भगवान महावीर की वाणी को घर-घर पहुंचाने का संकल्प लें -- मुनि सागर महाराज श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर स्थित आचार्य विद्यासागर सभागार में वीर शासन जयंती का आयोजन मुनि संघ के सानिध्य में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाधि सम्राट वात्सल्य रत्नाकर मुनि भूतबली सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य पूज्य मुनि सागर महाराज, आचार्य सुबल सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि अभेद सागर महाराज एवं मुनि अगर्भ सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित किया। प्रवचन की जानकारी देते हुए समाज के नरेन्द्र गंगवाल ने बताया कि मुनि सागर महाराज ने कहा कि वीर शासन जयंती तभी सार्थक होगी, जब भगवान महावीर स्वामी की वाणी को जन-जन और घर-घर तक पहुंचाया जाए तथा उनके बताए अहिंसा, संयम और आत्मकल्याण के मार्ग को जीवन में अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि आज अधिकांश लोग भगवान महावीर को मानते तो हैं, लेकिन उनके उपदेशों का पालन नहीं करते।उन्होंने भगवान महावीर की प्रथम दिव्यदेशना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रारंभिक 66 दिनों तक उनकी वाणी किसी की समझ में नहीं आई। बाद में गौतम गणधर ने भगवान की दिव्य वाणी को ग्रहण कर उसे जनसामान्य तक पहुंचाया। भगवान की वाणी सभी के लिए समान रूप से कल्याणकारी है,लेकिन उसका लाभ वही उठा सकता है, जो श्रद्धापूर्वक उसे सुनता और जीवन में उतारता है।मुनि सागर महाराज ने कहा कि पहले मानस्तंभ को देखकर मनुष्य का अहंकार समाप्त हो जाता था, लेकिन आज स्थिति इसके विपरीत दिखाई देती है। उन्होंने मंदिरों में चलित प्रतिमाओं का कम से कम चार माह में एक बार मूर्तिमंजन कराने तथा संयम के मार्ग पर दृढ़ता से चलने का संदेश देते हुए आष्टा को व्रती नगरी बताते हुए यहां 108 व्रतियों के निर्माण की अपेक्षा व्यक्त की।मुनि अभेद सागर महाराज एवं मुनि अगर्भ सागर महाराज ने कहा कि वीर शासन जयंती भगवान महावीर के "जियो और जीने दो" तथा अहिंसा के संदेश को आत्मसात करने का प्रेरक पर्व है। उन्होंने कहा कि गुरु का महत्व जीवन में सर्वोपरि है। जिनके जीवन में गुरु नहीं, उनका जीवन सही दिशा में प्रारंभ नहीं हो पाता। माता-पिता प्रथम गुरु, शिक्षा देने वाले शिक्षक द्वितीय गुरु और मोक्ष मार्ग दिखाने वाले दीक्षा गुरु होते हैं।मुनि अगर्भ सागर महाराज ने कहा कि गुरु ही साधारण पत्थर को भगवान की प्रतिमा बनाने वाले शिल्पी की तरह साधक के जीवन का निर्माण करते हैं। गुरु के उपकार को कभी नहीं भूलना चाहिए और उनके बताए मार्ग को अपने आचरण में उतारना ही सच्ची गुरु भक्ति है। मुनि सागर महाराज ने कहा कि वर्ष में आने वाली गुरु पूर्णिमा और शरद पूर्णिमा दोनों का विशेष महत्व है। वीर शासन जयंती और गुरु पूर्णिमा भगवान महावीर की दिव्यदेशना तथा गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के महान पर्व हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से भगवान महावीर की वाणी को जीवन में अपनाकर धर्म, संयम और आत्मकल्याण के पथ पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
भगवान महावीर की वाणी को घर-घर पहुंचाने का संकल्प लें -- मुनि सागर महाराज श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर स्थित आचार्य विद्यासागर सभागार में वीर शासन जयंती का आयोजन मुनि संघ के सानिध्य में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाधि सम्राट वात्सल्य रत्नाकर मुनि भूतबली सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य पूज्य मुनि सागर महाराज, आचार्य सुबल सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि अभेद सागर महाराज एवं मुनि अगर्भ सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित किया। प्रवचन की जानकारी देते हुए समाज के नरेन्द्र गंगवाल ने बताया कि मुनि सागर महाराज ने कहा कि वीर शासन जयंती तभी सार्थक होगी, जब भगवान महावीर स्वामी की वाणी को जन-जन और घर-घर तक पहुंचाया जाए तथा उनके बताए अहिंसा, संयम और आत्मकल्याण के मार्ग को जीवन में अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि आज अधिकांश लोग भगवान महावीर को मानते तो हैं, लेकिन उनके उपदेशों का पालन नहीं करते।उन्होंने भगवान महावीर की प्रथम दिव्यदेशना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रारंभिक 66 दिनों तक उनकी वाणी किसी की समझ में नहीं आई। बाद में गौतम गणधर ने भगवान की दिव्य वाणी को ग्रहण कर उसे जनसामान्य तक पहुंचाया। भगवान की वाणी सभी के लिए समान रूप से कल्याणकारी है,लेकिन उसका लाभ वही उठा सकता है, जो श्रद्धापूर्वक उसे सुनता और जीवन में उतारता है।मुनि सागर महाराज ने कहा कि पहले मानस्तंभ को देखकर मनुष्य का अहंकार समाप्त हो जाता था, लेकिन आज स्थिति इसके विपरीत दिखाई देती है। उन्होंने मंदिरों में चलित प्रतिमाओं का कम से कम चार माह में एक बार मूर्तिमंजन कराने तथा संयम के मार्ग पर दृढ़ता से चलने का संदेश देते हुए आष्टा को व्रती नगरी बताते हुए यहां 108 व्रतियों के निर्माण की अपेक्षा व्यक्त की।मुनि अभेद सागर महाराज एवं मुनि अगर्भ सागर महाराज ने कहा कि वीर शासन जयंती भगवान महावीर के "जियो और जीने दो" तथा अहिंसा के संदेश को आत्मसात करने का प्रेरक पर्व है। उन्होंने कहा कि गुरु का महत्व जीवन में सर्वोपरि है। जिनके जीवन में गुरु नहीं, उनका जीवन सही दिशा में प्रारंभ नहीं हो पाता। माता-पिता प्रथम गुरु, शिक्षा देने वाले शिक्षक द्वितीय गुरु और मोक्ष मार्ग दिखाने वाले दीक्षा गुरु होते हैं।मुनि अगर्भ सागर महाराज ने कहा कि गुरु ही साधारण पत्थर को भगवान की प्रतिमा बनाने वाले शिल्पी की तरह साधक के जीवन का निर्माण करते हैं। गुरु के उपकार को कभी नहीं भूलना चाहिए और उनके बताए मार्ग को अपने आचरण में उतारना ही सच्ची गुरु भक्ति है। मुनि सागर महाराज ने कहा कि वर्ष में आने वाली गुरु पूर्णिमा और शरद पूर्णिमा दोनों का विशेष महत्व है। वीर शासन जयंती और गुरु पूर्णिमा भगवान महावीर की दिव्यदेशना तथा गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के महान पर्व हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से भगवान महावीर की वाणी को जीवन में अपनाकर धर्म, संयम और आत्मकल्याण के पथ पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
- श्री दादा जी परहित सेवा संस्थान, खातेगांव के तत्वावधान में गणेश मंदिर नर्मदा कॉलोनी में साधक संत गुरुदेव दादाभाई के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। भागवत आचार्यों एवं गुरुजनों का हुआ भव्य सम्मान, गुरु पूर्णिमा महोत्सव का हुआ समापन खातेगांव। श्री दादा जी परहित सेवा संस्थान, खातेगांव के तत्वावधान में गणेश मंदिर नर्मदा कॉलोनी में साधक संत गुरुदेव दादाभाई के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्री दादाजी नाम संकीर्तन का 539वां आयोजन भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के भागवत आचार्यों, गुरुजनों एवं संगीत गुरु का पुष्पवर्षा, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर भव्य सम्मान किया गया। सम्मानित होने वाले विद्वानों में भागवत आचार्य लोकेश कृष्ण शास्त्री (जियागांव), पं. कैलाश तिवारी, पं. नित्यानंद शास्त्री, पं. नारायण प्रसाद तिवारी, गणेश मंदिर के पुजारी तथा संगीत गुरु चंद्रमोहन बड़ोदिया का श्री दादा जी परहित सेवा संस्थान के रामदयाल रावाडिया, पंडित जितेंद्र दुबे, दिनेश राठौर,पूनम विश्नोई ने स्वागत सम्मान किया।इस अवसर पर सभी भागवत आचार्यों ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु ही ज्ञान, संस्कार और आत्मिक उन्नति का वास्तविक मार्गदर्शक होता है। गुरु के सानिध्य से ही जीवन सफल और सार्थक बनता है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए समाज से इसे आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।नगर व क्षेत्र में लगातार एक माह तक प्रति दिन दादा जी नाम संकीर्तन भजन-कीर्तन, गुरु वंदना में सेवा देने वाले भजन गायक सतीष वर्मा,संजय शर्मा, शालिग्राम दुरान्द, रामेश्वर पटेल, कैलाश माली,पूनम भाई, कोमल साहू,अथर्व साहू, माधव वर्मा को प्रशंसा पत्र भेंट कर सम्मानित किया । सम्मान समारोह के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव का श्रद्धापूर्वक समापन हुआ। आयोजक मंडलज्ञके प्रदीप साहू,दौलत रावडिया ने सभी श्रद्धालुओं, भागवत आचार्यों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए आगामी आयोजनों में भी इसी उत्साह से सहभागिता का आग्रह किया।4
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- देवास के खातेगांव/हरणगांव ग्राम पंचायत पटरानी में आंगनवाड़ी केंद्र पर जमकर गंदगी एवं पानी भरा आसपास बच्चे केंद्र पर आते ही नहीं और 25से 30 बच्चों की प्रजेंट लग रही है देखना है विभाग क्या कारवाई होती1
- ऑपरेशन पवित्र का उद्देश्य जिले में आदतन अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर आम नागरिकों को भय मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर बाउंड ओवर कराया जा रहा है, ऑपरेशन पवित्र के तहत,20 आदतन अपराधियों को 4.50 लाख रुपए से बाउंड ओवर किया, पुलिस थाना कन्नौद ने की कार्यवाही कन्नौद/ आदतन अपराधीयो पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन पवित्र के तहत कन्नौद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आपराधिक इतिहास रखने वाले 20 व्यक्तियों को कुल 4.50 लाख रुपए की बाउंड राशि से फाइनल बाउंड ओवर कराया है पुलिस के अनुसार लगातार मारपीट विवाद और अशांति फैलाने की शिकायतों के आधार पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करते हुए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से बी एन एस एस के प्रावधानों के तहत फाइनल बाउंड ओवर के आदेश प्राप्त किए गए कार्रवाई के दायरे में फैजान निवासी टाकलीखेड़ा, इमरान उर्फ गोलू कन्नौद,रंजीत ननासा, गोलू बिजोलिया कलवार, नबु लोदवाल कलवार, हनीफ खान उर्फ कडौला कन्नौद ,शफीक टाकलीखेड़ा, सतीश भुवाना, महेंद्र ननासा और देवेंद्र खातेगांव सहित कुल 20 आदतन अपराधी शामिल है थाना प्रभारी कन्नौद तहजीब काजी ने बताया कि ऑपरेशन पवित्र का उद्देश्य जिले में आदतन अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर आम नागरिकों को भय मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर बाउंड ओवर कराया जा रहा है,1
- "पार्वती नदी में डूबे 16 वर्षीय किशोर का शव 3 किमी दूर मिला" पार्वती नदी में नहाते समय डूबे 16 वर्षीय किशोर कृपाल का शव घटना के करीब 24 घंटे बाद 3 किलोमीटर दूर हरुखेड़ी के पास बरामद हुआ। बारिश के मौसम में नदी-नालों का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ सकता है। प्रशासन की अपील है कि अनजान या गहरे पानी में उतरने से बचें और सतर्क रहें। पूरी खबर देखें। #ParvatiRiver #Kalapipal #Shajapur #MadhyaPradesh #BreakingNews #AccidentNews #RainySeason #RiverSafety #SDRF #LatestNews #HindiNews #SafetyFirst1