पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की जाँच में एक बड़ा और नया मोड़ सामने आया है। शनिवार (30 मई, 2026) को अभिषेक बनर्जी पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कई व्यक्तियों का संबंध सोनारपुर की पूर्व टीएमसी विधायक लवली मैत्रा से पाया गया है, जिससे अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह घटना केवल हिंसा का एक और मामला है या पार्टी के भीतर गहरे मतभेदों का संकेत देती है। बंगाल पुलिस ने इस मामले में अब तक कम से कम पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तपन माइती, आकाश गयान, निर्मल्य सेनगुप्ता उर्फ जॉय, काजल दास और देबाशीष दत्ता शामिल हैं। इनमें से तपन माइती और आकाश गयान को घटना से जुड़े वीडियो में देखा गया था। बताया जा रहा है कि तपन माइती और निर्मल्य सेनगुप्ता उर्फ जॉय पूर्व टीएमसी विधायक लवली मैत्रा के करीबी माने जाते थे, जबकि काजल दास और देबाशीष दत्ता का भी पूर्व विधायक से संबंध बताया गया है। पुलिस ने आकाश गयान को भी गिरफ्तार किया है, जिसे इलाके में एक तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में पहचाना जाता है। उसकी माँ ने पुष्टि की है कि वह पार्टी से जुड़ा था और चुनावों के दौरान नियमित रूप से टीएमसी बूथों पर बैठता था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे के पास अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कोई निजी दुश्मनी रखने का कोई कारण नहीं था। इस नए खुलासे के बाद, यह सवाल और गहरा गया है कि क्या यह घटना सिर्फ एक हिंसक वारदात है या टीएमसी के भीतर चल रहे अंदरूनी कलह की ओर इशारा करती है।
पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की जाँच में एक बड़ा और नया मोड़ सामने आया है। शनिवार (30 मई, 2026) को अभिषेक बनर्जी पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कई व्यक्तियों का संबंध सोनारपुर की पूर्व टीएमसी विधायक लवली मैत्रा से पाया गया है, जिससे अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह घटना केवल हिंसा का एक और मामला है या पार्टी के भीतर गहरे मतभेदों का संकेत देती है। बंगाल पुलिस ने इस मामले में अब तक कम से कम पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तपन माइती, आकाश गयान, निर्मल्य सेनगुप्ता उर्फ जॉय, काजल दास और देबाशीष दत्ता शामिल हैं। इनमें से तपन माइती और आकाश गयान को घटना से जुड़े वीडियो में देखा गया था। बताया जा रहा है कि तपन माइती और निर्मल्य सेनगुप्ता उर्फ जॉय पूर्व टीएमसी विधायक लवली मैत्रा के करीबी माने जाते थे, जबकि काजल दास और देबाशीष दत्ता का भी पूर्व विधायक से संबंध बताया गया है। पुलिस ने आकाश गयान को भी गिरफ्तार किया है, जिसे इलाके में एक तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में पहचाना जाता है। उसकी माँ ने पुष्टि की है कि वह पार्टी से जुड़ा था और चुनावों के दौरान नियमित रूप से टीएमसी बूथों पर बैठता था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे के पास अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कोई निजी दुश्मनी रखने का कोई कारण नहीं था। इस नए खुलासे के बाद, यह सवाल और गहरा गया है कि क्या यह घटना सिर्फ एक हिंसक वारदात है या टीएमसी के भीतर चल रहे अंदरूनी कलह की ओर इशारा करती है।
- दिल्ली के जैतपुर मोड़ स्थित रामसिंह नेताजी पानी के प्याऊ के पास एक व्यक्ति की सर कुचलकर निर्मम हत्या कर दी गई है। इस घटना के सामने आने के बाद बदरपुर थाना पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है और आगे की कार्रवाई कर रही है।1
- आज रात ठीक 12 बजे से देश भर में पाँच बहुत बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। इन महत्वपूर्ण बदलावों को लेकर सावधान रहने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि दावा किया गया है कि ये पाँच बदलाव आपकी ज़िंदगी को पूरी तरह से बदल कर रख देंगे।1
- सोशल मीडिया पर एक वायरल पोस्ट के अनुसार, सूर्या की मां ने अपने बेटे की हत्या को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को 'बकरा बनाकर काट' दिया गया। इस घटना पर न्याय की मांग करते हुए, सूर्या की मां ने कहा कि उन्हें 'सातों का एनकाउंटर' चाहिए, जो यह दर्शाता है कि उनके अनुसार इस वारदात में सात लोग शामिल थे।1
- इस बात पर जोर दिया गया है कि "मोदी की गारंटी मतलब - हर गारंटी पूरी होने की गारंटी!"। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने बंगाल को जो 6 गारंटियां दी थीं, भाजपा सरकार बनने के कुछ ही समय बाद उन पर तेजी से काम शुरू हो चुका है। यह दर्शाता है कि भाजपा जो कहती है, उसे पूरा करने का दृढ़ संकल्प भी रखती है।1
- मजदूरों की बुरी हालत है।1
- अब बिजली के बिलों पर भी लोगों को भारी मार का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति आम जनता के लिए एक नई परेशानी बनकर सामने आई है।1
- आज एक दुर्घटना हुई।1
- पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) के दूसरे चैंपियंस लीग खिताब जीतने की खुशी शनिवार देर रात फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारी बवाल और हिंसा में बदल गई। जश्न मना रही भीड़ के बीच कुछ उपद्रवियों ने जमकर उत्पाद मचाया, जिसके बाद शहर को फूंक दिया गया। हिंसा तब और बढ़ गई जब उपद्रवियों के एक समूह ने फ्रांसीसी राजधानी में स्थित एक पुलिस स्टेशन पर ही धावा बोलने की कोशिश की। इस हिंसक घटना के बाद पेरिस पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए दर्जनों लोगों को हिरासत में ले लिया है, और अब तक 400 से अधिक गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।1