम करीब 6 बजे बताया कि 7 मार्च 2022 को मंगरोप थाना पुलिस पुलिस चौकी मंडपिया के सामने नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल चालक पुलिस को देखकर वापस मुड़ने लगा। संदेह होने पर पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली। आरोपी की पहचान चेनराम पुत्र मांगीलाल गुंदरावत (भील), निवासी नीमच सिटी (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई। मोटरसाइकिल की डिग्गी की तलाशी लेने पर 4 किलो 200 ग्राम अफीम बरामद हुई।
पुलिस ने चेनराम को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने अफीम परमानन्द पुत्र मन्नाराम जाट, निवासी बरखेड़ा देव, जिला मंदसौर (मध्यप्रदेश) से खरीदना स्वीकार किया। जांच के बाद पुलिस ने परमानन्द को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने चेनराम को धारा 8/18 एनडीपीएस एक्ट तथा परमानन्द को धारा 8/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी माना। दोनों को 15-15 वर्ष के कठोर कारावास और डेढ़-डेढ़ लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक रामस्वरूप गुर्जर ने 8 गवाहों के बयान और 78 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया।
    user_Puneet jain
    Puneet jain
    भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    11 hrs ago
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