राजधानी रांची में लगातार गहराते पेयजल संकट को लेकर लोगों का गुस्सा सड़क पर उतर आया है। पानी की किल्लत से परेशान सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बच्चे और युवा हाथों में बाल्टी, जार और पानी के बर्तन लेकर कर्बला चौक पहुंच गए और सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। कई इलाकों में नियमित जलापूर्ति नहीं होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच हालात और भी कठिन हो गए हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। आक्रोशित लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द समस्या के समाधान की मांग की। इस प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक यातायात भी प्रभावित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि पानी की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
राजधानी रांची में लगातार गहराते पेयजल संकट को लेकर लोगों का गुस्सा सड़क पर उतर आया है। पानी की किल्लत से परेशान सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बच्चे और युवा हाथों में बाल्टी, जार और पानी के बर्तन लेकर कर्बला चौक पहुंच गए और सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। कई इलाकों में नियमित जलापूर्ति नहीं होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच हालात और भी कठिन हो गए हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। आक्रोशित लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द समस्या के समाधान की मांग की। इस प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक यातायात भी प्रभावित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि पानी की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
- रांची-पटना मुख्य मार्ग, जो पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग 33 (NH-33) का हिस्सा है, पर रामगढ़ से कुजू तक की सड़क की स्थिति अत्यंत खराब और दुर्दशाग्रस्त हो चुकी है। सड़क की यह दयनीय हालत लगातार दुर्घटनाओं को बुलावा दे रही है, जिससे इस मार्ग पर यात्रा करना बेहद खतरनाक हो गया है। चालक और यात्री दोनों ही इस खराब सड़क के कारण परेशानियों का सामना कर रहे हैं।1
- राजधानी रांची के धुर्वा-सिठियो रिंग रोड बाजार स्थित सिटी मार्ट में खरीदारी के बहाने एक युवक ने ठगी और चोरी की घटना को अंजाम दिया है। युवक ने दुकान से करीब 8 से 10 हजार रुपये का सामान खरीदा, उसका बिल भी बनवाया और फिर सामान गाड़ी में रखने का बहाना बनाकर बिना भुगतान किए मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक शहर की अन्य दुकानों और बाजारों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है। इस घटना के बाद व्यापारियों और दुकानदारों में चिंता का माहौल है, क्योंकि ऐसी घटनाओं से छोटे व्यवसायियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की है। दुकानदारों ने जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को इस युवक के बारे में कोई जानकारी मिले तो वे तुरंत 9693254529 मोबाइल नंबर पर सूचना दें, ताकि उसकी पहचान कर जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।1
- सोशल मीडिया पर लोहरदगा से एक हैरान कर देने वाला सवाल वायरल हो रहा है, जिसमें सीधे तौर पर पूछा गया है कि क्या ईसाई और आदिवासी 'एक ही मां के औलाद' हैं। यह पोस्ट ईसाई और आदिवासी पहचान के बीच के संबंध पर एक तीव्र और विवादास्पद प्रश्न उठाता है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।1
- सवाल पूछे जाने पर एक भाजपा नेता ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत को आज़ादी मिलने के इतने समय बाद भी अब तक सड़क का निर्माण क्यों नहीं हो पाया था। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि जब राज्यपाल महोदय को आना था, तो वही सड़क मात्र एक दिन के भीतर बनकर तैयार हो गई।1
- कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में भटकल के पास एक नदी में सीपियां इकट्ठा करने गए आठ लोगों की डूबने से मौत हो गई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद दो अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मरने वालों में सात महिलाएं शामिल थीं। यह घटना तब हुई जब ये लोग नदी में सीपियां चुन रहे थे।1
- चंदवा के चकला-बाना स्थित रेशमी मेटेलिक्स प्लांट गेट के सामने रविवार से मैनपावर कर्मियों और प्रभावित ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कंपनी ने नौकरी नियमितीकरण, लंबित भुगतान और विस्थापितों के पुनर्वास से जुड़े अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। आंदोलनकारियों ने बताया कि 14 जनवरी से कई कर्मियों का भुगतान रोक दिया गया है, और वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को अब तक नियमित नहीं किया गया है। अपनी मांगों को लेकर, प्रदर्शनकारियों ने एक सात सूत्री मांग पत्र सौंपा है, जिसमें नौकरी नियमित करने, लंबित पीएफ-वीडीए भुगतान, भूमि मुआवजा देने और विस्थापित परिवारों को रोजगार या एन्युटी का लाभ उपलब्ध कराने की मांग की गई है। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो वे जिला प्रशासन को सूचना देकर कंपनी का कार्य पूरी तरह बंद करा देंगे। इस संबंध में, कंपनी प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।4
- रांची के कोकर इलाके से 18 महीने की मासूम अदिति पांडे के लापता होने के 18 दिन बीत जाने के बावजूद कोई सुराग न मिलने पर अब लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में आज कोकर से अल्बर्ट एक्का चौक तक एक पैदल मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान अदिति की माँ ने भावुक होकर अपनी पीड़ा साझा की, उनकी आँखों में दर्द साफ झलक रहा था। वहीं, हिंदूवादी नेता भैरव सिंह ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए तीखा बयान दिया और पूछा कि "आखिर बच्ची को जमीन खा गई या आसमान निगल गया?" परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों में बच्ची का कोई अता-पता न चलने से भारी नाराज़गी और आक्रोश व्याप्त है।1
- रामगढ़ में आगामी 25 मई को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस दिन रामगढ़ महोत्सव सह गंगा आरती का कार्यक्रम निर्धारित है, जिसमें सभी से अवश्य पधारने का आग्रह किया गया है।1
- आदिवासी महिलाएँ अपने अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली पहुँची हैं।1