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मिर्जापुर के कछवा में हुई लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया है।
Etv9 national news
मिर्जापुर के कछवा में हुई लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया है।
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- उनियारा में बुधवार दोपहर अचानक हुई तेज गर्जना और बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से तत्काल राहत मिली। इस बरसात ने एक ओर जहां फसलों को जीवनदान दिया, वहीं किसानों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे। किसान पहले से ही अपने खेतों में उड़द, मूंग, ज्वार, मक्का, बाजरा और मूंगफली बो चुके थे, लेकिन लगातार चार-पांच दिनों तक बारिश न होने के कारण वे बेहद उदास और चिंतित थे। उन्हें डर था कि अगर बारिश नहीं हुई तो उनकी फसलें नहीं होंगी और बीज भी खराब होने की संभावना थी, जिससे उनकी चिंता की लकीरें गहरी हो रही थीं। हालांकि, बुधवार को हुई इस बारिश ने उनकी इन सभी चिंताओं को दूर कर दिया, फसलों को नया जीवन दिया और मौसम में भी ठंडक ला दी।2
- मंगलवार को चौथ का बरवाड़ा तहसील के टापुर गाँव में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में विभिन्न विभागों ने आमजन की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। इस शिविर में तहसीलदार नीरज सिंह और विकास अधिकारी इंद्रराज मीणा सहित ऊर्जा, चिकित्सा, महिला एवं बाल विकास जैसे विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लेकर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। पंचायती राज विभाग की ओर से स्वामित्व योजना के तहत 10 लाभार्थियों को भूमि के पट्टे वितरित किए गए, जिन्हें विकास अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी रामस्वरूप मीणा ने सौंपा। राजस्व विभाग ने शिविर के दौरान सहमति बंटवारा, नामांतरण, राजस्व रिकॉर्ड शुद्धिकरण, फार्मर रजिस्ट्री और पीएम किसान सम्मान निधि पंजीयन सहित अन्य कार्यों का निस्तारण किया। इसके अतिरिक्त, "रास्ता खोलो अभियान" के तहत लंबे समय से विवादित एक रास्ते का मामला भी शिविर में उठा, जिस पर तहसीलदार ने संबंधित गिरदावर को सर्वे कर रास्ता खुलवाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग की ओर से वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक गिर्राज प्रसाद कोठारी ने किसानों को राष्ट्रीय बागवानी मिशन (एनएचएम) के तहत प्याज भंडारण, नवीन बगीचा स्थापना और पीडीएमसी योजना के अंतर्गत ड्रिप एवं फव्वारा संयंत्र पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी दी। वहीं, सहायक कृषि अधिकारी दशरथ बैरवा ने तारबंदी, कृषि यंत्र, सिंचाई पाइपलाइन, गोवर्धन जैव उर्वरक योजना, फार्म पॉन्ड, मृदा नमूना जांच और मृदा स्वास्थ्य कार्ड से मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया, और किसानों को इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।1
- सवाई माधोपुर में कलेक्ट्रेट रोड स्थित अंबेडकर सर्किल के पास महावीर पार्क के सामने बनाए जा रहे एक नाले में एक जुपिटर स्कूटी बीते दो दिनों से पड़ी हुई है, जिस पर अभी तक किसी का ध्यान नहीं गया है। यह हैरान करने वाली बात है कि यह स्कूटी कलेक्ट्रेट से मात्र 100 मीटर और मानटाउन थाने से 200 मीटर की दूरी पर एक निर्माणाधीन नाले के गड्ढे में पड़ी है। देर रात पुलिस गश्त टीम भी इसी जगह ठहरती है और पास ही हनुमान मंदिर होने के कारण सैकड़ों लोगों का आना-जाना लगा रहता है। बावजूद इसके, दो दिन बीत जाने पर भी किसी की नजर इस पर नहीं पड़ी और न ही किसी ने पुलिस को इसकी सूचना दी। इस घटना से जिला मुख्यालय प्रशासन की सजगता और सुदृढ़ता पर सीधा सवाल खड़ा होता है, साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लगता नजर आता है।1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के खेरदा निवासी विवाहिता नेहा नायक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। सोमवार को पीड़ित पक्ष ने जिला कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन करते हुए मामले में निष्पक्ष एवं सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें हत्या, आपराधिक साजिश सहित अन्य गंभीर धाराएं जोड़ने और नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है। नेहा नायक के भाई अजय नायक ने ज्ञापन में बताया कि टोंक जिले के निवाई क्षेत्र के खंडदेवत निवासी नेहा का विवाह सवाई माधोपुर के खेरदा में हुआ था। कुछ दिन पहले उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी, जिसकी जांच मानटाउन थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत दहेज मृत्यु के प्रावधानों में की जा रही है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि यह सिर्फ दहेज प्रताड़ना का मामला नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या का प्रकरण है। परिजनों ने बताया कि घटना से ठीक पहले नेहा ने अपने भाई को फोन पर बताया था कि ससुराल पक्ष के लोग उसकी हत्या की योजना बना रहे हैं, जिसके कुछ ही घंटों बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ज्ञापन में स्पष्ट आरोप लगाया गया है कि नेहा के पति, सास, ससुर सहित अन्य नामजद आरोपियों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से मामले में हत्या, आपराधिक साजिश और आपराधिक धमकी जैसी गंभीर धाराएं जोड़ने तथा सभी नामजद आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। परिजनों ने यह भी आशंका जताई है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे वे साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे में, पुलिस से साक्ष्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, निष्पक्ष जांच करने और सभी नामजद आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। इस दौरान बड़ी संख्या में नेहा के परिजन मौजूद रहे।1
- कनवास क्षेत्र में सूफी संत अब्दुल गफूर बाबा का 19वां सालाना उर्स 8 जुलाई को मनाया जाएगा। इस अवसर पर, गदीनसीन द्वारा उर्स के पोस्टर का विमोचन किया गया है।1
- अलवर में आशा सहयोगिनियों का धरना लगातार 22 दिनों से जारी है, जिसके कारण उनमें आक्रोश बढ़ता जा रहा है।1
- चौथ का बरवाड़ा के कुस्तला गांव की शिव विहार कॉलोनी में पिछले एक महीने से गहराए पेयजल संकट को लेकर मंगलवार को दर्जनों महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत से परेशान महिलाएं पानी की टंकी पर पहुंच गईं और उसकी सीढ़ियों पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि घरों में पीने तक के पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है, और कई बार शिकायत करने के बावजूद जलदाय विभाग व प्रशासन ने समस्या के समाधान पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई। प्रदर्शन शुरू होने के करीब एक घंटे बाद तक भी जलदाय विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे प्रशासन के प्रति उनकी नाराजगी और बढ़ गई। महिलाओं ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बाद में, पंचायत समिति सदस्य राधा देवी जाट और जनप्रतिनिधि जगदीश जाट मौके पर पहुंचे और महिलाओं को जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद महिलाओं ने फिलहाल अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया, लेकिन प्रशासन को यह साफ चेतावनी दे दी कि यदि पानी की समस्या दूर नहीं हुई तो आने वाले दिनों में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।1
- सुमेरगंज मंडी कमलेश्वर चौराहे से 12.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।1