logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

नगर पंचायत धर्मसिंहवा में 'विकास' के नाम पर सरकारी धन की लूट? अजीब कारनामा: 5 साल पुराने शौचालय को ढहाकर फिर से बन रहा 8 लाख का 'नया' ढांचा धर्मसिंहवा, संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश के नवसृजित नगर पंचायतों में विकास की बयार बहनी चाहिए थी, लेकिन संतकबीरनगर की नगर पंचायत धर्मसिंहवा से एक ऐसा 'अजीबोगरीब' कारनामा सामने आया है, जो सरकारी धन के बंदरबांट की तरफ सीधा इशारा कर रहा है। यहाँ छिबरा वार्ड में एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ "पुरानी शराब को नई बोतल" में परोसने का खेल खेला जा रहा है। क्या है पूरा मामला? मामला छिबरा वार्ड का है, जहाँ अभी पाँच वर्ष पूर्व ही ग्राम पंचायत कार्यकाल के दौरान 5.71 लाख रुपए की लागत से एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। नियमानुसार, किसी भी सरकारी निर्माण के नवीनीकरण या पुनर्निर्माण के लिए एक निश्चित समय सीमा (अक्सर 10-15 वर्ष) और ढांचे की जर्जर स्थिति का होना अनिवार्य है। लेकिन यहाँ नियमों को ताक पर रखकर, उसी पुराने शौचालय की जगह अब नगर पंचायत 8 लाख रुपए से अधिक का नया टेंडर जारी कर निर्माण करा रही है। भ्रष्टाचार का 'त्रिभुज': अध्यक्ष, ईओ और जेई पर सवाल स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इस कार्य के पीछे नगर पंचायत अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी (EO) और अवर अभियंता (JE) की एक सोची-समझी 'जुगलबंदी' है। सूत्रों के अनुसार: ऑफलाइन निविदा का खेल: पारदर्शिता को दरकिनार करते हुए इस कार्य की निविदा (टेंडर) 'ऑफलाइन' तरीके से डाली गई, ताकि चहेतों को काम दिया जा सके। धन की बर्बादी: जब 5.71 लाख वाला ढांचा पहले से मौजूद था, तो जनता की गाढ़ी कमाई के 8 लाख रुपए फिर से उसी जगह क्यों फूंके जा रहे हैं? तकनीकी जांच का अभाव: क्या जेई ने इस स्थल का भौतिक सत्यापन किया था? यदि हाँ, तो उन्होंने 5 साल पुराने भवन को अनुपयोगी कैसे घोषित कर दिया? "यह सीधे तौर पर सरकारी बजट को ठिकाने लगाने की साजिश है। पुराने शौचालय में मामूली मरम्मत कराकर उसे नया दिखाया जा रहा है या फिर अनावश्यक निर्माण कर कमीशन का खेल खेला जा रहा है।" — स्थानीय निवासी प्रशासनिक चुप्पी और जनता के सवाल नगर पंचायत धर्मसिंहवा के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले पर स्पष्ट जवाब देने से बच रहे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या जिलाधिकारी और शासन के उच्च अधिकारी इस 'पैसे की बर्बादी' का संज्ञान लेंगे? क्या इस निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच होगी या भ्रष्टाचार की यह नींव ऐसे ही मजबूत होती रहेगी? - अजीत मिश्रा (खोजी)

16 hrs ago
user_अजीत मिश्रा (खोजी)
अजीत मिश्रा (खोजी)
Journalist बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
16 hrs ago
c76ceaed-9f66-435d-80e0-5b8cfa96abc1

नगर पंचायत धर्मसिंहवा में 'विकास' के नाम पर सरकारी धन की लूट? अजीब कारनामा: 5 साल पुराने शौचालय को ढहाकर फिर से बन रहा 8 लाख का 'नया' ढांचा धर्मसिंहवा, संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश के नवसृजित नगर पंचायतों में विकास की बयार बहनी चाहिए थी, लेकिन संतकबीरनगर की नगर पंचायत धर्मसिंहवा से एक ऐसा 'अजीबोगरीब' कारनामा सामने आया है, जो सरकारी धन के बंदरबांट की तरफ सीधा इशारा कर रहा है। यहाँ छिबरा वार्ड में एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ "पुरानी शराब को नई बोतल" में परोसने का खेल खेला जा रहा है। क्या है पूरा मामला? मामला छिबरा वार्ड का है, जहाँ अभी पाँच वर्ष पूर्व ही ग्राम पंचायत कार्यकाल के दौरान 5.71 लाख रुपए की लागत से एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। नियमानुसार, किसी भी सरकारी निर्माण के नवीनीकरण या पुनर्निर्माण के लिए एक निश्चित समय सीमा (अक्सर 10-15 वर्ष) और ढांचे की जर्जर स्थिति का होना अनिवार्य है। लेकिन यहाँ नियमों को ताक पर रखकर, उसी पुराने शौचालय की जगह अब नगर पंचायत 8 लाख रुपए से अधिक का नया टेंडर जारी कर निर्माण करा रही है। भ्रष्टाचार का 'त्रिभुज': अध्यक्ष, ईओ और जेई पर सवाल स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इस कार्य के पीछे नगर पंचायत अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी (EO) और अवर अभियंता (JE) की एक सोची-समझी 'जुगलबंदी' है। सूत्रों के अनुसार: ऑफलाइन निविदा का खेल: पारदर्शिता को दरकिनार करते हुए इस कार्य की निविदा (टेंडर) 'ऑफलाइन' तरीके से डाली गई, ताकि चहेतों को काम दिया जा सके। धन की बर्बादी: जब 5.71 लाख वाला ढांचा पहले से मौजूद था, तो जनता की गाढ़ी कमाई के 8 लाख रुपए फिर से उसी जगह क्यों फूंके जा रहे हैं? तकनीकी जांच का अभाव: क्या जेई ने इस स्थल का भौतिक सत्यापन किया था? यदि हाँ, तो उन्होंने 5 साल पुराने भवन को अनुपयोगी कैसे घोषित कर दिया? "यह सीधे तौर पर सरकारी बजट को ठिकाने लगाने की साजिश है। पुराने शौचालय में मामूली मरम्मत कराकर उसे नया दिखाया जा रहा है या फिर अनावश्यक निर्माण कर कमीशन का खेल खेला जा रहा है।" — स्थानीय निवासी प्रशासनिक चुप्पी और जनता के सवाल नगर पंचायत धर्मसिंहवा के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले पर स्पष्ट जवाब देने से बच रहे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या जिलाधिकारी और शासन के उच्च अधिकारी इस 'पैसे की बर्बादी' का संज्ञान लेंगे? क्या इस निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच होगी या भ्रष्टाचार की यह नींव ऐसे ही मजबूत होती रहेगी? - अजीत मिश्रा (खोजी)

More news from Uttar Pradesh and nearby areas
  • 🙏😊
    1
    🙏😊
    user_Santosh Jaiswal
    Santosh Jaiswal
    Basti, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
  • आदरणीय नेताजी की दूरअंदेशी आज भी रास्ता दिखाती है संसद में आदरणीय नेताजी श्री मुलायम सिंह यादव जी का एक पुराना बयान आज फिर याद आ रहा है। उस वक्त उन्होंने बड़ी बेबाकी से कहा था “पता नहीं अमेरिका से इतना डरते क्यों हैं… क्या है अमेरिका वक़्त गुज़रता गया, हालात बदलते गए… मगर आज जब दुनिया की सियासत को देखते हैं तो एहसास होता है कि आदरणीय नेताजी की बातों में कितनी दूरअंदेशी और सच्चाई छुपी हुई थी। उन्होंने हमेशा हिंदुस्तान की ख़ुद्दारी, आत्मसम्मान और आज़ाद फैसलों की वकालत की। आदरणीय नेताजी एक ऐसी सोच के रहनुमा थे जो मुल्क को किसी के दबाव में नहीं, बल्कि अपने दम और अपनी शर्तों पर खड़ा देखना चाहते थे आज उनका यह बयान सुनकर दिल यही कहता है कि सच्चे लीडर वही होते हैं जो आने वाले वक़्त को पहले ही पढ़ लेते हैं। नेताजी की सियासी दूरअंदेशी को सलाम। आदरणीय नेताजी और उनके विचार सदा अमर रहे
    1
    आदरणीय नेताजी की दूरअंदेशी आज भी रास्ता दिखाती है
संसद में आदरणीय नेताजी श्री मुलायम सिंह यादव जी का एक पुराना बयान आज फिर याद आ रहा है।
उस वक्त उन्होंने बड़ी बेबाकी से कहा था  “पता नहीं अमेरिका से इतना डरते क्यों हैं… क्या है अमेरिका
वक़्त गुज़रता गया, हालात बदलते गए… मगर आज जब दुनिया की सियासत को देखते हैं तो एहसास होता है कि आदरणीय नेताजी की बातों में कितनी दूरअंदेशी और सच्चाई छुपी हुई थी। उन्होंने हमेशा हिंदुस्तान की ख़ुद्दारी, आत्मसम्मान और आज़ाद फैसलों की वकालत की।
आदरणीय नेताजी  एक ऐसी सोच के रहनुमा थे जो मुल्क को किसी के दबाव में नहीं, बल्कि अपने दम और अपनी शर्तों पर खड़ा देखना चाहते थे
आज उनका यह बयान सुनकर दिल यही कहता है कि
सच्चे लीडर वही होते हैं जो आने वाले वक़्त को पहले ही पढ़ लेते हैं।
नेताजी की सियासी दूरअंदेशी को सलाम।
आदरणीय नेताजी और उनके विचार सदा अमर रहे
    user_Dinesh yadav
    Dinesh yadav
    Political party office Basti, Lucknow•
    10 hrs ago
  • पिछले कई सालों से दुनिया में हो रहे लड़ाई झगड़ों से बहुत ही बुरी हालत दुनिया की होने वाली है अब सबको अपील करना चाहिए पूरी दुनिया को कि अब बहुत हो चुका अब शांति चाहिए जय हिंद 🇮🇳
    1
    पिछले कई सालों से दुनिया में हो रहे लड़ाई झगड़ों से बहुत ही बुरी हालत दुनिया की होने वाली है अब सबको अपील करना चाहिए पूरी दुनिया को कि अब बहुत हो चुका अब शांति चाहिए जय हिंद 🇮🇳
    user_अनिल कुमार गुप्ता
    अनिल कुमार गुप्ता
    Local News Reporter बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • भ्रष्टाचार की 'डिजिटल' सेंध: बांसी के फूलपुर में बिना काम किए मोबाइल से लग रही हाजिरी, सरकारी धन की खुली लूट सिद्धार्थनगर (बांसी)। उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन भले ही जीरो टॉलरेंस की नीति का दम भरते हों, लेकिन बांसी ब्लॉक के ग्राम पंचायत फूलपुर में मनरेगा योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। यहाँ 'डिजिटल इंडिया' का एक ऐसा काला कारनामा सामने आया है, जहाँ मजदूर साइड पर पसीना बहाने के बजाय मोबाइल की स्क्रीन में 'कैद' होकर अपनी हाजिरी दर्ज करा रहे हैं। तकनीक का तमाशा: मोबाइल से मोबाइल की फोटो खींचकर हाजिरी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, फूलपुर में सचिव और रोजगार सेवक की जुगलबंदी ने भ्रष्टाचार का नया 'टेक्निकल मॉडल' तैयार किया है। नियमतः मजदूरों को कार्यस्थल पर मौजूद रहकर फेस-कैप्चर (Face Capture) के जरिए उपस्थिति दर्ज करानी होती है, लेकिन यहाँ खेल ही निराला है। मास्टर रोल में दर्ज 49 मजदूरों की हाजिरी कथित तौर पर घर बैठे ही मोबाइल से मोबाइल के फोटो खींचकर लगाई जा रही है। जिओ-टैग (Geo-tag) फोटो में भी इस जालसाजी के निशान साफ देखे जा सकते हैं। बिना फावड़ा चले खातों में जा रहा है पैसा मामला सिर्फ़ हाजिरी तक सीमित नहीं है। ग्राम पंचायत फूलपुर में कार्य कोड 3151011/LD/958486255824933467 (एमएसआर संख्या: 6691) के तहत 'वीरेन्द्र सिंह के खेत से भरवाडीह सड़क तक मिट्टी कार्य' के नाम पर सरकारी धन की निकासी की जा रही है। आरोप है कि धरातल पर बिना कोई कार्य किए, मनरेगा का पैसा मजदूरों के खातों में हस्तांतरित किया जाता है और निकासी होते ही इसका बंदरबांट कर लिया जाता है। डीसी मनरेगा की चुप्पी पर सवाल सचिव की 'मेहरबानी' और रोजगार सेवक की इस 'जादुई तकनीक' ने शासन की मंशा पर पानी फेर दिया है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आखिर इतनी बड़ी धांधली डीसी मनरेगा और उच्चाधिकारियों की नजरों से कैसे बच रही है? क्या जिम्मेदारों को इस फर्जीवाड़े की भनक नहीं है, या फिर भ्रष्टाचार की यह जड़ें ऊपर तक जुड़ी हुई हैं? बड़ा सवाल: क्या जिला प्रशासन इस गंभीर मामले की जांच कराकर दोषी सचिव और रोजगार सेवक पर कठोर कार्यवाही करेगा, या फिर फूलपुर में मनरेगा के धन की इसी तरह 'डिजिटल लूट' जारी रहेगी? रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी) वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज
    3
    भ्रष्टाचार की 'डिजिटल' सेंध: बांसी के फूलपुर में बिना काम किए मोबाइल से लग रही हाजिरी, सरकारी धन की खुली लूट
सिद्धार्थनगर (बांसी)। उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन भले ही जीरो टॉलरेंस की नीति का दम भरते हों, लेकिन बांसी ब्लॉक के ग्राम पंचायत फूलपुर में मनरेगा योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। यहाँ 'डिजिटल इंडिया' का एक ऐसा काला कारनामा सामने आया है, जहाँ मजदूर साइड पर पसीना बहाने के बजाय मोबाइल की स्क्रीन में 'कैद' होकर अपनी हाजिरी दर्ज करा रहे हैं।
तकनीक का तमाशा: मोबाइल से मोबाइल की फोटो खींचकर हाजिरी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, फूलपुर में सचिव और रोजगार सेवक की जुगलबंदी ने भ्रष्टाचार का नया 'टेक्निकल मॉडल' तैयार किया है। नियमतः मजदूरों को कार्यस्थल पर मौजूद रहकर फेस-कैप्चर (Face Capture) के जरिए उपस्थिति दर्ज करानी होती है, लेकिन यहाँ खेल ही निराला है। मास्टर रोल में दर्ज 49 मजदूरों की हाजिरी कथित तौर पर घर बैठे ही मोबाइल से मोबाइल के फोटो खींचकर लगाई जा रही है। जिओ-टैग (Geo-tag) फोटो में भी इस जालसाजी के निशान साफ देखे जा सकते हैं।
बिना फावड़ा चले खातों में जा रहा है पैसा
मामला सिर्फ़ हाजिरी तक सीमित नहीं है। ग्राम पंचायत फूलपुर में कार्य कोड 3151011/LD/958486255824933467 (एमएसआर संख्या: 6691) के तहत 'वीरेन्द्र सिंह के खेत से भरवाडीह सड़क तक मिट्टी कार्य' के नाम पर सरकारी धन की निकासी की जा रही है। आरोप है कि धरातल पर बिना कोई कार्य किए, मनरेगा का पैसा मजदूरों के खातों में हस्तांतरित किया जाता है और निकासी होते ही इसका बंदरबांट कर लिया जाता है।
डीसी मनरेगा की चुप्पी पर सवाल
सचिव की 'मेहरबानी' और रोजगार सेवक की इस 'जादुई तकनीक' ने शासन की मंशा पर पानी फेर दिया है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आखिर इतनी बड़ी धांधली डीसी मनरेगा और उच्चाधिकारियों की नजरों से कैसे बच रही है? क्या जिम्मेदारों को इस फर्जीवाड़े की भनक नहीं है, या फिर भ्रष्टाचार की यह जड़ें ऊपर तक जुड़ी हुई हैं?
बड़ा सवाल: क्या जिला प्रशासन इस गंभीर मामले की जांच कराकर दोषी सचिव और रोजगार सेवक पर कठोर कार्यवाही करेगा, या फिर फूलपुर में मनरेगा के धन की इसी तरह 'डिजिटल लूट' जारी रहेगी?
रिपोर्ट:
अजीत मिश्रा (खोजी)
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    Journalist बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • आकाशवाणी , 11 3 2026 ई0, -भारत दुनिया के तमाम फसलों में नंबर वन है! -गेहूं में नंबर वन. -चावल में नंबर वन . -सरसों के पैदावार में नंबर 1. -सोयाबीन के पैदावार में नंबर वन! -मूंगफली के पैदावार में नंबर वन! 👉🏾यह विपक्षी हाय-हाय करते रहे और दुनिया हमारे किसानों को वाह - वाह कर रही है। मैं हाथ जोड़कर भारतीय किसानों को प्रणाम करता हूं । ✍️ जलने वाले जल करें!! - शिवराज चौहान,
    1
    आकाशवाणी ,
11  3 2026 ई0,
-भारत दुनिया के तमाम फसलों में नंबर वन है! 
-गेहूं में नंबर वन. 
-चावल में नंबर वन .
-सरसों के पैदावार में नंबर 1.
-सोयाबीन के पैदावार में नंबर वन! 
-मूंगफली के पैदावार में नंबर वन! 
👉🏾यह विपक्षी हाय-हाय करते रहे और दुनिया हमारे किसानों को वाह - वाह कर रही है। मैं हाथ जोड़कर भारतीय किसानों को प्रणाम करता हूं । 
✍️ जलने वाले जल करें!!
- शिवराज चौहान,
    user_Kamalakant tiwari
    Kamalakant tiwari
    Journalist खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    29 min ago
  • न्यायालय में उपस्थित न होने पर फरार अभियुक्त के विरुद्ध कुर्की की अग्रिम वैधानिक कार्यवाई अमल में लायी जाएगी *कार्यवाही को देखकर गांव में बना चर्चा का विषय आज दिनांक 10.03.2026 को पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना* के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह* के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय* के नेतृत्व में वाद संख्या 711/2021 धारा 376/506 भाद0वि0 में फरार अभियुक्त आकाश पुत्र अशोक निवासी बेलराई थाना महुली जनपद संतकबीरनगर के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा जारी आदेश के अनुपालन में थाना महुली पुलिस द्वारा न्यायालय द्वारा जारी धारा 82 सीआरपीसी के अंतर्गत उद्घोषणा की कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त के घर एवं ग्राम में पहुंचकर सार्वजनिक रूप से मुनादी कराई गई । इस दौरान ग्रामीणों को अवगत कराया गया कि उक्त अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष निर्धारित तिथि पर उपस्थित होना अनिवार्य है । यदि अभियुक्त निर्धारित समयावधि के भीतर न्यायालय में उपस्थित नहीं होता है तो उसके विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई (कुर्की आदि) की जाएगी । थाना महुली पुलिस द्वारा यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में विधि सम्मत तरीके से की गई तथा संबंधित कार्यवाही की रिपोर्ट माननीय न्यायालय को प्रेषित की जा रही है ।
    1
    न्यायालय में उपस्थित न होने पर फरार अभियुक्त के विरुद्ध कुर्की की अग्रिम वैधानिक कार्यवाई अमल में लायी जाएगी
*कार्यवाही को देखकर गांव में बना चर्चा का विषय
आज दिनांक 10.03.2026 को पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर  संदीप कुमार मीना* के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक  सुशील कुमार सिंह* के मार्गदर्शन,  क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय* के नेतृत्व में  वाद संख्या 711/2021 धारा 376/506 भाद0वि0 में  फरार अभियुक्त आकाश पुत्र अशोक निवासी बेलराई थाना महुली जनपद संतकबीरनगर के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा जारी आदेश के अनुपालन में थाना महुली पुलिस द्वारा न्यायालय द्वारा जारी धारा 82 सीआरपीसी के अंतर्गत उद्घोषणा की कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त के घर एवं ग्राम में पहुंचकर सार्वजनिक रूप से मुनादी कराई गई ।
इस दौरान ग्रामीणों को अवगत कराया गया कि उक्त अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष निर्धारित तिथि पर उपस्थित होना अनिवार्य है । यदि अभियुक्त निर्धारित समयावधि के भीतर न्यायालय में उपस्थित नहीं होता है तो उसके विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई (कुर्की आदि) की जाएगी ।
थाना महुली पुलिस द्वारा यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में विधि सम्मत तरीके से की गई तथा संबंधित कार्यवाही की रिपोर्ट माननीय न्यायालय को प्रेषित की जा रही है ।
    user_शक्ति श्रीवास्तव बाबुल
    शक्ति श्रीवास्तव बाबुल
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • इतेंद्र कश्यप राष्ट्रीय मत्स्य विभाग भारत सरकार बिहार में मुलाक़ात हुई और बहुत अच्छा लग
    1
    इतेंद्र कश्यप राष्ट्रीय मत्स्य विभाग भारत सरकार
बिहार में मुलाक़ात हुई और बहुत अच्छा लग
    user_Rohit nishad Rohit Kumar
    Rohit nishad Rohit Kumar
    Artist Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    10 hrs ago
  • समाजवादी पार्टी के माननीय सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर देश में बढ़ती महंगाई और आलू किसानों की बदहाली को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। जब जाएंगे भाजपाई, तभी घटेगी महंगाई...
    1
    समाजवादी पार्टी के माननीय सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर देश में बढ़ती महंगाई और आलू किसानों की बदहाली को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। 
जब जाएंगे भाजपाई, 
तभी घटेगी महंगाई...
    user_Dinesh yadav
    Dinesh yadav
    Political party office Basti, Lucknow•
    13 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.