पर्यावरण संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन, सख्त कानून बनाने की मांग बुधवार को पर्यावरण संघर्ष समिति राजस्थान की ओर से राज्य में हो रही अंधाधुंध वृक्ष कटाई को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में राज्यभर में तेजी से कट रहे पेड़ों पर गहरी चिंता जताते हुए प्रभावी और सख्त कानून (ट्री एक्ट) बनाने की मांग की गई है। ज्ञापन में इमिलाल नैण ने बताया कि राज्य में पिछले लंबे समय से अवैध वृक्ष कटाई जारी है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। समिति ने उल्लेख किया कि बीते 600 दिनों में ही लाखों पेड़ों की कटाई हो चुकी है, जिसमें जाल, खेजड़ी, कुम्भट, फोग सहित कई संरक्षित और उपयोगी प्रजातियां शामिल हैं। जोधपुर, बालोतरा, फलोदी और बीकानेर जिलों में यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। पर्यावरण संघर्ष समिति ने मांग की है कि पेड़ों की कटाई रोकने के लिए अलग से एक सशक्त कानून बनाया जाए, जिसमें सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान हो। साथ ही किसी भी विकास परियोजना को स्वीकृति देने से पहले पेड़ों की गणना, स्थानीय निकायों से एनओसी और ग्रीन बेल्ट विकसित करना अनिवार्य किया जाए। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कानून नहीं बनाया गया तो 2 फरवरी 2026 को बीकानेर संभाग मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन महाधरना शुरू किया जाएगा। पर्यावरण प्रेमियों ने राज्य सरकार से पर्यावरण संरक्षण के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन, सख्त कानून बनाने की मांग बुधवार को पर्यावरण संघर्ष समिति राजस्थान की ओर से राज्य में हो रही अंधाधुंध वृक्ष कटाई को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में राज्यभर में तेजी से कट रहे पेड़ों पर गहरी चिंता जताते हुए प्रभावी और सख्त कानून (ट्री एक्ट) बनाने की मांग की गई है। ज्ञापन में इमिलाल नैण ने बताया कि राज्य में पिछले लंबे समय से अवैध वृक्ष कटाई जारी है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। समिति ने उल्लेख किया कि बीते 600 दिनों में ही लाखों पेड़ों की कटाई हो चुकी है, जिसमें जाल, खेजड़ी, कुम्भट, फोग सहित कई संरक्षित और उपयोगी प्रजातियां शामिल हैं। जोधपुर, बालोतरा, फलोदी और बीकानेर जिलों में यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। पर्यावरण संघर्ष समिति ने मांग की है कि पेड़ों की कटाई रोकने के लिए अलग से एक सशक्त कानून बनाया जाए, जिसमें सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान हो। साथ ही किसी भी विकास परियोजना को स्वीकृति देने से पहले पेड़ों की गणना, स्थानीय निकायों से एनओसी और ग्रीन बेल्ट विकसित करना अनिवार्य किया जाए। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कानून नहीं बनाया गया तो 2 फरवरी 2026 को बीकानेर संभाग मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन महाधरना शुरू किया जाएगा। पर्यावरण प्रेमियों ने राज्य सरकार से पर्यावरण संरक्षण के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है।
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- Post by रमेश सिंह1
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- chori ki bijali chalane walon ki jaanch karne Gai team to use team ke sath Kiya jhagada ladiss logon ke aage karne per aadha Pai Ho Gai bahut jyada ladai Hui use ladai ka Karan Hai chori Se bijali Le jaane ke liye koi hamen dhamkay nahin iska matlab yahi hai iski jald se jald jankari ki jaaye1
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