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मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा फिर से गरमा गया है, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर जमीन खरीदी के आरोपों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा टकराव देखने को मिल रहा है। इन गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, मंत्री इंदर सिंह परमार ने इन्हें पूरी तरह से निराधार बताया है। इस राजनीतिक घमासान के बीच, जनता के सामने यह सवाल है कि वे विपक्ष के आरोपों पर विश्वास करें या सरकार के दिए गए जवाबों पर।
Anil Sharma
मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा फिर से गरमा गया है, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर जमीन खरीदी के आरोपों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा टकराव देखने को मिल रहा है। इन गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, मंत्री इंदर सिंह परमार ने इन्हें पूरी तरह से निराधार बताया है। इस राजनीतिक घमासान के बीच, जनता के सामने यह सवाल है कि वे विपक्ष के आरोपों पर विश्वास करें या सरकार के दिए गए जवाबों पर।
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- सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता गुंजन चौकसे ने कड़ा बयान देते हुए कहा है कि कांग्रेस के आरोपों को बिना तथ्यात्मक सत्यापन के समाचार बनाकर प्रसारित करना पत्रकारिता नहीं, बल्कि एक एजेंडा है। गुंजन चौकसे ने स्पष्ट किया कि समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों का सत्यापन करना, संबंधित पक्ष का पक्ष जानना और प्रमाणित आधार पर रिपोर्टिंग करना पत्रकारिता की मूल जिम्मेदारी होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्याप्त जांच के बिना किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने वाली खबरें लोकतांत्रिक मूल्यों और पत्रकारिता की मर्यादा के विरुद्ध हैं। इस संदर्भ में उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, "सत्य अंततः सामने आता है, लेकिन असत्य फैलाने वालों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।" उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रेस संबंधी मानकों में तथ्य सत्यापन और संतुलित रिपोर्टिंग पर विशेष जोर दिया गया है। SAB NEWS TAK ने पाठकों से अपनी खबरें और जानकारी WhatsApp नंबर 89625 44196 पर भेजने का आह्वान किया है।1
- ग्राम गोरा में पुश्तैनी भूमि को लेकर एक विवाद सामने आया है। इस मामले में, ब्रह्मा मारण ने प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और विवादित भूमि का उचित सीमांकन करने की मांग उठाई है।1
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- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत प्रदेश के हितग्राहियों को एक बड़ी सौगात दी है। मंत्रालय से सिंगल क्लिक के माध्यम से, प्रदेश भर के 33.92 लाख से अधिक पेंशन हितग्राहियों के बैंक खातों में ₹203.56 करोड़ से अधिक की राशि सीधे अंतरित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।1
- सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता गुंजन चौकसे ने कांग्रेस के आरोपों को बिना तथ्यात्मक सत्यापन के समाचार के रूप में प्रसारित करने की कड़ी निंदा की है, इसे पत्रकारिता नहीं बल्कि एक एजेंडा करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के मानदंड बताते हैं कि समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों का सत्यापन, संबंधित पक्ष का पक्ष जानना और विश्वसनीय तथा प्रमाणित आधार पर रिपोर्टिंग आवश्यक है। चौकसे ने इस बात पर जोर दिया कि बिना पर्याप्त जांच के किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को क्षति पहुँचाने वाली खबरें न केवल पत्रकारिता की मर्यादा के विरुद्ध हैं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उन्होंने कहा कि सत्य अंततः सामने आता है, लेकिन असत्य फैलाने वालों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।1
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