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धौलपुर जिले में एक मजदूर के साथ लूटपाट की घटना सामने आई है। नकाबपोश बदमाश इस वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए हैं, जिसके चलते इलाके में सनसनी फैल गई है।

7 hrs ago
user_Etv9 national news
Etv9 national news
News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
7 hrs ago

धौलपुर जिले में एक मजदूर के साथ लूटपाट की घटना सामने आई है। नकाबपोश बदमाश इस वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए हैं, जिसके चलते इलाके में सनसनी फैल गई है।

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  • सवाई माधोपुर में 'समोसे-जलेबी' के नाम पर कथित तौर पर 'धीमा जहर' बेचे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इसे जनता के 'सेहत से खिलवाड़' के रूप में देखते हुए, खाद्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दूषित माल को नष्ट करवा दिया है।
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    सवाई माधोपुर में 'समोसे-जलेबी' के नाम पर कथित तौर पर 'धीमा जहर' बेचे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इसे जनता के 'सेहत से खिलवाड़' के रूप में देखते हुए, खाद्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दूषित माल को नष्ट करवा दिया है।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    19 hrs ago
  • लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कोटा आगमन हुआ, जहाँ उनका स्वागत किया गया। इस दौरे के दौरान, छात्र संवाद कार्यक्रम की तैयारियों, संगठनात्मक व्यवस्थाओं और इसे सफल बनाने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा हुई। उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक एवं सफल बनाने के लिए समन्वय और जनसंपर्क बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। बैठक में कार्यक्रम से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकाधिक छात्र-युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।
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    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कोटा आगमन हुआ, जहाँ उनका स्वागत किया गया। इस दौरे के दौरान, छात्र संवाद कार्यक्रम की तैयारियों, संगठनात्मक व्यवस्थाओं और इसे सफल बनाने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा हुई।

उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक एवं सफल बनाने के लिए समन्वय और जनसंपर्क बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। बैठक में कार्यक्रम से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकाधिक छात्र-युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।
    user_Dushyant singh gehlot (journal
    Dushyant singh gehlot (journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार को कोटा से पेपर लीक मामले में छात्रों और युवाओं से संवाद की शुरुआत करेंगे। इसके लिए वे कल जनशताब्दी एक्सप्रेस से कोटा पहुँचेंगे, जहाँ उनका मुख्य उद्देश्य कोचिंग छात्रों और युवाओं को संबोधित करना है। इस दौरे की तैयारियों में पिछले तीन दिनों से पूरी कांग्रेस पार्टी जुटी हुई है। इसी बीच, शहर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी के जगह-जगह लगे होर्डिंग्स और बैनर-पोस्टर हटा दिए जाने का मामला सामने आया है, जो शहर में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। राहुल गांधी के आगमन से पहले, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई छोटे-बड़े नेता कोटा पहुँच चुके हैं। गोविंद सिंह डोटासरा ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की है।
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    नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार को कोटा से पेपर लीक मामले में छात्रों और युवाओं से संवाद की शुरुआत करेंगे। इसके लिए वे कल जनशताब्दी एक्सप्रेस से कोटा पहुँचेंगे, जहाँ उनका मुख्य उद्देश्य कोचिंग छात्रों और युवाओं को संबोधित करना है।

इस दौरे की तैयारियों में पिछले तीन दिनों से पूरी कांग्रेस पार्टी जुटी हुई है। इसी बीच, शहर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी के जगह-जगह लगे होर्डिंग्स और बैनर-पोस्टर हटा दिए जाने का मामला सामने आया है, जो शहर में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।

राहुल गांधी के आगमन से पहले, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई छोटे-बड़े नेता कोटा पहुँच चुके हैं। गोविंद सिंह डोटासरा ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की है।
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • तमिलनाडु के एक होनहार खिलाड़ी पुण्य मूर्ति नटेसन ने अपने दादा की इच्छा का सम्मान करते हुए ऐसा कार्य किया है, जिससे सभी का भला हो। उन्होंने प्राकृतिक औषधियों का उपयोग करके जानवरों के लिए दवाइयाँ विकसित की हैं। उनके इस उल्लेखनीय योगदान के लिए, भारत सरकार द्वारा उन्हें वर्ष 2026 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
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    तमिलनाडु के एक होनहार खिलाड़ी पुण्य मूर्ति नटेसन ने अपने दादा की इच्छा का सम्मान करते हुए ऐसा कार्य किया है, जिससे सभी का भला हो। उन्होंने प्राकृतिक औषधियों का उपयोग करके जानवरों के लिए दवाइयाँ विकसित की हैं। उनके इस उल्लेखनीय योगदान के लिए, भारत सरकार द्वारा उन्हें वर्ष 2026 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
    user_Journalist Harish Yadav
    Journalist Harish Yadav
    Social Media Manager Ladpura, Kota•
    13 hrs ago
  • राजस्थान का कोटा, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का देश का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है, एक बार फिर चर्चा में है। छात्रों की आत्महत्याओं के बढ़ते मामलों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या कोटा को उसकी वास्तविक पहचान से कहीं अधिक नकारात्मक रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आत्महत्या के आंकड़ों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है कि आखिर परिणाम देने वाला कोटा ही बार-बार निशाने पर क्यों आता है। आलोचकों का तर्क है कि देश के कई अन्य बड़े शहरों में छात्र आत्महत्या के मामले कोटा की तुलना में कहीं अधिक दर्ज होते हैं। इसके बावजूद, जब भी कोई ऐसी घटना सामने आती है, राष्ट्रीय स्तर पर बहस का केंद्र सबसे पहले कोटा बन जाता है। यह उचित नहीं है कि कोटा को केवल एक नकारात्मक पहचान के साथ ही प्रस्तुत किया जाए, जबकि इसकी व्यापक भूमिका है। समर्थकों का कहना है कि कोटा हर साल लाखों छात्रों को मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देता है, जहाँ से बड़ी संख्या में छात्र सफल होकर देश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों तक पहुँचते हैं। उनका दृढ़ता से मानना है कि कोटा की पहचान केवल चुनौतियों या नकारात्मक घटनाओं से नहीं, बल्कि उसके महत्वपूर्ण शैक्षणिक योगदान और शानदार परिणामों से भी होनी चाहिए।
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    राजस्थान का कोटा, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का देश का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है, एक बार फिर चर्चा में है। छात्रों की आत्महत्याओं के बढ़ते मामलों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या कोटा को उसकी वास्तविक पहचान से कहीं अधिक नकारात्मक रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आत्महत्या के आंकड़ों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है कि आखिर परिणाम देने वाला कोटा ही बार-बार निशाने पर क्यों आता है।

आलोचकों का तर्क है कि देश के कई अन्य बड़े शहरों में छात्र आत्महत्या के मामले कोटा की तुलना में कहीं अधिक दर्ज होते हैं। इसके बावजूद, जब भी कोई ऐसी घटना सामने आती है, राष्ट्रीय स्तर पर बहस का केंद्र सबसे पहले कोटा बन जाता है। यह उचित नहीं है कि कोटा को केवल एक नकारात्मक पहचान के साथ ही प्रस्तुत किया जाए, जबकि इसकी व्यापक भूमिका है।

समर्थकों का कहना है कि कोटा हर साल लाखों छात्रों को मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देता है, जहाँ से बड़ी संख्या में छात्र सफल होकर देश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों तक पहुँचते हैं। उनका दृढ़ता से मानना है कि कोटा की पहचान केवल चुनौतियों या नकारात्मक घटनाओं से नहीं, बल्कि उसके महत्वपूर्ण शैक्षणिक योगदान और शानदार परिणामों से भी होनी चाहिए।
    user_VKH NEWS
    VKH NEWS
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • राजस्थान के सैपऊ क्षेत्र में लाखों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकियां अब खाली पड़ी हैं। इस स्थिति ने स्थानीय पेयजल व्यवस्था की कार्यप्रणाली और दक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
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    राजस्थान के सैपऊ क्षेत्र में लाखों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकियां अब खाली पड़ी हैं। इस स्थिति ने स्थानीय पेयजल व्यवस्था की कार्यप्रणाली और दक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 16 जून को कोटा का सघन प्रवास किया, जहाँ उन्होंने विविध कार्यक्रमों में शिरकत की। उनके कोटा जंक्शन पर पहुँचने पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राकेश जैन की अगुवाई में रेलवे कॉलोनी मंडल ने प्लेटफार्म पर उनका स्वागत किया, जिसके बाद रास्ते में खेडली फाटक पर स्टेशन मंडल ने भी अभिनंदन किया। इसके पश्चात, राष्ट्रीय महामंत्री बंसल के महाराव भीम सिंह चिकित्सालय पहुँचने पर नयापुरा मंडल ने स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने दिव्यांगों में उपकरणों का वितरण किया और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण किया। इन कार्यक्रमों में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, रेड क्रॉस सोसाइटी के राजस्थान अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला, विधायक संदीप शर्मा, विधायक कल्पना देवी और जिलाध्यक्ष राकेश जैन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति सम्मिलित रहे। अपने प्रवास के क्रम में, सुनील बंसल ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के स्नेह मिलन कार्यक्रम को संबोधित किया, तत्पश्चात पत्रकार वार्ता की। इसके उपरांत, उन्होंने घर-घर संपर्क अभियान के तहत उद्यमी, व्यापारी और लोकतंत्र सेनानी के घरों पर जाकर भेंट की। उन्होंने पश्चिम बंगाल विजय में विशेष भूमिका निभाने वाले बंगाली बस्ती में उडिया समाज के लोगों के साथ भी संपर्क साधा, जहाँ कोटा से बंगाल चुनाव में गए बंगाली परिवारों ने उनका अभिनंदन किया। अंत में, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री बंसल ने एलन सत्यार्थ भवन में आयोजित विकसित भारत संकल्प सम्मेलन को संबोधित किया। विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का युगांतरकारी विकास प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल को 'विश्वास, विकास और जनकल्याण की ऐतिहासिक यात्रा' बताया, जिसके दौरान देश ने अभूतपूर्व उपलब्धियाँ हासिल की हैं। बंसल ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने जनता और शासन के बीच विश्वास के मजबूत संबंध स्थापित करते हुए किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं को विकास की मुख्यधारा में लाने का कार्य किया है। उन्होंने 2014, 2019 और 2024 में प्राप्त व्यापक जनसमर्थन को जनता के इस विश्वास का प्रमाण बताया। राष्ट्रीय महामंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के इस विजन को भी साझा किया कि जब देश की आजादी के सौ वर्ष 2047 में पूरे हों, तब भारत सम्पूर्ण रूप से विकसित हो, हर क्षेत्र में विकसित बने और यह विकास मनुष्य के जीवन को सुखी एवं समृद्ध बनाते हुए प्रत्येक व्यक्ति के घर में समृद्धि लाए। उन्होंने कहा कि अपनी विरासत, अपनी संस्कृति का सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ेगा, और भारत तकनीकी विकास के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी बढ़ाएगा तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए कृत संकल्पित है। अपने संबोधन में, सुनील बंसल ने पिछले 12 वर्षों में देश में राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई पहचान मिलने का भी जिक्र किया। उन्होंने पंचतीर्थ, जनजातीय गौरव दिवस, स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, कर्तव्य पथ और नई संसद भवन जैसे प्रयासों को राष्ट्रीय चेतना को सशक्त बनाने वाला बताया, वहीं जी-20 की सफल अध्यक्षता, वैक्सीन मैत्री, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा ने विश्व में देश की साख को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया है। विकास के क्षेत्र में, उन्होंने बुनियादी ढांचे के अभूतपूर्व विस्तार पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पिछले वर्षों में लगभग चार लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया है तथा राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 91 हजार किलोमीटर से बढ़कर लगभग 1.46 लाख किलोमीटर तक पहुँच गया है। उन्होंने चीनाब ब्रिज, अटल टनल और पंबन ब्रिज जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं, रेलवे के व्यापक विद्युतीकरण, वंदे भारत ट्रेनों के संचालन, मेट्रो नेटवर्क के विस्तार और हवाई अड्डों की संख्या में वृद्धि को देश की कनेक्टिविटी को नई गति प्रदान करने वाला बताया। कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि और भारत का विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बनने की उपलब्धि गिनाई, साथ ही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। डिजिटल और आर्थिक विकास के क्षेत्र में भारत ने डिजिटल साक्षरता अभियान, जीएसटी व्यवस्था, जनधन-आधार-मोबाइल ट्रिनिटी तथा यूपीआई आधारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से नई पहचान बनाई है, जिससे आर्थिक लेन-देन पारदर्शी और सरल हुए हैं। बंसल ने कहा कि आज भारत डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में विश्व का अग्रणी देश बनकर उभरा है और विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। उन्होंने उद्योग, रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई योजना, इलेक्ट्रॉनिक्स व मोबाइल उत्पादन, रक्षा उत्पादन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को विशेष प्रोत्साहन मिलने से रोजगार के नए अवसर सृजित होने और भारत के आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने की बात कही। जनकल्याण और गरीब कल्याण के क्षेत्र में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से करोड़ों लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से सहायता पहुँचाई गई है, जबकि मुफ्त राशन योजना, जनधन योजना, मुद्रा योजना और आयकर राहत जैसे कदमों ने आम नागरिकों को आर्थिक संबल प्रदान किया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना, नए एम्स संस्थानों की स्थापना और मिशन इंद्रधनुष के माध्यम से करोड़ों नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, वहीं महिला सशक्तिकरण के लिए उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी अभियान और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी पहलें प्रभावी साबित हुई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और सौभाग्य योजना के माध्यम से करोड़ों परिवारों के जीवन स्तर में सुधार पर भी बंसल ने जोर दिया। उन्होंने अंत में कहा कि विश्वास, तेज विकास और व्यापक जनकल्याण के इन 12 वर्षों ने नए भारत की मजबूत नींव रखी है, और यह यात्रा केवल उपलब्धियों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण की सतत प्रक्रिया का प्रतीक है। इस सम्मेलन में इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के राजस्थान अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने केंद्र एवं राज्य की कल्याणकारी योजनाओं को घर-घर पहुँचाने का आग्रह किया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, विधायक संदीप शर्मा, विधायक कल्पना देवी और जिलाध्यक्ष राकेश जैन सहित मंचस्थ अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। कोटा देहात जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में अमनप्रीत सिंह ने व्यापार और उद्योग में बदलाव पर, कन्हैया लाल प्रजापति ने पीएम स्वनिधि योजना से स्वरोजगार और आजीविका में आत्मनिर्भरता पर, तथा रजनी शर्मा और एसएचजी ग्रुप चलाने वाली महिला सुमित्रा जग्गेनिया ने लखपति दीदी योजना और मातृशक्ति की आत्मनिर्भरता पर अपने संस्मरण साझा किए। इन सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार प्रकट किया, साथ ही भारतीय जनता पार्टी कोटा शहर व जिलाध्यक्ष राकेश जैन को भी विशेष सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इस दौरान शहर के गणमान्य प्रबुद्धजन, जनप्रतिनिधि एवं भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल का यह सघन कोटा दौरा संपन्न होने के बाद वे जयपुर के लिए प्रस्थान कर गए।
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    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 16 जून को कोटा का सघन प्रवास किया, जहाँ उन्होंने विविध कार्यक्रमों में शिरकत की। उनके कोटा जंक्शन पर पहुँचने पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राकेश जैन की अगुवाई में रेलवे कॉलोनी मंडल ने प्लेटफार्म पर उनका स्वागत किया, जिसके बाद रास्ते में खेडली फाटक पर स्टेशन मंडल ने भी अभिनंदन किया। इसके पश्चात, राष्ट्रीय महामंत्री बंसल के महाराव भीम सिंह चिकित्सालय पहुँचने पर नयापुरा मंडल ने स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने दिव्यांगों में उपकरणों का वितरण किया और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण किया। इन कार्यक्रमों में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, रेड क्रॉस सोसाइटी के राजस्थान अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला, विधायक संदीप शर्मा, विधायक कल्पना देवी और जिलाध्यक्ष राकेश जैन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति सम्मिलित रहे।

अपने प्रवास के क्रम में, सुनील बंसल ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के स्नेह मिलन कार्यक्रम को संबोधित किया, तत्पश्चात पत्रकार वार्ता की। इसके उपरांत, उन्होंने घर-घर संपर्क अभियान के तहत उद्यमी, व्यापारी और लोकतंत्र सेनानी के घरों पर जाकर भेंट की। उन्होंने पश्चिम बंगाल विजय में विशेष भूमिका निभाने वाले बंगाली बस्ती में उडिया समाज के लोगों के साथ भी संपर्क साधा, जहाँ कोटा से बंगाल चुनाव में गए बंगाली परिवारों ने उनका अभिनंदन किया। अंत में, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री बंसल ने एलन सत्यार्थ भवन में आयोजित विकसित भारत संकल्प सम्मेलन को संबोधित किया।

विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का युगांतरकारी विकास प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल को 'विश्वास, विकास और जनकल्याण की ऐतिहासिक यात्रा' बताया, जिसके दौरान देश ने अभूतपूर्व उपलब्धियाँ हासिल की हैं। बंसल ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने जनता और शासन के बीच विश्वास के मजबूत संबंध स्थापित करते हुए किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं को विकास की मुख्यधारा में लाने का कार्य किया है। उन्होंने 2014, 2019 और 2024 में प्राप्त व्यापक जनसमर्थन को जनता के इस विश्वास का प्रमाण बताया। राष्ट्रीय महामंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के इस विजन को भी साझा किया कि जब देश की आजादी के सौ वर्ष 2047 में पूरे हों, तब भारत सम्पूर्ण रूप से विकसित हो, हर क्षेत्र में विकसित बने और यह विकास मनुष्य के जीवन को सुखी एवं समृद्ध बनाते हुए प्रत्येक व्यक्ति के घर में समृद्धि लाए। उन्होंने कहा कि अपनी विरासत, अपनी संस्कृति का सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ेगा, और भारत तकनीकी विकास के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी बढ़ाएगा तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए कृत संकल्पित है।

अपने संबोधन में, सुनील बंसल ने पिछले 12 वर्षों में देश में राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई पहचान मिलने का भी जिक्र किया। उन्होंने पंचतीर्थ, जनजातीय गौरव दिवस, स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, कर्तव्य पथ और नई संसद भवन जैसे प्रयासों को राष्ट्रीय चेतना को सशक्त बनाने वाला बताया, वहीं जी-20 की सफल अध्यक्षता, वैक्सीन मैत्री, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा ने विश्व में देश की साख को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया है। विकास के क्षेत्र में, उन्होंने बुनियादी ढांचे के अभूतपूर्व विस्तार पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पिछले वर्षों में लगभग चार लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया है तथा राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 91 हजार किलोमीटर से बढ़कर लगभग 1.46 लाख किलोमीटर तक पहुँच गया है। उन्होंने चीनाब ब्रिज, अटल टनल और पंबन ब्रिज जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं, रेलवे के व्यापक विद्युतीकरण, वंदे भारत ट्रेनों के संचालन, मेट्रो नेटवर्क के विस्तार और हवाई अड्डों की संख्या में वृद्धि को देश की कनेक्टिविटी को नई गति प्रदान करने वाला बताया। कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि और भारत का विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बनने की उपलब्धि गिनाई, साथ ही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।

डिजिटल और आर्थिक विकास के क्षेत्र में भारत ने डिजिटल साक्षरता अभियान, जीएसटी व्यवस्था, जनधन-आधार-मोबाइल ट्रिनिटी तथा यूपीआई आधारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से नई पहचान बनाई है, जिससे आर्थिक लेन-देन पारदर्शी और सरल हुए हैं। बंसल ने कहा कि आज भारत डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में विश्व का अग्रणी देश बनकर उभरा है और विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। उन्होंने उद्योग, रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई योजना, इलेक्ट्रॉनिक्स व मोबाइल उत्पादन, रक्षा उत्पादन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को विशेष प्रोत्साहन मिलने से रोजगार के नए अवसर सृजित होने और भारत के आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने की बात कही। जनकल्याण और गरीब कल्याण के क्षेत्र में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से करोड़ों लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से सहायता पहुँचाई गई है, जबकि मुफ्त राशन योजना, जनधन योजना, मुद्रा योजना और आयकर राहत जैसे कदमों ने आम नागरिकों को आर्थिक संबल प्रदान किया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना, नए एम्स संस्थानों की स्थापना और मिशन इंद्रधनुष के माध्यम से करोड़ों नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, वहीं महिला सशक्तिकरण के लिए उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी अभियान और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी पहलें प्रभावी साबित हुई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और सौभाग्य योजना के माध्यम से करोड़ों परिवारों के जीवन स्तर में सुधार पर भी बंसल ने जोर दिया। उन्होंने अंत में कहा कि विश्वास, तेज विकास और व्यापक जनकल्याण के इन 12 वर्षों ने नए भारत की मजबूत नींव रखी है, और यह यात्रा केवल उपलब्धियों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण की सतत प्रक्रिया का प्रतीक है।

इस सम्मेलन में इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के राजस्थान अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने केंद्र एवं राज्य की कल्याणकारी योजनाओं को घर-घर पहुँचाने का आग्रह किया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, विधायक संदीप शर्मा, विधायक कल्पना देवी और जिलाध्यक्ष राकेश जैन सहित मंचस्थ अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। कोटा देहात जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में अमनप्रीत सिंह ने व्यापार और उद्योग में बदलाव पर, कन्हैया लाल प्रजापति ने पीएम स्वनिधि योजना से स्वरोजगार और आजीविका में आत्मनिर्भरता पर, तथा रजनी शर्मा और एसएचजी ग्रुप चलाने वाली महिला सुमित्रा जग्गेनिया ने लखपति दीदी योजना और मातृशक्ति की आत्मनिर्भरता पर अपने संस्मरण साझा किए। इन सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार प्रकट किया, साथ ही भारतीय जनता पार्टी कोटा शहर व जिलाध्यक्ष राकेश जैन को भी विशेष सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इस दौरान शहर के गणमान्य प्रबुद्धजन, जनप्रतिनिधि एवं भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल का यह सघन कोटा दौरा संपन्न होने के बाद वे जयपुर के लिए प्रस्थान कर गए।
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    Dushyant singh gehlot (journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे परीक्षार्थियों की भारी भीड़ और रेलवे स्टेशनों पर मची अफरा-तफरी के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक युवा ट्रेन की खचाखच भरी बोगी के अंदर अचेत और तड़पता हुआ दिखाई दे रहा है। इसे साझा करते हुए विपक्ष के नेताओं सहित कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने दावा किया कि भीषण गर्मी, घुटन और अत्यधिक भीड़ के कारण एक छात्र ने ट्रेन के भीतर ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने देश भर के युवाओं और आम नागरिकों में भारी आक्रोश और लाचारी की भावना पैदा कर दी है। इस वीडियो को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने साझा करते हुए सरकार की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि ये उस भारत के लाचार युवा हैं, जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चुनाव के वक़्त सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतज़ाम कर लेती है, तो परीक्षा देने जा रहे छात्रों के लिए भीड़, घुटन और बेबसी क्यों? अन्य नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी लाखों छात्रों के लिए विशेष ट्रेनों या अतिरिक्त बोगियों का इंतजाम न होने पर सवाल उठाए। मामले के तूल पकड़ने के बाद, पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने इस वायरल वीडियो पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है, जिसमें छात्र की मौत के दावों को एक “अफवाह” बताया गया है। रेलवे प्रशासन ने सोशल मीडिया मंच 'X' पर बयान जारी कर स्पष्ट किया कि यह घटना पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन की नहीं है, जैसा कि सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था। रेलवे ने यह भी कहा कि उन्हें किसी भी प्रामाणिक स्रोत या ऑन-ड्यूटी स्टाफ से ट्रेन के भीतर किसी यात्री या छात्र की मृत्यु होने की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। रेलवे का प्रथम दृष्टया अनुमान है कि वीडियो में दिख रहा युवक अत्यधिक थकान, बीमारी या मिर्गी जैसी किसी अन्य मेडिकल समस्या से पीड़ित था, जिसके कारण वह अचेत हो गया था। भले ही रेलवे ने मौत के दावों का खंडन किया हो, लेकिन इस घटना ने भारतीय रेलवे के जनरल कोचों में सफ़र करने वाले आम यात्रियों और देश के बेरोजगार युवाओं की असल लाचारी को एक बार फिर उजागर कर दिया है। बिहार के पटना जंक्शन और पाटलिपुत्र जैसे प्रमुख स्टेशनों पर परीक्षा के दौरान हज़ारों छात्र जान जोखिम में डालकर ट्रेनों की छतों, शौचालयों के पास और पायदानों पर लटककर सफ़र करने को मजबूर दिखे। कई जगहों पर ट्रेनों के देरी से चलने के कारण छात्रों का गुस्सा भी फूट पड़ा और सुरक्षा बलों को स्थिति पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। देश का युवा सिर्फ एक अदद नौकरी की उम्मीद में सैकड़ों किलोमीटर दूर परीक्षा देने निकलता है, लेकिन सफ़र की ये भयावह तस्वीरें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या आम नागरिक के जीवन और सुरक्षा की वाकई कोई कीमत है?
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    बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे परीक्षार्थियों की भारी भीड़ और रेलवे स्टेशनों पर मची अफरा-तफरी के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक युवा ट्रेन की खचाखच भरी बोगी के अंदर अचेत और तड़पता हुआ दिखाई दे रहा है। इसे साझा करते हुए विपक्ष के नेताओं सहित कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने दावा किया कि भीषण गर्मी, घुटन और अत्यधिक भीड़ के कारण एक छात्र ने ट्रेन के भीतर ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने देश भर के युवाओं और आम नागरिकों में भारी आक्रोश और लाचारी की भावना पैदा कर दी है।

इस वीडियो को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने साझा करते हुए सरकार की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि ये उस भारत के लाचार युवा हैं, जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चुनाव के वक़्त सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतज़ाम कर लेती है, तो परीक्षा देने जा रहे छात्रों के लिए भीड़, घुटन और बेबसी क्यों? अन्य नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी लाखों छात्रों के लिए विशेष ट्रेनों या अतिरिक्त बोगियों का इंतजाम न होने पर सवाल उठाए।

मामले के तूल पकड़ने के बाद, पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने इस वायरल वीडियो पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है, जिसमें छात्र की मौत के दावों को एक “अफवाह” बताया गया है। रेलवे प्रशासन ने सोशल मीडिया मंच 'X' पर बयान जारी कर स्पष्ट किया कि यह घटना पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन की नहीं है, जैसा कि सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था। रेलवे ने यह भी कहा कि उन्हें किसी भी प्रामाणिक स्रोत या ऑन-ड्यूटी स्टाफ से ट्रेन के भीतर किसी यात्री या छात्र की मृत्यु होने की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। रेलवे का प्रथम दृष्टया अनुमान है कि वीडियो में दिख रहा युवक अत्यधिक थकान, बीमारी या मिर्गी जैसी किसी अन्य मेडिकल समस्या से पीड़ित था, जिसके कारण वह अचेत हो गया था।

भले ही रेलवे ने मौत के दावों का खंडन किया हो, लेकिन इस घटना ने भारतीय रेलवे के जनरल कोचों में सफ़र करने वाले आम यात्रियों और देश के बेरोजगार युवाओं की असल लाचारी को एक बार फिर उजागर कर दिया है। बिहार के पटना जंक्शन और पाटलिपुत्र जैसे प्रमुख स्टेशनों पर परीक्षा के दौरान हज़ारों छात्र जान जोखिम में डालकर ट्रेनों की छतों, शौचालयों के पास और पायदानों पर लटककर सफ़र करने को मजबूर दिखे। कई जगहों पर ट्रेनों के देरी से चलने के कारण छात्रों का गुस्सा भी फूट पड़ा और सुरक्षा बलों को स्थिति पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। देश का युवा सिर्फ एक अदद नौकरी की उम्मीद में सैकड़ों किलोमीटर दूर परीक्षा देने निकलता है, लेकिन सफ़र की ये भयावह तस्वीरें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या आम नागरिक के जीवन और सुरक्षा की वाकई कोई कीमत है?
    user_Jitendra Kumar
    Jitendra Kumar
    Local News Reporter लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    8 hrs ago
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