बिहार में एनीमिया नियंत्रण के लिए ठोस पहल: ‘एफ.सी.एम. थेरेपी’ अभियान का राज्यस्तरीय शुभारंभ। (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) बिहार में एनीमिया नियंत्रण के लिए ठोस पहल: ‘एफ.सी.एम. थेरेपी’ अभियान का राज्यस्तरीय शुभारंभ। (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) मुजफ्फरपुर 26 मार्च 2026 बिहार में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य के माननीय स्वास्थ्य मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज (एफ.सी.एम.) इंजेक्शन थेरेपी अभियान का राज्यस्तरीय शुभारंभ किया, जिसे एनीमिया जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक अत्यंत प्रभावी हथियार माना जा रहा है। इसी क्रम में मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल में जिला स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार और जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री रेहान अशरफ ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर अधीक्षक डॉ. ज्ञानेन्दु शेखर, डॉ. प्रेरणा सिंह, राज किरण कुमार (डी.डी.ए.), आशा कार्यकर्ता और पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों सहित स्वास्थ्य विभाग के कई प्रमुख कर्मी उपस्थित रहे।एनीमिया की चुनौती और विभाग की रणनीति:सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने कार्यक्रम के दौरान नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एन.एफ.एच.एस.-5) के चिंताजनक आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि बिहार में लगभग 63 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं, जबकि रूरल एरिया में यह आंकड़ा 63.9 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। यह नेशनल एवरेज 52 प्रतिशत से काफी अधिक है, जो राज्य के स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करता है। इसी चुनौती को स्वीकार करते हुए विभाग ने अभियान के सफल संचालन के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। इसके तहत चिन्हित एनीमिक गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने और उपचार के पश्चात उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए विशेष एम्बुलेंस सर्विस की व्यवस्था की गई है। साथ ही, इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ट्रेंड मेडिकल ऑफिसर्स और स्टाफ नर्सों की तैनाती की गई है और राज्य स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स की एक विस्तृत सूची भी जारी की गई है।उपचार के मानक और सुरक्षा प्रोटोकॉल:उपचार की प्रक्रिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अत्यंत स्पष्ट गाइडलाइन्स जारी की हैं। इसके अनुसार, मॉडरेट एनीमिया (Hb 7–9.9 g/dl) की स्थिति में यदि गर्भावस्था 34 सप्ताह से अधिक की है, तो एफ.सी.एम. थेरेपी को प्राइमरी ट्रीटमेंट के रूप में दिया जाएगा। वहीं, 34 सप्ताह से कम की गर्भावस्था में ओरल आयरन के असफल होने पर ही इसका उपयोग किया जाएगा। सीवियर एनीमिया (Hb 5–6.9 g/dl) से पीड़ित 13 से 34 सप्ताह की गर्भवती महिलाओं के लिए आई.वी. आयरन (एफ.सी.एम.) को प्राइमरी ट्रीटमेंट के रूप में अपनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रसव के बाद 42 दिनों तक यदि हीमोग्लोबिन का स्तर कम रहता है, तो डॉक्टर की सलाह पर यह थेरेपी दी जा सकती है।सटीक डोज और विशेषज्ञों की निगरानी:दवा की सटीक मात्रा सुनिश्चित करने के लिए डोज की गणना 'गैन्जोनी फॉर्मूला' (Ganzoni Formula) के आधार पर की जाएगी, ताकि प्रत्येक महिला को उसकी रिक्वायरमेंट के अनुसार सटीक आयरन क्वांटिटी मिल सके। सुरक्षा के लिहाज से इंजेक्शन देने के दौरान और उसके बाद कम से कम 30 मिनट तक पेशेंट की गहन मॉनिटरिंग अनिवार्य की गई है। किसी भी प्रकार की इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में एविल और हाइड्रोकार्टिसोन जैसी लाइफ सेविंग ड्रग्स सदैव अवेलेबल रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुजफ्फरपुर में अभियान के पहले दिन कुल 54 चिन्हित बेनेफिशियरी में से 28 महिलाएं वैक्सीनेशन हेतु एलिजिबल पाई गईं, जिन्हें एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल लाकर एफ.सी.एम. थेरेपी प्रदान की गई। यह अभियान "एनीमिया मुक्त बिहार" के लक्ष्य को प्राप्त करने और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक क्रांतिकारी माइलस्टोन साबित होगा।
बिहार में एनीमिया नियंत्रण के लिए ठोस पहल: ‘एफ.सी.एम. थेरेपी’ अभियान का राज्यस्तरीय शुभारंभ। (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) बिहार में एनीमिया नियंत्रण के लिए ठोस पहल: ‘एफ.सी.एम. थेरेपी’ अभियान का राज्यस्तरीय शुभारंभ। (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) मुजफ्फरपुर 26 मार्च 2026 बिहार में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य के माननीय स्वास्थ्य मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज (एफ.सी.एम.) इंजेक्शन थेरेपी अभियान का राज्यस्तरीय शुभारंभ किया, जिसे एनीमिया जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक अत्यंत प्रभावी हथियार माना जा रहा है। इसी क्रम में मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल में जिला स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार और जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री रेहान अशरफ ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर अधीक्षक डॉ. ज्ञानेन्दु शेखर, डॉ. प्रेरणा सिंह, राज किरण कुमार (डी.डी.ए.), आशा कार्यकर्ता और पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों सहित स्वास्थ्य विभाग के कई प्रमुख कर्मी उपस्थित रहे।एनीमिया की चुनौती और विभाग की रणनीति:सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने कार्यक्रम के दौरान नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एन.एफ.एच.एस.-5) के चिंताजनक आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि बिहार में लगभग 63 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं, जबकि रूरल एरिया में यह आंकड़ा 63.9 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। यह नेशनल एवरेज 52 प्रतिशत से काफी अधिक है, जो राज्य के स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करता है। इसी चुनौती को स्वीकार करते हुए विभाग ने अभियान के सफल संचालन के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। इसके तहत चिन्हित एनीमिक गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने और उपचार के पश्चात उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए विशेष एम्बुलेंस सर्विस की व्यवस्था की गई है। साथ ही, इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ट्रेंड मेडिकल ऑफिसर्स और स्टाफ नर्सों की तैनाती की गई है और राज्य स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स की एक विस्तृत सूची भी जारी की गई है।उपचार के मानक और सुरक्षा प्रोटोकॉल:उपचार की प्रक्रिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अत्यंत स्पष्ट गाइडलाइन्स जारी की हैं। इसके अनुसार, मॉडरेट एनीमिया (Hb 7–9.9 g/dl) की स्थिति में यदि गर्भावस्था 34 सप्ताह से अधिक की है, तो एफ.सी.एम. थेरेपी को प्राइमरी ट्रीटमेंट के रूप में दिया जाएगा। वहीं, 34 सप्ताह से कम की गर्भावस्था में ओरल आयरन के असफल होने पर ही इसका उपयोग किया जाएगा। सीवियर एनीमिया (Hb 5–6.9 g/dl) से पीड़ित 13 से 34 सप्ताह की गर्भवती महिलाओं के लिए आई.वी. आयरन (एफ.सी.एम.) को प्राइमरी ट्रीटमेंट के रूप में अपनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रसव के बाद 42 दिनों तक यदि हीमोग्लोबिन का स्तर कम रहता है, तो डॉक्टर की सलाह पर यह थेरेपी दी जा सकती है।सटीक डोज और विशेषज्ञों की निगरानी:दवा की सटीक मात्रा सुनिश्चित करने के लिए डोज की गणना 'गैन्जोनी फॉर्मूला' (Ganzoni Formula) के आधार पर की जाएगी, ताकि प्रत्येक महिला को उसकी रिक्वायरमेंट के अनुसार सटीक आयरन क्वांटिटी मिल सके। सुरक्षा के लिहाज से इंजेक्शन देने के दौरान और उसके बाद कम से कम 30 मिनट तक पेशेंट की गहन मॉनिटरिंग अनिवार्य की गई है। किसी भी प्रकार की इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में एविल और हाइड्रोकार्टिसोन जैसी लाइफ सेविंग ड्रग्स सदैव अवेलेबल रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुजफ्फरपुर में अभियान के पहले दिन कुल 54 चिन्हित बेनेफिशियरी में से 28 महिलाएं वैक्सीनेशन हेतु एलिजिबल पाई गईं, जिन्हें एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल लाकर एफ.सी.एम. थेरेपी प्रदान की गई। यह अभियान "एनीमिया मुक्त बिहार" के लक्ष्य को प्राप्त करने और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक क्रांतिकारी माइलस्टोन साबित होगा।
- चकिया अनुमंडल क्षेत्र के कोन्हिया मठ में हो रहे राम चरित्र मानस महायज्ञ मैं रामलीला प्रोग्राम के समय कल्याणपुर भाजपा विधायक सचिंद्र नारायण सिंह ने यज्ञ करता अध्यक्ष रघुनाथ प्रसाद सिंह के साथ राम धुन गाते हुए दर्शकों का मन मोहते दिखे, साथ ही दर्शक ताली बजाते हुए झूमते हुए साथ ही गाते हुए दिखे।1
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- सैनी फुल भंडार स्थान- मेन रोड माली चौक, राजेपुर कच्चे फूलों एवं प्लास्टिक फूलों के थोक एवं खुदरा विक्रेता । हमारे यहाँ कच्चे एवं प्लास्टिक फूलों से गाड़ी, मड़वा, जयमाला, स्टेज, बेडरूम इत्यादि कुशल कारीगरों द्वारा सजाया जाता है।1
- Post by Santosh kumar1
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- बिहार दिवस शिवहर सांसद लवली आनंद1
- माननीय विधायक बेबी कुमारी इंटर टॉपर्स सोनाली कुमारी के घर पहुंचीं और अंगवस्त्र भेंट कर उन्हें आशीर्वाद दिया* जयचंद्र कुमार राज्य सचिव बिहार दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार प्रखंड मुशहरी के रतवारा सुस्ता निवासी सोनाली कुमारी ने इंटरमीडिएट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 465 अंक (93%) प्राप्त किए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम गर्व से ऊंचा किया है। सोनाली ने मुजफ्फरपुर जिला में दूसरा स्थान और बोचहां विधानसभा क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक प्रेरणादायक मिसाल स्थापित की है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता पर माननीय विधायक बेबी कुमारी स्वयं उनके घर पहुंचीं और अंगवस्त्र भेंट कर उन्हें आशीर्वाद दिया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर रतवारा निवासी अजय कुमार ठाकुर की धर्मपत्नी श्रीमती उर्मिला देवी ने कहा, “शिक्षा समाज के विकास का मूल आधार है।” उन्होंने सोनाली की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। संजय पंडित बिजली मिस्त्री (इलेक्ट्रीशियन) का काम करके अपनी पुत्री सोनाली कुमारी की पढ़ाई करवाएं l उपस्थित अतिथि गण माननीय श्री मुकेश कुमार शर्मा (पूर्व मुखिया सुस्ता) कुन्दन कुमार,पिंटू श्रीवास्तव,आशीष कुमार,चुन्नू श्रीवास्तव,आदित्य राज,सौरभ कुमार1
- पूर्वी चंपारण के चकिया अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत बांस घाट स्थित कोन्हिया मठ परिसर में राम नवमी के पावन अवसर पर भव्य प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रामायण महायज्ञ के दौरान शुभ मुहूर्त में भगवान राम-जानकी, मां दुर्गा, विराट शिवलिंग एवं नंदी की मूर्तियों की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराई गई। रामायण महायज्ञ में यजमान के रूप में रघुनाथ प्रसाद सिंह अपनी धर्मपत्नी, पुत्र और पुत्रवधू के साथ उपस्थित रहे। आचार्य द्वारा पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान कोन्हिया मठ का संक्षिप्त इतिहास भी बताया गया, जिसमें बाबा हनुमान दास जी महाराज की समाधि स्थल और उनके चमत्कारों का उल्लेख किया गया। वैदिक मंत्रों की गूंज और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से पूरा मठ परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। राम नवमी के अवसर पर आयोजित इस प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम ने क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया और श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना रहा।1
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