Suresh Chandra Agrawal: प्रेम से बोलो बाँके बिहारी लाल की जय 🌹🙏 सदा जपिये हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे I हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे और हमेशा खुश रहिये Ii हमेशा प्रसन्न रहो 🌹🙏🏾 *।।श्रीकृष्ण।।* *श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,* *हे नाथ नारायण वासुदेवाय!!!* सभी कृष्ण भक्तों को सादर दंडवत प्रणाम 🙏🌹 *🦚🌺 जय श्रीकृष्ण 🌺🦚* > ॥ ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। > प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः॥ *🙏 अर्थ:* *_"हे वासुदेव के पुत्र श्रीकृष्ण! हे समस्त जगत के पालनहार, परमात्मा और गोविंद! आपको बार-बार प्रणाम है। आपकी शरण में आने वाले भक्तों के सभी दुःख, कष्ट और क्लेश दूर हो जाते हैं।"_* *🌿 संदेश:* *_जो श्रद्धा और विश्वास से श्रीकृष्ण का स्मरण करता है, उसके जीवन में शांति, साहस और सही मार्ग का प्रकाश अवश्य होता है।_* *🦚 राधे-राधे! जय श्रीकृष्ण! 🙏💙* 🔅Bhagwat Amrit🔅 🌼दशम स्कन्ध (भाग ६३)🌼 🔸जीव ब्रह्मको वेद-वृक्षकी शाखापर ढूँढ़ते-ढूँढ़ते हार गया और वह कहीं नहीं मिला। लेकिन अब मिल गया है। कहाँ मिला है भाई ? गोपीके आँचलमें। वरमिममुपदेशमाद्रियध्वं निगमवनेषु नितान्तचारखिन्नाः । विचिनुत भवनेषु वल्लभीनामुपनिषदर्थमुलूखले निबद्धम् ।। 🔸’कृष्ण-कर्णामृत' के कवि कहते हैं कि आप निगम-वनमें उपनिषदोंके अर्थको मत ढूंढ़िये। गोपियोंके गोष्ठमें ढूंढ़िये। देखिये, वह ऊखलमें बँधा हुआ है। उसके साथ कमरमें एक रस्सी जोड़ दी गयी। उस रस्सीसे एक ऊखल जुड़ गया और उस खलरूप ऊखलमें इतना सामर्थ्य आगया कि उसने जड़ वृक्षोंको भी देवता बनाकर रख दिया। 🔸यह भगवद्-रस ऐसा है कि यदि इसका आस्वादन हो जाय तो वैराग्यके लिए प्रयत्न करनेकी आवश्यकता नहीं है। यह जहाँ एकसे लगा कि दूसरा अपने-आप छूट जाता है। इसीलिए एक सन्त कविने कहा- ‘जो मोहि राम लागते मीठे। तो अनरस षड्रस नवरस ह्वै जाते सब सीठे।’ 🔸तो, नाच रहा है बालक यशोदा मैया कहती हैं कि लाला, अब नाचना बन्द करो, वह बाट उठाकर ले आओ! बालक दौड़ता-दौड़ता बाट उठाने जाता है। लेकिन वह अभी इतना छोटा है कि बाट उससे नहीं उठता। हाथ लगानेसे नहीं उठता तो उसपर लोट जाता है, छातीसे लगाता है, प्रयास करते-करते उसका मुँह लाल हो जाता है। यशोदा मैया कहती हैं कि लाला, नहीं उठता तो जाने दे ! यशोदा मैया लालाको छातीसे लगा लेती है। 🔸इतनेमें नन्दबाबा आते हैं और कहते हैं कि लाला खडाऊँ ले आओ। बालक दौड़कर खड़ाऊँ उठा लाता है ! नन्दबाबा बालकको गोदमें उठा लेते हैं, पुचकारते हैं, प्यार करते हैं। जय श्री कृष्ण 🌹🌹🙏 🌻84 लाख प्रकार की योनियों में मनुष्य शरीर ही केवल श्रेष्ठ है।अन्य किसी भी योनि में धर्म मर्यादा नहीं है जो मनुष्य शरीर में है। इसको मर्यादित रखने के लिए, विचारों को, स्वभाव को अनुशासित रखने के लिए भगवान ने कुछ सामान्य नियम कुछ विशेष नियम बनाए हैं। 🔸यदि इन नियमों का नियम पूर्वक, अपने आश्रम-वर्णाश्रम के आधार पर पालन किया जाए तो भगवान को प्रसन्नता होगी। जो आपके अंतःकरण में बैठा हुआ परमात्मा है, आपको उसके प्रति प्रीति होगी। 🌻अभी हमारे में भगवान से नहीं, जगत् से प्रीति ज़्यादा है, इसकी पहचान है कि हमें भगवद् चर्चा नहीं जगत चर्चा में ज़्यादा रुचि होती है। 🔸जिस दिन हमारी रुचि भगवद् चर्चा करने में ज़्यादा हो जाएगी फिर भगवान से रति- प्रीति भी ज़्यादा हो जाएगी। 🌻धर्म करते समय यह बात चित्त में रहे कि हमें कर्म का कोई फल नहीं चाहिए, केवल भगवद् प्रसन्न्ता चाहिए। 🔸हम धर्माचरण इसलिए नहीं कर रहे कि हमें स्वर्ग, संसार में सम्मान प्रतिष्ठा, दूसरे लोगों की प्रसन्नता चाहिए। धर्माचरण का उद्देश्य हो की उससे भगवान प्रसन्न हो जायें। 🌻मन को एकाग्र करना सरल भी है और कठिन भी है। जिनको भगवान से प्रीति है उनको मन शांत करना नहीं होता, उनका मन स्वतः शांत हो जाता है।भक्त को ध्यान करने की ज़रूरत नहीं पड़ती। किन्तु जिन्हें जगत से प्रीति है उनको मन एकाग्र करना बहुत कठिन है। 🌻यदि कर्ता भाव शून्य होकर कर्म करो तो दुनिया का कोई कर्म का फल बाँध ही नहीं पाएगा। जिस प्रकार किसी पार्सल में नाम पता न दिया हो तो वह पार्सल लेने वाला व्यक्ति मिलेगा ही नहीं तब उसे वापस कर दिया जाएगा। 🌻भगवान का ध्यान कर्म की ग्रंथि को काट देता है जिसके बाद मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। 🌻एक प्रश्न उठता है - कथा सुनने से भगवान से प्रीति होती है और मुक्ति मिलती है, तो कथा से रुचि कैसे हो! इसके लिए सबसे पहले पुण्य तीर्थ का सेवन करो। तीर्थ में रहने वाले तीर्थी अर्थात महत्व पुरुषों की सेवा करो, सेवा केवल शरीर से ही नहीं होती, वे जो आज्ञा ही दें उनकी आज्ञापालन भी उनकी सेवा की है। इससे हृदय में आयेगी श्रद्धा और फिर भगवान की कथा के प्रति रुचि- प्रीति आएगी। अर्थात कथा में रुचि के लिए तीर्थ सेवन और तीर्थी (महद् पुरुष) की सेवा हो। जय श्री कृष्ण 🌹🙏 *Bhagavad Gita App* *Chapter:* 6 *श्लोक:* 3 *श्लोक:* आरुरुक्षोर्मुनेर्योगं कर्म कारणमुच्यते । योगारूढस्यतस्यैव शम: कारणमुच्यते ॥ ३ ॥ *अनुवाद:* अष्टांगयोग के नवसाधक के लिए कर्म साधन कहलाता है और योगसिद्ध पुरुष के लिए समस्त भौतिक कार्यकलापों का परित्याग ही साधन कहा जाता है। *तात्पर्य:* परमेश्वर से युक्त होने की विधि योग कहलाती है। इसकी तुलना उस सीढ़ी से की जा सकती है जिससे सर्वोच्च आध्यात्मिक सिद्धि प्राप्त की जाती है। यह सीढ़ी जीव की अधम अवस्था से प्रारम्भ होकर आध्यात्मिक जीवन के पूर्ण आत्म-साक्षात्कार तक जाती है। विभिन्न चढ़ावों के अनुसार इस सीढ़ी के विभिन्न भाग भिन्न-भिन्न नामों से जाने जाते हैं। किन्तु कुल मिलाकर यह पूरी सीढ़ी योग कहलाती है और इसे तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है—ज्ञानयोग, ध्यानयोग तथा भक्तियोग। सीढ़ी के प्रारम्भिक भाग को योगारुरुक्षु अवस्था और अन्तिम भाग को योगारूढ कहा जाता है। जहाँ तक अष्टांगयोग का सम्बन्ध है, विभिन्न यम-नियमों तथा आसनों (जो प्राय: शारीरिक मुद्राएँ ही हैं) के द्वारा ध्यान में प्रविष्ट होने के लिए आरम्भिक प्रयासों को सकाम कर्म माना जाता है। ऐसे कर्मों से पूर्ण मानसिक सन्तुलन प्राप्त होता है जिससे इन्द्रियाँ वश में होती हैं। जब मनुष्य पूर्ण ध्यान में सिद्धहस्त हो जाता है तो विचलित करने वाले समस्त मानसिक कार्य बन्द हुए माने जाते हैं। किन्तु कृष्णभावनाभावित व्यक्ति प्रारम्भ से ही ध्यानावस्थित रहता है क्योंकि वह निरन्तर कृष्ण का चिन्तन करता है। इस प्रकार कृष्ण की सेवा में सतत व्यस्त रहने के कारण उसके सारे भौतिक कार्यकलाप बन्द हुए माने जाते हैं। जय श्री कृष्ण 🌹🙏 *नीले रंग की चूड़ियां* बाबा विट्टल दास किशोरी जी ठाकुर जी के अनन्य भक्त थे बाबा हर वक्त उनकी निकुंज लीलाओं का ही स्मरण किया करते थे किसी भी सांसारिक व्यक्ति से ज्यादा देर बात नहीं किया करते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि किसी भी सांसारिक व्यक्ति से ज्यादा देर तक बोलना ठाकुर जी से ध्यान हटाने के बराबर है। इसलिए हमेशा आंख मूंदे श्री राधा कृष्ण की युगल छवि का ध्यान करते थे। बाबा श्री कृष्ण भगवान को पुत्र भाव से मानते थे और हमेशा उन्हें मेरा लाला और किशोरी जी को मेरी लाडली कहकर पुकारते थे। एक दिन बाबा विट्टलदास जी अपने घर के बाहर बैठे किशोरी जी का ध्यान कर रहे थे। तभी एक चूड़ी बेचने वाली आती है बाबा उसे बुलाते है और कहते है,"कि जा अन्दर जाकर मेरी बहूओं को चूड़ी पहना कर आ और जो पैसे हो वो मुझसे आकर ले लेना।" तब चूड़ी बेचने वाली अंदर चली गयी और थोड़ी देर बाद बाहर आई और बोली,"बाबा 8 रुपये हुए?" बाबा ने पूछा,"8 रुपये कैसे हुए?" चूड़ी बेचने वाली ने कहा,"बाबा तुम्हारी 8 बहुएं थी और हर एक को मैंने 1 रुपये की चूड़ी पहनाई।" लेकिन बाबा बोले,"मेरे तो 7 बेटे हैं और उनकी 7 बहुएं है फिर ये 8 बहुएं कैसे?" चूड़ी बेचने वाली ने कहा,"बाबा मैं तुझसे झूठ क्यों बोलूंगी?" अब बाबा का ज्यादा बहस करने का मन नहीं था उन्हें लगा की अब इससे बहस करूंगा तो ठाकुर के ध्यान में विघ्न पड़ेगा इसलिए उन्होंने उस मनिहारिन को 8 रुपये ही देकर विदा कर दिया और अपने युगल सरकार का ध्यान करने लगे। लेकिन उन्हें मन ही मन इस बात का दु:ख था की चूड़ी बेचने वाली ने झूठ बोलकर उनसे ज्यादा पैसे ले लिए थे क्योंकि पूरे गांव में बाबा जी से कोई भी झूठ न बोलता था। वो इसी बात की चिंता में थे कि मुझसे उस चूड़ी बेचने वाली ने झूठ क्यों कहा? रात्रि में बाबा को सोते हुए स्वप्न में किशोरी जी आती है और कहती है, "बाबा ! ओ बाबा !" बाबा मंत्रमुग्ध हो कर किशोरी जी को प्रणाम करते है। तब किशोरी जी कहती है कि, " बाबा तू ठाकुर जी को अपना पुत्र मानते हो ?" बाबा बोले,"ठाकुर जी तो मेरे बेटे है मेरा लाला है वो तो।" तब किशोरी जी कहती है,"यदि ठाकुर जी तुम्हारे बेटे है तो मैं भी तो तुम्हारी बहु हुई न? " बाबा बोले,"हां हां बिलकुल बिलकुल मेरी लाली।" फिर किशोरी जी कहती है, "फिर तुम दुखी क्यों होते हो जब चूड़ी बेचने वाली ने मुझे भी चूडियां पहना दी तो?" तभी बाबा फूट-फूट कर रोने लग जाते है और कहते है कि, "हाय कितना अभागा हूं मैं मेरी किशोरी जी ने खुद मेरे घर आकर चूडियां पहनी और मैं पहचान भी न पाया?" तभी किशोरी जी अंतर्धान हो जाती है और बाबा कि नींद खुल जाती है और फिर अगले दिन वो चूड़ी बेचने वाली उनके घर पर फिर से आती है और बाबा कहते है कि, "आगे से 8 जोड़ी चूडियां लेकर आना और मेरी सबसे छोटी बहु के लिए नीले रंग कि चूडियां लाना।" धन्य है ऐसे भक्त जो किशोरी जी से,ठाकुर जी से अपना सम्बन्ध स्थापित करते है और उसे पूरी तरह से निभाते है..!! *🙏🙏🏻🙏🏼जय श्री कृष्ण*🙏🏽🙏🏾🙏🏿 *सुन्दरता बढ़ाये - काला चना* काले चने में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, कैल्सियम तथा आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, इसके सेवन से रक्त शुद्ध होता है, अतः त्वचा सुन्दर होने के साथ ही दिमाग भी तेज होता है। चने का सेवन उबालकर, अंकुरित करके अथवा गेंहू के साथ पिसवाकर किया जा सकता है प्रेम से बोलो बाँके बिहारी लाल की जय 🌹🙏
Suresh Chandra Agrawal: प्रेम से बोलो बाँके बिहारी लाल की जय 🌹🙏 सदा जपिये हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे I हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे और हमेशा खुश रहिये Ii हमेशा प्रसन्न रहो 🌹🙏🏾 *।।श्रीकृष्ण।।* *श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,* *हे नाथ नारायण वासुदेवाय!!!* सभी कृष्ण भक्तों को सादर दंडवत प्रणाम 🙏🌹 *🦚🌺 जय श्रीकृष्ण 🌺🦚* > ॥ ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। > प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः॥ *🙏 अर्थ:* *_"हे वासुदेव के पुत्र श्रीकृष्ण! हे समस्त जगत के पालनहार, परमात्मा और गोविंद! आपको बार-बार प्रणाम है। आपकी शरण में आने वाले भक्तों के सभी दुःख, कष्ट और क्लेश दूर हो जाते हैं।"_* *🌿 संदेश:* *_जो श्रद्धा और विश्वास से श्रीकृष्ण का स्मरण करता है, उसके जीवन में शांति, साहस और सही मार्ग का प्रकाश अवश्य होता है।_* *🦚 राधे-राधे! जय श्रीकृष्ण! 🙏💙* 🔅Bhagwat Amrit🔅 🌼दशम स्कन्ध (भाग ६३)🌼 🔸जीव ब्रह्मको वेद-वृक्षकी शाखापर ढूँढ़ते-ढूँढ़ते हार गया और वह कहीं नहीं मिला। लेकिन अब मिल गया है। कहाँ मिला है भाई ? गोपीके आँचलमें। वरमिममुपदेशमाद्रियध्वं निगमवनेषु नितान्तचारखिन्नाः । विचिनुत भवनेषु वल्लभीनामुपनिषदर्थमुलूखले निबद्धम् ।। 🔸’कृष्ण-कर्णामृत' के कवि कहते हैं कि आप निगम-वनमें उपनिषदोंके अर्थको मत ढूंढ़िये। गोपियोंके गोष्ठमें ढूंढ़िये। देखिये, वह ऊखलमें बँधा हुआ है। उसके साथ कमरमें एक रस्सी जोड़ दी गयी। उस रस्सीसे एक ऊखल जुड़ गया और उस खलरूप ऊखलमें इतना सामर्थ्य आगया कि उसने जड़ वृक्षोंको भी देवता बनाकर रख दिया। 🔸यह भगवद्-रस ऐसा है कि यदि इसका आस्वादन हो जाय तो वैराग्यके लिए प्रयत्न करनेकी आवश्यकता नहीं है। यह जहाँ एकसे लगा कि दूसरा अपने-आप छूट जाता है। इसीलिए एक सन्त कविने कहा- ‘जो मोहि राम लागते मीठे। तो अनरस षड्रस नवरस ह्वै जाते सब सीठे।’ 🔸तो, नाच रहा है बालक यशोदा मैया कहती हैं कि लाला, अब नाचना बन्द करो, वह बाट उठाकर ले आओ! बालक दौड़ता-दौड़ता बाट उठाने जाता है। लेकिन वह अभी इतना छोटा है कि बाट उससे नहीं उठता। हाथ लगानेसे नहीं उठता तो उसपर लोट जाता है, छातीसे लगाता है, प्रयास करते-करते उसका मुँह लाल हो जाता है। यशोदा मैया कहती हैं कि लाला, नहीं उठता तो जाने दे ! यशोदा मैया लालाको छातीसे लगा लेती है। 🔸इतनेमें नन्दबाबा आते हैं और कहते हैं कि लाला खडाऊँ ले आओ। बालक दौड़कर खड़ाऊँ उठा लाता है ! नन्दबाबा बालकको गोदमें उठा लेते हैं, पुचकारते हैं, प्यार करते हैं। जय श्री कृष्ण 🌹🌹🙏 🌻84 लाख प्रकार की योनियों में मनुष्य शरीर ही केवल श्रेष्ठ है।अन्य किसी भी योनि में धर्म मर्यादा नहीं है जो मनुष्य शरीर में है। इसको मर्यादित रखने के लिए, विचारों को, स्वभाव को अनुशासित रखने के लिए भगवान ने कुछ सामान्य नियम कुछ विशेष नियम बनाए हैं। 🔸यदि इन नियमों का नियम पूर्वक, अपने आश्रम-वर्णाश्रम के आधार पर पालन किया जाए तो भगवान को प्रसन्नता होगी। जो आपके अंतःकरण में बैठा हुआ परमात्मा है, आपको उसके प्रति प्रीति होगी। 🌻अभी हमारे में भगवान से नहीं, जगत् से प्रीति ज़्यादा है, इसकी पहचान है कि हमें भगवद् चर्चा नहीं जगत चर्चा में ज़्यादा रुचि होती है। 🔸जिस दिन हमारी रुचि भगवद् चर्चा करने में ज़्यादा हो जाएगी फिर भगवान से रति- प्रीति भी ज़्यादा हो जाएगी। 🌻धर्म करते समय यह बात चित्त में रहे कि हमें कर्म का कोई फल नहीं चाहिए, केवल भगवद् प्रसन्न्ता चाहिए। 🔸हम धर्माचरण इसलिए नहीं कर रहे कि हमें स्वर्ग, संसार में सम्मान प्रतिष्ठा, दूसरे लोगों की प्रसन्नता चाहिए। धर्माचरण का उद्देश्य हो की उससे भगवान प्रसन्न हो जायें। 🌻मन को एकाग्र करना सरल भी है और कठिन भी है। जिनको भगवान से प्रीति है उनको मन शांत करना नहीं होता, उनका मन स्वतः शांत हो जाता है।भक्त को ध्यान करने की ज़रूरत नहीं पड़ती। किन्तु जिन्हें जगत से प्रीति है उनको मन एकाग्र करना बहुत कठिन है। 🌻यदि कर्ता भाव शून्य होकर कर्म करो तो दुनिया का कोई कर्म का फल बाँध ही नहीं पाएगा। जिस प्रकार किसी पार्सल में नाम पता न दिया हो तो वह पार्सल लेने वाला व्यक्ति मिलेगा ही नहीं तब उसे वापस कर दिया जाएगा। 🌻भगवान का ध्यान कर्म की ग्रंथि को काट देता है जिसके बाद मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। 🌻एक प्रश्न उठता है - कथा सुनने से भगवान से प्रीति होती है और मुक्ति मिलती है, तो कथा से रुचि कैसे हो! इसके लिए सबसे पहले पुण्य तीर्थ का सेवन करो। तीर्थ में रहने वाले तीर्थी अर्थात महत्व पुरुषों की सेवा करो, सेवा केवल शरीर से ही नहीं होती, वे जो आज्ञा ही दें उनकी आज्ञापालन भी उनकी सेवा की है। इससे हृदय में आयेगी श्रद्धा और फिर भगवान की कथा के प्रति रुचि- प्रीति आएगी। अर्थात कथा में रुचि के लिए तीर्थ सेवन और तीर्थी (महद् पुरुष) की सेवा हो। जय श्री कृष्ण 🌹🙏 *Bhagavad Gita App* *Chapter:* 6 *श्लोक:* 3 *श्लोक:* आरुरुक्षोर्मुनेर्योगं कर्म कारणमुच्यते । योगारूढस्यतस्यैव शम: कारणमुच्यते ॥ ३ ॥ *अनुवाद:* अष्टांगयोग के नवसाधक के लिए कर्म साधन कहलाता है और योगसिद्ध पुरुष के लिए समस्त भौतिक कार्यकलापों का परित्याग ही साधन कहा जाता है। *तात्पर्य:* परमेश्वर से युक्त होने की विधि योग कहलाती है। इसकी तुलना उस सीढ़ी से की जा सकती है जिससे सर्वोच्च आध्यात्मिक सिद्धि प्राप्त की जाती है। यह सीढ़ी जीव की अधम अवस्था से प्रारम्भ होकर आध्यात्मिक जीवन के पूर्ण आत्म-साक्षात्कार तक जाती है। विभिन्न चढ़ावों के अनुसार इस सीढ़ी के विभिन्न भाग भिन्न-भिन्न नामों से जाने जाते हैं। किन्तु कुल मिलाकर यह पूरी सीढ़ी योग कहलाती है और इसे तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है—ज्ञानयोग, ध्यानयोग तथा भक्तियोग। सीढ़ी के प्रारम्भिक भाग को योगारुरुक्षु अवस्था और अन्तिम भाग को योगारूढ कहा जाता है। जहाँ तक अष्टांगयोग का सम्बन्ध है, विभिन्न यम-नियमों तथा आसनों (जो प्राय: शारीरिक मुद्राएँ ही हैं) के द्वारा ध्यान में प्रविष्ट होने के लिए आरम्भिक प्रयासों को सकाम कर्म माना जाता है। ऐसे कर्मों से पूर्ण मानसिक सन्तुलन प्राप्त होता है जिससे इन्द्रियाँ वश में होती हैं। जब मनुष्य पूर्ण ध्यान में सिद्धहस्त हो जाता है तो विचलित करने वाले समस्त मानसिक कार्य बन्द हुए माने जाते हैं। किन्तु कृष्णभावनाभावित व्यक्ति प्रारम्भ से ही ध्यानावस्थित रहता है क्योंकि वह निरन्तर कृष्ण का चिन्तन करता है। इस प्रकार कृष्ण की सेवा में सतत व्यस्त रहने के कारण उसके सारे भौतिक कार्यकलाप बन्द हुए माने जाते हैं। जय श्री कृष्ण 🌹🙏 *नीले रंग की चूड़ियां* बाबा विट्टल दास किशोरी जी ठाकुर जी के अनन्य भक्त थे बाबा हर वक्त उनकी निकुंज लीलाओं का ही स्मरण किया करते थे किसी भी सांसारिक व्यक्ति से ज्यादा देर बात नहीं किया करते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि किसी भी सांसारिक व्यक्ति से ज्यादा देर तक बोलना ठाकुर जी से ध्यान हटाने के बराबर है। इसलिए हमेशा आंख मूंदे श्री राधा कृष्ण की युगल छवि का ध्यान करते थे। बाबा श्री कृष्ण भगवान को पुत्र भाव से मानते थे और हमेशा उन्हें मेरा लाला और किशोरी जी को मेरी लाडली कहकर पुकारते थे। एक दिन बाबा विट्टलदास जी अपने घर के बाहर बैठे किशोरी जी का ध्यान कर रहे थे। तभी एक चूड़ी बेचने वाली आती है बाबा उसे बुलाते है और कहते है,"कि जा अन्दर जाकर मेरी बहूओं को चूड़ी पहना कर आ और जो पैसे हो वो मुझसे आकर ले लेना।" तब चूड़ी बेचने वाली अंदर चली गयी और थोड़ी देर बाद बाहर आई और बोली,"बाबा 8 रुपये हुए?" बाबा ने पूछा,"8 रुपये कैसे हुए?" चूड़ी बेचने वाली ने कहा,"बाबा तुम्हारी 8 बहुएं थी और हर एक को मैंने 1 रुपये की चूड़ी पहनाई।" लेकिन बाबा बोले,"मेरे तो 7 बेटे हैं और उनकी 7 बहुएं है फिर ये 8 बहुएं कैसे?" चूड़ी बेचने वाली ने कहा,"बाबा मैं तुझसे झूठ क्यों बोलूंगी?" अब बाबा का ज्यादा बहस करने का मन नहीं था उन्हें लगा की अब इससे बहस करूंगा तो ठाकुर के ध्यान में विघ्न पड़ेगा इसलिए उन्होंने उस मनिहारिन को 8 रुपये ही देकर विदा कर दिया और अपने युगल सरकार का ध्यान करने लगे। लेकिन उन्हें मन ही मन इस बात का दु:ख था की चूड़ी बेचने वाली ने झूठ बोलकर उनसे ज्यादा पैसे ले लिए थे क्योंकि पूरे गांव में बाबा जी से कोई भी झूठ न बोलता था। वो इसी बात की चिंता में थे कि मुझसे उस चूड़ी बेचने वाली ने झूठ क्यों कहा? रात्रि में बाबा को सोते हुए स्वप्न में किशोरी जी आती है और कहती है, "बाबा ! ओ बाबा !" बाबा मंत्रमुग्ध हो कर किशोरी जी को प्रणाम करते है। तब किशोरी जी कहती है कि, " बाबा तू ठाकुर जी को अपना पुत्र मानते हो ?" बाबा बोले,"ठाकुर जी तो मेरे बेटे है मेरा लाला है वो तो।" तब किशोरी जी कहती है,"यदि ठाकुर जी तुम्हारे बेटे है तो मैं भी तो तुम्हारी बहु हुई न? " बाबा बोले,"हां हां बिलकुल बिलकुल मेरी लाली।" फिर किशोरी जी कहती है, "फिर तुम दुखी क्यों होते हो जब चूड़ी बेचने वाली ने मुझे भी चूडियां पहना दी तो?" तभी बाबा फूट-फूट कर रोने लग जाते है और कहते है कि, "हाय कितना अभागा हूं मैं मेरी किशोरी जी ने खुद मेरे घर आकर चूडियां पहनी और मैं पहचान भी न पाया?" तभी किशोरी जी अंतर्धान हो जाती है और बाबा कि नींद खुल जाती है और फिर अगले दिन वो चूड़ी बेचने वाली उनके घर पर फिर से आती है और बाबा कहते है कि, "आगे से 8 जोड़ी चूडियां लेकर आना और मेरी सबसे छोटी बहु के लिए नीले रंग कि चूडियां लाना।" धन्य है ऐसे भक्त जो किशोरी जी से,ठाकुर जी से अपना सम्बन्ध स्थापित करते है और उसे पूरी तरह से निभाते है..!! *🙏🙏🏻🙏🏼जय श्री कृष्ण*🙏🏽🙏🏾🙏🏿 *सुन्दरता बढ़ाये - काला चना* काले चने में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, कैल्सियम तथा आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, इसके सेवन से रक्त शुद्ध होता है, अतः त्वचा सुन्दर होने के साथ ही दिमाग भी तेज होता है। चने का सेवन उबालकर, अंकुरित करके अथवा गेंहू के साथ पिसवाकर किया जा सकता है प्रेम से बोलो बाँके बिहारी लाल की जय 🌹🙏
- नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही हुई है। कई पुल बह गए हैं, गांव जलमग्न हो गए हैं और सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही हुई है। कई पुल बह गए हैं, गांव जलमग्न हो गए हैं और सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक लापता लोगों में पुलिसकर्मी, विदेशी सैलानी और बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक शामिल हैं, जबकि हेलिकॉप्टरों की मदद से राहत और बचाव अभियान जारी1
- पटना BPSC प्रदर्शन में Gen Alpha की हुंकार, बोला- जेल भी जाना पड़ा तो जाएंगे, गोली भी खानी पड़ी तो खाएंगे पटना में BPSC परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी मांगों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान एक कम उम्र के छात्र यानी Gen Alpha की जोशीली बातों ने लोगों का ध्यान खींच लिया। छात्र ने कहा कि "जेल भी जाना पड़ा तो जाएंगे, गोली भी खानी पड़ी तो खाएंगे, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।" उसकी बात सुनकर प्रदर्शन स्थल पर सौजूद लोगों ने तालियां बजाकर हौसला बढ़ाया। पटना में प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ते हुए मार्च करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने वॉटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की भी खबर है। छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, भर्ती नियमों में स्पष्टता और एकल चरण में परीक्षा समेत अन्य मांगें शामिल हैं। प्रदर्शन के दौरान Gen Alpha छात्र की बेबाक बात अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- भजनलाल ने सबको पेल रखा है! 😱 डोटासरा ने यह क्या कह दिया? राजस्थान की सियासत में बयान ने मचा दी हलचल! #GovindDotasra #BhajanlalSharma #rajasthanpolitics #CityCablenewsjaipur1
- जयपुर में विदेशी महिलाओं वाले मसाज पार्लरों की बढ़ती चर्चा, पुलिस जांच पर उठे सवाल जयपुर। राजधानी जयपुर में मसाज पार्लरों में विदेशी महिलाओं की मौजूदगी और उनकी बढ़ती मांग को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कुछ मसाज पार्लरों में थाईलैंड सहित अन्य देशों की महिलाओं को काम पर रखा जा रहा है और ग्राहकों से सामान्य मसाज की तुलना में कई गुना अधिक राशि वसूली जा रही है। बताया जा रहा है कि जहां कुछ पार्लरों में घरेलू महिला कर्मचारियों द्वारा मसाज के लिए करीब 1,000 से 1,500 रुपये तक लिए जाते हैं, वहीं विदेशी महिलाओं के लिए ग्राहकों से करीब 5,000 रुपये तक वसूले जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। स्थानीय स्तर पर कुछ ऐसे मसाज पार्लरों का भी जिक्र सामने आया है, जो बड़े मॉल, होटल या व्यावसायिक परिसरों में संचालित हो रहे हैं। 22 गोदाम सर्किल स्थित क्रिस्टल मॉल में संचालित एक मसाज पार्लर को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं, जहां कथित तौर पर थाईलैंड की महिलाएं काम करती हैं। वहीं भाजपा कार्यालय के सामने गली में एक होटल के निचले हिस्से में संचालित बताए जा रहे मसाज पार्लर के कुछ दिनों से बंद होने की जानकारी भी सामने आई है। सबसे गंभीर सवाल तब खड़ा हुआ जब करीब दो दिन पहले अशोक नगर थाना पुलिस के मसाज पार्लरों में पहुंचने की बात सामने आई। आरोप है कि पुलिस को देखकर वहां मौजूद कर्मचारी और मैनेजर मौके से चले गए। पुलिस कुछ देर मौके पर रुकी और बाद में वहां से लौट गई। इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मसाज पार्लरों में विदेशी महिलाओं के काम करने को लेकर सुरक्षा और वैध दस्तावेजों की जांच भी महत्वपूर्ण है। यदि विदेशी नागरिक बिना वैध अनुमति या नियमों के विपरीत किसी प्रतिष्ठान में काम कर रहे हैं तो संबंधित एजेंसियों द्वारा इसकी जांच की जानी चाहिए। वहीं इस मामले में एक महिला द्वारा हमारे संवाददाता को जानकारी दिए जाने के बाद कथित तौर पर मसाज पार्लर संचालक की ओर से उसे जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप भी सामने आया है। यह आरोप बेहद गंभीर है और इसकी स्वतंत्र पुलिस जांच आवश्यक है। फिलहाल सवाल यह है कि जयपुर में संचालित ऐसे मसाज पार्लरों में विदेशी नागरिकों के वीजा, पासपोर्ट, वर्क परमिट, कर्मचारियों के रिकॉर्ड और प्रतिष्ठान के लाइसेंस की जांच नियमित रूप से होती है या नहीं? साथ ही यह भी जांच का विषय है कि कहीं मसाज पार्लर की आड़ में कोई गैरकानूनी गतिविधि तो संचालित नहीं हो रही। नोट: विदेशी महिलाओं, मसाज पार्लरों में अवैध गतिविधियों और धमकी से जुड़े सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।2
- चोंमू उपखंड क्षेत्र के सैनी अस्पताल के बाहर से बाइक चोरी,सीसीटीवी में कैद हुई चोरी की वारदात,संदिग्ध चोर का वीडियो वायरल चौमू उपखंड क्षेत्र के सामोद रोड स्थित एक सैनी अस्पताल के बाहर से बाइक चोरी होने का मामला सामने आया है। हालांकि घटना बीती शाम की बताई जा रही है। वही बाइक चोरी की घटना अस्पताल परिसर में लगे एक सीसीटीवी में कैद हो गई। वहीं बाइक चोरी की घटना के बाद संदिग्ध चोर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित अपनी बाइक अस्पताल के बाहर खड़ी कर अंदर गया था। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक बाइक लेकर वहां से फरार हो गया। कुछ समय बाद पीड़ित अस्पताल से बाहर आया तो बाइक मौके से गायब मिली। इसके बाद उसने घटना की सूचना चौमू थाना पुलिस को दी। बाइक चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर पुलिस संदिग्ध चोर की पहचान करने के प्रयास में जुटी है। पुलिस अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और संदिग्ध की पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- jipur aaj tajiya kud dum dam se nikali gi or sabi bhaiyo ne ise toha chi tre se bnaya aaj bhaiyo ne kub sundar tajiya bnakr jaipu me reliya nikali1
- नेपाल में आई बाढ़ का एक और डरावना वीडियो। यह तस्वीर चीन अधिकृत तिब्बत के इमिग्रेशन सेंटर की है। बाढ़ की वेव करीब 5 मंजिला ऊंची इमारत को पार कर गईं। यहां पर शायद ही कोई जिंदा बच पाया होगा। बाढ़ की शुरुआत इसी एरिया से हुई, जो बाद में नेपाल में एंटर हुई।1