भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक प्रत्याशी बंशीलाल कटारा ने राजस्थान सरकार के सामाजिक कल्याण विभाग के कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत को पत्र लिखकर डूंगरपुर जिले में 'दिव्यांगजन स्कूटी योजना' के तहत आवंटित स्कूटियों का कोटा बढ़ाने की आधिकारिक मांग की है। उन्होंने क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष में इस कोटे को बढ़ाकर 200 से 250 करने का आग्रह किया है। भाजपा नेता बंशीलाल कटारा ने अपने पत्र में कैबिनेट मंत्री को बताया कि डूंगरपुर जिले की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति और दिव्यांगों की व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए वर्तमान निर्धारित कोटा बेहद कम है। उन्होंने जानकारी दी कि विगत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में सरकार द्वारा डूंगरपुर जिले के लिए केवल 45 स्कूटियों का लक्ष्य रखा गया था, जबकि इसके विपरीत जिले से लगभग 500 दिव्यांगजनों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इस बेहद कम लक्ष्य के कारण सैकड़ों पात्र और जरूरतमंद दिव्यांगजन इस महत्वाकांक्षी योजना के लाभ से पूरी तरह वंचित रह गए, जिससे उन्हें भारी निराशा हुई। 'आपणो संस्थान राजस्थान' एवं समस्त जिलावासियों की ओर से कटारा ने कैबिनेट मंत्री से सहृदय प्रार्थना करते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-2027 में डूंगरपुर के लिए विशेष राहत देने की वकालत की है। उन्होंने मांग की है कि लंबित आवेदनों की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए इस बार जिले का कोटा कम से कम 200 से 250 किया जाए, ताकि पिछले वर्ष वंचित रहे पात्र आवेदकों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित कर स्वावलंबन की राह दिखाई जा सके। कटारा ने उम्मीद जताई है कि संवेदनशील राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सुलभ आवागमन से जुड़ी इस गंभीर समस्या पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेगी।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक प्रत्याशी बंशीलाल कटारा ने राजस्थान सरकार के सामाजिक कल्याण विभाग के कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत को पत्र लिखकर डूंगरपुर जिले में 'दिव्यांगजन स्कूटी योजना' के तहत आवंटित स्कूटियों का कोटा बढ़ाने की आधिकारिक मांग की है। उन्होंने क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष में इस कोटे को बढ़ाकर 200 से 250 करने का आग्रह किया है। भाजपा नेता बंशीलाल कटारा ने अपने पत्र में कैबिनेट मंत्री को बताया कि डूंगरपुर जिले की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति और दिव्यांगों की व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए वर्तमान निर्धारित कोटा बेहद कम है। उन्होंने जानकारी दी कि विगत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में सरकार द्वारा डूंगरपुर जिले के लिए केवल 45 स्कूटियों का लक्ष्य रखा गया था, जबकि इसके विपरीत जिले से लगभग 500 दिव्यांगजनों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इस बेहद कम लक्ष्य के कारण सैकड़ों पात्र और जरूरतमंद दिव्यांगजन इस महत्वाकांक्षी योजना के लाभ से पूरी तरह वंचित रह गए, जिससे उन्हें भारी निराशा हुई। 'आपणो संस्थान राजस्थान' एवं समस्त जिलावासियों की ओर से कटारा ने कैबिनेट मंत्री से सहृदय प्रार्थना करते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-2027 में डूंगरपुर के लिए विशेष राहत देने की वकालत की है। उन्होंने मांग की है कि लंबित आवेदनों की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए इस बार जिले का कोटा कम से कम 200 से 250 किया जाए, ताकि पिछले वर्ष वंचित रहे पात्र आवेदकों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित कर स्वावलंबन की राह दिखाई जा सके। कटारा ने उम्मीद जताई है कि संवेदनशील राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सुलभ आवागमन से जुड़ी इस गंभीर समस्या पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेगी।
- Post by Bapulal Ahari1
- किसानों की आवाज बुलंद करने वाले भाजपा किसान मोर्चा प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह झाला का एक सड़क हादसे में निधन हो गया, जिससे जिले भर में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, प्रेम सिंह झाला जयपुर में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के एक किसान सम्मेलन में प्रतापगढ़ जिले के किसानों के साथ बस से शामिल होकर गए थे, जहां मुख्यमंत्री ने भी शिरकत की थी। सम्मेलन की समाप्ति के बाद लौटते समय, बगरू में बस खराब हो गई थी। प्रेम सिंह झाला स्वयं किसी बस मैकेनिक को ढूंढने के लिए सड़क पर निकले थे, तभी वह एक वाहन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान रात में उनका निधन हो गया। सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता एसएमएस अस्पताल पहुंचे थे। निधन की खबर मिलते ही परिवारजन जयपुर के लिए रवाना हो गए। प्रेम सिंह झाला का पार्थिव शरीर शनिवार दोपहर को धरियावद लाया गया, जहां बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, मित्रजन, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और क्षेत्र के किसान उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एकत्रित हुए। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर कृष्णावत और विधायक प्रत्याशी कन्हैयालाल मीणा ने प्रेम सिंह झाला के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने प्रेम सिंह झाला को वरिष्ठ, पार्टीनिष्ठ, ईमानदार और किसान हितैषी व्यक्तित्व बताते हुए उनके आकस्मिक निधन को भारतीय जनता पार्टी के लिए एक अपूरणीय क्षति करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रेम सिंह झाला के कार्यों, समर्पण और सरल व्यवहार को सदैव याद किया जाएगा। प्रेम सिंह झाला पास ही के गांव जेलदा के निवासी थे।4
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले की सज्जनगढ़ तहसील में स्थित धाड़की ग्राम पंचायत के एक विद्यालय तक जाने वाली 300 मीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस सड़क के निर्माण के लिए कई बार प्रस्ताव दिए जा चुके हैं और कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत भी कराया गया है, लेकिन इसके बावजूद आज तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है।1
- एसओजी ने बागीदौरा के BAP विधायक जयकृष्ण पटेल के खिलाफ फर्जी डिग्री और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। विधायक पर आरोप है कि उन्होंने शिक्षक भर्ती में नौकरी पाने के लिए एक ही समय में तीन अलग-अलग राज्यों से बीए की डिग्रियां हासिल की थीं। इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है।1
- मूकनायक न्यूज़ की एक विशेष रिपोर्ट पंजाब के खुरालगढ़ साहिब (होशियारपुर, पंजाब) से सामने आई है, जहाँ संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास साहेब की समता, मानव गरिमा और सामाजिक न्याय की प्रेरणा आज भी जीवंत बताई गई है। यह रिपोर्ट आदि धर्म मंडल के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक भव्य सम्मेलन से संबंधित है। इस सम्मेलन में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं, संतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने शिक्षा, संगठन, आत्मसम्मान और संवैधानिक मूल्यों पर अपने विचार साझा किए। रिपोर्ट में संत रविदास की “बेगमपुरा” की परिकल्पना, बाबू मंगू राम मुगोवालिया के योगदान, सामाजिक जागरण और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों पर विस्तृत चर्चा की गई है, साथ ही वर्तमान समाज के सामने मौजूद चुनौतियों को भी रेखांकित किया गया है। मूकनायक न्यूज़ ने पाठकों से पूछा है कि क्या संत रविदास, संत कबीर और अन्य महापुरुषों के सामाजिक संदेशों को समाज में और व्यापक रूप से पहुँचाने की आवश्यकता है, और अपनी राय कमेंट करके बताने का आग्रह किया है। यह रिपोर्ट वीडियो को लाइक करने, चैनल को सब्सक्राइब करने और इसे अधिक से अधिक शेयर करने का भी आह्वान करती है।2
- डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र के ओडा बडा गांव में हुए चर्चित हत्याकांड के मामले में पुलिस ने करीब एक महीने से फरार चल रहे आठवें वांछित आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार द्वारा अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन शिकंजा" के तहत यह बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 8 मई 2026 का है, जब ओडा बडा निवासी रामा डामोर ने बिछीवाड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि घटना के दिन प्रार्थी, उसका पुत्र तेजराम और पत्नी कावी घर पर काम कर रहे थे। उसी दौरान शाम करीब 6 बजे आरोपी सुरेश डामोर, नरेश डामोर, आशीष, प्रकाश, अंकित, गणेश, जयेश, रोहित वरहात और कुछ अन्य लोग मोटरसाइकिलों पर लोहे की पाइप, चैन और लाठियों से लैस होकर आए। उन्होंने घर के आंगन में घुसकर तेजराम पर जानलेवा हमला कर दिया, तथा बीच-बचाव करने आए माता-पिता के साथ भी मारपीट की। गंभीर रूप से घायल तेजराम को पहले डूंगरपुर के सरकारी अस्पताल और फिर हालत गंभीर होने पर उदयपुर रेफर किया गया, जहां 22 मई 2026 को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह के निर्देशन और वृत्ताधिकारी पारस के सुपरविजन में थानाधिकारी कैलाशचन्द्र सोनी के नेतृत्व वाली टीम ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को गुजरात के विशनगर से डिटेन किया, जिसे पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस पहले ही सात आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त लाठी और चैन बरामद कर चुकी है। घटना के बाद से अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगभग एक माह से फरार चल रहे वांछित आरोपी विपुल पुत्र रूपलाल वरहात, निवासी झिंझवा थाना बिछीवाड़ा को पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद गुजरात से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। इस सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में एसएचओ कैलाशचन्द्र सोनी के साथ हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, कांस्टेबल कुन्दनसिंह, विनोद कुमार और फतहलाल शामिल रहे।1
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा क्षेत्र में, अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन त्रिनेत्र व एरिया डोमिनेशन' के तहत वरदा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने वरदा थाना क्षेत्र के गांव हिराता फला धरतीमाता निवासी 70 वर्षीय मंगला पुत्र भेमजी रोत को गिरफ्तार कर उसके घर से 51 हरे गांजे के पौधे जब्त किए हैं। इन पौधों का कुल वजन 5 किलो 292 ग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (आईपीएस) के निर्देशन में हुई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह का मार्गदर्शन और वृत्ताधिकारी रूपसिंह का नेतृत्व शामिल था। थानाधिकारी रिजवान खान को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि आरोपी मंगला रोत ने अपने घर में गांजे के पौधे छिपाए हुए हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने मंगला रोत के घर की तलाशी ली, जहाँ प्लास्टिक के कट्टों में सुखाने के लिए रखे गए गांजे के हरे पौधे बरामद हुए। आरोपी ने पूछताछ में इन पौधों का अपना होना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने गांजे के पौधों को जब्त कर मंगला रोत को गिरफ्तार कर लिया है और उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि आरोपी ने किन-किन लोगों को गांजा बेचा है, जिससे मामले में अन्य नामों का खुलासा होने और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी रिजवान खान के नेतृत्व में पुलिस चौकी आंतरी के सुरेश कुमार, हेड कांस्टेबल यशपालसिंह, धर्मेन्द्र कुमार, घनेश्वर तथा कांस्टेबल लोकेन्द्रसिंह, पवन पाटीदार, श्रवण कुमार और अनिल कुमार सहित पूरी पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक ने इस टीम की सराहना करते हुए अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ अभियान को लगातार जारी रखने का निर्देश दिया है।3
- बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी क्षेत्र की सेरानगला ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव पहुँचे। कलेक्टर ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहाँ मौजूद ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। शिविर के दौरान नामांतरण, शुद्धिकरण, पेंशन, बिजली और अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित मामलों पर सुनवाई की गई, जिनमें से कई प्रकरणों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचे। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर डॉ. यादव ने पाटनवधरा में बन रहे उप स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्य को गुणवत्ता के साथ और निर्धारित समय पर पूरा किया जाए।1
- पश्चिम बंगाल में ग्रामीणों द्वारा एक स्थानीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता सन्न्यासी मान्ना को सार्वजनिक तौर पर अपमानित करने का मामला सामने आया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने पहले तो TMC नेता सन्न्यासी मान्ना का सिर मुंडवा दिया। इसके बाद, उन्हें जूतों की माला पहनाकर पूरे इलाके में परेड कराई गई।1