नरसिंहपुर जिले के थाना नरसिंहपुर अंतर्गत ग्राम गरारु में एक सामाजिक पगड़ी बंधन कार्यक्रम के दौरान मामूली विवाद हिंसक रूप ले गया, जहाँ जमकर लात-घूंसे और बेल्ट चलाए गए। इस घटना ने सामाजिक सौहार्द को तार-तार कर दिया है और इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गरारु में चल रहे इस पारिवारिक कार्यक्रम में कुछ असामाजिक तत्वों और युवकों के बीच बहस शुरू हुई। देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ गई कि कार्यक्रम स्थल युद्ध के मैदान में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दबंगों द्वारा बेल्ट निकालकर ताबड़तोड़ हमला किया गया, जिससे कार्यक्रम में मौजूद महिलाएँ और बच्चे डर के मारे इधर-उधर भागने लगे। चीख-पुकार के बीच काफी देर तक मारपीट होती रही और मांगलिक कार्यक्रम की गरिमा पूरी तरह से समाप्त हो गई। इस पूरी घटना का वीडियो अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए सरेराह लोगों को पीटा जा रहा है। इस वारदात के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों और बुद्धिजीवियों ने नरसिंहपुर पुलिस प्रशासन से मांग की है कि वायरल वीडियो के आधार पर हुड़दंगियों और मारपीट करने वाले आरोपियों की तत्काल पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा हो सके।
नरसिंहपुर जिले के थाना नरसिंहपुर अंतर्गत ग्राम गरारु में एक सामाजिक पगड़ी बंधन कार्यक्रम के दौरान मामूली विवाद हिंसक रूप ले गया, जहाँ जमकर लात-घूंसे और बेल्ट चलाए गए। इस घटना ने सामाजिक सौहार्द को तार-तार कर दिया है और इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गरारु में चल रहे इस पारिवारिक कार्यक्रम में कुछ असामाजिक तत्वों और युवकों के बीच बहस शुरू हुई। देखते ही देखते यह
बहस इतनी बढ़ गई कि कार्यक्रम स्थल युद्ध के मैदान में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दबंगों द्वारा बेल्ट निकालकर ताबड़तोड़ हमला किया गया, जिससे कार्यक्रम में मौजूद महिलाएँ और बच्चे डर के मारे इधर-उधर भागने लगे। चीख-पुकार के बीच काफी देर तक मारपीट होती रही और मांगलिक कार्यक्रम की गरिमा पूरी तरह से समाप्त हो गई। इस पूरी घटना का वीडियो अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें साफ देखा जा सकता है
कि कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए सरेराह लोगों को पीटा जा रहा है। इस वारदात के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों और बुद्धिजीवियों ने नरसिंहपुर पुलिस प्रशासन से मांग की है कि वायरल वीडियो के आधार पर हुड़दंगियों और मारपीट करने वाले आरोपियों की तत्काल पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा हो सके।
- नरसिंहपुर के चीचली निवासी एक पीड़ित माँ अपने नाबालिग बेटे के साथ सोमवार को एसपी कार्यालय पहुँचीं, जहाँ उन्होंने एसपी को एक आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। माँ ने अपने आवेदन में बताया कि चीचली स्थित उनके घर के सामने फटाका फोड़ने को लेकर हुए विवाद में 4 से 5 लोगों ने उनके छोटे बेटे के साथ मारपीट की थी। इस घटना में बेटे के सिर और पैर में गंभीर चोटें आई थीं, जिसका उपचार अस्पताल में कराया गया था। पीड़ित माँ का आरोप है कि उन्होंने चीचली थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। माँ ने एसपी से दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।1
- नरसिंहपुर पुलिस लाइन में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में पुलिस विभाग के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता दिखाई और रक्तदान किया।1
- घाट पिपरिया के आश्रम में विंध्यवासिनी रेत कंपनी द्वारा वृक्षारोपण किया गया। इस मौके पर आश्रम के महंत ने पर्यावरण संरक्षण की इस पहल को बेहद आवश्यक बताया। उन्होंने ज़ोर दिया कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए इस तरह की पहलें बहुत महत्वपूर्ण हैं।1
- नरसिंहपुर पुलिस लाइन में 7 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के मार्गदर्शन में एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान करते हुए मानव सेवा का महत्वपूर्ण संदेश दिया। शिविर के दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया सहित लगभग 50 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने रक्तदान किया, जिससे कुल करीब 50 यूनिट रक्त का संग्रह हुआ। इस अवसर पर ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. स्वाति मीना और उनकी चिकित्सा टीम भी उपस्थित थी, जिन्होंने शिविर के सफल संचालन में सहायता की। पुलिस अधीक्षक डॉ. मीना ने रक्तदान को 'महादान' करार देते हुए कहा कि इससे ज़रूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलता है। उन्होंने ज़िले के नागरिकों से भी नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की। इस रक्तदान शिविर के सफल आयोजन में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका सराहनीय रही।2
- मानव जीवन बचाने के संकल्प के साथ नरसिंहपुर पुलिस लाइन में एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जरूरतमंद मरीजों की सहायता और मानव सेवा के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिसका मार्गदर्शन और प्रेरणा पुलिस अधीक्षक, डॉ. ऋषिकेश मीना ने किया। इस शिविर में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और पुलिस परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। शिविर के दौरान लगभग 50 यूनिट रक्त का संग्रह हुआ, जिसमें पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संदीप भूरिया सहित लगभग 50 पुलिस अधिकारी एवं कर्मियों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया। इस अवसर पर ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. स्वाति मीना, डॉ. पल्लवी शर्मा, डॉ. मध्यांतिका और डॉ. बिन्सी की भी विशेष उपस्थिति रही। रक्तदान शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना और समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। उपस्थित अधिकारियों ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि यह न केवल जीवन बचाता है, बल्कि समाज के प्रति नैतिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ समाजहित के कार्यों में भी अग्रणी भूमिका निभाती है। उन्होंने सभी नागरिकों से समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंदों की सहायता करने की अपील की। शिविर के सफल आयोजन में रक्षित निरीक्षक श्रीमति मनोरमा बघेल, सूबेदार लाखन बघेल, सूबेदार प्रियंक सराठिया, सूबेदार पुष्पराज सिंह और स्वास्थ्य विभाग से श्री स्वप्निल चैारसिया, श्री अजय सेन, श्री अभिषेक कहार, शेख शाहरूख का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।3
- नरसिंहपुर जिले के ग्राम गरारु में बंशकार समाज के पगड़ी रस्म कार्यक्रम के दौरान सदस्यों के बीच आपसी विवाद हो गया। इस विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें जमकर लात-घूंसे और बेल्ट चले।1