जमुनियाटांड में 97 एकड़ जमीन पर भारी बवाल ग्रामीणों का आरोप जबरन कब्जे की कोशिश कंपनी बोली1949 से मालिकाना हक, मुआवजे के लिए करा रहे थे नापी जमुनियाटांड में 97 एकड़ जमीन पर भारी बवाल ग्रामीणों का आरोप जबरन कब्जे की कोशिश कंपनी बोली1949 से मालिकाना हक, मुआवजे के लिए करा रहे थे नापी प्रखण्ड मुख्यालय तिसरी सकसहरिया स्थित माइका कंपनी के सोटरिंग गोदाम के पीछे जमुनियाटांड मौजा में 97 एकड़ जमीन की नापी और घेराबंदी को लेकर गुरुवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। एक तरफ जहां स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों ने भूमाफिया पर जमीन हड़पने का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी तरफ सकसहरिया माइका कंपनी ने अपने सभी कानूनी कागजात सार्वजनिक करते हुए पूरे मामले को स्थानीय भूमाफियाओं की साजिश बताया है। बिना सूचना पिलर गाड़ रहे थे अमीन, उग्र विरोध के बाद भागे :ग्रामीण ग्रामीणों के अनुसार, एक निजी अमीन के साथ पहुंचे कुछ लोग सीमेंटेड पिलर गाड़कर जमीन को चिह्नित करने की कोशिश कर रहे थे। इसकी भनक मिलते ही दर्जनों आदिवासी पुरुष व महिलाएं पारंपरिक हथियारों तीर धनुष, कुल्हाड़ी, फरसा और लाठी-डंडों से लैस होकर मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप है कि आसपास के 27 प्लॉटों पर रह रहे दीपक समेत अन्य रैयतों को बिना कोई पूर्व सूचना दिए नापी कराई जा रही थी। पुलिस के पहुंचने पर ग्रामीणों ने अतिक्रमण बंद करो और सकसहरिया कंपनी होश में आओ के नारे लगाए। विरोध का नेतृत्व मुख्य रूप से मनोज मुर्मू, किशन सोरेन, अजय मुर्मू, आँशु दास, संजय मुर्मू, संजय हेम्ब्रम, बैजन किशकु और दीना सोरेन कर रहे थे। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना सहमति दोबारा प्रयास हुआ तो कड़ा आंदोलन होगा। 1949 की वैध सेल डीड, मुआवजा पाने के लिए हो रही थी सीमांकन नापी :एडवाइजर दूसरी ओर, सकसहरिया माइका कंपनी के लीगल एडवाइजर धीरज कुमार ने कंपनी का पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी पूरी तरह कानून का पालन करने वाली संस्था है। कंपनी ने वर्ष 1949 में मुरारी माइका कंपनी से प्रॉपर सेल डीड के माध्यम से 97 एकड़ जमीन खरीदी थी। वर्ष 2024 तक की मालगुजारी रसीद कंपनी के नाम से निर्गत है और नियमित टैक्स भरा गया है। जब खदान चालू थी, तब ग्रामीणों को रोजगार भी दिया जाता था। 97 एकड़ में से करीब 22 एकड़ जमीन वन विभाग के अधिग्रहण में चली गई है, जिसका मुआवजा अब तक कंपनी को नहीं मिला है। उसी मुआवजे के दावे हेतु जमीन का सही सीमांकन किया जा रहा था। लीगल एडवाइजर ने कहा कि चूंकि कंपनी का मैनेजमेंट मुंबई से चलता है, इसलिए तिसरी के कुछ स्थानीय भूमाफिया ग्रामीणों को भड़काकर उपद्रव करवा रहे हैं ताकि कंपनी की संपत्ति पर कब्जा जमाया जा सके। कंपनी इस पूरे मामले की कानूनी लड़ाई लड़ेगी। पुलिस पहुच कर मामला कराया शांत अन्यथा हो सकती थी अनहोनी तिसरी थाना के एएसआई कोलेश्वर राम विवादित स्थल पहुच कर ग्रामीणों को शांत कराया । उन्होंने कहा सूचना पर पहुच कर मामला शांत कराया गया है ताकि अनहोनी नही हो ।अब तक दोनो पक्षो में किसी ने भी थाना में आवेदन नही दिया है ।आवेदन के उपरांत अग्रेतर कानूनी कार्रवाई किया जाएगा ।
जमुनियाटांड में 97 एकड़ जमीन पर भारी बवाल ग्रामीणों का आरोप जबरन कब्जे की कोशिश कंपनी बोली1949 से मालिकाना हक, मुआवजे के लिए करा रहे थे नापी जमुनियाटांड में 97 एकड़ जमीन पर भारी बवाल ग्रामीणों का आरोप जबरन कब्जे की कोशिश कंपनी बोली1949 से मालिकाना हक, मुआवजे के लिए करा रहे थे नापी प्रखण्ड मुख्यालय तिसरी सकसहरिया स्थित माइका कंपनी के सोटरिंग गोदाम के पीछे जमुनियाटांड मौजा में 97 एकड़ जमीन की नापी और घेराबंदी को लेकर गुरुवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। एक तरफ जहां स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों ने भूमाफिया पर जमीन हड़पने का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी तरफ सकसहरिया माइका कंपनी ने अपने सभी कानूनी कागजात सार्वजनिक करते हुए पूरे मामले को स्थानीय भूमाफियाओं की साजिश बताया है। बिना सूचना पिलर गाड़ रहे थे अमीन, उग्र विरोध के बाद भागे :ग्रामीण ग्रामीणों के अनुसार, एक निजी अमीन के साथ पहुंचे कुछ लोग सीमेंटेड पिलर गाड़कर जमीन को चिह्नित करने की कोशिश कर रहे थे। इसकी भनक मिलते ही दर्जनों आदिवासी पुरुष व महिलाएं पारंपरिक
हथियारों तीर धनुष, कुल्हाड़ी, फरसा और लाठी-डंडों से लैस होकर मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप है कि आसपास के 27 प्लॉटों पर रह रहे दीपक समेत अन्य रैयतों को बिना कोई पूर्व सूचना दिए नापी कराई जा रही थी। पुलिस के पहुंचने पर ग्रामीणों ने अतिक्रमण बंद करो और सकसहरिया कंपनी होश में आओ के नारे लगाए। विरोध का नेतृत्व मुख्य रूप से मनोज मुर्मू, किशन सोरेन, अजय मुर्मू, आँशु दास, संजय मुर्मू, संजय हेम्ब्रम, बैजन किशकु और दीना सोरेन कर रहे थे। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना सहमति दोबारा प्रयास हुआ तो कड़ा आंदोलन होगा। 1949 की वैध सेल डीड, मुआवजा पाने के लिए हो रही थी सीमांकन नापी :एडवाइजर दूसरी ओर, सकसहरिया माइका कंपनी के लीगल एडवाइजर धीरज कुमार ने कंपनी का पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी पूरी तरह कानून का पालन करने वाली संस्था है। कंपनी ने वर्ष 1949 में मुरारी माइका कंपनी से प्रॉपर सेल डीड के माध्यम से 97 एकड़ जमीन खरीदी थी। वर्ष 2024
तक की मालगुजारी रसीद कंपनी के नाम से निर्गत है और नियमित टैक्स भरा गया है। जब खदान चालू थी, तब ग्रामीणों को रोजगार भी दिया जाता था। 97 एकड़ में से करीब 22 एकड़ जमीन वन विभाग के अधिग्रहण में चली गई है, जिसका मुआवजा अब तक कंपनी को नहीं मिला है। उसी मुआवजे के दावे हेतु जमीन का सही सीमांकन किया जा रहा था। लीगल एडवाइजर ने कहा कि चूंकि कंपनी का मैनेजमेंट मुंबई से चलता है, इसलिए तिसरी के कुछ स्थानीय भूमाफिया ग्रामीणों को भड़काकर उपद्रव करवा रहे हैं ताकि कंपनी की संपत्ति पर कब्जा जमाया जा सके। कंपनी इस पूरे मामले की कानूनी लड़ाई लड़ेगी। पुलिस पहुच कर मामला कराया शांत अन्यथा हो सकती थी अनहोनी तिसरी थाना के एएसआई कोलेश्वर राम विवादित स्थल पहुच कर ग्रामीणों को शांत कराया । उन्होंने कहा सूचना पर पहुच कर मामला शांत कराया गया है ताकि अनहोनी नही हो ।अब तक दोनो पक्षो में किसी ने भी थाना में आवेदन नही दिया है ।आवेदन के उपरांत अग्रेतर कानूनी कार्रवाई किया जाएगा ।
- जमुई में बनेगा नया पर्यटन हब! परासी में Adventure और Boating की तैयारी, DM नवीन ने किया निरीक्षण... जमुई के खैरा प्रखंड की अरुणमाबांक पंचायत स्थित परासी में पर्यटन स्थल विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गुरुवार को जिलाधिकारी नवीन कुमार ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर यहां पर्यटन विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। डीएम ने कहा कि परासी क्षेत्र में एडवेंचर, मनोरंजन और प्राकृतिक पर्यटन की पर्याप्त संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन को केवल धार्मिक स्थलों के दर्शन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि पर्यटकों के लिए एक संपूर्ण Tourism Package तैयार करने की जरूरत है। परासी में मौजूद बड़े जलाशय में बोटिंग जैसी गतिविधियां विकसित करने की संभावना पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही आसपास स्थित गिद्धेश्वर मंदिर और लछुआड़ मंदिर को भी पर्यटन सर्किट से जोड़ने पर जोर दिया गया। प्रशासन का मानना है कि इस तरह का एकीकृत पर्यटन मॉडल विकसित होने से जमुई में बाहरी पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार, व्यवसाय और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। 📌 मुख्य खबर: परासी में पर्यटन विकास, Boating और Adventure Activities की संभावनाएं क्या परासी जमुई का नया Tourist Destination बन सकता है? अपनी राय कमेंट में बताएं। जमुई और बिहार की हर बड़ी खबर के लिए City Channel जमुई को Subscribe करें। 👍 Like | 🔄 Share | 💬 Comment 🔔 ताजा स्थानीय खबरों के लिए चैनल को Subscribe जरूर करें।1
- जमुई पुलिस ने अवैध हथियार और कारतूस के साथ चार लोगों को किया गिरफ्तार1
- जोगीडीह में कीड़े लगी चना दाल के वितरण का आरोप, लाभुकों में आक्रोश सतगावां। सतगावां प्रखंड के ईटाय पंचायत अंतर्गत ग्राम जोगीडीह में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान से कथित रूप से खराब एवं कीड़े लगी चना दाल के वितरण का मामला सामने आया है। दाल में कीड़े मिलने और कुछ पैकेटों में दाल के पाउडर जैसी स्थिति में होने का आरोप लगाते हुए लाभुकों ने नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जोगीडीह स्थित पीडीएस दुकान की संचालक राजकुमारी देवी (लाइसेंस संख्या 06/2001) द्वारा लाभुकों के बीच ऐसी चना दाल वितरित की गई, जिसमें कथित रूप से कीड़े पाए गए हैं। लाभुकों का कहना है कि कुछ दाल खराब होकर पाउडर जैसी हो गई है, जिससे खाद्यान्न की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लाभुकों ने आरोप लगाया कि दाल लेने को लेकर उन पर दबाव बनाया गया। कुछ लोगों का दावा है कि दाल नहीं लेने पर चावल नहीं देने की बात कही गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, सतगावां प्रखंड के अन्य क्षेत्रों में भी चना दाल की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। राजावर क्षेत्र की पीडीएस दुकान पर भी कथित रूप से खराब दाल दिए जाने की शिकायत की गई है। ऐसे में ग्रामीणों ने पूरे प्रखंड में वितरित की जा रही चना दाल के स्टॉक और गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। लाभुकों का कहना है कि सरकार द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को जन वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में यदि खाद्यान्न की गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो यह गंभीर मामला है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से दाल के नमूने की जांच कराने तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कोडरमा जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मामले की तत्काल जांच कराने, खराब पाए जाने वाले खाद्यान्न के वितरण पर रोक लगाने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, दाल में कीड़े होने, उसके खराब होने तथा स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव से संबंधित आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। खाद्य सामग्री के नमूने की जांच और संबंधित विभाग की रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जोगीडीह में कीड़े लगी चना दाल के वितरण का आरोप, लाभुकों में आक्रोश सतगावां। सतगावां प्रखंड के ईटाय पंचायत अंतर्गत ग्राम जोगीडीह में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान से कथित रूप से खराब एवं कीड़े लगी चना दाल के वितरण का मामला सामने आया है। दाल में कीड़े मिलने और कुछ पैकेटों में दाल के पाउडर जैसी स्थिति में होने का आरोप लगाते हुए लाभुकों ने नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जोगीडीह स्थित पीडीएस दुकान की संचालक राजकुमारी देवी (लाइसेंस संख्या 06/2001) द्वारा लाभुकों के बीच ऐसी चना दाल वितरित की गई, जिसमें कथित रूप से कीड़े पाए गए हैं। लाभुकों का कहना है कि कुछ दाल खराब होकर पाउडर जैसी हो गई है, जिससे खाद्यान्न की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लाभुकों ने आरोप लगाया कि दाल लेने को लेकर उन पर दबाव बनाया गया। कुछ लोगों का दावा है कि दाल नहीं लेने पर चावल नहीं देने की बात कही गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, सतगावां प्रखंड के अन्य क्षेत्रों में भी चना दाल की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। राजावर क्षेत्र की पीडीएस दुकान पर भी कथित रूप से खराब दाल दिए जाने की शिकायत की गई है। ऐसे में ग्रामीणों ने पूरे प्रखंड में वितरित की जा रही चना दाल के स्टॉक और गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। लाभुकों का कहना है कि सरकार द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को जन वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में यदि खाद्यान्न की गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो यह गंभीर मामला है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से दाल के नमूने की जांच कराने तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कोडरमा जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मामले की तत्काल जांच कराने, खराब पाए जाने वाले खाद्यान्न के वितरण पर रोक लगाने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, दाल में कीड़े होने, उसके खराब होने तथा स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव से संबंधित आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। खाद्य सामग्री के नमूने की जांच और संबंधित विभाग की रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।4
- बिहार दिनभर: छात्रों के समर्थन में RJD का प्रदर्शन, पिता ने की बेटे की ह-त्-या, 17 जिलों में बारिश का अलर्ट..... बिहार की आज की 10 बड़ी खबरें एक ही वीडियो में। छात्रों के मुद्दे को लेकर RJD ने पटना में प्रदर्शन किया। रिपोर्टों के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजभवन मार्च किया गया और पुलिस ने कार्रवाई भी की। � Navbharat Times +1 इसके अलावा पिता द्वारा बेटे की हत्या की सनसनीखेज खबर और बिहार के 17 जिलों में बारिश के अलर्ट समेत प्रदेश की राजनीति, अपराध, मौसम और प्रशासन से जुड़ी कई बड़ी खबरें इस बुलेटिन में शामिल हैं। 🔴 आज की प्रमुख खबरें: • छात्रों के समर्थन में RJD का प्रदर्शन • तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजभवन मार्च • प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई • पिता ने की बेटे की हत्या • बिहार के 17 जिलों में बारिश का अलर्ट • मौसम और बारिश से जुड़ी बड़ी अपडेट • बिहार की राजनीति की ताजा खबरें • अपराध और पुलिस कार्रवाई की खबरें • प्रशासनिक गतिविधियों के प्रमुख अपडेट • बिहार की अन्य बड़ी और महत्वपूर्ण खबरें 📍 Bihar Dinbhar | बिहार की 10 बड़ी खबरें जमुई और बिहार की हर बड़ी खबर के लिए City Channel Jamui को Subscribe करें। 👍 Like | 🔄 Share | 💬 Comment 🔔 ताजा खबरों के लिए चैनल को Subscribe जरूर करें।1
- रामगढ़ चौक से संत रविदास जयंती पर निकाली गई भाव कलश रथ यात्रा1
- बगोदर के अटका के खेतों में फिर नजर आए गजराज, फसलों को फिर किया बर्बाद बगोदर थाना क्षेत्र के अटका अतीत लच्छीबागी में हाथियों मा कहर लगातार जारी है, एक बार फिर गुरुवार की शाम हाथियों का दल खेतों में धान की फसल को चट करते हुए दिखाया1
- अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्र पर प्रशासन की कार्रवाई, स्टार अल्ट्रासाउंड सील कोडरमा। पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) अधिनियम के प्रभावी अनुपालन एवं अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों के विरुद्ध कार्रवाई के क्रम में बुधवार को कोडरमा जिले के सतगावां थाना क्षेत्र अंतर्गत बासोडीह में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ‘स्टार अल्ट्रासाउंड’ केंद्र पर छापेमारी की। कार्रवाई सिविल सर्जन अनिल कुमार के नेतृत्व में की गई। जांच के दौरान टीम को केंद्र पर अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं मिली। वहीं, मौके से लैपटॉप, कंप्यूटर, रजिस्टर, पेन ड्राइव समेत कई दस्तावेज बरामद कर जब्त किए गए। जांच में केंद्र के संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों एवं वैधानिक प्रावधानों की भी पड़ताल की गई। केंद्र के संचालन में अनियमितता पाए जाने के बाद प्रशासन ने नियमानुसार केंद्र को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान केंद्र के संचालक अजीत कुमार एवं सलाउद्दीन शाह को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया गया। छापेमारी से पहले ही अल्ट्रासाउंड मशीन हटाए जाने को लेकर टीम के स्तर पर छापेमारी की सूचना लीक होने की आशंका जताई गई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कार्रवाई में सतगावां के बीडीओ मनोज कुमार रवि, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुरेश राम, एसआई अरविंद सिंह सहित पुलिस बल मौजूद रहा। जिला स्तरीय टीम में सिविल सर्जन के अलावा सहायक नोडल पदाधिकारी, PCPNDT, DPM एवं DDM शामिल थे। वहीं स्थानीय स्तर पर बीडीओ, MOIC एवं BPM का आवश्यक समन्वय एवं सहयोग प्राप्त हुआ। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि PCPNDT अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों तथा भ्रूण लिंग जांच जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ आगे भी नियमित जांच एवं सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्र पर प्रशासन की कार्रवाई, स्टार अल्ट्रासाउंड सील कोडरमा। पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) अधिनियम के प्रभावी अनुपालन एवं अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों के विरुद्ध कार्रवाई के क्रम में बुधवार को कोडरमा जिले के सतगावां थाना क्षेत्र अंतर्गत बासोडीह में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ‘स्टार अल्ट्रासाउंड’ केंद्र पर छापेमारी की। कार्रवाई सिविल सर्जन अनिल कुमार के नेतृत्व में की गई। जांच के दौरान टीम को केंद्र पर अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं मिली। वहीं, मौके से लैपटॉप, कंप्यूटर, रजिस्टर, पेन ड्राइव समेत कई दस्तावेज बरामद कर जब्त किए गए। जांच में केंद्र के संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों एवं वैधानिक प्रावधानों की भी पड़ताल की गई। केंद्र के संचालन में अनियमितता पाए जाने के बाद प्रशासन ने नियमानुसार केंद्र को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान केंद्र के संचालक अजीत कुमार एवं सलाउद्दीन शाह को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया गया। छापेमारी से पहले ही अल्ट्रासाउंड मशीन हटाए जाने को लेकर टीम के स्तर पर छापेमारी की सूचना लीक होने की आशंका जताई गई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कार्रवाई में सतगावां के बीडीओ मनोज कुमार रवि, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुरेश राम, एसआई अरविंद सिंह सहित पुलिस बल मौजूद रहा। जिला स्तरीय टीम में सिविल सर्जन के अलावा सहायक नोडल पदाधिकारी, PCPNDT, DPM एवं DDM शामिल थे। वहीं स्थानीय स्तर पर बीडीओ, MOIC एवं BPM का आवश्यक समन्वय एवं सहयोग प्राप्त हुआ। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि PCPNDT अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों तथा भ्रूण लिंग जांच जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ आगे भी नियमित जांच एवं सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।4
- बगोदर के अटका में लगातार जारी है हाथियों का कहर, लाखों की क्षति का दावा; वन विभाग के प्रति आक्रोश: * एनएच-19 जाम की चेतावनी* बगोदर : बगोदर प्रखंड के अटका पूर्वी स्थित लच्छीबागी में जंगली हाथियों का तांडव चौथी रात भी जारी रहा। करीब 29 हाथियों के झुंड ने बुधवार रात जमकर तबाही मचाई। तैयार गन्ना-मकई की फसलों के साथ हाथियों ने एक होटल और पॉल्ट्री फार्म को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। होटल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और फार्म को नुकसान पहुंचने से करीब दो हजार मुर्गियां रातों-रात भाग गईं। हाथियों ने खेतों की चारदीवारी, मोटर पंप और ड्रिप इरिगेशन सिस्टम को भी तोड़ दिया। बादाम, मिर्च, भिंडी, खीरा, धनिया, मूली और धान समेत करीब एक किलोमीटर के दायरे में लगी फसलें रौंदकर बर्बाद कर दी गईं। किसानों का दावा है कि चार दिनों में 100 से अधिक किसानों के लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। वन विभाग की टीम ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों को खदेड़ती है, लेकिन झुंड दोबारा लौटकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। हाथियों के लगातार उत्पात से किसानों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। ग्रामीण हाथियों को स्थायी रूप से क्षेत्र से हटाने और क्षतिपूर्ति का मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन और जरूरत पड़ने पर एनएच-19 जाम करने की चेतावनी दी गई है।1
- प्राकृतिक विधि से तैयार देसी बैंगन की पौध का खेत में उचित दूरी और नमी के साथ रोपाई कार्य जारी है। प्राकृतिक विधि से तैयार देसी बैंगन की पौध का खेत में उचित दूरी और नमी के साथ रोपाई कार्य जारी है।1