छतरपुर जिले में आपातकालीन सेवा "डायल 112" के पायलटों से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। दर्जनों पायलटों ने नाम न छापने की शर्त पर आरोप लगाया है कि जिला कॉर्डिनेटर गणेश सिंह जीवीके कंपनी को बदनाम करने के साथ-साथ पायलटों से अवैध वसूली कर रहे हैं। पायलटों के अनुसार, करीब दो महीने पहले एसपी के निर्देश पर हुए 50 पायलटों के ट्रांसफर में भारी धांधली हुई है। जिन पायलटों ने नजराना और एक बोतल डीसी को भेंट की, उनका ट्रांसफर तुरंत निरस्त कर दिया गया, जबकि रिश्वत न देने वाले पायलट आज भी परेशान हैं। आरोप है कि ट्रांसफर ही नहीं, बल्कि मनपसंद जगह पर ड्यूटी पाने के लिए भी हर महीने 2 से 3 हजार रुपये का 'रेट' तय है, जिसे वसूलने की जिम्मेदारी गणेश सिंह ने अपने कुछ खास पायलटों को दे रखी है। पायलटों का दावा है कि इस डीलिंग और कॉर्डिनेटर की अभद्रता के ऑडियो प्रमाण उनके पास सुरक्षित हैं। इसके अलावा, डायल 112 की गाड़ियों की टूट-फूट, पंचर, यूरिया, एलाइनमेंट और नए टायर का खर्च भी पायलटों की जेब से कराया जा रहा है, जबकि कंपनी की ओर से इसके लिए मिलने वाला पैसा पायलटों तक नहीं पहुंचता है। विरोध करने पर पायलटों को नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। पायलटों ने जिले में 112 सेवा के खराब रिस्पांस टाइम, गाड़ियों की बदहाली और कुछ पायलटों द्वारा शराब पीकर गाड़ी चलाने जैसी गंभीर अव्यवस्थाओं को भी उजागर किया है। महज 10 हजार रुपये की नौकरी करने वाले इन लाचार पायलटों ने जीवीके कंपनी और पुलिस प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय जांच और हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं, जिला कॉर्डिनेटर गणेश सिंह चौहान ने इन आरोपों पर कहा कि सारे निर्णय एडिशनल एसपी लेते हैं और यदि किसी पायलट को कोई समस्या है, तो वह उनसे सीधे बात कर सकता है।
छतरपुर जिले में आपातकालीन सेवा "डायल 112" के पायलटों से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। दर्जनों पायलटों ने नाम न छापने की शर्त पर आरोप लगाया है कि जिला कॉर्डिनेटर गणेश सिंह जीवीके कंपनी को बदनाम करने के साथ-साथ पायलटों से अवैध वसूली कर रहे हैं। पायलटों के अनुसार, करीब दो महीने पहले एसपी के निर्देश पर हुए 50 पायलटों के ट्रांसफर में भारी धांधली हुई है। जिन पायलटों ने नजराना और एक बोतल डीसी को भेंट की, उनका ट्रांसफर तुरंत निरस्त कर दिया गया, जबकि रिश्वत न देने वाले पायलट आज भी परेशान हैं। आरोप है कि ट्रांसफर ही नहीं, बल्कि मनपसंद जगह पर ड्यूटी पाने के लिए भी हर महीने 2 से 3 हजार रुपये का 'रेट' तय है, जिसे वसूलने की जिम्मेदारी गणेश सिंह ने अपने कुछ खास पायलटों को दे रखी है। पायलटों का दावा है कि इस डीलिंग और कॉर्डिनेटर की अभद्रता के ऑडियो प्रमाण उनके पास सुरक्षित हैं। इसके अलावा, डायल 112 की गाड़ियों की टूट-फूट, पंचर, यूरिया, एलाइनमेंट और नए टायर का खर्च भी पायलटों की जेब से कराया जा रहा है, जबकि कंपनी की ओर से इसके लिए मिलने वाला पैसा पायलटों तक नहीं पहुंचता है। विरोध करने पर पायलटों को नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। पायलटों ने जिले में 112 सेवा के खराब रिस्पांस टाइम, गाड़ियों की बदहाली और कुछ पायलटों द्वारा शराब पीकर गाड़ी चलाने जैसी गंभीर अव्यवस्थाओं को भी उजागर किया है। महज 10 हजार रुपये की नौकरी करने वाले इन लाचार पायलटों ने जीवीके कंपनी और पुलिस प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय जांच और हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं, जिला कॉर्डिनेटर गणेश सिंह चौहान ने इन आरोपों पर कहा कि सारे निर्णय एडिशनल एसपी लेते हैं और यदि किसी पायलट को कोई समस्या है, तो वह उनसे सीधे बात कर सकता है।
- छतरपुर के घुवारा में अच्छी बारिश और उत्तम कृषि उत्पादन की कामना को लेकर जनपद पंचायत परिसर स्थित देवी मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन पूर्व विधायक कुंवर प्रद्युम्न सिंह जी लोधी द्वारा किया गया, जिसमें पूरे क्षेत्र की खुशहाली के लिए प्रार्थना की गई। इस धार्मिक आयोजन के दौरान परिसर में सुंदरकांड का सामूहिक पाठ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान राम का गुणगान किया। पाठ के समापन के बाद मंगल भवन में प्रसाद वितरण और सहभोज का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने हिस्सा लिया। आयोजकों ने बताया कि क्षेत्र में अच्छी वर्षा होने, फसलें लहलहाने और किसानों की समृद्धि के संकल्प के साथ यह आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय और उल्लासपूर्ण रहा, जिसमें जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।1
- ललितपुर की ग्राम पंचायत बुधनी के मजरा धुरवारा को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि 'हर घर नल, जल जीवन मिशन' के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने के दौरान ठेकेदार ने सड़क को कई स्थानों पर खोद दिया और पाइप डालने के बाद उसकी मरम्मत कराए बिना ही छोड़ दिया। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार कार्य पूरा कर भुगतान लेकर चला गया है, लेकिन सड़क आज भी क्षतिग्रस्त पड़ी है। इससे धुरवारा से बुधनी आने-जाने वाले ग्रामीणों और स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में मार्ग की स्थिति और अधिक खराब होने से लगातार दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस समस्या से परेशान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है।1
- टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ क्षेत्र में देरी चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत भानपुरा के बधीयन मोहल्ले में एक खेत में नाबालिग का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फैल गई है। शव मिलने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। मृतक के परिजनों ने नाबालिग की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। घटना की जानकारी मिलने के बाद देरी चौकी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की सघन जांच कर रही है।1