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नायब तहसीलदार मुकलावा ग्राम पंचायत जमीनी विवाद मुकलावा
Radhe shyam
नायब तहसीलदार मुकलावा ग्राम पंचायत जमीनी विवाद मुकलावा
More news from राजस्थान and nearby areas
- Post by Navratan Bhartat 94130-446461
- *दुष्यंत-CIA इंचार्ज विवाद में पुलिस ने CCTV जारी की:* DSP बोले- पायलट रखने की मंजूरी नहीं, गाड़ी को टक्कर मारने की कोशिश की1
- Post by जगदीश धौलपूरीया1
- हाय....ये गर्मी, उपर से बंद फाटक ने और अधिक कर दिया परेशान कोटगेट-सांखला फाटक बंद होने से परेशान आम जनता गर्मी से बेहाल हुए लोग, बच्चे-बुजुर्ग भीड़ में फसे करीब आधे घंटे बंद रहा फाटक, जाम में फसे लोग कोसते रहे व्यवस्था को दो गाडिय़ों के बीच 30 मिनट का अंतराल फिर भी गेट नहीं खुला जाम में फसे लोगो ने जताया विरोध, कहा- यह कैसी व्यवस्था? लोगों ने अपने वाहनों का हॉर्न बजाकर किया विरोध बता दें कि गर्मी के सीजन में कोटगेट-सांखला फाटक पर छाया के लिए की जाती है टैंट की व्यवस्था, लेकिन इस बार अभी नहीं जागा प्रशासन भीषण गर्मी में लोग घंटों फसे रहते है जाम में #bikanernews #news #bikaner #वायरल1
- 18 अप्रैल से 31 मई तक भीषण गर्मी का अलर्ट: राजस्थान में पारा 45 डिग्री पार, 55 डिग्री की अफवाह पर IMD की सफाई बाड़मेर, 19 अप्रैल 2026: भारतीय मौसम विभाग IMD ने 18 अप्रैल से शुरू होकर मई के अंत तक देश के कई हिस्सों में भीषण हीटवेव की चेतावनी जारी की है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत 7 राज्यों में अगले 4 दिन तक लू का प्रकोप रहेगा। क्या है IMD का अलर्ट 18 से 21 अप्रैल: मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में लगातार हीटवेव। तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका। राजस्थान का हाल: 18 अप्रैल को हल्की बारिश और आंधी से 2 डिग्री की गिरावट, लेकिन 19 अप्रैल से पारा फिर 2 से 3 डिग्री बढ़ेगा। पश्चिमी राजस्थान में तापमान 43 डिग्री तक जा सकता है। सबसे गर्म इलाका: पिछले 24 घंटे में यूपी के बांदा में 44.4 डिग्री दर्ज, जो देश में सबसे ज्यादा है। बाड़मेर में अगले 10 दिन का हाल मौसम विभाग के अनुसार बाड़मेर में तापमान लगातार बढ़ेगा। 26 और 27 अप्रैल को पारा 108 फारेनहाइट यानी 42.2 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा। पूरे हफ्ते UV Index 11 Extreme रहेगा। दोपहर में धूप में निकलना खतरनाक हो सकता है। 55 डिग्री वाली खबर कितनी सच सोशल मीडिया पर 18 अप्रैल से 31 मई तक 55 डिग्री का मैसेज वायरल है। IMD ने साफ किया है कि अभी 55 डिग्री की कोई आधिकारिक चेतावनी नहीं है। हालांकि मई के अंत में फलोदी, चूरू, बाड़मेर जैसे इलाकों में पारा 45 से 47 डिग्री तक जा सकता है। IMD की सलाह: लू से ऐसे बचें दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से बाहर न निकलें ज्यादा पानी पिएं, ORS घोल रखें हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, सिर ढककर रखें बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें मौसम विभाग ने कहा है कि 21 अप्रैल के बाद पश्चिमी विक्षोभ से दिल्ली और यूपी में हल्की बारिश हो सकती है, जिससे थोड़ी राहत मिलेगी। लेकिन राजस्थान में फिलहाल गर्मी से राहत के आसार कम हैं। रिपोर्टर: मौसम डेस्क और कोई स्टाइल चाहिए तो बता देना।1
- Post by Sakir Husen1983 news reporter 88246157231
- पुरुष पुलिसकर्मियों की कार्रवाई पर उठे सवाल, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल अंबेडकरनगर, 19 अप्रैल 2026 उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले के जलालपुर क्षेत्र में रविवार को उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के चेहरे पर कालिख पोतने की घटना के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही सैकड़ों महिलाएं मौके पर एकत्र हो गईं और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगीं। स्थिति बिगड़ते देख मौके पर पहुंचे एसडीएम और तहसीलदार ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, परंतु बात नहीं बनी। *लाठीचार्ज में कई महिलाएं घायल* प्रशासन का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया, जिसमें एक महिला कांस्टेबल घायल हो गई। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। भगदड़ के दौरान कई महिलाओं को पुलिस के डंडों का सामना करना पड़ा। *कार्रवाई में पुरुष पुलिसकर्मी भी शामिल* घटना का सबसे विवादित पहलू यह रहा कि महिलाओं पर लाठीचार्ज करने वालों में पुरुष पुलिसकर्मी भी शामिल थे। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदर्शन के दौरान तहसीलदार के वाहन पर भी हमले की सूचना है। *प्रशासन ने दिए जांच के आदेश* जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।" फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।1
- भारत म्हारो देश.. बिकाणों सिरमोर आंख रौ तारो है मनडे रे तपते धोरां माइ बरसे ठंडो पाणी रे। आखातीज ने पेज लड़ाया, लड़ग्या पेज अपार रे। म्हारो बीकाणो मां करणी रौ धाम। बीकाणे शहर री शान राष्ट्रीय कवि चौपाल की 564 वीं कड़ी *बीकाणा स्थापना दिवस* एवं *अक्षय तृतीया उत्सव* को समर्पित रही आज के कार्यक्रम अध्यक्ष श्री बी एल नवीन, मुख्य अतिथि में मनोज नायाब, सरदार अली परिहार एवं कृष्णा वर्मा आदि मंच सुशोभित हूए कार्यक्रम शुभारम्भ करते हुए रामेश्वर साधक ने स्व बौद्धिक में कहा कि बीकाणा स्थापना दिवस पर हमें साहित्य संस्कृति को अक्षय बनाने में तत्पर रहना ही कर्तव्यनिष्ठा का परिचायक है कार्यक्रम अध्यक्ष चौपाल के संस्थापक सदस्य श्री बी एल नवीन ने बीकाणा स्थापना दिवस एवं अक्षय तृतीया बधाई एवं शुभकामनाएं दी, साथ ही साथ में साहित्य - संस्कृति को आत्मसात करने आह्वान किया मुख्य अतिथि में असम से पधारे मनोज नायाब ने अपने वक्तव्य में कहा, मनडे रे तपते धोरां माइ बरसे ठंडो पाणी रे। घणों हिये ने हरसावे है म्हारे राजस्थान री वाणी रे ।,... सरदार अली परिहार ने वर्तमान नेता व भ्रष्टाचार पर काव्य माध्यम से उभा डाकी सबड़का सररररर सप.. गहरा व्यंग्य कसते हुए करारा प्रहार किया, इससे पूर्व मां सरस्वती की प्रार्थना करने के बाद हुए कृष्णा वर्मा ने काव्य धारा में बीकाणा शहर पर.. म्हारो बीकाणो मां करणी रौ धाम। बीकाणे शहर री शान जठे बिराजे नगर शेठ बीकाणा महान्.. शानदार रचना सुनाई शिव दाधीच बीकानेरी जहां त्याग समर्पण अपनापन, धोरां की धरती है प्यारी, जज्बा, जोश जुनून में और जीने की अभिलाषा,.. बाबू बमचकरी : आखातीज ने पेज लड़ाया, लड़ग्या पेज अपार रे। कने उभा समझ ना पाया, समझी ना घर नार रे।.. लीलाधर सोनी : भारत म्हारो देश, बिकाणों सिरमोर आंख रौ तारो है कैलाश दान चारण : पांच तत्व रा बणिया पिंजरा, भीतर.. राजकुमार ग्रोवर : अपना मजहब हर एक को लगता प्यारा, पर मजहब से इंसान बड़ा है, कोई भी मजहब,...डॉ कृष्ण लाल विश्नोई : आ धरती है बिकाणे री, राठोडा़ खास ठिकाणे री, कांधल रै ताणे बाणे री, बीके रै राज घराणे थी,... ओजस्वी कविता सुनाकर श्रोताओं का मन मोह लिया सिराजुद्दीन भुट्टा उपरोक्त प्रस्तुतियों से पहले संगीत सत्र में बी एल नवीन ने ओ दुनिया के रखवाले सुन दर्द भरे मेरे नाले...राधा किशन सोनी ने पूछो न कैसे मैंने रैन बिताई,.. तथा पवन चड्ढ़ा ने एक था गुल और एक थी बुलबुल आज के कार्यक्रम में 16 प्रस्तुतियां रही , लेकिन आज के रस भरे कार्यक्रम विशिष्ट श्रोताओं ने आनन्द लिया जिनमें घनश्याम सौलंकी, भवानी सिंह, साकिर हुसैन, किशनलाल सरदाना, मेघराज, महबूब अली, नत्थू खां, आदि कई गणमान्य साहित्यानुरागी उपस्थित रहे कार्यक्रम संचालन चुटिले अंदाज में बाबू बमचकरी ने किया जबकि आभार व्यक्त किया सूचना संवाहक रामेश्वर साधक जय साहित्य जय साहित्यकार1
- नेपाल के मुस्तांग क्षेत्र में कथित यूरेनियम भंडार को लेकर इन दिनों नई भू-राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। यह इलाका की सीमा के बेहद करीब बताया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि नेपाल के कई पूर्व मंत्रियों ने ऐसे किसी भी आधिकारिक समझौते से इनकार किया है, लेकिन ‘पैक्स सिलिका’ जैसे कथित गठबंधन और गोपनीय दस्तावेजों की चर्चाओं ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। जानकारी के अनुसार, मुस्तांग में यूरेनियम का भंडार करीब 10 किमी लंबा और 3 किमी चौड़ा बताया जा रहा है। इसे ‘मीडियम ग्रेड’ का माना जा रहा है, जो परमाणु ऊर्जा और रणनीतिक उपयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल के पास फिलहाल इस संसाधन को निकालने की तकनीक और निवेश की कमी है, ऐसे में बाहरी देशों की दिलचस्पी स्वाभाविक मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि पहले से ही के जरिए नेपाल में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुका है। अब चर्चा है कि उसकी नजर इस रणनीतिक खनिज पर भी है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ‘पैक्स सिलिका’ नामक कथित गठबंधन को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह गठबंधन चीन के खनिज वर्चस्व को चुनौती देने के उद्देश्य से बनाया गया हो सकता है, लेकिन नेपाल सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से ऐसे किसी समझौते की जानकारी होने से इनकार किया है। इस पूरे घटनाक्रम ने और चीन दोनों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। नेपाल लंबे समय से इन दोनों देशों के बीच एक संतुलनकारी ‘बफर स्टेट’ की भूमिका निभाता रहा है, लेकिन यूरेनियम जैसे संवेदनशील संसाधन को लेकर बढ़ती अंतरराष्ट्रीय दिलचस्पी इस संतुलन को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यह मामला सिर्फ खनिज तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की तकनीक, ऊर्जा और डेटा नियंत्रण से भी जुड़ा हो सकता है। ऐसे में नेपाल सरकार के आगामी कदमों पर पूरे क्षेत्र की नजर बनी हुई है।1