हजारीबाग समाहरणालय सभागार में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक तीखी बहसों, लापरवाह अधिकारियों को मिली कड़ी फटकार और राजनैतिक बयानों के बीच संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में हुई, जिसके बाद सांसद मनीष जायसवाल ने इसका संचालन किया। इस उच्च स्तरीय बैठक में सांसद मनीष जायसवाल, सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, बरही विधायक मनोज यादव, बरकट्ठा विधायक अमित यादव, बड़कागांव विधायक रोशनलाल चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो, बगोदर विधायक नागेंद्र महतो, उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, उप विकास आयुक्त रिया सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष उमेश मेहता और महापौर अरविंद राणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना था, लेकिन समीक्षा के दौरान सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग खुद बीमार है, जबकि पेयजल और बिजली विभाग पूरी तरह फिसड्डी साबित हुए हैं। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री और सांसद ने वर्तमान राज्य सरकार को 'बैसाखी पर टिकी', 'ट्रांसफर-पोस्टिंग के खेल में व्यस्त' और 'हर मोर्चे पर विफल' सरकार बताया। विकास योजनाओं की समीक्षा इतनी तीखी रही कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर मामलों पर कड़ा एक्शन लिया गया। सदस्यों की गंभीर शिकायतों के बाद विष्णुगढ़ अंचलाधिकारी (सीओ) के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हेतु आरोप पत्र गठित करने और तुरंत स्थानांतरण की मजबूत अनुशंसा करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसबीएमसीएच) की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उप विकास आयुक्त (डीडीसी) को अस्पताल का प्रशासक नियुक्त किया गया। उन्हें एक माह के भीतर ठोस कार्ययोजना तैयार करने, अस्पताल परिसर और डिलीवरी वार्ड की कमियों को दूर करने, डॉक्टरों व एएनएम की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने और पंखे, लाइट, कूलर एवं एयर कंडीशनर को आगामी 20 जून तक पूरी तरह क्रियाशील बनाने का सख्त निर्देश और अल्टीमेटम दिया गया है। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने हजारीबाग विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कई जनहित के मुद्दे आक्रामकता के साथ उठाए, जिसमें जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था, आईसीयू की खराब स्थिति, बिजली कटौती से तड़पते मरीजों की समस्या और पोस्टमार्टम हाउस की घोर अव्यवस्था शामिल थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को कटघरे में खड़ा करते हुए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की। विधायक ने शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती, भयंकर लो-वोल्टेज और इससे आम जनता, विद्यार्थियों, व्यापारियों व किसानों को हो रही भारी कठिनाइयों का मुद्दा मजबूती से रखा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधीन जर्जर सड़कों की मरम्मतीकरण, गर्मी के पेयजल संकट को दूर करने और बरसात से पहले जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु प्रभावी कार्ययोजना बनाने पर विशेष बल दिया, कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य, बिजली और बैंकिंग सेक्टर के अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के भारी विरोध और तीखी फटकार का सामना करना पड़ा। हद तो तब हो गई जब जिले के सिविल सर्जन और शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डिप्टी सुप्रिटेंडेंट बिना किसी सटीक आंकड़े और तैयारी के बैठक में पहुंच गए, जिस पर सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से ताली बजाकर उनकी इस घोर लापरवाही का अनोखे अंदाज में प्रतिकार किया और व्यवस्था सुधारने की हिदायत दी। बिजली विभाग के अधिकारियों ने जब हजारीबाग में 20 से 22 घंटे बिजली देने का 'हवाई दावा' किया, तो पूरे सदन ने एक स्वर में उनके 'सफेद झूठ' का कड़ा विरोध करते हुए उन्हें जमकर लताड़ लगाई। सांसद मनीष जायसवाल ने तंज कसा कि विभाग इतनी 'बेहतर' बिजली दे रहा है कि जनता त्रस्त है और लोहसिंघना फीडर में विभागीय लापरवाही के कारण सैकड़ों उपभोक्ताओं के महंगे एसी, कूलर और पंखे जल चुके हैं। सांसद मनीष जायसवाल ने आरईओ के कार्यपालक अभियंता की अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सड़कों के शिलान्यास और उद्घाटन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को मानसून से पूर्व सभी उपयोगिता सेवाओं और सर्विस लेन को दुरुस्त करने, कृषि विभाग को किसानों को वितरित बीजों का भौतिक सत्यापन प्रतिवेदन जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने तथा अंचलाधिकारियों को पैक्स भवनों के निर्माण हेतु त्वरित भूमि चिन्हित करने का निर्देश दिया। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को बरही एवं बरकट्ठा में जलापूर्ति योजनाओं की समस्याओं के समाधान, चौपारण में सार्वजनिक शौचालय निर्माण और कोणार डैम जलापूर्ति योजना के कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई। शिक्षा विभाग से प्राथमिक विद्यालय बेलापुर के भवन निर्माण में कथित अनियमितताओं की जांच और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की व्यवस्था सुधारने को कहा गया। अंत में, मुद्रा ऋण और सीडी रेशियो में वृद्धि में ढिलाई बरतने पर बैंक अधिकारियों को भी कड़ी फटकार लगाई गई, तथा सभी विभागों को केंद्र एवं राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पूरी तरह से पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से लागू करने की अंतिम चेतावनी दी गई।
हजारीबाग समाहरणालय सभागार में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक तीखी बहसों, लापरवाह अधिकारियों को मिली कड़ी फटकार और राजनैतिक बयानों के बीच संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में हुई, जिसके बाद सांसद मनीष जायसवाल ने इसका संचालन किया। इस उच्च स्तरीय बैठक में सांसद मनीष जायसवाल, सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, बरही विधायक मनोज यादव, बरकट्ठा विधायक अमित यादव, बड़कागांव विधायक रोशनलाल चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो, बगोदर विधायक नागेंद्र महतो, उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, उप विकास आयुक्त रिया सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष उमेश मेहता और महापौर अरविंद राणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना था, लेकिन समीक्षा के दौरान सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग खुद बीमार है, जबकि पेयजल और बिजली विभाग पूरी तरह फिसड्डी साबित हुए हैं। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री और सांसद ने वर्तमान राज्य सरकार को 'बैसाखी पर टिकी', 'ट्रांसफर-पोस्टिंग के खेल में व्यस्त' और 'हर मोर्चे पर विफल' सरकार बताया। विकास योजनाओं की समीक्षा इतनी तीखी रही कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर मामलों पर कड़ा एक्शन लिया गया। सदस्यों की गंभीर शिकायतों के बाद विष्णुगढ़ अंचलाधिकारी (सीओ) के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हेतु आरोप पत्र गठित करने और तुरंत स्थानांतरण की मजबूत अनुशंसा करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसबीएमसीएच) की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उप विकास आयुक्त (डीडीसी) को अस्पताल का प्रशासक नियुक्त किया गया। उन्हें एक माह के भीतर ठोस कार्ययोजना तैयार करने, अस्पताल परिसर और डिलीवरी वार्ड की कमियों को दूर करने, डॉक्टरों व एएनएम की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने और पंखे, लाइट, कूलर एवं एयर कंडीशनर को आगामी 20 जून तक पूरी तरह क्रियाशील बनाने का सख्त निर्देश और अल्टीमेटम दिया गया है। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने हजारीबाग विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कई जनहित के मुद्दे आक्रामकता के साथ उठाए, जिसमें जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था, आईसीयू की खराब स्थिति, बिजली कटौती से तड़पते मरीजों की समस्या और पोस्टमार्टम हाउस की घोर अव्यवस्था शामिल थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को कटघरे में खड़ा करते हुए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की। विधायक ने शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती, भयंकर लो-वोल्टेज और इससे आम जनता, विद्यार्थियों, व्यापारियों व किसानों को हो रही भारी कठिनाइयों का मुद्दा मजबूती से रखा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधीन जर्जर सड़कों की मरम्मतीकरण, गर्मी के पेयजल संकट को दूर करने और बरसात से पहले जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु प्रभावी कार्ययोजना बनाने पर विशेष बल दिया, कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य, बिजली और बैंकिंग सेक्टर के अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के भारी विरोध और तीखी फटकार का सामना करना पड़ा। हद तो तब हो गई जब जिले के सिविल सर्जन और शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डिप्टी सुप्रिटेंडेंट बिना किसी सटीक आंकड़े और तैयारी के बैठक में पहुंच गए, जिस पर सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से ताली बजाकर उनकी इस घोर लापरवाही का अनोखे अंदाज में प्रतिकार किया और व्यवस्था सुधारने की हिदायत दी। बिजली विभाग के अधिकारियों ने जब हजारीबाग में 20 से 22 घंटे बिजली देने का 'हवाई दावा' किया, तो पूरे सदन ने एक स्वर में उनके 'सफेद झूठ' का कड़ा विरोध करते हुए उन्हें जमकर लताड़ लगाई। सांसद मनीष जायसवाल ने तंज कसा कि विभाग इतनी 'बेहतर' बिजली दे रहा है कि जनता त्रस्त है और लोहसिंघना फीडर में विभागीय लापरवाही के कारण सैकड़ों उपभोक्ताओं के महंगे एसी, कूलर और पंखे जल चुके हैं। सांसद मनीष जायसवाल ने आरईओ के कार्यपालक अभियंता की अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सड़कों के शिलान्यास और उद्घाटन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को मानसून से पूर्व सभी उपयोगिता सेवाओं और सर्विस लेन को दुरुस्त करने, कृषि विभाग को किसानों को वितरित बीजों का भौतिक सत्यापन प्रतिवेदन जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने तथा अंचलाधिकारियों को पैक्स भवनों के निर्माण हेतु त्वरित भूमि चिन्हित करने का निर्देश दिया। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को बरही एवं बरकट्ठा में जलापूर्ति योजनाओं की समस्याओं के समाधान, चौपारण में सार्वजनिक शौचालय निर्माण और कोणार डैम जलापूर्ति योजना के कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई। शिक्षा विभाग से प्राथमिक विद्यालय बेलापुर के भवन निर्माण में कथित अनियमितताओं की जांच और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की व्यवस्था सुधारने को कहा गया। अंत में, मुद्रा ऋण और सीडी रेशियो में वृद्धि में ढिलाई बरतने पर बैंक अधिकारियों को भी कड़ी फटकार लगाई गई, तथा सभी विभागों को केंद्र एवं राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पूरी तरह से पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से लागू करने की अंतिम चेतावनी दी गई।
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- गोपालगंज में ऑर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा 15 अलग-अलग जगहों पर की गई छापेमारी के बाद हुई, जिसमें कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन अभियानों के परिणामस्वरूप अब तक कुल 86 लड़कियों को छुड़ाया जा चुका है।1