मां आरण्य देवी (जिन्हें स्थानीय स्तर पर कई बार 'आयरन देवी' कहा जाता है) बिहार के आरा (भोजपुर) शहर की सबसे प्रमुख अधिष्ठात्री देवी हैं। यह मंदिर 108 शक्तिपीठों में से एक (सिद्धपीठ) माना जाता है, जिसका संबंध रामायण काल और पांडवों (महाभारत) से है। यहाँ माँ के महालक्ष्मी और महासरस्वती रूप की पूजा होती है। मां आरण्य देवी के बारे में मुख्य बातें: स्थान: यह मंदिर बिहार के आरा शहर के शीश महल चौक के पास स्थित है। इतिहास और मान्यता: मान्यता है कि पांडवों ने वनवास के दौरान इस स्थान पर देवी की स्थापना की थी। रामायण काल में भी भगवान राम ने यहाँ पूजा की थी। नाम का अर्थ: 'आरण्य' का अर्थ है 'वन' (जंगल)। चूँकि यह क्षेत्र प्राचीन काल में वन (आरण्य) था, इसलिए इन्हें आरण्य देवी कहा जाता है। 'आरा' शहर का नाम भी इन्हीं देवी के नाम पर पड़ा है। प्रतिमा: मंदिर के गर्भगृह में दो प्रमुख प्रतिमाएँ हैं - एक काली (महा सरस्वती) और दूसरी श्वेत (महालक्ष्मी), जो ५ फीट ऊँचे सिंहासन पर विराजमान हैं। महत्व: यह सिद्धपीठ है और नवरात्र के दौरान यहाँ विशेष उत्सव और भारी भीड़ होती है मां आरण्य देवी (जिन्हें स्थानीय स्तर पर कई बार 'आयरन देवी' कहा जाता है) बिहार के आरा (भोजपुर) शहर की सबसे प्रमुख अधिष्ठात्री देवी हैं। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक (सिद्धपीठ) माना जाता है, जिसका संबंध रामायण काल और पांडवों (महाभारत) से है। यहाँ माँ के महालक्ष्मी और महासरस्वती रूप की पूजा होती है। मां आरण्य देवी के बारे में मुख्य बातें: स्थान: यह मंदिर बिहार के आरा शहर के शीश महल चौक के पास स्थित है। इतिहास और मान्यता: मान्यता है कि पांडवों ने वनवास के दौरान इस स्थान पर देवी की स्थापना की थी। रामायण काल में भी भगवान राम ने यहाँ पूजा की थी। नाम का अर्थ: 'आरण्य' का अर्थ है 'वन' (जंगल)। चूँकि यह क्षेत्र प्राचीन काल में वन (आरण्य) था, इसलिए इन्हें आरण्य देवी कहा जाता है। 'आरा' शहर का नाम भी इन्हीं देवी के नाम पर पड़ा है। प्रतिमा: मंदिर के गर्भगृह में दो प्रमुख प्रतिमाएँ हैं - एक काली (महा सरस्वती) और दूसरी श्वेत (महालक्ष्मी), जो ५ फीट ऊँचे सिंहासन पर विराजमान हैं। महत्व: यह सिद्धपीठ है और नवरात्र के दौरान यहाँ विशेष उत्सव और भारी भीड़ होती है
मां आरण्य देवी (जिन्हें स्थानीय स्तर पर कई बार 'आयरन देवी' कहा जाता है) बिहार के आरा (भोजपुर) शहर की सबसे प्रमुख अधिष्ठात्री देवी हैं। यह मंदिर 108 शक्तिपीठों में से एक (सिद्धपीठ) माना जाता है, जिसका संबंध रामायण काल और पांडवों (महाभारत) से है। यहाँ माँ के महालक्ष्मी और महासरस्वती रूप की पूजा होती है। मां आरण्य देवी के बारे में मुख्य बातें: स्थान: यह मंदिर बिहार के आरा शहर के शीश महल चौक के पास स्थित है। इतिहास और मान्यता: मान्यता है कि पांडवों ने वनवास के दौरान इस स्थान पर देवी की स्थापना की थी। रामायण काल में भी भगवान राम ने यहाँ पूजा की थी। नाम का अर्थ: 'आरण्य' का अर्थ है 'वन' (जंगल)। चूँकि यह क्षेत्र प्राचीन काल में वन (आरण्य) था, इसलिए इन्हें आरण्य देवी कहा जाता है। 'आरा' शहर का नाम भी इन्हीं देवी के नाम पर पड़ा है। प्रतिमा: मंदिर के गर्भगृह में दो प्रमुख प्रतिमाएँ हैं - एक काली (महा सरस्वती) और दूसरी श्वेत (महालक्ष्मी), जो ५ फीट ऊँचे सिंहासन पर विराजमान हैं। महत्व: यह सिद्धपीठ है और नवरात्र के दौरान यहाँ विशेष उत्सव और भारी भीड़ होती है मां आरण्य देवी (जिन्हें स्थानीय स्तर पर कई बार 'आयरन देवी' कहा जाता है) बिहार के आरा (भोजपुर) शहर की सबसे प्रमुख अधिष्ठात्री देवी हैं। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक (सिद्धपीठ) माना जाता है, जिसका संबंध रामायण काल और पांडवों (महाभारत) से है। यहाँ माँ के महालक्ष्मी और महासरस्वती रूप की पूजा होती है। मां आरण्य देवी के बारे में मुख्य बातें: स्थान: यह मंदिर बिहार के आरा शहर के शीश महल चौक के पास स्थित है। इतिहास और मान्यता: मान्यता है कि पांडवों ने वनवास के दौरान इस स्थान पर देवी की स्थापना की थी। रामायण काल में भी भगवान राम ने यहाँ पूजा की थी। नाम का अर्थ: 'आरण्य' का अर्थ है 'वन' (जंगल)। चूँकि यह क्षेत्र प्राचीन काल में वन (आरण्य) था, इसलिए इन्हें आरण्य देवी कहा जाता है। 'आरा' शहर का नाम भी इन्हीं देवी के नाम पर पड़ा है। प्रतिमा: मंदिर के गर्भगृह में दो प्रमुख प्रतिमाएँ हैं - एक काली (महा सरस्वती) और दूसरी श्वेत (महालक्ष्मी), जो ५ फीट ऊँचे सिंहासन पर विराजमान हैं। महत्व: यह सिद्धपीठ है और नवरात्र के दौरान यहाँ विशेष उत्सव और भारी भीड़ होती है
- अपने फिल्मी के बारे में बोले विजय चौहान और अभिनेता चिंटू तिवारी1
- सेया सद्भाव संघर्ष मो०-9661780030 6202898862 संबद्ध विहार राज्य अराजपत्रित गोप गुट निबंधन संख्या 26941983 एवं पंजीकृत संख्या 6637-4-1967 में संयुक्त विहार राज्य सिंचाई विभाग मौसमी कर्मचारी युनियन। पटना, बिहार। प्रदेश अध्यक्ष, मो० इम्तेयाज भारती श्री भाई दिनेश पूर्व विधायक मो० नं०-9431480059 राचिय मो० नं०-8540982650 पत्रांक 26 दिनांक 20-3-2020 सेवा में जिलाधिकारी महोदय आरा भोजपुर विष्य खरिफ एवं रबी सिजन 2025.2026 में कार्य किया गये सिंचाई मौसमी कर्मचारी मजदुरों का भुगतान नहीं होने के विरूध में अनिश्चिकालीन धरना प्रदर्शन करने के संम्बंध में महाशय उपर लीखे विषय के संम्बंध में करना है की 2025 खग्फि एवं 2026 रवि सिजन में कार्य किए गय सिचाई मौसमी मजदुरी का मजदुरी का भुगतान अभी तक नही, किया गया है। जिसके विरूध मे हम सारे मौसमी सिचाई मजदुर दिनांक 23.03.2026 से अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन करेगें जब तक गरीब मजदुरो के खुन पसीना के कमाई मजदुरो के खाते में नहीं आएगा घरना प्रदर्शन जारी रहेगा । अतः श्रीमान् से नम्रनिवेदन है कि हमारी मांगो पर विचार कर अविलम्ब भुगतान कराने की कृपा प्रदान करें। इसके लिए हम लोग श्रीमान् का अभारी रहेगे आपका विश्वासी नाम- प्रतिलिपि० अनुमंडलाधिकारी आरा प्रतिलिपि अधिक्षण अभियंता सोन नहर अंचल आरा2
- आरा से संजय श्रीवास्तव एसबी पब्लिक स्कूल की 30 वी वर्षगांठ पर हुए कई कार्यक्रम एसबी पब्लिक स्कूल के प्रांगण में 30वी वर्षगांठ का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उदघाटन डी पी ओ एसएस ए चंदन प्रभाकर स्कूल की प्राचार्य श्रीमती शीला पांडे के द्वारा दीप प्रज्वलन करके किया गया। डी पी ओ चंदन प्रभाकर ने कहा कि मैने विद्यालय प्राचार्या श्रीमती शीला पाण्डेय के बारे में यही सुना है कि आप एक कुशल अनुशासन प्रिय महिला है।।आपके अथक परिश्रम का परिणाम रहा है कि यहां की छात्राएं विभिन्न जगहों पर अपनी सेवाएं दे रही है। बाल कलाकारों के ऐसे कार्यक्रम को देखकर बहुत खुशी हुई। उन्होंने कहा कि आपके स्कूल के विद्यार्थियों में अच्छी शिक्षा ग्रहण करने की क्षमता है। कार्यक्रम के समापन के पूर्व 8 ,7 और 6 कक्षा की बच्चियों ने विभिन्न गानों पर थिरककर आयोजन में चार चांदलगा दिया।मंच संचालन श्री कृष्ण गोपाल मिश्र ने किया। विद्यालय सभागार में बहुत संख्या में लोग उपस्थित थे। इस कार्यक्रम के साक्षी विद्यालय के अध्यक्ष उदय राय, सभी शिक्षक ,शिक्षिकाएं चिल्ड्रन एसोसिएशन के अध्यक्ष मिथलेश रंजन उपाध्यक्ष अविनाश मंत्री मंत्री मनोज कुमार सिंह उपस्थित थे।श्री मृत्युंजय पाठक सहित सभी लोग वहां पर अंत तक बने रहे। सभी को धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्या श्रीमती शीला पांडे ने किया। बाइट। डीपीओ चंदन प्रभाकर बाइट। प्राचार्य श्रीमती शीला पांडे1
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- क्या दबाव में आया अमेरिका नाटो को बताया कागज, खामेनेई की मौत का बदला लिए बिना नहीं मानेगा ईरान, भारत में अभी तक क्या पड़ा इस मिडिल ईस्ट वार का असर... जानिए मुस्लिम बुद्धिजीवी सैयद अब्दुल्ला तारिक अल्लामा साहेब और रक्षा विशेषज्ञ ग्रुप कैप्टन प्रेमवीर सिंह जी से राजपथ न्यूज़ पर...1
- 🔴 फरीदाबाद में गैस संकट: 15 दिन से नहीं मिल रहे सिलेंडर, बढ़ी कीमतों से जनता परेशान ।। फरीदाबाद (हरियाणा): सुबह की सैर के दौरान डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने एक गैस एजेंसी के बाहर लंबी कतार में खड़े लोगों, खासकर महिलाओं से बातचीत की। इस दौरान उपभोक्ताओं ने अपनी गंभीर समस्याएं साझा कीं। लोगों ने बताया कि बुकिंग कराने के बावजूद उन्हें 15 दिनों तक कुकिंग गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है। इतना ही नहीं, प्रति सिलेंडर ₹60 तक कीमत बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई उपभोक्ताओं को गैस डिलीवरी का मैसेज तो मिल जाता है, लेकिन असल में सिलेंडर उन्हें प्राप्त नहीं होता। एजेंसी की ओर से भी इस मामले में कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने केंद्र और प्रदेश सरकार से इस गंभीर समस्या पर जल्द ध्यान देने और समाधान निकालने का अनुरोध किया है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। 📌 #FaridabadNews #GasCrisis #LPGProblem #PublicIssue #DrSiddharthBhattacharya #HaryanaNews #CommonManIssues #GasCylinder #BreakingNews #IndiaNews1
- बिहार में महिलाओं की स्थिति को बताते हुए प्रशांत किशोर ने कहा की अन्य राज्यो की तुलना में बिहार गरीब होते हुए भी बेटियो को एक रोटी मे से आधी रोटी का हिस्सा देते है,गरीबी के बाद भी बेटियो से बहुत स्नेह रखते है बिहार के बेटियो के माता पिता,प्रशांत किशोर,!1
- बाइक चोर गिरोह के विरुद्ध भोजपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5 मोटरसाइकिल के साथ 5 अभियुक्त गिरफ्तार1