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सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र स्थित डाला अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री परिसर में एक सीमेंट कंपनी के कर्मचारी का शव एक बंद कमरे से बरामद किया गया है। मृतक की पहचान 40 वर्षीय मिथिलेश कुमार के रूप में हुई है, जो सिंगरौली का निवासी बताया गया है। यह घटना तब सामने आई जब कमरे से तेज दुर्गंध उठने लगी, जिससे मौत का राज खुला। एक चरवाहे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची और कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को बरामद किया। पुलिस के अनुसार, शव 4 से 5 दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। फिलहाल, पुलिस इस मामले में मौत के कारणों की विस्तृत जाँच में जुटी हुई है।
Bharat kumar bharat
सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र स्थित डाला अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री परिसर में एक सीमेंट कंपनी के कर्मचारी का शव एक बंद कमरे से बरामद किया गया है। मृतक की पहचान 40 वर्षीय मिथिलेश कुमार के रूप में हुई है, जो सिंगरौली का निवासी बताया गया है। यह घटना तब सामने आई जब कमरे से तेज दुर्गंध उठने लगी, जिससे मौत का राज खुला। एक चरवाहे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची और कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को बरामद किया। पुलिस के अनुसार, शव 4 से 5 दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। फिलहाल, पुलिस इस मामले में मौत के कारणों की विस्तृत जाँच में जुटी हुई है।
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- सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र के पटवध ग्राम पंचायत में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ घाघर नदी में डूबने से 17 वर्षीय किशोरी चांदनी गोंड की मौत हो गई। बताया गया है कि चांदनी गुड़वा-गुड़िया बहाने के लिए नदी में उतरी थी और इसी दौरान वह गहरे पानी में चली गई, जिससे यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर आगे की जाँच शुरू कर दी है। इस हृदय विदारक घटना के बाद से पीड़ित परिवार में गहरा मातम पसरा है और पूरे गाँव में शोक का माहौल है।1
- चंदौली जिले के चकिया तहसील क्षेत्र में, भीषमपुर-सिकंदरपुर मार्ग पर सिकंदरपुर के पास कथित अवैध मिट्टी खनन को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई कर उसे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से ढोया जा रहा है। इन शिकायतों के मद्देनजर, तहसील प्रशासन ने मामले की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि मिट्टी ढुलाई में लगे कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अपनी क्षमता से अधिक भार लेकर सड़कों पर चल रही हैं, जिससे सड़क सुरक्षा को गंभीर खतरा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। उनका कहना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से ग्रामीण मार्ग भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने यह सवाल भी उठाया है कि यदि यह खनन कार्य वैध है, तो संबंधित अनुमति और नियमों की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, और यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए तहसील प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस जांच के दौरान खनन गतिविधियों, वाहनों के दस्तावेजों और परिवहन से जुड़े नियमों का परीक्षण किए जाने की संभावना है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि अनियंत्रित मिट्टी खनन से भूमि कटान, जल निकासी व्यवस्था और कृषि भूमि पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है, जबकि ओवरलोड वाहन सड़कों को नुकसान पहुंचाते हैं और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्षेत्र में नियमित निगरानी और संयुक्त जांच अभियान चलाए जाएं। फिलहाल, स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई हैं, और वे यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित विभाग आगे क्या कदम उठाते हैं।4
- सोनभद्र जिले के करकच्छी गांव में दो दिन पहले बनी 2 किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह से खराब हो गई है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) पर घटिया पेंटिंग कार्य करने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि PWD द्वारा सड़क पर पेंटिंग का कार्य ठीक से नहीं किया गया, जिसके चलते पेंट की पकड़ मजबूत नहीं है और वह जल्द ही खराब हो जाएगा। इसी कारण, नई बनी सड़क महज दो दिनों के भीतर ही क्षतिग्रस्त हो गई है। इस स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने मांग की है कि इस अधूरे कार्य को तुरंत बंद किया जाए और सड़क का निर्माण उचित गुणवत्ता के साथ किया जाए। यह सड़क बभनी मुख्य मार्ग से जुड़ती है और प्रतिदिन हजारों राहगीर व वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, इसलिए इसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।1
- पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में पत्रकारों ने अपने उदगार व्यक्त किए। इस दौरान उपस्थित सभी पत्रकारों ने अपने मन की बातों को शायराना अंदाज में बयां किया।1
- चैनपुर प्रखंड के विकास पदाधिकारी शुभम प्रकाश ने एक पत्र जारी किया है।1
- उत्तर प्रदेश बीएड प्रवेश परीक्षा 2026-28 का आयोजन आज सोनभद्र जनपद में किया जा रहा है। कुल 2186 अभ्यर्थी दो पालियों में इस परीक्षा में शामिल होंगे, जिसके लिए जनपद में 6 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रशासन ने इस परीक्षा को पूरी तरह से नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए कमर कस ली है और पूरी तरह सतर्क है। सभी परीक्षा केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट के साथ पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने कल शाम कैमूर जिले के पानापुर गांव का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल के उद्घाटन मैच में पहुँचकर युवाओं का उत्साहवर्धन किया।1
- सोनभद्र के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के मझौली गाँव में रविवार सुबह लगभग 8 बजे एक दंपती को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। मझौली निवासी राकेश पाल और उनकी पत्नी रेखा देवी (35) को गाँव के लोगों की सूचना पर पहुँची 108 एम्बुलेंस से सीएचसी दुद्धी भेजा गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। मारपीट में दंपती को काफी चोटें आई हैं। घटना के संबंध में राकेश पाल ने दुद्धी कोतवाली में तहरीर दी है। तहरीर में बताया गया है कि उनका बेटा संदीप पाल अपने घर के पीछे आम के पेड़ के नीचे बैठा था, तभी गाँव निवासी एक पड़ोसी ने बेवजह गाली-गलौज करते हुए धमकी दी कि अगर वह आम के पेड़ के पास आया तो उसे जान से मार देंगे। जब संदीप की माता रेखा देवी बीच-बचाव करने आईं, तो पड़ोसी ने उन्हें भी गालियाँ दीं और अपने छोटे भाई को बुला लिया। इसके बाद, दोनों भाइयों ने मिलकर रेखा देवी और राकेश पाल पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। राकेश पाल ने पुलिस से अनुरोध किया है कि आरोपी भाइयों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने की मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।4