मानसून के मद्देनजर, हरदा कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को जिले के वन क्षेत्रों का व्यापक भ्रमण किया और प्रमुख पुल-पुलियाओं का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलियों और ब्रिजों की स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक सुरक्षा इंतजामों को सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए। अपने निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने हरदा की बंगाली कॉलोनी में रन्हाई रोड़ की पुलिया, सोहागपुर में सोहागपुर-मनियाखेड़ी की पुलिया, दूधकच्छ में रहटगांव रोड़ की पुलिया, रहटगांव में नजरपुरा-रहटगांव ब्रिज, ग्राम बड़वानी में गांव की पुलिया और ग्राम सोडलपुर में हंसावती नदी की पुलिया का दौरा किया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए सभी पुल-पुलियाओं पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा कि पुल-पुलियाओं के जलमग्न होने की स्थिति में यात्रियों और वाहनों का आवागमन पूरी तरह से रोक दिया जाए। इसके लिए, उन्होंने अधिकारियों को जलमग्न होने वाली पुल-पुलियाओं पर बेरिकेड और आवश्यक सूचना पटल लगाने के साथ-साथ आवागमन रोकने के लिए कर्मचारी तैनात करने के भी निर्देश दिए। इस निरीक्षण के समय एसडीएम हरदा श्री अशोक डहेरिया, एसडीएम टिमरनी श्री संजीव नागू और पुल निर्माण से संबंधित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
मानसून के मद्देनजर, हरदा कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को जिले के वन क्षेत्रों का व्यापक भ्रमण किया और प्रमुख पुल-पुलियाओं का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलियों और ब्रिजों की स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक सुरक्षा इंतजामों को सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए। अपने निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने हरदा की बंगाली कॉलोनी में रन्हाई रोड़ की पुलिया, सोहागपुर में सोहागपुर-मनियाखेड़ी की पुलिया, दूधकच्छ में रहटगांव रोड़ की पुलिया, रहटगांव में नजरपुरा-रहटगांव ब्रिज, ग्राम बड़वानी में गांव की पुलिया और ग्राम सोडलपुर में हंसावती नदी की पुलिया का दौरा किया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों
को वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए सभी पुल-पुलियाओं पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा कि पुल-पुलियाओं के जलमग्न होने की स्थिति में यात्रियों और वाहनों का आवागमन पूरी तरह से रोक दिया जाए। इसके लिए, उन्होंने अधिकारियों को जलमग्न होने वाली पुल-पुलियाओं पर बेरिकेड और आवश्यक सूचना पटल लगाने के साथ-साथ आवागमन रोकने के लिए कर्मचारी तैनात करने के भी निर्देश दिए। इस निरीक्षण के समय एसडीएम हरदा श्री अशोक डहेरिया, एसडीएम टिमरनी श्री संजीव नागू और पुल निर्माण से संबंधित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
- मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर लगाए गए कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच 2 अक्टूबर से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या तक एक पदयात्रा निकालने की घोषणा की है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र और उज्जैन में महाकाल मंदिर से जुड़े जमीन घोटालों, राम मंदिर के चंदे में हुई कथित गड़बड़ियों और चढ़ावे की चोरी का विरोध करना है। श्री सिंह ने यह भी बताया है कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए ₹1,11,000 का दान दिया था, और वे इस कथित गबन के खिलाफ अपना चंदा वापस पाने के लिए अयोध्या की अदालत में मुकदमा दायर करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भगवान राम में आस्था रखने वाले और मंदिर के लिए दान करने वाले सभी लोग, बिना किसी राजनीतिक एजेंडे के, इस पदयात्रा में शामिल हो सकते हैं।1
- नर्मदापुरम में अवैध शराब के कारोबार पर आबकारी विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर एक बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देशों पर हुई इस संयुक्त छापेमारी में बालागंज क्षेत्र से भारी मात्रा में देशी और विदेशी शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 65 हजार रुपये बताई गई है। इस दौरान दो आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण भी दर्ज किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण थोटा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के सहयोग तथा जिला आबकारी अधिकारी डॉ. राजीव प्रसाद द्विवेदी के मार्गदर्शन में की गई। छापेमारी के दौरान, संगीता पत्नी महेंद्र मेषकर के कब्जे से 33 पेटी देशी और विदेशी शराब बरामद की गई, जिस पर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) एवं 34(2) के तहत मामला दर्ज हुआ। इसी अभियान में, एक अन्य स्थान से गुड्डी बाई पत्नी ब्रह्मा मेषकर से भी 5 पेटी देशी शराब जब्त की गई, और उन पर आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। कुल मिलाकर 38 पेटी देशी एवं विदेशी शराब जब्त की गई। पूरी कार्रवाई सहायक जिला आबकारी अधिकारी रमेश अहिरवार के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें सहायक जिला आबकारी अधिकारी राहुल कुमार ढोके, अशोक माहोरे, अभिलाष पाठक और आबकारी उपनिरीक्षक के.के. पड़रिया सहित अन्य विभागीय अमले ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन, संग्रहण और बिक्री के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- ₹12000 करोड़ की भारी लागत से निर्मित किसी चीज़ की असलियत का खुलासा उसके पहले ही उपयोग में हो गया। इस विशाल व्यय से बने होने के बावजूद, उसका वास्तविक स्वरूप और गुणवत्ता तुरंत सबके सामने आ गई।1
- आमला विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोंडरखापा में निर्माणाधीन सड़क की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य बेहद घटिया है और इसमें मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उनका कहना है कि जिस सड़क से वर्षों तक सुविधा मिलने की उम्मीद थी, वह निर्माण के दौरान ही सवालों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों ने इस सड़क निर्माण कार्य का जिम्मा सुनील मालवी पर होने का आरोप लगाया है, जिन्हें वे विधायक का करीबी बताते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि सुनील मालवी द्वारा पहले भी कई निर्माण कार्यों में धांधली की गई है और विधायक का नाम लेकर लोगों को डराया-धमकाया जाता है, जिससे कोई खुलकर विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रभाव का इस्तेमाल कर मनमाने तरीके से कार्य कराए जा रहे हैं और गुणवत्ता की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच नहीं कराई गई, तो सरकारी राशि का दुरुपयोग होने के साथ-साथ ग्रामीणों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनकी मांग है कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और कार्य की वास्तविक स्थिति की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग रोका जा सके और गांव को टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण सड़क मिल सके। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि यह खेल जिम्मेदारों की मिलीभगत से हो रहा है।2
- सीहोर जिले की डेंडी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले मुलानी गांव में इन दिनों एक गंभीर समस्या सामने आई है। जानकारी के अनुसार, गांव का पानी सीधे सड़क पर बह रहा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि इस जलभराव की स्थिति और सार्वजनिक असुविधा के प्रति स्थानीय पंचायत की ओर से कोई चिंता या फिक्र नहीं दिखाई जा रही है।1
- एक कार्यक्रम के दौरान, महापौर अमृता अमर यादव ने होनहार छात्रा खुशी पटेल को उनकी शिक्षा के लिए साइकिल भेंट कर सम्मानित किया। इसी कार्यक्रम में, पीएम स्वनिधि योजना के तहत आने वाले हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए।1
- मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में खाद्य सुरक्षा अधिकारी बनकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन करने वाली शाहिस्ता के निवास स्थान पर 03 जुलाई, दिन शुक्रवार को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। उनकी इस बड़ी कामयाबी ने वॉर्ड की सीमाओं को भी तोड़ दिया, जहाँ इटारसी के कई वॉर्डों के पार्षद उन्हें बधाई देने पहुँचे। इसी कड़ी में, वॉर्ड 22 की भाजपा पार्षद गीता देवेंद्र पटेल जी, वॉर्ड 24 की पार्षद नाज़िया बेग जी और वॉर्ड 26 के पार्षद कुंदन गौर जी विशेष रूप से शाहिस्ता को शुभकामनाएँ देने उनके घर पहुँचे। सभी पार्षदों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने शाहिस्ता को बुके भेंट किए, उनका मुँह मीठा कराया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। नेताओं ने इस अवसर पर कहा कि शाहिस्ता ने यह मुकाम हासिल कर पूरे इटारसी की बेटियों का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है। 'इटारसी अपडेट' की ओर से भी शाहिस्ता को उनकी इस शानदार सफलता पर हार्दिक बधाई दी गई।1
- शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर पिपरिया तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपकर किसानों की प्रमुख मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से शासन से मांग की है कि क्षेत्र में किसानों की शत-प्रतिशत मूंग खरीदी सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके। इसके साथ ही, किसानों ने आधार के माध्यम से खाद उपलब्ध कराने की मौजूदा व्यवस्था को और अधिक सरल तथा सुचारू बनाने की मांग भी उठाई। किसान संघ के पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को खरीदी और खाद वितरण में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे सीधे तौर पर उनकी खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रशासन से इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान निकालने का आग्रह किया। जवाब में, तहसीलदार ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा।1
- नर्मदापुरम जिले के केसला ब्लॉक स्थित प्राथमिक शाला नया रतिबंदर में शिक्षक गोपाल गिरी गोस्वामी पर शराब पीकर बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने और एक छात्रा से अशोभनीय हरकत की कोशिश करने का एक बेहद गंभीर और निंदनीय मामला सामने आया है। इस गंभीर प्रकरण में आरोपी शिक्षक के खिलाफ पुलिस प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट, बाल संरक्षण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं, शिक्षा विभाग ने शिक्षक को तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर उसे सेवा से स्थायी रूप से बर्खास्त करने का प्रावधान है। ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने और भविष्य में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय सुझाए गए हैं। इनमें आदिवासी क्षेत्रों और हॉस्टलों में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित औचक निरीक्षण, स्कूलों में बच्चों के लिए एक सुरक्षित शिकायत पेटी या हेल्पलाइन की स्थापना, और ग्राम पंचायत व शाला प्रबंधन समिति (SMC) को शराब पीकर आने वाले या अनुशासनहीनता करने वाले कर्मचारियों पर नजर रखने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभाना शामिल है। यह स्पष्ट किया गया है कि इन गंभीर मामलों में आरोपी के खिलाफ कानून और प्रशासनिक स्तर पर सख्त से सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और आगे भी उठाए जाने चाहिए।1