झांसी में सुस्त पड़ी विकास परियोजनाओं पर डीएम सख्त, एक दर्जन अफसरों को चेतावनी झांसी में सुस्त पड़ी विकास परियोजनाओं पर डीएम सख्त, एक दर्जन अफसरों को चेतावनी झांसी। जिले में निर्माणाधीन विकास परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कड़ी नाराजगी जताई है। विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य अनुबंध में तय समयसीमा में और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। डीएम ने बैठक में करीब एक दर्जन अधिकारियों को चेतावनी दी। साथ ही 57 कार्यों की सत्यापन रिपोर्ट फोटो सहित एक सप्ताह के भीतर डीएसटीओ कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए। तीन श्रेणियों में हुई समीक्षा परियोजनाओं को ग्रीन, येलो और रेड कैटेगरी में बांटकर समीक्षा की गई। रेड कैटेगरी में शामिल धीमी गति वाली परियोजनाओं पर विशेष निगरानी रखने और डीएम द्वारा स्वयं औचक निरीक्षण करने की बात कही गई। मेडिकल कॉलेज और डायट हॉस्टल पर नाराजगी मेडिकल कॉलेज में 29 टाइप-4 आवासों के जीर्णोद्धार का कार्य सिर्फ 50% होने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए तेजी लाने को कहा। वहीं डायट गर्ल्स हॉस्टल का काम महज 10% पूरा होने पर कार्यदायी संस्था को अतिरिक्त संसाधन लगाकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। पेयजल और सड़क परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में मऊरानीपुर, चिरगांव पेयजल परियोजना, झांसी वाटर सप्लाई स्कीम फेस-2 और 11.250 किमी लंबे झांसी-गंगावली संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण कार्य की भी समीक्षा हुई। लगभग 14 करोड़ की लागत से बन रहे वीरांगना झलकारी बाई राजकीय महिला पॉलिटेक्निक का डीएम स्वयं निरीक्षण करेंगे। बजट की कमी से प्रभावित परियोजनाओं के लिए शासन को पत्र भेजकर धनराशि की मांग करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सीडीओ रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड सहित पीडब्ल्यूडी, आरईएस, डीएसटीओ, पर्यटन, पशुपालन, कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
झांसी में सुस्त पड़ी विकास परियोजनाओं पर डीएम सख्त, एक दर्जन अफसरों को चेतावनी झांसी में सुस्त पड़ी विकास परियोजनाओं पर डीएम सख्त, एक दर्जन अफसरों को चेतावनी झांसी। जिले में निर्माणाधीन विकास परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कड़ी नाराजगी जताई है। विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य अनुबंध में तय समयसीमा में और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। डीएम ने बैठक में करीब एक दर्जन अधिकारियों को चेतावनी दी। साथ ही 57 कार्यों की सत्यापन रिपोर्ट फोटो सहित एक सप्ताह के भीतर डीएसटीओ कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए। तीन श्रेणियों में हुई समीक्षा परियोजनाओं को ग्रीन, येलो और रेड कैटेगरी में बांटकर समीक्षा की गई। रेड कैटेगरी में शामिल धीमी गति वाली परियोजनाओं पर विशेष निगरानी रखने और डीएम द्वारा स्वयं औचक निरीक्षण करने की बात कही गई। मेडिकल कॉलेज और डायट हॉस्टल पर नाराजगी मेडिकल कॉलेज में 29 टाइप-4 आवासों के जीर्णोद्धार का कार्य सिर्फ 50% होने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए तेजी लाने को कहा। वहीं डायट गर्ल्स हॉस्टल का काम महज 10% पूरा होने पर कार्यदायी संस्था को अतिरिक्त संसाधन लगाकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। पेयजल और सड़क परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में मऊरानीपुर, चिरगांव पेयजल परियोजना, झांसी वाटर सप्लाई स्कीम फेस-2 और 11.250 किमी लंबे झांसी-गंगावली संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण कार्य की भी समीक्षा हुई। लगभग 14 करोड़ की लागत से बन रहे वीरांगना झलकारी बाई राजकीय महिला पॉलिटेक्निक का डीएम स्वयं निरीक्षण करेंगे। बजट की कमी से प्रभावित परियोजनाओं के लिए शासन को पत्र भेजकर धनराशि की मांग करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सीडीओ रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड सहित पीडब्ल्यूडी, आरईएस, डीएसटीओ, पर्यटन, पशुपालन, कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
- झांसी में बड़ा हादसा टला: नंदनपुरा के पास बिजली के खंभे से टकराई CLM इंटरनेशनल स्कूल की वैन, रोने लगे मासूम बच्चे झांसी में आज सुबह एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया। नंदनपुरा चौराहे के पास CLM इंटरनेशनल स्कूल की बच्चों से भरी एक वैन अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैन के अंदर बैठे मासूम बच्चे बुरी तरह घबरा गए और रोने लगे। घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने ड्राइवर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह कानों में ईयरफोन (लीड) लगाकर गाने सुन रहा था, जिसके कारण उसका ध्यान भटक गया और यह हादसा हुआ। हालांकि, ड्राइवर के ईयरफोन लगाने के इस दावे की अभी तक पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ी अनहोनी टल गई। लेकिन इस लापरवाही ने एक बार फिर स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और चालकों की मनमानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- झांसी के रेलवे स्टेशन वीरांगना जंक्शन पर ट्रेन महिला डिब्बे में पुरुषों दूरा सीटों पर ढलने से गुजर रही ट्रेन जीआरपी आरपीएफ की कार्रवाई पर सवालिया निशान2
- झांसी ।विवेक निरंजन स्मृति महोत्सव के अंतर्गत विवेक निरंजन मेमोरियल फाउंडेशन एवं विवेक निरंजन खेल अकादमी संयुक्त तत्वाधान में विवेक निरंजन महिला वॉलीबॉल टूर्नामेंट का आयोजन विवेक निरंजन वॉलीबॉल कोर्ट पर किया गया।1
- सीपरी ओवर ब्रिज के पास पड़े लावारिश बैग से निकल रहा था धुआं पुलिस मौके पर पहुंची, बैग खोलने पर निकला नाइट्रोजन गैस का सिलेंडर।1
- बहु व नाती ने किया मेरी मां पर जुल्म दतिया sp से बोला बेबस बेटा @datia @spdatia #datia #datiadilse #datia #datia #दतिया बहु व नाती ने किया मेरी मां पर जुल्म दतिया sp से बोला बेबस बेटा @datia @spdatia #datia #datiadilse #datia #datia #दतिया1
- ग्वालियर-झांसी हाईवे पर करीब 10 फीट लंबा अजगर, वाहन चालकों में दहशत दतिया के ग्वालियर-झांसी हाईवे पर अब्बास के ढाबे के सामने करीब 10 फीट लंबा अजगर बीच सड़क पर पहुंच गया। अजगर के सड़क पर होने से वाहन चालकों और राहगीरों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि समय रहते अजगर को नहीं पकड़ा गया तो वह किसी वाहन की चपेट में आकर घायल या मृत हो सकता है। वहीं, सड़क से हटने के बाद अजगर आसपास की कॉलोनी में घुसकर लोगों के लिए खतरा बन सकता है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से जल्द मौके पर पहुंचकर अजगर को सुरक्षित पकड़ने की मांग की है।1
- *सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस* *दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में बैठा रहा पति, डॉक्टरों ने दतिया रेफर किया तो एंबुलेंस के लिए तरसता रहा परिवार* सेवढ़ा/दतिया। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करे, लेकिन सेवढ़ा सिविल अस्पताल से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है। भगुआपुरा से पत्नी का इलाज कराने सेवढ़ा सिविल अस्पताल पहुंचे एक व्यक्ति का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाय महिला को दतिया रेफर करने की बात कही। इसके बाद जब दतिया ले जाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत पड़ी तो परिवार को घंटों इंतजार करना पड़ा।परिजन के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे से शाम 5 बजे तक वह अस्पताल में एंबुलेंस के इंतजार में बैठा रहा, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि मरीज को तत्काल उच्च उपचार की जरूरत थी तो समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? *डॉक्टर ने कहा रेफर करो, एंबुलेंस ने बढ़ाई परेशानी* परिजन का आरोप है कि महिला का उपचार सेवढ़ा में नहीं किया गया और उसे दतिया रेफर करने की बात कही गई। लेकिन रेफर किए जाने के बाद भी उसे समय पर अस्पताल से बाहर ले जाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। करीब पांच घंटे तक इंतजार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। *विधायक-सांसद की भूमिका पर भी उठे सवाल* सेवढ़ा विधानसभा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता आम मरीजों की समस्याओं के बजाय दूसरे विवादों (जुए)में नजर आती है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सिविल अस्पताल में इलाज और रेफरल की व्यवस्था है, तो गंभीर मरीज को समय पर एंबुलेंस क्यों नहीं मिली? क्या अस्पताल प्रबंधन के पास आपात स्थिति के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है? यदि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती और मरीज की हालत बिगड़ती है तो जवाबदेही किसकी होगी? मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।1
- निधि बैंक का लक्ष्य पूरा होने पर संदीप सरावगी का हुआ भव्य स्वागत एवं सम्मान झाँसी। महिला ग्राम विकास निधि बैंक द्वारा निर्धारित लक्ष्य पूरा होने की खुशी में बैंक परिसर में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी डॉ संदीप सरावगी का बैंक स्टाफ एवं पदाधिकारियों द्वारा स्वागत और सम्मान किया गया। समारोह के आयोजक युवा समाजसेवी आनंद सिंह चौहान रहे। कार्यक्रम में बैंक के ऑनर शकील अहमद, ब्रांच मैनेजर प्रेरणा श्रीवास्तव, बैंक मैनेजर रोशनी तथा फील्ड मैनेजर आनंद सिंह चौहान सहित पूरा स्टाफ मौजूद रहा। इस अवसर पर निधि, अंजली, सविता, राखी, हार्दिक, अमन, सरिता, सोनू भदौरिया एवं विशाल खटीक सहित बैंक के कर्मचारियों ने समारोह में सहभागिता की और डॉ. संदीप सरावगी का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान बैंक की टीम ने लक्ष्य प्राप्ति पर खुशी व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी तरह बेहतर कार्य करने का संकल्प लिया। समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।3