रायपुर के थाना गुढ़ियारी क्षेत्र से एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया गया है। एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट और थाना गुढ़ियारी पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को धरदबोचा और उसके कब्जे से चोरी किया गया तीनपहिया मालवाहक ऑटो बरामद किया है, जिसकी कीमत लगभग 1.20 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले से ही वाहन चोरी के तीन मामले दर्ज हैं। घटना के संबंध में प्रार्थी पिंटू साहू ने थाना गुढ़ियारी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह रामनगर के कबीर चौक स्थित सब्जी बाजार में सब्जी बेचने का काम करते हैं। उनके पास एक तीनपहिया मालवाहक ऑटो (क्रमांक सीजी 04 एमबी 6240) है, जिसे उन्होंने 7 जुलाई 2026 की रात करीब 11:00 बजे कबीर चौक स्थित सब्जी बाजार में लॉक कर खड़ा किया था। अगली सुबह जब वह वहां पहुंचे तो गाड़ी गायब थी। इस शिकायत पर थाना गुढ़ियारी में अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 280/26 और धारा 303(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस की संयुक्त टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और तकनीकी विश्लेषण किया। इसी दौरान टीम को संलिप्त आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली, जिसके आधार पर अनिल कुमार नेताम को पकड़कर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने वाहन चोरी करना स्वीकार किया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर चोरी का ऑटो जब्त कर पुलिस ने आगे की कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अनिल कुमार नेताम (26 वर्ष), जो मूल रूप से सेलदीप, थाना कुरुद, जिला धमतरी का निवासी है और वर्तमान में कमल विहार, थाना टिकरापारा, रायपुर में रह रहा था, एक शातिर चोर है। आरोपी धमतरी जिले के थाना कुरुद और थाना कोतवाली क्षेत्र में भी पहले वाहन चोरी की तीन घटनाओं को अंजाम दे चुका है और वहां उसके खिलाफ तीन अपराध दर्ज हैं।
रायपुर के थाना गुढ़ियारी क्षेत्र से एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया गया है। एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट और थाना गुढ़ियारी पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को धरदबोचा और उसके कब्जे से चोरी किया गया तीनपहिया मालवाहक ऑटो बरामद किया है, जिसकी कीमत लगभग 1.20 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले से ही वाहन चोरी के तीन मामले दर्ज हैं। घटना के संबंध में प्रार्थी पिंटू साहू ने थाना गुढ़ियारी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह रामनगर के कबीर चौक स्थित सब्जी बाजार में सब्जी बेचने का काम करते हैं। उनके पास एक तीनपहिया मालवाहक ऑटो (क्रमांक सीजी 04 एमबी 6240) है, जिसे उन्होंने 7 जुलाई 2026 की रात करीब 11:00 बजे कबीर चौक स्थित सब्जी बाजार में लॉक कर खड़ा किया था। अगली सुबह जब वह वहां पहुंचे तो गाड़ी गायब थी। इस शिकायत पर थाना गुढ़ियारी में अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 280/26 और धारा 303(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस की संयुक्त टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और तकनीकी विश्लेषण किया। इसी दौरान टीम को संलिप्त आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली, जिसके आधार पर अनिल कुमार नेताम को पकड़कर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने वाहन चोरी करना स्वीकार किया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर चोरी का ऑटो जब्त कर पुलिस ने आगे की कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अनिल कुमार नेताम (26 वर्ष), जो मूल रूप से सेलदीप, थाना कुरुद, जिला धमतरी का निवासी है और वर्तमान में कमल विहार, थाना टिकरापारा, रायपुर में रह रहा था, एक शातिर चोर है। आरोपी धमतरी जिले के थाना कुरुद और थाना कोतवाली क्षेत्र में भी पहले वाहन चोरी की तीन घटनाओं को अंजाम दे चुका है और वहां उसके खिलाफ तीन अपराध दर्ज हैं।
- रायपुर के लाखे नगर चौक पर यातायात पुलिस द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई के दौरान मुख्य रूप से बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों को निशाना बनाया जा रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।1
- महासमुंद जिले के ग्राम पंडरीखार निवासी महेशराम टंडन ने सरकार से पीएसीएल इंडिया लिमिटेड में निवेशित अपनी धनराशि जल्द वापस लौटाने की मांग की है। महेशराम टंडन, जो स्वयं दिव्यांग हैं, ने बताया कि उन्होंने साल 2010 में खरियार रोड स्थित पीएसीएल की शाखा में एजेंट रामनाथ सोनवानी के माध्यम से 1 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट जमा की थी। उनका कहना है कि इतने वर्षों के बाद भी उन्हें यह राशि प्राप्त नहीं हुई है। महेशराम टंडन ने अपनी इस समस्या के समाधान के लिए छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल, हाईकोर्ट बिलासपुर और मुंबई स्थित लोढ़ा समिति को लिखित आवेदन दिया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने उड़ीसा सरकार को भी आवेदन सौंपा था, जहां से उन्हें केवल राशि मिलने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है। कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करने के लिए मजबूर महेशराम टंडन ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर निवेशित पैसा वापस दिलाने की गुहार लगाई है।1
- राजनांदगांव में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर नौकरी का झांसा देने और लाखों की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- खैरागढ़ के पिपलाकछार में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही के कारण खेत में काम कर रहे 50 वर्षीय किसान धनसाय पटेल की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य ग्रामीण घायल हो गए। यह हादसा बुधवार दोपहर का है, जब धनसाय अन्य मजदूरों के साथ खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। दरअसल, खेत के पास बिजली का एक तार पिछले दो महीनों से टूटा पड़ा था, जो अनजाने में खेत के झटका तार से छू रहा था। रोपाई के दौरान चंपा साहू नामक महिला इस तार की चपेट में आ गई। उसे बचाने के लिए खेत मालिक का बेटा सीमन साहू दौड़ा और वह भी करंट की चपेट में आ गया। इसके बाद दोनों को बचाने पहुंचे धनसाय पटेल को करंट का जोरदार झटका लगा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बाद में एक अन्य युवक ने लकड़ी की मदद से तीनों को अलग किया। इस हादसे से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो महीनों से इस टूटे तार की कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की गई थी, लेकिन विभाग ने सुध नहीं ली। हादसे के तुरंत बाद जब बिजली विभाग की टीम तार ठीक करने पहुँची, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और "मौत के बाद जागने" का आरोप लगाते हुए जेई (JE) कार्यालय का घेराव किया। मौके पर पहुँची पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया। वर्तमान में घायल सीमन और चंपा का इलाज सिविल अस्पताल में जारी है और ग्रामीण लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।2
- धमतरी पुलिस द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी, एकरूप और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन रूद्री के कम्पोजिट भवन में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में सेवानिवृत्त पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज (आईपीएस) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)-2023 के विभिन्न व्यावहारिक और विधिक पक्षों पर विस्तृत व्याख्यान और मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज ने विवेचना की नवीन प्रक्रियाओं, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, प्रभावी अभियोजन की रणनीतियों तथा न्यायालयीन कार्यवाही में इन नए कानूनों के व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि इन नवीन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, पीड़ित-केंद्रित और समयबद्ध बनाना है। वहीं, पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते विधिक परिदृश्य में पुलिस बल का निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास समय की मांग है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग और सुदृढ़ अभियोजन बेहद जरूरी है। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और इकाइयों के लगभग 250 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धमतरी शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी, उप पुलिस अधीक्षक भानूप्रताप चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मोनिका मरावी, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मीना साहू, उप पुलिस अधीक्षक यशकरण दीप ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नगरी विपिन रंगारी, वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल, डीपीओ अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित सभी थाना-चौकी प्रभारी, विवेचक, सीसीटीएनएस ऑपरेटर और प्रशिक्षु उप निरीक्षक उपस्थित रहे। इस दौरान प्रकरण आधारित उदाहरणों के माध्यम से विवेचना, डिजिटल साक्ष्य, गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और अदालती प्रक्रिया से जुड़ी पुलिसकर्मियों की शंकाओं का समाधान किया गया।1
- गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के दिशा-निर्देश में आज मालगांव के शिवम नर्सिंग कॉलेज में छात्र-छात्राओं और स्टाफ के लिए एक विधिक व सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उके, डीएसपी गोपाल वैश्य, जिला अस्पताल के डॉक्टर एम.के. श्याम, मेमीचंद सोनवानी और गरियाबंद थाना प्रभारी शिशिर पाण्डेय मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को कानून, सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के कड़े नियमों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उके ने बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी साझा न करने और डिजिटल बैंकिंग में सावधानी बरतने के टिप्स दिए। वहीं, थाना प्रभारी शिशिर पाण्डेय ने देश में लागू हुए नए कानूनी प्रावधानों और धाराओं के बारे में विस्तार से बताया ताकि भावी नर्स और नागरिक अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति सजग रह सकें। इसके साथ ही, डीएसपी गोपाल वैश्य ने सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हुए लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और नाबालिगों द्वारा वाहन न चलाने की सख्त हिदायत दी। तत्पश्चात, आपातकालीन चिकित्सा स्थिति से निपटने के लिए जिला अस्पताल के डॉक्टर एम.के. श्याम ने दिल का दौरा पड़ने या सांस रुकने की स्थिति में मरीज की जान बचाने के लिए सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेसन) तकनीक का लाइव डेमो दिया। इस प्रशिक्षण में नर्सिंग स्टाफ और उपस्थित पुलिस स्टाफ को जान बचाने की बारीकियां सिखाई गईं। इसी कड़ी में, राजिम थाना क्षेत्र के प्रेमरतन पैलेस में क्रेडिट एक्सेस फाउंडेशन द्वारा आयोजित सामाजिक आर्थिक कार्यशाला में भी राजिम पुलिस टीम और गरियाबंद साइबर सेल की टीम ने पहुंचकर उपस्थित लोगों को साइबर जागरूकता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।2
- खैरागढ़ थाना क्षेत्र में ₹8.65 करोड़ की साइबर ठगी के एक बड़े मामले में फरार चल रहे आरोपी को केसीजी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की पहचान राकेश कुमार साहू उर्फ राहुल साहू (30 वर्ष) के रूप में की है, जो जिला दुर्ग के सुपेला का निवासी है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। यह मामला भारत सरकार के समन्वय पोर्टल से मिली सूचना के आधार पर खैरागढ़ थाने में अपराध क्रमांक 519/2025 के तहत दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की धारा 66 डी के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू की थी। 9 जुलाई को हिरासत में लेकर की गई पूछताछ में राकेश कुमार साहू ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे 10 जुलाई को न्यायालय में पेश किया गया और वहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने ऑनलाइन माध्यम से अलग-अलग राज्यों के लोगों से ₹8.65 करोड़ से अधिक की ठगी की थी, जिसे कई बैंक खातों में जमा कराया गया था। मामले में पूर्व में भी कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। फिलहाल पुलिस शेष फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की विवेचना जारी है।1
- गरियाबंद जिले के राजिम क्षेत्र में स्थित जतमई मंदिर प्रांगण के बड़े पार्किंग के पास शनिवार सुबह सड़क पर निर्माण कंपनी का डामर ऑयल बिखरने से कई राहगीर हादसे का शिकार हो गए। सड़क पर बिखरे इस तेल को राहगीर देख नहीं पाए, जिसके कारण लगभग 5 से 7 दुपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर गए और उनके शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आईं। बारिश के सीजन और शनिवार का दिन होने की वजह से बड़ी संख्या में लोग माता के दर्शन करने और जतमई मंदिर के झरने का आनंद लेने पहुंच रहे थे। हादसे को बढ़ता देख आसपास के दुकानदारों और पार्किंग वालों ने मुस्तैदी दिखाई और आने-जाने वाले लोगों को रोक-रोक कर सड़क पर ऑयल बिखरा होने की जानकारी दी और किनारे से जाने को कहा। यह सड़क निर्माण कार्य एडीबी प्रोजेक्ट के तहत पांडुका से लेकर मुंडागांव तक कराया जा रहा है, जो लगभग पूरा हो चुका है। गायडबरी गांव के पास बचे हुए थोड़े काम के लिए शुक्रवार को डामरीकरण किया गया था, जिसके बाद निर्माण कंपनी की गाड़ियों को जतमई मंदिर की बड़ी पार्किंग में खड़ा कर दिया गया था। इन्हीं गाड़ियों से ऑयल धीरे-धीरे बहकर मुख्य सड़क पर आ गया। इस घोर लापरवाही की जानकारी देने के बाद भी जिम्मेदार निर्माण कंपनी के लोग समय पर मौके पर नहीं पहुंचे। जब वे पहुंचे भी, तो उन्होंने सड़क किनारे की मिट्टी-मटेरियल डालकर खानापूर्ति करने की कोशिश की, जो नाकाफी रही। वर्तमान में जतमई घटारानी मंदिर में भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। यह घटना जतमई सेवा समिति, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन की उदासीनता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को उजागर करती है, जिससे साफ है कि श्रद्धालुओं को अब प्रशासन के भरोसे रहने के बजाय अपनी सुरक्षा खुद ही करनी होगी।4