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झालावाड़ जिले में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। डग में विकास अधिकारी के पद पर प्रभुलाल वर्मा की नियुक्ति की गई है, जबकि लंबे समय से रिक्त चल रहे डग तहसीलदार के पद पर हरिकिशन को तैनात किया गया है। गंगधार में भी प्रशासन ने अहम बदलाव किए हैं। राधेश्याम पंकज को गंगधार का नायब तहसीलदार नियुक्त किया गया है। साथ ही, ACBEO रमेश वर्मा के स्थान पर बाबूलाल चौहान अब पदभार ग्रहण करेंगे। पुलिस प्रशासन में भी फेरबदल करते हुए गंगधार थाने की कमान किशोर सिंह को सौंपी गई है। इन बदलावों के तहत डग, गंगधार और उन्हेल थाने के कई अन्य पुलिसकर्मियों का भी दूसरे स्थानों पर स्थानांतरण किया गया है।
धरम सिंह
झालावाड़ जिले में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। डग में विकास अधिकारी के पद पर प्रभुलाल वर्मा की नियुक्ति की गई है, जबकि लंबे समय से रिक्त चल रहे डग तहसीलदार के पद पर हरिकिशन को तैनात किया गया है। गंगधार में भी प्रशासन ने अहम बदलाव किए हैं। राधेश्याम पंकज को गंगधार का नायब तहसीलदार नियुक्त किया गया है। साथ ही, ACBEO रमेश वर्मा के स्थान पर बाबूलाल चौहान अब पदभार ग्रहण करेंगे। पुलिस प्रशासन में भी फेरबदल करते हुए गंगधार थाने की कमान किशोर सिंह को सौंपी गई है। इन बदलावों के तहत डग, गंगधार और उन्हेल थाने के कई अन्य पुलिसकर्मियों का भी दूसरे स्थानों पर स्थानांतरण किया गया है।
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- झालावाड़ के चौमहला में श्री राम प्रभात फेरी संघ द्वारा योगिनी एकादशी के पावन अवसर पर श्री बाल कृष्ण की एक भव्य झांकी निकाली गई। सनातन धर्म और हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को योगिनी एकादशी कहा जाता है और इस विशेष दिन पर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना का अत्यंत महत्व है। बाल कृष्ण की इस मनमोहक झांकी के दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने झांकी के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की और भगवान से सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूरे क्षेत्र में लगातार भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा और श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।1
- आगर मालवा जिले के बड़ौद अंतर्गत शासकीय नवीन हाईस्कूल बापचा में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बैंक ऑफ इंडिया की बापचा शाखा के सौजन्य से आयोजित हुआ, जिसमें बैंक के शाखा प्रबंधक कनिष्क पाटीदार अपनी टीम के साथ लगभग 20 पौधे लेकर पहुंचे। विद्यालय के इको क्लब के सहयोग से इस पर्यावरण संरक्षण अभियान को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस अभियान के दौरान आम, बादाम, कड़वा व मीठा नीम, टिकोमा, रजनीगंधा और चंपा सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। पौधारोपण में शामिल होकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वालों में बापचा सरपंच प्रतिनिधि बालूसिंह परिहार, संस्था प्रभारी प्राचार्य कैलाश भावसार, शिक्षक रणजीत पहाड़िया, सुनील कुमार जोशी, कालूराम दांगी, तृप्ति श्रृंगी और दशरथ सिंह परिहार शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में ग्राम पंचायत की ओर से सभी उपस्थितजनों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई।4
- गोवर्धन में 23 से 29 जुलाई तक चलने वाले आगामी मुड़िया पूर्णिमा मेले की तैयारियों को लेकर तहसील परिसर में एसडीएम सुशील कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्थानीय लोगों, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों, मंदिर सेवायतों, साधु-संतों और स्थानीय पत्रकारों ने मेले की व्यवस्थाओं को लेकर अपने सुझाव दिए। इसमें स्थानीय व्यापारियों के सामान की आवाजाही के लिए वाहन पास जारी करने की मांग की गई। इसके साथ ही, मुड़िया संतों ने चकलेश्वर से शुरू होने वाली शोभायात्रा के लिए चकलेश्वर मार्ग के गड्ढों को भरने और टूटी सड़क की मरम्मत करने की मांग की। वहीं, जतीपुरा और आन्यौर से आए लोगों ने परिक्रमा मार्ग में भंडारा करने वालों से सख्ती से सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने का सुझाव दिया। मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए प्रशासन ने गुरु पूर्णिमा पर एकादशी से पूर्णिमा तक स्थानीय लोगों से भीड़ की स्थिति में परिक्रमा मार्ग पर दो पहिया वाहन न चलाने की अपील की है, जबकि चार पहिया वाहनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। बाजार में अतिक्रमण को लेकर व्यापार मंडल के अध्यक्ष गणेश पहलवान ने कहा कि वे खुद प्रशासन के साथ जाकर अतिक्रमण हटवाएंगे। इस बैठक में सीओ गोवर्धन अनिल कुमार सिंह और तहसीलदार ब्रजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। अब देखना यह होगा कि कौन-कौन अपने वादों और व्यवस्थाओं पर खरा उतरता है। इन सबके बीच, मेले में बिजली विभाग की लचर व्यवस्था से निपटना प्रशासन और विभाग के लिए एक बेहद बड़ी चुनौती साबित होने वाला है।3
- आगर मालवा के सुसनेर अंतर्गत एक पन्या स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में वीएचपी (VHP) और बजरंग दल द्वारा आयोजित सेवा सप्ताह के तहत शनिवार दोपहर साढे 3 बजे स्वच्छता एवं पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पूरे मंदिर परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधारोपण किया। इसके साथ ही, कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर को स्वच्छ रखने के साथ-साथ रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल करने का भी संकल्प लिया।1
- आगर मालवा जिले के विजयनगर में आज सुबह करीब 8:00 बजे एक दुखद घटना घटी, जहाँ छापरी गिर जाने के कारण एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद घायल व्यक्ति को तत्काल प्रभाव से अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है।1
- मंदसौर के गांधीसागर नंबर 8 पर स्थित फॉरेस्ट फेस्टिवल रिसॉर्ट के एक कॉटेज में सुबह करीब 7:00 बजे अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरा कॉटेज जलकर खाक हो गया। गनीमत रही कि कॉटेज में ठहरे एक महिला और पुरुष समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना गांधीसागर की डायल 112 (FRV) तुरंत मौके पर पहुंची। इसके बाद आरक्षक मंगलेश पाटीदार और पायलट लोकेंद्र पारीक ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत मोर्चा संभाला और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।1
- पिड़ावा उपखंड के ओडियाखेड़ी गांव में गोस्वामी समाज के समाधि स्थल पर लगी तार फेंसिंग को तोड़ने का मामला सामने आया है। समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि अतिक्रमण की नीयत से दो महिलाओं ने शुक्रवार को समाधि स्थल की सुरक्षा के लिए लगाए गए खंभों और तार फेंसिंग को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना से गोस्वामी समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। समाज के लोगों ने एकजुट होकर तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन किया और तहसीलदार को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से समाज ने पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कराने और अपनी परंपरागत समाधि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में महंत छितरपूरी, मनीष, संदीप, रामेश्वर गोस्वामी, भेरूपुरी, बाबूलाल, सत्यनारायण, मोहनलाल, जगदीश, सूरज, रामगोपाल, रामलाल, नंदलाल, कमलेश, कारू लाल और ओमप्रकाश सहित समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।1
- झालावाड़ जिले के चौमहला कस्बे में जलदाय विभाग की भारी लापरवाही के कारण स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। छोटी काली सिंध नदी से की जा रही जलापूर्ति के जरिए नलों में बेहद गंदा, बदबूदार और कीड़े युक्त पानी पहुंच रहा है, जो न तो पीने योग्य है और न ही किसी अन्य घरेलू काम में इस्तेमाल करने लायक बचा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद विभाग ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। मानसून के मौसम में आपूर्ति हो रहे इस दूषित पानी के चलते अब कस्बे में डायरिया और पीलिया जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है। मामले पर संज्ञान लेते हुए कनिष्ठ अभियंता राम खिलाड़ी मीणा ने सफाई देते हुए कहा है कि टंकी और सप्लाई लाइन की जांच करवाई जाएगी। उन्होंने समस्या को जल्द ही ठीक करने का आश्वासन दिया है।1