आध्यात्म की राह श्री गुरुद्वारा साहिब में समर चालिया एवं 40 दिवसीय अखंड पाठ का भव्य आगाज बच्चों को मोबाइल से दूर कर आध्यात्म से जोड़ने की अनूठी पहल 29 मई को होगा समापन मंडला। अंबेडकर वार्ड स्थित श्री गुरुद्वारा साहिब में श्री अमृतवेला सत्संग समिति द्वारा सोमवार प्रातः समर चालिया महोत्सव का श्रद्धापूर्वक शुभारंभ किया गया। इस विशेष अवसर पर समिति ने 40 दिवसीय अखंड पाठ का भी प्रारंभ किया, जिसका मुख्य उद्देश्य विश्व कल्याण, परिवारों की सुख-शांति और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना है। महोत्सव के पहले दिन बड़ी संख्या में संगत एकत्रित हुई। कार्यक्रम के दौरान श्री ग्रंथ साहिब जी की आरती, पूजा और अरदास की गई। उपस्थित श्रद्धालुओं ने सभी परिवारों की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। समिति के सदस्यों ने बताया कि साल में दो बार, ग्रीष्मकाल और शीतकाल में चालिया महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसे आस्थावान श्रद्धालु पूरी निष्ठा के साथ मनाते हैं। बच्चों को संस्कारों से जोड़ने का प्रयास : समर चालिया का एक प्रमुख उद्देश्य बच्चों को डिजिटल दुनिया और मोबाइल की लत से दूर रखकर धर्म और आध्यात्म की ओर अग्रसर करना है। स्कूल की छुट्टियां होने के कारण बच्चे इस 40 दिवसीय आयोजन में अधिक समय दे सकेंगे, जिससे उन्हें अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को समझने का अवसर मिलेगा। 11 वर्षों से जल रही है अमृतवेला की अलख : श्री अमृतवेला सत्संग समिति पिछले 11 वर्षों से निरंतर अमृतवेला का आयोजन कर रही है। व्यस्त जीवनशैली के बीच मानसिक शांति और एकाग्रता के लिए प्रातः काल का सिमरन अत्यंत प्रभावी माना जाता है। इसी परंपरा को निभाते हुए प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से प्रमुख गतिविधियां की जा रही है, जिसमें सुखमनी साहिब पाठ, जपजी साहिब, चौपाई साहिब, सिमरन और विशेष आरती-अरदास किया जा रहा है। इस गरिमामयी आयोजन के पहले दिन कार्यक्रम के अंत में संगत के बीच गुरु प्रसाद का वितरण किया गया। श्री अमृतवेला सत्संग समिति ने बताया कि इस आध्यात्मिक यात्रा का समापन 29 मई को होगा। आध्यात्म की राह श्री गुरुद्वारा साहिब में समर चालिया एवं 40 दिवसीय अखंड पाठ का भव्य आगाज बच्चों को मोबाइल से दूर कर आध्यात्म से जोड़ने की अनूठी पहल 29 मई को होगा समापन मंडला। अंबेडकर वार्ड स्थित श्री गुरुद्वारा साहिब में श्री अमृतवेला सत्संग समिति द्वारा सोमवार प्रातः समर चालिया महोत्सव का श्रद्धापूर्वक शुभारंभ किया गया। इस विशेष अवसर पर समिति ने 40 दिवसीय अखंड पाठ का भी प्रारंभ किया, जिसका मुख्य उद्देश्य विश्व कल्याण, परिवारों की सुख-शांति और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना है। महोत्सव के पहले दिन बड़ी संख्या में संगत एकत्रित हुई। कार्यक्रम के दौरान श्री ग्रंथ साहिब जी की आरती, पूजा और अरदास की गई। उपस्थित श्रद्धालुओं ने सभी परिवारों की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। समिति के सदस्यों ने बताया कि साल में दो बार, ग्रीष्मकाल और शीतकाल में चालिया महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसे आस्थावान श्रद्धालु पूरी निष्ठा के साथ मनाते हैं। बच्चों को संस्कारों से जोड़ने का प्रयास : समर चालिया का एक प्रमुख उद्देश्य बच्चों को डिजिटल दुनिया और मोबाइल की लत से दूर रखकर धर्म और आध्यात्म की ओर अग्रसर करना है। स्कूल की छुट्टियां होने के कारण बच्चे इस 40 दिवसीय आयोजन में अधिक समय दे सकेंगे, जिससे उन्हें अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को समझने का अवसर मिलेगा। 11 वर्षों से जल रही है अमृतवेला की अलख : श्री अमृतवेला सत्संग समिति पिछले 11 वर्षों से निरंतर अमृतवेला का आयोजन कर रही है। व्यस्त जीवनशैली के बीच मानसिक शांति और एकाग्रता के लिए प्रातः काल का सिमरन अत्यंत प्रभावी माना जाता है। इसी परंपरा को निभाते हुए प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से प्रमुख गतिविधियां की जा रही है, जिसमें सुखमनी साहिब पाठ, जपजी साहिब, चौपाई साहिब, सिमरन और विशेष आरती-अरदास किया जा रहा है। इस गरिमामयी आयोजन के पहले दिन कार्यक्रम के अंत में संगत के बीच गुरु प्रसाद का वितरण किया गया। श्री अमृतवेला सत्संग समिति ने बताया कि इस आध्यात्मिक यात्रा का समापन 29 मई को होगा।
आध्यात्म की राह श्री गुरुद्वारा साहिब में समर चालिया एवं 40 दिवसीय अखंड पाठ का भव्य आगाज बच्चों को मोबाइल से दूर कर आध्यात्म से जोड़ने की अनूठी पहल 29 मई को होगा समापन मंडला। अंबेडकर वार्ड स्थित श्री गुरुद्वारा साहिब में श्री अमृतवेला सत्संग समिति द्वारा सोमवार प्रातः समर चालिया महोत्सव का श्रद्धापूर्वक शुभारंभ किया गया। इस विशेष अवसर पर समिति ने 40 दिवसीय अखंड पाठ का भी प्रारंभ किया, जिसका मुख्य उद्देश्य विश्व कल्याण, परिवारों की सुख-शांति और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना है। महोत्सव के पहले दिन बड़ी संख्या में संगत एकत्रित हुई। कार्यक्रम के दौरान श्री ग्रंथ साहिब जी की आरती, पूजा और अरदास की गई। उपस्थित श्रद्धालुओं ने सभी परिवारों की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। समिति के सदस्यों ने बताया कि साल में दो बार, ग्रीष्मकाल और शीतकाल में चालिया महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसे आस्थावान श्रद्धालु पूरी निष्ठा के साथ मनाते हैं। बच्चों को संस्कारों से जोड़ने का प्रयास : समर चालिया का एक प्रमुख उद्देश्य बच्चों को डिजिटल दुनिया और मोबाइल की लत से दूर रखकर धर्म और आध्यात्म की ओर अग्रसर करना है। स्कूल की छुट्टियां होने के कारण बच्चे इस 40 दिवसीय आयोजन में अधिक समय दे सकेंगे, जिससे उन्हें अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को समझने का अवसर मिलेगा। 11 वर्षों से जल रही है अमृतवेला की अलख : श्री अमृतवेला सत्संग समिति पिछले 11 वर्षों से निरंतर अमृतवेला का आयोजन कर रही है। व्यस्त जीवनशैली के बीच मानसिक शांति और एकाग्रता के लिए प्रातः काल का सिमरन अत्यंत प्रभावी माना जाता है। इसी परंपरा को निभाते हुए प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से प्रमुख गतिविधियां की जा रही है, जिसमें सुखमनी साहिब पाठ, जपजी साहिब, चौपाई साहिब, सिमरन और विशेष आरती-अरदास किया जा रहा है। इस गरिमामयी आयोजन के पहले दिन कार्यक्रम के अंत में संगत के बीच गुरु प्रसाद का वितरण किया गया। श्री अमृतवेला सत्संग समिति ने बताया कि इस आध्यात्मिक यात्रा का समापन 29 मई को होगा। आध्यात्म की राह श्री गुरुद्वारा साहिब में समर चालिया एवं 40 दिवसीय अखंड पाठ का भव्य आगाज बच्चों को मोबाइल से दूर कर आध्यात्म से जोड़ने की अनूठी पहल 29 मई को होगा समापन मंडला। अंबेडकर वार्ड स्थित श्री गुरुद्वारा साहिब में श्री अमृतवेला सत्संग समिति द्वारा सोमवार प्रातः समर चालिया महोत्सव का श्रद्धापूर्वक शुभारंभ किया गया। इस विशेष अवसर पर समिति ने 40 दिवसीय अखंड पाठ का भी प्रारंभ किया, जिसका मुख्य उद्देश्य विश्व कल्याण, परिवारों की सुख-शांति और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना है। महोत्सव के पहले दिन बड़ी संख्या में संगत एकत्रित हुई। कार्यक्रम के दौरान श्री ग्रंथ साहिब जी की आरती, पूजा और अरदास की गई। उपस्थित श्रद्धालुओं ने सभी परिवारों की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। समिति के सदस्यों ने बताया कि साल में दो बार, ग्रीष्मकाल और शीतकाल में चालिया महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसे आस्थावान श्रद्धालु पूरी निष्ठा के साथ मनाते हैं। बच्चों को संस्कारों से जोड़ने का प्रयास : समर चालिया का एक प्रमुख उद्देश्य बच्चों को डिजिटल दुनिया और मोबाइल की लत से दूर रखकर धर्म और आध्यात्म की ओर अग्रसर करना है। स्कूल की छुट्टियां होने के कारण बच्चे इस 40 दिवसीय आयोजन में अधिक समय दे सकेंगे, जिससे उन्हें अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को समझने का अवसर मिलेगा। 11 वर्षों से जल रही है अमृतवेला की अलख : श्री अमृतवेला सत्संग समिति पिछले 11 वर्षों से निरंतर अमृतवेला का आयोजन कर रही है। व्यस्त जीवनशैली के बीच मानसिक शांति और एकाग्रता के लिए प्रातः काल का सिमरन अत्यंत प्रभावी माना जाता है। इसी परंपरा को निभाते हुए प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से प्रमुख गतिविधियां की जा रही है, जिसमें सुखमनी साहिब पाठ, जपजी साहिब, चौपाई साहिब, सिमरन और विशेष आरती-अरदास किया जा रहा है। इस गरिमामयी आयोजन के पहले दिन कार्यक्रम के अंत में संगत के बीच गुरु प्रसाद का वितरण किया गया। श्री अमृतवेला सत्संग समिति ने बताया कि इस आध्यात्मिक यात्रा का समापन 29 मई को होगा।
- बीजाडांडी में गूँजी शहनाई: मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में 55 जोड़े हुए एक सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने नवदंपतियों को दिया सुखद जीवन का आशीर्वाद 22 अप्रैल बुधवार को शाम चार बजे बीजाडांडी सीईओ ने बताया कि विकासखंड निवास के राजा शंकर शाह स्टेडियम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत भव्य सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बीजाडांडी ब्लॉक के 55 जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लिए। मुख्य अतिथि सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह योजना सादगी और सामाजिक समानता का प्रतीक है, जो फिजूलखर्ची रोककर समाज को जोड़ती है। समारोह में प्रत्येक जोड़े को 51 हजार रुपये की सहायता राशि के चेक प्रदान किए गए। इस अवसर पर विधायक चैन सिंह वरकड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आयोजन को सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बताया। 0000000000000000000000000000001
- Post by Neelesh THAKUR1
- Post by Govardhan kushwaha1
- कान्हा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में नर बाघ शावक मृत मिला1
- अनियंत्रित होकर गिरी मोटरसाइकिल चालक गंभीर घायल घंसौर थाना क्षेत्र अंतर्गत 21 अप्रैल 2026 को निचली गांव के पास एक सड़क हादसे मे मोटरसाइकिल चालक गंभीर रूप से घायल हो गया जानकारी के अनुसार रामकृष्ण यादव 45 वर्ष पिता हावी लाल यादव निवासी निचली गांव अपनी मोटरसाइकिल से घंसौर की ओर जा रहे थे इसी दौरान अचानक वाहन अनियंत्रित होकर गिर गया जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं हादसे के तुरंत बाद 108 एंबुलेंस की मदद से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केद्र घसौर पहुचाया गया जहां इलाज जारी है पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है1
- बड़े शांत स्वभाव से शादी को मनाया गया और पूरे परिवार में मनो खुशी सी लहर गई शादी को बड़े धूमधाम से भी बनाया गया1
- Post by Rishi Rajak1
- शिक्षा के नाम पर लूट: नारायणगंज के निजी स्कूलों में मनमानी से अभिभावक परेशान जेएमआर और सरस्वती ज्ञान मंदिर स्कूल में अव्यवस्थाओं का अंबार मंडला। नारायणगंज के देवरी कला बबलिया के जेएमआर और सरस्वती ज्ञान मंदिर स्कूलों में शिक्षा के नाम पर व्यापार और भारी अव्यवस्थाओं का आलम है। अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि टीसी मांगने पर अवैध वसूली और अंक कम करने की धमकी दी जा रही है। स्कूलों में शौचालय, खेल मैदान और बसों जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है; बच्चों को वाहनों की छतों पर बैठाकर ले जाया जाता है। नारायणगंज जनपद अध्यक्ष आसाराम भारतीया व ग्रामीणों ने प्रशासनिक मिलीभगत का आरोप लगाते हुए इन संस्थानों की उच्च स्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1