1: सड़को पर उतरे छात्र और गूंजते नारे अस्पताल परिसर/सड़क के बाहर बड़ी संख्या में सफेद कोट (एप्रन) पहने मेडिकल छात्र और इंटर्न्स एकत्र हैं। वे हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। छात्रों के नारे "अबकी बार... 30 हजार!" "न हम किसी से भीख मांगते... हम अपना अधिकार मांगते!" "भारत माता की जय!" "रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज (SSMC) परिसर के बाहर आज उस समय माहौल गरमा गया, जब सैकड़ों की संख्या में मेडिकल इंटर्न्स और छात्र सड़कों पर उतर आए। हाथों में बैनर-पोस्टर थामे इन भावी डॉक्टरों का गुस्सा साफ देखा जा सकता है। विरोध का अनूठा तरीका और मांगें छात्र बड़े-बड़े पोस्टर और चार्ट प्रदर्शित करते हैं, जिस पर लिखा है (14,377 to 30,000) "प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे देश के अन्य राज्यों की तुलना में बेहद कम स्टाइपेंड पर काम करने को मजबूर हैं। 'एक देश, एक स्टाइपेंड' के नारे के साथ छात्र मांग कर रहे हैं कि उनका स्टाइपेंड बढ़ाकर कम से कम ₹30,000 किया जाए।" एक रिपोर्टर/पत्रकार छात्र से माइक पर बात करता है। छात्र अपनी समस्याएं और मांगें सामने रखता है। "हमारी मुख्य मांग स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर है। वर्तमान में हमें लगभग ₹14,000 ही मिलते हैं, जो कि बहुत कम है। अन्य राज्यों में इंटर्न्स को इससे कहीं अधिक स्टाइपेंड मिलता है, जबकि मध्यप्रदेश में स्थिति सबसे खराब है। हमारी मांग है कि इसे बढ़ाकर ₹30,000 किया जाए, क्योंकि जितनी मेहनत और ड्यूटी हम करते हैं, उसके हिसाब से यह न्यायसंगत नहीं है।" "छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी वाजिब मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे अपने इस आंदोलन को और उग्र करने के लिए बाध्य होंगे।
1: सड़को पर उतरे छात्र और गूंजते नारे अस्पताल परिसर/सड़क के बाहर बड़ी संख्या में सफेद कोट (एप्रन) पहने मेडिकल छात्र और इंटर्न्स एकत्र हैं। वे हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। छात्रों के नारे "अबकी बार... 30 हजार!" "न हम किसी से भीख मांगते... हम अपना अधिकार मांगते!" "भारत माता की जय!" "रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज (SSMC) परिसर के बाहर आज उस समय माहौल गरमा गया, जब सैकड़ों की संख्या में मेडिकल इंटर्न्स और छात्र सड़कों पर उतर आए। हाथों में बैनर-पोस्टर थामे इन भावी डॉक्टरों का गुस्सा साफ देखा जा सकता है। विरोध का अनूठा तरीका और मांगें छात्र बड़े-बड़े पोस्टर और चार्ट प्रदर्शित करते हैं, जिस पर लिखा है (14,377 to 30,000) "प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे देश के अन्य राज्यों की तुलना में बेहद कम स्टाइपेंड पर काम करने को मजबूर हैं। 'एक देश, एक स्टाइपेंड' के नारे के साथ छात्र मांग कर रहे हैं कि उनका स्टाइपेंड बढ़ाकर कम से कम ₹30,000 किया जाए।" एक रिपोर्टर/पत्रकार छात्र से माइक पर बात करता है। छात्र अपनी समस्याएं और मांगें सामने रखता है। "हमारी मुख्य मांग स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर है। वर्तमान में हमें लगभग ₹14,000 ही मिलते हैं, जो कि बहुत कम है। अन्य राज्यों में इंटर्न्स को इससे कहीं अधिक स्टाइपेंड मिलता है, जबकि मध्यप्रदेश में स्थिति सबसे खराब है। हमारी मांग है कि इसे बढ़ाकर ₹30,000 किया जाए, क्योंकि जितनी मेहनत और ड्यूटी हम करते हैं, उसके हिसाब से यह न्यायसंगत नहीं है।" "छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी वाजिब मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे अपने इस आंदोलन को और उग्र करने के लिए बाध्य होंगे।
- 🎬 रीवा यातायात व्यवस्था पर ग्राउंड रिपोर्ट: "साहब फोन पर व्यस्त, जनता सड़क पर पस्त! "अगर आपको लगता है कि आप वक्त की कीमत समझते हैं... तो एक बार रीवा के अस्पताल चौराहे पर आ जाइए! यहाँ आपका वक्त, आपकी गाड़ियाँ और आपका धैर्य—सब जाम में जम जाएगा!" "अस्पताल चौराहा से लेकर धोबिया टंकी तक... नजारा देखिए! सड़क कम, गाड़ियों का समुद्र ज्यादा नजर आ रहा है। मिनटों का सफर घंटों में तब्दील हो चुका है। मरीज एम्बुलेंस में तड़प रहे हैं, दफ्तर जाने वाले सड़क पर पसीने से भीग रहे हैं, लेकिन साहब... व्यवस्था देखिए!" "अरे वाह! फोन बजता रहा, पर उठा नहीं! जब यातायात प्रभारी फोन ही नहीं उठाएंगी, तो सड़क पर खड़ी इस बेकाबू भीड़ को कौन संभालेगा?" आम नागरिक: "आधे घंटे से यहीं खड़े हैं भैया, कोई पुलिस वाला देखने वाला नहीं है!" "अस्पताल चौराहा से धोबिया टंकी तक की यह तस्वीरें चिल्ला-चिल्लाकर पूछ रही हैं— क्या रीवा का ट्रैफिक महकमा पूरी तरह सो चुका है? या फिर 'फोन न उठाना' ही समस्या का हल मान लिया गया है? सवाल बड़ा है, लेकिन जवाब देने वाला कोई मौजूद नहीं! अभिषेक पांडे1
- बड़ागांव पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच शुरू! तीन सदस्यीय टीम ने पकड़ीं गंभीर अनियमितताएं रीवा जिले की ग्राम पंचायत बड़ागांव में कथित भ्रष्टाचार के मामले की जांच शुरू हो गई है। जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम ने सीसी सड़क, छबूतरा और पेवर ब्लॉक निर्माण का निरीक्षण किया। जांच में कई अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। अब ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।1
- कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का शर्मनाक बयान राज्य पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर कहा- “पहले छात्र 25 दिन भूख हड़ताल करे, फिर हम उन पर लाठी चार्ज करेंगे, उसके बाद मैं इस्तीफ़ा देने पर विचार करूँगा, तब तक हम प्रदर्शन कर रहे छात्रों को गिरफ्तार करेंगे 💥 *बड़ी खबर*💥 *कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का शर्मनाक बयान।* राज्य पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर कहा- “पहले छात्र 25 दिन भूख हड़ताल करे, फिर हम उन पर लाठी चार्ज करेंगे, उसके बाद मैं इस्तीफ़ा देने पर विचार करूँगा, तब तक हम प्रदर्शन कर रहे छात्रों को गिरफ्तार करेंगे” बारहवीं पास खड़गे जूनियर कर्नाटक के आईटी मिनिस्टर हैं और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र हैं।1
- सतना: न्यायालय के आदेश का उल्लंघन, बंद घर का निर्माण फिर से शुरू, ग्रामीणों में आक्रोश,, सतना,,रामपुर बाघेलान तहसील के *ग्राम करमऊ में न्यायालय के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। पीड़ित नरेंद्र विश्वकर्मा, पिता देवशरण विश्वकर्मा, निवासी 505/2 करमऊ* ने बताया कि उनके प्लॉट में चल रहे निर्माण कार्य को लेकर *दिनांक 01/06/2026 को माननीय तहसीलदार साहब द्वारा कार्य पूर्णतः बंद* करने के आदेश दिए गए थे। आरोप है कि इसके बावजूद *सुशील विश्वकर्मा एवं उनकी पत्नी सुशीला विश्वकर्मा* द्वारा माननीय न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करते हुए घर का निर्माण कार्य पुनः चालू कर दिया गया। शिकायत के बाद *112 पर सूचना* और *पटवारी बृजभूषण, हल्का करमऊ* मौके पर पहुंचे। पटवारी द्वारा कार्य बंद करने की समझाइश देने के बावजूद भी निर्माण कार्य बंद नहीं किया गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि *माननीय न्यायालय के आदेश का सरेआम उल्लंघन* किया जा रहा है। मामले में प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल पुलिस और राजस्व टीम मामले की जांच कर रही है।1
- एंकर इंट्रो: रीवा जिले में अब एम्बुलेंस मालिक ही अपने ड्राइवर से परेशान हैं। मामला ऐसा है जिसमें कर्ज, भरोसा और सामान गायब होने के आरोप सामने आए हैं। एम्बुलेंस मालिक ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। रीवा जिले के एम्बुलेंस मालिक राजा द्विवेदी ने अपने ड्राइवर दिनेश सोदिया, निवासी बेलवा, पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दिनेश पिछले लगभग एक वर्ष से उनकी एम्बुलेंस चलाता था। इसी दौरान उसकी मां की तबीयत खराब होने पर उसने इलाज के लिए 30 हजार रुपये उधार लिए और भरोसा दिलाया कि वह एम्बुलेंस चलाकर धीरे-धीरे पूरी रकम चुका देगा। एम्बुलेंस मालिक का आरोप है कि इसके बाद तो ड्राइवर काम पर लौटा तो जब मोटर मालिक उधार की राशि वापस मांगे तो ड्राइवर मलिक के खिलाफ भ्रमिक वीडियो और उनकी छवि धूमिल कर रहा है और इतना ही नहीं उनकी एम्बुलेंस से दो स्टेपनी और दो जैक भी गायब कर दिए गए, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित एम्बुलेंस मालिक ने मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी। कैमरामैन के साथ, पंडित विकास, News Rewa।1
- 42 वर्ष 21 दिन की गौरवशाली सेवा के बाद एसआई इंद्रवली सिंह सेवानिवृत्त,, "थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी के नेतृत्व में हुआ भावपूर्ण विदाई समारोह,, रामपुर बाघेलान। कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन की मिसाल रहे उपनिरीक्षक इंद्रवली सिंह ने 42 वर्ष 21 दिन की सेवा के बाद रविवार को पुलिस विभाग सेवानिवृत्ति ली। "वे रामपुर बाघेलान थाना अंतर्गत बेला चौकी प्रभारी के पद पर पदस्थ थे। इस अवसर पर रामपुर बाघेलान थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी जी द्वारा थाना परिसर में भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया।,, "समारोह में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं नगर के गणमान्य नागरिकों ने एसआई इंद्रवली सिंह को पुष्पमाला, शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। "पुलिस सेवा मेरे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण अध्याय" विदाई के अवसर पर एसआई इंद्रवली सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग में बिताए 42 वर्ष 21 दिन उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय रहा। वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों और क्षेत्रवासियों का सहयोग उन्हें जीवन भर याद रहेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा ही उनके जीवन का सबसे बड़ा धर्म रहा है।,, "थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी ने कहा कि एसआई इंद्रवली सिंह ने अपने पूरे सेवाकाल में निष्पक्षता और जनसेवा का उदाहरण प्रस्तुतॅऑ किया है। विभाग को ऐसे अधिकारी पर गर्व है। कार्यक्रम के दौरान कई पुलिसकर्मी भावुक ओ गए। वक्ताओं ने उनके सरल स्वभाव, अनुशासन और आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार की सराहना की। उपस्थित रहने वाले के नाम, कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रामपुर बाघेलान क्षेत्र के जनप्रिय विधायक विक्रम सिंह "विक्की भैया,मोहारी कटरा भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेन्द्र मिश्रा,विधायक प्रतिनिधि विद्याधर तिवारी,अशोक सिंह "पप्पू दादा"सुधीर सिंह राठौर,अरुण सिंह भिलै,पार्षद शिवांक त्रिपाठी,कार्यक्रम का सफल संचालन करने वाले विजयंत पाण्डेय,बेला सरपंच प्रतिनिधि मानेंद्र सिंह,बंटी शुक्ला रिरा राजनारायण सिंह,शिवम मिश्रा,धर्मेंद्र दिवेदी,(बबबू) मीडिया जगत से मुकेश त्रिपाठी,ऋषिकेश त्रिपाठी,संतोष सिंह बघेल,संदीप गुप्ता,हरिशंकर तिवारी,सहित इंद्रवली सिंह,के परिवारजन और सैकड़ों क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।4