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चंदौली जिले के आदर्श नगर पंचायत चकिया में वन विभाग की भूमि पर नगर का कूड़ा फेंके जाने के मामले को लेकर चकिया रेंजर ने कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वन भूमि को नुकसान पहुंचाने और वन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रेंजर की इस कड़ी चेतावनी के बाद अब यह देखना होगा कि स्थानीय नगर प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए आगे क्या ठोस कदम उठाता है।
अंकित सैनी
चंदौली जिले के आदर्श नगर पंचायत चकिया में वन विभाग की भूमि पर नगर का कूड़ा फेंके जाने के मामले को लेकर चकिया रेंजर ने कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वन भूमि को नुकसान पहुंचाने और वन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रेंजर की इस कड़ी चेतावनी के बाद अब यह देखना होगा कि स्थानीय नगर प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए आगे क्या ठोस कदम उठाता है।
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- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सकलडीहा क्षेत्र के साईं बाबा मंदिर के समीप शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां खेत से पशुओं का चारा लेकर आ रहा एक किसान हाईवोल्टेज बिजली के तार की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया। पीड़ित किसान खेत में कृषि कार्य निपटाकर लौट रहा था, तभी वहां से गुजर रहा लटकता हुआ बिजली का तार अचानक उसकी चपेट में आ गया। तेज करंट की वजह से किसान मौके पर ही बुरी तरह झुलस कर जमीन पर गिर पड़ा। चीख-पुकार सुनकर आस-पास के खेतों में काम कर रहे अन्य किसान और ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और किसी तरह बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद झुलसे हुए किसान को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस घटना की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश फैल गया। मौके पर बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली के तार बेहद जर्जर हैं और नीचे लटके हुए हैं। इस संबंध में कई बार स्थानीय बिजली उपकेंद्र और अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इसी लापरवाही के कारण आज एक गरीब किसान जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। आक्रोशित किसानों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में बिजली के जर्जर तारों और खराब खंभों को तुरंत बदला जाए। उन्होंने मुख्य रूप से खेतों के ऊपर से गुजर रहे ढीले तारों को ऊंचा करने, पुराने व सड़ चुके खंभों को बदलने और पीड़ित किसान के इलाज का पूरा खर्च तथा उचित मुआवजा बिजली विभाग द्वारा दिए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अगर जल्द ही विद्युत व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करेंगे।1
- वाराणसी में भगवा वस्त्र धारण कर खुद को पत्रकार बताने वाले एक शख्स द्वारा दुकान-दुकान पहुंचकर मंथली मांगने का मामला सामने आया है। यह व्यक्ति साइकिल पर सवार होकर घूमता है और दुकानदारों से ₹3000 महीना मांगता है। पैसे न देने पर वह दुकानदारों को उनके खिलाफ खबर लिखने और दुकान बंद करवा देने की धमकी देता है। इसकी अजीब कार्यप्रणाली यह है कि यह पुलिस को देखते ही नमस्कार करने लगता है, लेकिन दुकानदारों को देखते ही सीधे महीना मांगने पर अड़ जाता है। इस वसूली से परेशान होकर एक पीड़ित दुकानदार ने स्थानीय लंका पुलिस से शिकायत भी दर्ज कराई है, लेकिन पुलिस की ओर से अब तक इस मामले का कोई हल नहीं निकाला गया है। वहीं, चर्चा यह भी है कि यह भगवाधारी शख्स दिमाग से थोड़ा स्पेशल है।4
- वाराणसी के सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने वाले बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए एक बेहद बुरी खबर आई है, जहां स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने बैडमिंटन प्रशिक्षण शुल्क में चार सौ फीसदी की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इंडोर हॉल में करीब तीन महीने के लंबे अंतराल के बाद प्रशिक्षण तो दोबारा शुरू किया गया, लेकिन अब खिलाड़ियों को हर महीने एक हजार रुपये के बजाय सीधे चार हजार रुपये की भारी-भरकम फीस देनी होगी। स्मार्ट सिटी के अभियंता सौमित्र के अनुसार, बैडमिंटन प्रशिक्षण का नया मासिक शुल्क चार हजार रुपये ही निर्धारित किया गया है, हालांकि राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को अपना प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर फीस में बीस प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस फैसले के बाद सिगरा स्टेडियम में खिलाड़ियों और अभिभावकों के बीच भारी आक्रोश देखा जा रहा है। बैडमिंटन खिलाड़ी निखिल ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी अधिक बढ़ोतरी से कई प्रतिभाशाली बच्चे खेल छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने सरकार के खेल प्रोत्साहन के दावों को आड़े हाथों लेते हुए सवाल उठाया कि एक तरफ जहां खेलों को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ सामान्य और गरीब परिवारों के बच्चों के लिए खेल जारी रखना अब बेहद मुश्किल हो गया है। इससे यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि यह कदम खेल को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है या केवल कमाई का जरिया बनाने के लिए।1
- वाराणसी के सदर में डॉ. दयाशंकर मिश्र ने जनसंख्या के अनुपात में वृक्षों की संख्या बढ़ाने को जरूरी बताया है।1
- वाराणसी के सारनाथ को भारत की सबसे पवित्र बौद्ध भूमि बताया गया है। इस स्थान पर धमेख स्तूप और अशोक स्तंभ मौजूद हैं, जिनसे जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य इस पवित्र भूमि के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं।1
- कैमूर जिले के कुदरा अंचल में विवेक कुमार ने शुक्रवार को नए अंचलाधिकारी के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालते ही उन्होंने अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारियों और अन्य कर्मियों के साथ पहली समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। बैठक के दौरान विवेक कुमार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालय में आने वाले प्रत्येक आवेदन एवं शिकायत का समयबद्ध निष्पादन होना चाहिए और किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही या अनावश्यक विलंब को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया ताकि नागरिकों को सरकारी कार्यों के लिए भटकना न पड़े। राजस्व मामलों की बारीकियों पर जोर देते हुए उन्होंने सभी राजस्व कर्मचारियों को अपने मोबाइल फोन हमेशा चालू रखने और क्षेत्र से जुड़ी शिकायतों व सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, अतिक्रमण और आपदा सहायता जैसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाना उनकी कार्यसूची में शामिल है। जनता से सीधे संवाद की अपील करते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि कुदरा अंचल में जनहित और बेहतर कार्य संस्कृति स्थापित करना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पदभार ग्रहण के साथ ही कार्यालय में नई कार्यशैली को लेकर कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखा गया।4
- वाराणसी के सदर क्षेत्र में स्थित उगापुर विद्युत उपकेंद्र पर सुरक्षा जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।1
- वाराणसी के सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम से खिलाड़ियों के लिए एक बुरी खबर आई है, जहां स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने बैडमिंटन प्रशिक्षण शुल्क में चार सौ फीसदी की भारी बढ़ोतरी कर दी है। अब यहां प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को हर महीने एक हजार रुपये के बजाय सीधे चार हजार रुपये फीस देनी होगी। स्टेडियम के इंडोर हॉल में करीब तीन महीने के लंबे अंतराल के बाद बैडमिंटन प्रशिक्षण दोबारा शुरू किया गया था, लेकिन इस भारी-भरकम फीस ने खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। स्मार्ट सिटी के अभियंता सौमित्र के अनुसार, बैडमिंटन प्रशिक्षण का नया मासिक शुल्क चार हजार रुपये ही निर्धारित किया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को अपना प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर फीस में बीस प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस फैसले के बाद सिगरा स्टेडियम में खिलाड़ियों और अभिभावकों के बीच भारी आक्रोश देखा जा रहा है। बैडमिंटन खिलाड़ी निखिल ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस बढ़ोतरी से कई प्रतिभाशाली बच्चे खेल छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। सरकार एक तरफ जहां खेलों को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ इतनी अधिक फीस बढ़ाने से अब सामान्य और गरीब परिवारों के बच्चों के लिए खेल जारी रखना बेहद मुश्किल हो गया है, जिससे यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि यह कदम खेल को बढ़ावा देने के लिए है या केवल कमाई का जरिया।1
- कैमूर के भभुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत कुड़ासन गांव में क्रिकेट खेलने के दौरान हुई गोलीबारी की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर लिया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस मामले में संलिप्त दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं। यह वारदात 9 जुलाई 2026 की शाम करीब 5:30 बजे कुड़ासन गांव में घटित हुई थी, जहां क्रिकेट खेलने के दौरान पुरानी जमीनी रंजिश को लेकर एक युवक को गोली मार दी गई। घायल युवक को तत्काल सदर अस्पताल, भभुआ ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर, वाराणसी रेफर कर दिया गया। इस मामले में 10 जुलाई 2026 को कुड़ासन निवासी पुनीत तिवारी के लिखित आवेदन के आधार पर भभुआ थाना में कांड संख्या 698/26 दर्ज किया गया। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा 27 आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी भभुआ ओम प्रकाश के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था। तकनीकी अनुसंधान एवं खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उफरवलिया गांव निवासी गुल्लू तिवारी उर्फ गोलू और राहुल तिवारी उर्फ मिथलेश तिवारी के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से घटना में इस्तेमाल की गई एक पिस्टल, एक देसी कट्टा तथा तीन खोखा बरामद किया है। इस सफल कार्रवाई में भभुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, जिला आसूचना इकाई (DIU) के अधिकारियों सहित सशस्त्र बल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच में जुटी है।2