मानव सेवा की मिसाल: श्री विंध्य धाम चैरिटेबल ट्रस्ट ने बढ़ाया आस्था का मान मीरजापुर। मां विंध्यवासिनी देवी का प्रसिद्ध महाशक्तिपीठ विंध्याचल केवल आस्था और भक्ति का केंद्र ही नहीं, बल्कि समाज सेवा का भी प्रेरणादायक स्थल बनता जा रहा है। यहां सक्रिय श्री विंध्य धाम चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा जरूरतमंदों और श्रद्धालुओं के लिए निरंतर सेवा कार्य किए जा रहे हैं, जो मानवीय संवेदना और धार्मिक भावना का अद्भुत संगम प्रस्तुत करते हैं। ट्रस्ट की ओर से कड़क ठंड में गरीबों और असहायों के बीच कंबल वितरण किया जाता है। इसके अलावा विंध्य पर्वत पर रहने वाले बंदरों को चना खिलाने की सेवा भी नियमित रूप से की जाती है। ट्रस्ट द्वारा समय-समय पर निःशुल्क नेत्र शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिनमें जरूरतमंदों को चश्मा, दवाइयां तथा निःशुल्क नेत्र ऑपरेशन की सुविधा दी जाती है। गर्मियों में श्रद्धालुओं के लिए शरबत वितरण जैसे सेवा कार्य भी किए जाते हैं। इस पुण्य कार्य में मां के परम भक्त सुशील अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, आलोक पोद्दार, रवि अग्रवाल और रवि गोयल का विशेष योगदान रहा। इन भक्तों ने अपनी अर्जित संपत्ति का एक हिस्सा मां की सेवा में समर्पित कर समाज सेवा के इन कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई। भक्तों का मानना है कि मां के चरणों में किया गया यह समर्पण न केवल जीवन को सफल बनाता है, बल्कि समाज में भी करुणा और सहानुभूति की भावना को बढ़ाता है। कार्यक्रम के दौरान मां विंध्यवासिनी धाम के श्रृंगारिया एवं प्रधान पुजारी और ट्रस्ट के ट्रस्टी पंडित शेखर सरन उपाध्याय जी ने कहा, "मां विंध्यवासिनी की कृपा से ही सेवा का यह मार्ग प्रशस्त होता है। कंबल वितरण, नेत्र शिविर और जीव-सेवा जैसे कार्य भक्तों के जीवन को धन्य बनाते हैं। सभी भक्तों से आग्रह है कि वे अपनी आय का कुछ हिस्सा समाज सेवा में अवश्य लगाएं।" वहीं मां विंध्यवासिनी धाम के श्रृंगारिया एवं प्रधान पुजारी पंडित राघवेंद्र उपाध्याय जी ने कहा, "मां का धाम सेवा का केंद्र है। ट्रस्ट द्वारा की जा रही गतिविधियां मां की जागृत शक्ति का प्रमाण हैं। यह सेवा कार्य सभी के कल्याण के लिए प्रेरणादायक हैं।" इस अवसर पर पंडित रघुवर महाराज जी, पंडित विनय उपाध्याय जी, पंडित जगरनाथ दुबे (बबवा जी, अध्यक्ष जी), पंडित पंकज दुबे महराज जी और पंडित उदयादित्य पांडेय जी सहित कई संत-महंत और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। श्री विंध्य धाम चैरिटेबल ट्रस्ट का यह सेवा कार्य विंध्याचल की आध्यात्मिक महिमा को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है। यह स्पष्ट करता है कि मां के दरबार में भक्ति के साथ सेवा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
मानव सेवा की मिसाल: श्री विंध्य धाम चैरिटेबल ट्रस्ट ने बढ़ाया आस्था का मान मीरजापुर। मां विंध्यवासिनी देवी का प्रसिद्ध महाशक्तिपीठ विंध्याचल केवल आस्था और भक्ति का केंद्र ही नहीं, बल्कि समाज सेवा का भी प्रेरणादायक स्थल बनता जा रहा है। यहां सक्रिय श्री विंध्य धाम चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा जरूरतमंदों और श्रद्धालुओं के लिए निरंतर सेवा कार्य किए जा रहे हैं, जो मानवीय संवेदना और धार्मिक भावना का अद्भुत संगम प्रस्तुत करते हैं। ट्रस्ट की ओर से कड़क ठंड में गरीबों और असहायों के बीच कंबल वितरण किया जाता है। इसके अलावा विंध्य पर्वत पर रहने वाले बंदरों को चना खिलाने की सेवा भी नियमित रूप से की जाती है। ट्रस्ट द्वारा समय-समय पर निःशुल्क नेत्र शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिनमें जरूरतमंदों को चश्मा, दवाइयां तथा निःशुल्क नेत्र ऑपरेशन की सुविधा दी जाती है। गर्मियों में श्रद्धालुओं के लिए शरबत वितरण जैसे सेवा कार्य भी किए जाते हैं। इस पुण्य कार्य में मां के परम भक्त सुशील अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, आलोक पोद्दार, रवि अग्रवाल और रवि गोयल का विशेष योगदान रहा। इन भक्तों ने अपनी अर्जित संपत्ति का एक हिस्सा मां की सेवा में समर्पित कर समाज सेवा के इन कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई। भक्तों का मानना है कि मां के चरणों में किया गया यह समर्पण न केवल जीवन को सफल बनाता है, बल्कि समाज में भी करुणा और सहानुभूति की भावना को बढ़ाता है। कार्यक्रम के दौरान मां विंध्यवासिनी धाम के श्रृंगारिया एवं प्रधान पुजारी और ट्रस्ट के ट्रस्टी पंडित शेखर सरन उपाध्याय जी ने कहा, "मां विंध्यवासिनी की कृपा से ही सेवा का यह मार्ग प्रशस्त होता है। कंबल वितरण, नेत्र शिविर और जीव-सेवा जैसे कार्य भक्तों के जीवन को धन्य बनाते हैं। सभी भक्तों से आग्रह है कि वे अपनी आय का कुछ हिस्सा समाज सेवा में अवश्य लगाएं।" वहीं मां विंध्यवासिनी धाम के श्रृंगारिया एवं प्रधान पुजारी पंडित राघवेंद्र उपाध्याय जी ने कहा, "मां का धाम सेवा का केंद्र है। ट्रस्ट द्वारा की जा रही गतिविधियां मां की जागृत शक्ति का प्रमाण हैं। यह सेवा कार्य सभी के कल्याण के लिए प्रेरणादायक हैं।" इस अवसर पर पंडित रघुवर महाराज जी, पंडित विनय उपाध्याय जी, पंडित जगरनाथ दुबे (बबवा जी, अध्यक्ष जी), पंडित पंकज दुबे महराज जी और पंडित उदयादित्य पांडेय जी सहित कई संत-महंत और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। श्री विंध्य धाम चैरिटेबल ट्रस्ट का यह सेवा कार्य विंध्याचल की आध्यात्मिक महिमा को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है। यह स्पष्ट करता है कि मां के दरबार में भक्ति के साथ सेवा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
- ग्राम सभा कौंधियारा थाना कांति माइनर के पास सुबह लावारिस में छोटी बच्ची के जीती हुई पब्लिक देखने को 112 डायल किया वहां पर प्रशासन पहुंचकर लिखापढ़े किया। ,,,,,,, धीरज कुमार पत्रकार4
- वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के चित्रसेनपुर गांव में जमीनी विवाद ने एक महिला की जान ले ली। शनिवार दोपहर दो पक्षों के बीच हुए विवाद के दौरान गंभीर रूप से घायल महिला की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जबकि परिजन शव रखकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। जानकारी के अनुसार, चित्रसेनपुर गांव निवासी मुन्ना पटेल और उनके पटीदारों के बीच जमीन को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद चला आ रहा था। शनिवार की दोपहर इसी विवाद को लेकर विपक्षी पक्ष के कुलदीप, विक्रम, चंद्रावती, नीतू और श्रेयांश मुन्ना पटेल के घर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। घर में मौजूद मुन्ना पटेल की पत्नी सुनीता देवी (उम्र लगभग 40 वर्ष) ने जब इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि मारपीट के दौरान विपक्षियों ने फावड़े से सुनीता देवी के सिर पर हमला कर दिया, जिससे उनका सिर गंभीर रूप से फट गया। खून से लथपथ हालत में परिजन उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने बताया कि सिर की हड्डी टूटकर अंदर धंस गई है और उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद सोमवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से परिजनों में गहरा आक्रोश है। सोमवार को जैसे ही सुनीता देवी की मौत की सूचना गांव पहुंची, परिजन और ग्रामीण शव को घर पर रखकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। उनका कहना है कि जब तक सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इधर, मृतका के पति मुन्ना पटेल ने मिर्जामुराद थाने में तहरीर देकर नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में थाना प्रभारी मिर्जामुराद ने बताया कि मामले में पहले से दर्ज मुकदमे की विवेचना की जा रही है। महिला की मौत के बाद धाराओं में वृद्धि की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने गांव में एहतियातन अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। घटना ने एक बार फिर जमीनी विवादों में बढ़ती हिंसा और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- आज पालकी से उतर कर स्नान करने को कह दिया तो अपमान हो गया… और सपा सरकार में अखिलेश यादव ने लाठीचार्ज करवाया था वो सम्मान था?1
- Post by UMESH Kumar1
- Post by सुलमई की आवाज1
- Post by Amar ji and sence company Harrai Karchhana prayagraj1
- बिग ब्रेकिंग समाचार उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य मुखिया मुख्यमंत्रीशंकराचार्य से खेद प्रकट करें शंकराचार्य का धरना समाप्त हो एवं मान सम्मान उनको जाकर मुखिया के मंत्री जीते हैं यह बात आज उत्तर प्रदेश अखंड गौरवशाली क्षेत्रीय समाज फाउंडेशन के कार्यालय में बैठक में हुआ बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ सतीश कुमारकसेरा ने कहा किया निंदा नंदिनी है शंकराचार्य का अपमान सनातन धर्म का है कोई भी बर्दाश्त नहीं करेगा जय हिंद जय हिंद जय श्री समाज3
- *वाराणसी के रामनगर स्थित 36वीं वाहिनी पीएसी में 54वाँ पीएसी दिवस बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार सोनकर, 36वीं वाहिनी के सेनानायक डॉ. अनिल कुमार पांडे तथा उप सेनानायक प्रमोद कुमार बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत भव्य परेड से हुई, जिसमें पुलिस उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार सोनकर ने परेड की सलामी ली। इसके पश्चात शस्त्र पूजन संपन्न कराया गया। इसके बाद योग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें पीएसी के जवानों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। योग के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का संदेश दिया गया।1
- करछना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा सुलमई में प्रधान के द्वारा कोई विकास नहीं किया जा रहा है। 1 एक सालों से भरी हुई है नाली। विकास के नाम पर जीरो1