गर्मी के इस सितम के बीच बीती रात स्थानीय लोगों के लिए किसी दुःस्वप्न जैसी रही, जब पूरी रात बिजली गुल रही। बिजली न आने के कारण लोग बूंद-बूंद पानी और हवा के लिए तरसते रहे, वहीं छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज पूरी रात तड़पते रहे। आरोप है कि बिजली विभाग को इस गंभीर स्थिति से कोई फर्क नहीं पड़ा। परेशान जनता ने शिकायत दर्ज कराने के लिए बिजली घर और संबंधित अधिकारियों को फोन लगाने शुरू किए, लेकिन हद तब हो गई जब अधिकारियों ने या तो फोन रिसीव नहीं किए या अपने मोबाइल ही स्विच ऑफ कर लिए। जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया और उन्होंने सवाल किया कि अगर संकट के समय जिम्मेदार अधिकारी जनता का फोन ही नहीं उठाएंगे, तो लोग अपनी फरियाद लेकर कहाँ जाएं। जनता ने यह भी पूछा कि क्या एयरकंडीशनर कमरों में सोने वाले इन अफसरों को लोगों की तकलीफ का जरा भी अहसास है। बिजली कटौती की समस्या तो एक तरफ है ही, लेकिन ऐसे महत्वपूर्ण समय में जनता से संवाद तोड़ने का यह रवैया बिल्कुल बर्दाश्त के बाहर है। लोगों की मांग है कि विभाग को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
गर्मी के इस सितम के बीच बीती रात स्थानीय लोगों के लिए किसी दुःस्वप्न जैसी रही, जब पूरी रात बिजली गुल रही। बिजली न आने के कारण लोग बूंद-बूंद पानी और हवा के लिए तरसते रहे, वहीं छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज पूरी रात तड़पते रहे। आरोप है कि बिजली विभाग को इस गंभीर स्थिति से कोई फर्क नहीं पड़ा। परेशान जनता ने शिकायत दर्ज कराने के लिए बिजली घर और संबंधित अधिकारियों को फोन लगाने शुरू किए, लेकिन हद तब हो गई जब अधिकारियों ने या तो फोन रिसीव नहीं किए या अपने मोबाइल ही स्विच ऑफ कर लिए। जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया और उन्होंने सवाल किया कि अगर संकट के समय जिम्मेदार अधिकारी जनता का फोन ही नहीं उठाएंगे, तो लोग अपनी फरियाद लेकर कहाँ जाएं। जनता ने यह भी पूछा कि क्या एयरकंडीशनर कमरों में सोने वाले इन अफसरों को लोगों की तकलीफ का जरा भी अहसास है। बिजली कटौती की समस्या तो एक तरफ है ही, लेकिन ऐसे महत्वपूर्ण समय में जनता से संवाद तोड़ने का यह रवैया बिल्कुल बर्दाश्त के बाहर है। लोगों की मांग है कि विभाग को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
- बरेली के थाना आंवला पुलिस ने ट्रॉली चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई ट्रॉली और घटना में इस्तेमाल किया गया ट्रैक्टर भी बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार, ग्राम दरावनगर निवासी हरिप्रकाश पाठक ने 9 जून 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी ट्रॉली चोरी हो गई है। इस शिकायत पर थाना आंवला में मु0अ0सं0 314/2026 के तहत धारा 303(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। घटना के खुलासे के लिए गठित पुलिस टीम सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और मनीना-बिसौली रोड से आंवला की ओर ले जा रहे ट्रैक्टर सवार दोनों युवकों को भागने की कोशिश करते हुए भी पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनमोल दीक्षित (21 वर्ष), निवासी ग्राम लालुपुरा, थाना सिकन्दरपुर वैश्य, जनपद कासगंज, और सचिन यादव (22 वर्ष), निवासी ग्राम दरावनगर, थाना आंवला, जनपद बरेली के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गुरुग्राम की एक ब्लैंकेट कंपनी में काम करते हैं। सचिन यादव ने अपने साथी अनमोल को कम कीमत पर ट्रॉली दिलाने का लालच दिया था, जिसके बाद दोनों ने 4 जून की रात हरिप्रकाश पाठक की ट्रॉली चोरी कर अनमोल के ट्रैक्टर में जोड़कर ले गए थे। गांव के लोगों द्वारा पहचान लिए जाने के डर से उन्होंने ट्रॉली को मनीना क्षेत्र में छिपा दिया था, और उसे बेचने के लिए ले जाते समय पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चोरी की ट्रॉली और घटना में प्रयुक्त फार्मट्रैक ट्रैक्टर संख्या UP87Z7053 बरामद किया है। विवेचना के दौरान मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की भी वृद्धि की गई है। दोनों आरोपियों को अब न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक नरेन्द्र कुमार, मुख्य आरक्षी राजेन्द्र सिंह, कांस्टेबल शुभम भाद्राज और कांस्टेबल मोहम्मद फैजान शामिल थे। यह जानकारी थाना आंवला द्वारा जारी प्रेस नोट दिनांक 09 जून 2026 पर आधारित है।2
- देशभर में महंगाई ने आम जनता को 'दोहरा झटका' दिया है, जिसके परिणामस्वरूप रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की वृद्धि हुई है। इस बढ़ोतरी के साथ ही, उपभोक्ताओं को अब एक साल में सब्सिडी वाले केवल चार सिलेंडर ही उपलब्ध होंगे।1
- मंगलवार को पीलीभीत के पूरनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य सेवाएँ पूरी तरह चरमरा गईं। भीषण गर्मी और उमस के बीच पंजीकरण काउंटर पर मरीजों और उनके तीमारदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे अव्यवस्था का माहौल बन गया। अस्पताल में किसी भी तरह के व्यवस्थित इंतजाम न होने के कारण, पुरुष, महिलाएँ और बुजुर्ग सभी एक ही खिड़की पर घंटों तक धक्का-मुक्की करने को मजबूर दिखे। इस बदहाली से नाराज़ स्थानीय लोगों और मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल अतिरिक्त पंजीकरण काउंटर खोलने के साथ-साथ, मरीजों के लिए बैठने की पर्याप्त जगह और पीने के पानी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।2
- बिलसंडा नगर से सटे गांव मझगवां स्थित श्री लंगड़े बाबा धार्मिक स्थल के महंत सत्यगिरि ने बुधवार दोपहर 12 बजे जिंदा समाधि लेने की घोषणा की है। महंत ने यह कदम मंदिर तक रास्ता बनाने के लिए भेजी गई निर्माण सामग्री से असंतुष्ट होकर उठाया है। उन्होंने बताया कि रास्ते के लिए मात्र 300 ईंटें भेजी गई हैं, जो पूरे मार्ग के निर्माण के लिए पर्याप्त नहीं हैं। श्री लंगड़े बाबा देवस्थल काफी पुराना है और महंत सत्यगिरि बीते कई महीनों से इसके जीर्णोद्धार की मांग कर रहे हैं। पूर्व में भी वे इस मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे, जिसे अधिकारियों के आश्वासन पर समाप्त कर दिया गया था। लेकिन, उन आश्वासनों के बावजूद अब तक कोई कार्य न होने से महंत काफी आहत हैं और उन्होंने पुनः अनशन शुरू कर समाधि लेने का ऐलान किया है। उन्होंने जिंदा समाधि के लिए पहले भूमि पूजन करवाकर उसकी खुदाई भी करवाई है। इस मामले पर प्रशासन का पक्ष जानने के लिए बीसलपुर के एसडीएम को कई बार मोबाइल फोन लगाया गया, पर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।1
- एक महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया गया है, जिसमें एक प्रेरणादायक संदेश दिया गया है: 'जिन्होंने तैयारी के दिनों में गर्मी झेली है उन्हीं के घरों में AC लगती है।' इस संबंध में पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए दर्शकों से संबंधित वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।1
- बरेली के बहेड़ी क्षेत्र में एक युवक की मौत के बाद लोगों ने हंगामा करते हुए पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की। इस दौरान, सीओ बहेड़ी अरुण कुमार का एक सख्त बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को कड़ी चेतावनी दी। सीओ अरुण कुमार ने सख्त लहजे में कहा कि, “पुलिस पर दबाव बनाओगे! जानते नहीं हो ये भाजपा की सरकार है, तमीज से रहना बिल्कुल, सुधार दिए जाओगे। लॉ एंड ऑर्डर से कोई कंप्रोमाइज नहीं है यहां पर।” इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सीओ का सख्त अंदाज साफ दिख रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। साथ ही, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के नवाबगंज तहसील परिसर में उस समय अफरातफरी मच गई जब एक युवती एक ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई और आत्महत्या करने की चेतावनी देने लगी। युवती का आरोप था कि पुलिस उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है, जिससे वह काफी परेशान थी और इसी परेशानी के कारण उसने यह गंभीर कदम उठाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती के टंकी पर चढ़ने की खबर फैलते ही तहसील परिसर में भारी संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और युवती को नीचे उतारने के लिए उसे समझाने का प्रयास करने लगे। काफी देर तक चले समझाने-बुझाने और आश्वासन के बाद युवती को सुरक्षित रूप से टंकी से नीचे उतार लिया गया।2