भीषण गर्मी में सिद्धेश्वर नाथ धाम प्यासा, श्रद्धालु बेहाल मेजा, प्रयागराज। भटौती पहाड़ी स्थित श्री सिद्धेश्वर नाथ धाम में इन दिनों भीषण गर्मी के बीच पेयजल का गंभीर संकट गहरा गया है। चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के बीच दर्शन-पूजन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, जिससे आस्था के इस प्रमुख केंद्र पर अव्यवस्था साफ नजर आ रही है। मेजा ऊर्जा निगम की ओर से दो वर्ष पूर्व पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लगाया गया सोलर पंप तकनीकी खराबी के चलते लंबे समय से बंद पड़ा है। इसकी मरम्मत न होने से समस्या दिनोंदिन विकराल होती जा रही है। वहीं धाम परिसर के पास लगा हैंडपंप भी गिरते जलस्तर के कारण पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहा, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो गई है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ही नहीं, बल्कि गैर जनपदों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। गर्मी के इस मौसम में पेयजल की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई श्रद्धालु अपने साथ पानी लाने को मजबूर हैं, जबकि कुछ को बिना पानी के ही लौटना पड़ रहा है। मंदिर के महंत आचार्य बृज बिहारी दास ने बताया कि पहाड़ी महादेव के नाम से प्रसिद्ध यह सिद्धपीठ आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु मत्था टेकने आते हैं। इसके बावजूद मूलभूत सुविधा जैसी पेयजल व्यवस्था का अभाव बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेरस पर लगने वाले मेले के दौरान कई लोग यहां व्यवस्थाओं पर अधिकार जताते हैं, दुकानों से वसूली करते हैं और मंदिर में चढ़ने वाले दान पर भी नियंत्रण रखते हैं। लेकिन जब श्रद्धालुओं को पीने के पानी की सबसे अधिक जरूरत है, तब कोई भी जिम्मेदार आगे नहीं आता। महंत ने प्रशासन से मांग की है कि अविलंब सोलर पंप को दुरुस्त कर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही अतिरिक्त हैंडपंप या टैंकर की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं को राहत दी जाए, ताकि इस भीषण गर्मी में आस्था के इस केंद्र पर आने वाले लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े।
भीषण गर्मी में सिद्धेश्वर नाथ धाम प्यासा, श्रद्धालु बेहाल मेजा, प्रयागराज। भटौती पहाड़ी स्थित श्री सिद्धेश्वर नाथ धाम में इन दिनों भीषण गर्मी के बीच पेयजल का गंभीर संकट गहरा गया है। चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के बीच दर्शन-पूजन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, जिससे आस्था के इस प्रमुख केंद्र पर अव्यवस्था साफ नजर आ रही है। मेजा ऊर्जा निगम की ओर से दो वर्ष पूर्व पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लगाया गया सोलर पंप तकनीकी खराबी के चलते लंबे समय से बंद पड़ा है। इसकी मरम्मत न होने से समस्या दिनोंदिन विकराल होती जा रही है। वहीं धाम परिसर के पास लगा हैंडपंप भी गिरते जलस्तर के कारण पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहा, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो गई है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ही नहीं, बल्कि गैर जनपदों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। गर्मी के इस मौसम में पेयजल की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई श्रद्धालु अपने साथ पानी लाने को मजबूर हैं, जबकि कुछ को बिना पानी के ही लौटना पड़ रहा है। मंदिर के महंत आचार्य बृज बिहारी दास ने बताया कि पहाड़ी महादेव के नाम से प्रसिद्ध यह सिद्धपीठ आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु मत्था टेकने आते हैं। इसके बावजूद मूलभूत सुविधा जैसी पेयजल व्यवस्था का अभाव बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेरस पर लगने वाले मेले के दौरान कई लोग यहां व्यवस्थाओं पर अधिकार जताते हैं, दुकानों से वसूली करते हैं और मंदिर में चढ़ने वाले दान पर भी नियंत्रण रखते हैं। लेकिन जब श्रद्धालुओं को पीने के पानी की सबसे अधिक जरूरत है, तब कोई भी जिम्मेदार आगे नहीं आता। महंत ने प्रशासन से मांग की है कि अविलंब सोलर पंप को दुरुस्त कर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही अतिरिक्त हैंडपंप या टैंकर की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं को राहत दी जाए, ताकि इस भीषण गर्मी में आस्था के इस केंद्र पर आने वाले लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े।
- "मैंने तुम्हें नौकरी दी, तुम मुझे खुश करो", इतना कहने के बाद डॉक्टर ने पकड़ लिया, विडियो हुआ वायरल फिर मुंह में कपड़ा ठूसा, और मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की" ये प्रयागराज के एक अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ है. इनका आरोप है कि 26 अप्रैल की रात डॉक्टर ने इन्हें OT में बुलाया। तब OT में डॉक्टर के साथ कोई और मौजूद था, दोनों शराब के नशे में थे. दोनों ने इनके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की. अब इस नर्स ने थाने मे FIR दर्ज कराई है।1
- मेजा, प्रयागराज। जनगणना कार्य के तहत उरुवा, मांडा और मेजा क्षेत्र के शिक्षकों की शनिवार को आरबीएस महाविद्यालय में चल रही ट्रेनिंग के दौरान एक शिक्षक की अचानक तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। प्राथमिक विद्यालय कुंवर पट्टी में तैनात शिक्षक सुरेन्द्र यादव प्रशिक्षण सत्र के दौरान अचानक अस्वस्थ होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद शिक्षकों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर उप जिलाधिकारी मेजा सुरेंद्र प्रताप यादव और बीईओ मेजा कैलाश नाथ सिंह मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल सीएचसी मेजा पहुंचाया गया। घटना से प्रशिक्षण में शामिल शिक्षक-शिक्षिकाओं में दहशत का माहौल बन गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है। सीएचसी मेजा के अधीक्षक डॉ. शमीम अख्तर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है कि आखिर किस समस्या के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई। फिलहाल शिक्षक की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं।1
- बदनाम करने की कोशिश हुई नाकाम टीएमसी पर भारी पड़ा एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अजय पाल शर्मा अब सब का इलाज होगा धीरे-धीरे पूरी रिपोर्ट देखें1
- प्रयागराज के सराय इनायत थाना क्षेत्र अंतर्गत सरपतीपुर ग्राम सभा स्थित किसान इंटर कॉलेज का परिसर बीती रात कथित तौर पर शर्मनाक गतिविधियों का गवाह बना। जानकारी के अनुसार, जहां बच्चों को शिक्षा और संस्कार देने का काम होना चाहिए, वहीं देर रात बकरा काटने और शराब पार्टी का आयोजन किया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरी घटना में कुछ प्रशासनिक लोग भी शामिल दिखाई दिए, जो लाल रंग की चारपहिया गाड़ी से कॉलेज परिसर में प्रवेश करते देखे गए। बताया जा रहा है कि कॉलेज प्रबंधन की मिलीभगत से यह सब खुलेआम हुआ, जिससे पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान को “शिक्षा का मंदिर” कहा जाता है, वहां इस तरह की गतिविधियां न केवल नैतिक मूल्यों को ठेस पहुंचाती हैं बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए भी गलत संदेश देती हैं। एक ओर सरकार अवैध कटान और नशे पर रोक की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे मामलों का सामने आना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। 📢 मांग: स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि शिक्षा संस्थानों की गरिमा बनी रह सके। 👉 अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कितनी तेजी और सख्ती से कदम उठाता है।4
- करछना क्षेत्र में आज शनिवार शाम नो-एंट्री समय लागू होने से पहले ही ओवरलोड डंपर सड़कों पर बेधड़क दौड़ रहे हैं। तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग से हादसे का खतरा बढ़ गया है, जिससे राहगीर दहशत में हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। नियमों की अनदेखी से सड़क सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।1
- आज संपूर्ण तहसील दिवस पर नगर पंचायत शंकरगढ़ ईओ के बंद किए गए आरो प्लांट की शिकायत की गई, शिकायतकर्ता नामित सदस्य नगर पंचायत दीपक केसरवानी शिकायत किया कि कई महीनो से आरो प्लांट बंद है शंकरगढ़ ईओ से कई बार शिकायत की गई लेकिन अभी तक चालू नहीं किया गया, शिकायत को पढ़कर बारा एसडीम महोदय ने शंकरगढ़ ईओ को तत्काल आप प्लांट चालू करने की फटकार लगाई जिसका कारण आज आरो प्लांट चालू हो गया1
- Post by Sona Rohit1
- फाफामऊ पानी टंकी पर चढ़ी युवती के मामले में एसीपी थरवई का बयान आया1