छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी: मुख्यमंत्री कृषि विभाग में चयनित 3446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) व 126 मंडी सचिवों को सीएम योगी आदित्यनाथ ने सौंपे नियुक्ति पत्र छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी: मुख्यमंत्री कृषि विभाग में चयनित 3446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) व 126 मंडी सचिवों को सीएम योगी आदित्यनाथ ने सौंपे नियुक्ति पत्र *उत्तर प्रदेश में 9 साल में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरीः सीएम योगी* *जापान, जर्मनी, इजराइल समेत अनेक देश दे रहे यूपी के युवाओं को नौकरीः मुख्यमंत्री* *सीएम ने कहा- 2017 के पहले खेतों से मोटर चोरी कराते थे सरकार के लोग, अब चोरी की तो अंजाम भुगतना पड़ेगा* *लखनऊ, 25 अगस्त।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने 9 साल में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी ढंग से बिना भेदभाव सरकारी नौकरियां दी हैं। यूपी में कभी एक लाख नौकरियां कल्पना होती थी, लेकिन हम छह महीने के भीतर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र देने जा रहे हैं। रिजल्ट की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा कृषि विभाग में नवचयनित 3446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) व 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र सौंपने के उपरांत युवाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवचयनितों से कहा कि सरकार ने पारदर्शी नियुक्ति दी है तो आप भी इसका लाभ प्रदेश, भावी पीढ़ी और देश को दें। कर्तव्य का ईमानदारी से निर्वहन ही ‘नेशन फर्स्ट’ की थ्योरी है। *सीएम ने थपथपाई आयोग की पीठ* सीएम ने कहा कि हमारे आयोग व बोर्ड पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया से बिना भेदभाव, आरक्षण नियमों का पालन करते हुए योग्य अभ्यर्थियों को मेरिट के अनुसार सफलतापूर्वक नियुक्ति पत्र दिला रहे हैं। यह प्रशंसनीय है। योग्यतम अभ्यर्थियों के चयन से उनकी ऊर्जा का लाभ पूरे प्रदेश को मिलता है। *अधियाचन के छह महीने में परिणाम दें* सीएम ने आयोग व बोर्डों के अधिकारियों से कहा कि आपके कार्यों में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है। यदि हमने स्वतंत्रता दी है तो समय से परिणाम लाइए। अधियाचन जाने के बाद परिणाम आने में छह महीने से अधिक नहीं लगना चाहिए। एक महीने के अंदर विज्ञापन और अगले दो महीने के अंदर परीक्षा कराएं। प्रक्रिया को सहज-सरल बनाएं, जिससे युवा अपनी ऊर्जा का लाभ दे सके। जब हम युवा ऊर्जा को साथ लेकर चलते हैं तो परिणाम आते हैं। *9 साल में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी* सीएम ने 9 साल में पारदर्शी नियुक्तियों को डबल इंजन सरकार की उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस दौरान सरकार ने 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई है। किसी भी नियुक्ति पर कोई प्रश्न नहीं खड़ा कर सकता। 2017 से पहले तो विज्ञापन निकलते ही चाचा-भतीजे की जोड़ी और महाभारत का खानदान वसूली करने निकल पड़ता था। युवा भटकता था, लेकिन परिणाम नहीं आता था। अंततः माननीय न्यायालय को स्टे करना पड़ता था। युवाओं का समय और उम्र खराब होती थी। नौकरी न पाने वाले युवाओं को लोग किसी काम का नहीं मानते थे, लेकिन गलती युवा की नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र में बैठे राजनेताओं, आयोगों व बोर्डों में बैठे बेईमान लोगों की होती थी। हमारी सरकार ने कहा था कि नकल माफिया की कमर तोड़ेंगे और उनके आकाओं को भी जमीन दिखाएंगे। हम लोगों ने माफिया की संपत्ति जब्त कराकर उनसे वसूली कराई। *नौजवानों की दुश्मन थी पिछली सरकार* सीएम ने 2017 से पहले यूपी बोर्ड की परीक्षा की दुर्दशा भी बताई और कहा कि तीन महीने परीक्षा और तीन महीने परिणाम आने में लगते थे। फिर अगले तीन महीने त्योहारों के बीच प्रवेश प्रक्रिया चलती थी। बच्चों को पढ़ाई के लिए तीन महीने भी नहीं मिल पाते थे। नौजवानों की दुश्मन सपा सरकार नकल करवाती थी और नौजवानों को किसी लायक नहीं छोड़ती थी। *एक महीने में परीक्षा व परिणाम नहीं देने वाले कुर्सी छोड़ें* मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 में सीएम बनने के बाद मैंने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों से कहा कि परीक्षा व परिणाम एक महीने में दो। जवाब नकारात्मक मिला तो मैंने कहा कि तुम कुर्सी छोड़ो, मैं एक महीने के अंदर यह कराऊंगा। आज यूपी बोर्ड के 56 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा 14 दिन में होती है और अगले 14 दिन में परिणाम आता है। पहले फरवरी से शुरू हुई परीक्षा जून में लू-तपती गर्मी तक चलती थी। अब नकलविहीन परीक्षा और समय से परिणाम आ रहे हैं। विश्वविद्यालयों को भी सुधार लाने का निर्देश दिया गया है। शिक्षण संस्थान बच्चों की स्किलिंग, करियर, रोजगार के लिए भी खुद को तैयार करें। *युवाओं की उपेक्षा कर विकास नहीं कर सकती सरकार* सीएम ने कहा कि इन 9.30 लाख युवाओं ने डेमोग्राफिक डिविडेंड के रूप में यूपी को लाभान्वित किया है। यूपी की अर्थव्यवस्था व प्रतिव्यक्ति आय को तीन गुना करने में योगदान दिया है। पिछली सरकारें युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करती थीं। बंदरबांट कर पैसे के बल पर नौकरी देती थीं, लेकिन आज युवाओं के चेहरे की खुशी बता रही है कि बिना किसी लेनदेन, सिफारिश के उनके सपनों को उड़ान मिल रही है। युवा यूपी को बीमारू राज्य से उबारकर टॉप-3 राज्य बनाने में सफल हुए हैं। कोई सरकार युवाओं की उपेक्षा करके न विकास कर सकती और न ही परिणाम ला सकती है। *यूपी के युवाओं को दुनिया दे रही नौकरी* सीएम ने कहा कि 2017 के पहले यहां कोई नहीं आता था, लेकिन दुनिया आज यूपी के नौजवानों को मांग रही है। उन्होंने विगत दिनों यूपी में आए जापान के प्रतिनिधिमंडल का भी जिक्र किया। कहा कि 240 सदस्यों का इतना बड़ा दल पहली बार भारत आया। इसमें बड़े नेता, अधिकारी, इडस्ट्री-बिजनेस लीडर्स शामिल थे। वे यूपी के युवाओं को जापान में नौकरी देना चाहते हैं। जर्मनी, इजराइल भी यूपी के नौजवानों को नौकरी देते हैं। इजराइल में यूपी के 5000 नौजवान गए, वहां डेढ़ लाख रुपये प्राप्त करते हैं। घर पर भी पैसा भेज रहे हैं। उनके रहने-खाने की भी व्यवस्था है। इजराइल जब युद्ध लड़ रहा था, तब भी यूपी के युवा वहां काम कर रहे थे। *2017 के पहले खेतों से मोटर चोरी कराते थे सरकार के लोग* सीएम ने कहा कि 2017 से पहले किसान खेत में जाने से डरता था। उसकी मोटर चोरी हो जाती थी, लेकिन अब कोई मोटर चोरी नहीं करता, क्योंकि पता है कि ऐसा करने पर अंजाम भुगतना पड़ेगा। 2017 के पहले सरकार के लोग ही मोटर चोरी कराते थे। सीएम ने 2017 के पहले बिजली क्षेत्र की दुर्दशा का भी जिक्र करते हुए बताया कि यूपी के किसानों को सर्वाधिक (10 घंटे) बिजली मिलती है। 16 लाख से अधिक निजी ट्यूबवेल का 3000 करोड़ रुपये का बिजली बिल भी सरकार ने माफ किया। अब इसका भुगतान प्रदेश सरकार करती है। पहली बार यूपी में किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिला है। *जिस चीनी मिल का स्क्रैप 10 करोड़ में बिकता, उसे 3 करोड़ में बेच दिया* सीएम ने 2017 से पहले गन्ना किसानों की तबाही बयान की और बताया कि 2009 से चीनी मिलों पर बकाया था। 2007 से 2017 के बीच सपा-बसपा सरकारों ने 29 चीनी मिलों को बंद किया था और 21 को औने-पौने दाम पर बेच दिया था। गोरखपुर मंडल की एक चीनी मिल मात्र तीन करोड़ रुपये में बेची गई थी, जबकि उसका स्क्रैप ही 10 करोड़ में बिकता। उस जमीन की कीमत आज 1000 करोड़ रुपये है। बतौर सांसद मैंने आंदोलन किया और माफिया की चलने न दी। तत्कालीन सरकारें चीनी मिलों को बंद करती थीं। आज 122 मिलें चल रही हैं। *30 फीसदी तक पहुंचा सकते हैं कृषि विकास दर* सीएम ने कहा कि यूपी जितना सामर्थ्य किसी के पास नहीं है। यूपी ने कृषि विकास दर 8 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी किया। अब इसे और आगे बढ़ाते हुए 30 फीसदी तक पहुंचा सकते हैं। इसके लिए अच्छी क्वालिटी के बीज उपलब्ध कराने होंगे। चौधरी चरण सिंह सीड पार्क काम काम लखनऊ में प्रारंभ हो रहा है। अब 3.25 लाख करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजे जा चुके हैं। सीएम ने किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी जिक्र किया। *किसानों के लिए 2014-15 में आया पैसा हमने 2017 में बांटा* सीएम ने कहा कि 2014-15 में हुदहुद साइक्लोन आया था, जिससे असमय अतिवृष्टि, अनावृष्टि, अत्यधिक बारिश से वर्ष भर का फसल चक्र बिगड़ा था। उस समय केंद्र सरकार ने आपदा राहत से पैसा उपलब्ध कराया था। यह पैसा 2017 तक नहीं बंट पाया था। मुख्यमंत्री बनने के बाद हमने किसानों को वह पैसा बांटा। अब मानव-वन्यजीव संघर्ष, सर्पदंश, आकाशीय बिजली की चपेट में आने पर किसान, बटाईदार व परिवार वालों को 24 घंटे के भीतर 5 लाख की सहायता देते हैं। अतिवृष्टि-अनावृष्टि खेत का नुकसान हुआ है तो फसल बीमा का पैसा बाद में मिलेगा, लेकिन आपदा राहत का पैसा किसान को तत्काल दिलाते हैं। *हमारी सरकार ने सिंचाई के दायरे को भी बढ़ाया* सीएम ने कहा कि 2017 के पहले किसान सरकार के एजेंडे में ही नहीं था, लेकिन हमारी सरकार ने सिंचाई के दायरे को भी बढ़ाया। 2018 में बाणसागर परियोजना पूरी की। इससे ढाई लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिल रही है। अर्जुन सहायक परियोजना के जरिए महोबा से बांदा तक सिंचाई सुविधा को बढ़ाया। 1972 में बनी सरयू राष्ट्रीय नहर परियोजना 2021 में पूरी हुई। इससे बहराइच से गोरखपुर तक 9-10 जनपदों को 14 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा मिल रही है। *अच्छे कार्यों से किसानों के मन में जगह बनाइए* सीएम ने नवनियुक्त मंडी सचिवों से कहा कि मंडियों को चमकाइए। वह साफ-सुथरी हों, कचरे का निस्तारण व रंगरोगन हो। किसानों को बुनियादी सुविधाएं, सम्मान मिले, मंडी समिति की सड़कों का समय से निर्माण हो। शेड अच्छे व प्रभावी हों। किसान की उपज की खरीद व एमएसपी देने की उचित व्यवस्था हो। मंडी को ई-नाम से जोड़ने की कार्रवाई को बढ़ाइए। किसानों को वैल्यू एडिशन, ड्रिप एरिगेशन, स्प्रिंकलर प्रणाली, आधुनिक तकनीकों से जोड़ें ताकि उनकी आमदनी बढ़े। आपके अच्छे कार्यों से किसानों के मन में श्रद्धाभाव पैदा होगा। *यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं* सीएम ने कहा कि यूपी 140 करोड़ देशवासियों का भी पेट भरने की क्षमता रखता है। यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं है। यूपी में एक महीने की कुल खपत 4 लाख टन चीनी है और हमारे पास 28 लाख टन चीनी (7 महीने की चीनी) मौजूद है। 15 अक्टूबर से चीनी मिलें प्रारंभ होगी तो 90 लाख टन चीनी का और उत्पादन हो जाएगा। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव (कृषि) रविंद्र, कृषि निदेशक त्र्यंबक मणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी: मुख्यमंत्री कृषि विभाग में चयनित 3446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) व 126 मंडी सचिवों को सीएम योगी आदित्यनाथ ने सौंपे नियुक्ति पत्र छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी: मुख्यमंत्री कृषि विभाग में चयनित 3446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) व 126 मंडी सचिवों को सीएम योगी आदित्यनाथ ने सौंपे नियुक्ति पत्र *उत्तर प्रदेश में 9 साल में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरीः सीएम योगी* *जापान, जर्मनी, इजराइल समेत अनेक देश दे रहे यूपी के युवाओं को नौकरीः मुख्यमंत्री* *सीएम ने कहा- 2017 के पहले खेतों से मोटर चोरी कराते थे सरकार के लोग, अब चोरी की तो अंजाम भुगतना पड़ेगा* *लखनऊ, 25 अगस्त।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने 9 साल में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी ढंग से बिना भेदभाव सरकारी नौकरियां दी हैं। यूपी में कभी एक लाख नौकरियां कल्पना होती थी, लेकिन हम छह महीने के भीतर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र देने जा रहे हैं। रिजल्ट की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा कृषि विभाग में नवचयनित 3446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) व 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र सौंपने के उपरांत युवाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवचयनितों से कहा कि सरकार ने पारदर्शी नियुक्ति दी है तो आप भी इसका लाभ प्रदेश, भावी पीढ़ी और देश को दें। कर्तव्य का ईमानदारी से निर्वहन ही ‘नेशन फर्स्ट’ की थ्योरी है। *सीएम ने थपथपाई आयोग की पीठ* सीएम ने कहा कि हमारे आयोग व बोर्ड पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया से बिना भेदभाव, आरक्षण नियमों का पालन करते हुए योग्य अभ्यर्थियों को मेरिट के अनुसार सफलतापूर्वक नियुक्ति पत्र दिला रहे हैं। यह प्रशंसनीय है। योग्यतम अभ्यर्थियों के चयन से उनकी ऊर्जा का लाभ पूरे प्रदेश को मिलता है। *अधियाचन के छह महीने में परिणाम दें* सीएम ने आयोग व बोर्डों के अधिकारियों से कहा कि आपके कार्यों में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है। यदि हमने स्वतंत्रता दी है तो समय से परिणाम लाइए। अधियाचन जाने के बाद परिणाम आने में छह महीने से अधिक नहीं लगना चाहिए। एक महीने के अंदर विज्ञापन और अगले दो महीने के अंदर परीक्षा कराएं। प्रक्रिया को सहज-सरल बनाएं, जिससे युवा अपनी ऊर्जा का लाभ दे सके। जब हम युवा ऊर्जा को साथ लेकर चलते हैं तो परिणाम आते हैं। *9 साल में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी* सीएम ने 9 साल में पारदर्शी नियुक्तियों को डबल इंजन सरकार की उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस दौरान सरकार ने 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई है। किसी भी नियुक्ति पर कोई प्रश्न नहीं खड़ा कर सकता। 2017 से पहले तो विज्ञापन निकलते ही चाचा-भतीजे की जोड़ी और महाभारत का खानदान वसूली करने निकल पड़ता था। युवा भटकता था, लेकिन परिणाम नहीं आता था। अंततः माननीय न्यायालय को स्टे करना पड़ता था। युवाओं का समय और उम्र खराब होती थी। नौकरी न पाने वाले युवाओं को लोग किसी काम का नहीं मानते थे, लेकिन गलती युवा की नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र में बैठे राजनेताओं, आयोगों व बोर्डों में बैठे बेईमान लोगों की होती थी। हमारी सरकार ने कहा था कि नकल माफिया की कमर तोड़ेंगे और उनके आकाओं को भी जमीन दिखाएंगे। हम लोगों ने माफिया की संपत्ति जब्त कराकर उनसे वसूली कराई। *नौजवानों की दुश्मन थी पिछली सरकार* सीएम ने 2017 से पहले यूपी बोर्ड की परीक्षा की दुर्दशा भी बताई और कहा कि तीन महीने परीक्षा और तीन महीने परिणाम आने में लगते थे। फिर अगले तीन महीने त्योहारों के बीच प्रवेश प्रक्रिया चलती थी। बच्चों को पढ़ाई के लिए तीन महीने भी नहीं मिल पाते थे। नौजवानों की दुश्मन सपा सरकार नकल करवाती थी और नौजवानों को किसी लायक नहीं छोड़ती थी। *एक महीने में परीक्षा व परिणाम नहीं देने वाले कुर्सी छोड़ें* मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 में सीएम बनने के बाद मैंने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों से कहा कि परीक्षा व परिणाम एक महीने में दो। जवाब नकारात्मक मिला तो मैंने कहा कि तुम कुर्सी छोड़ो, मैं एक महीने के अंदर यह कराऊंगा। आज यूपी बोर्ड के 56 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा 14 दिन में होती है और अगले 14 दिन में परिणाम आता है। पहले फरवरी से शुरू हुई परीक्षा जून में लू-तपती गर्मी तक चलती थी। अब नकलविहीन परीक्षा और समय से परिणाम आ रहे हैं। विश्वविद्यालयों को भी सुधार लाने का निर्देश दिया गया है। शिक्षण संस्थान बच्चों की स्किलिंग, करियर, रोजगार के लिए भी खुद को तैयार करें। *युवाओं की उपेक्षा कर विकास नहीं कर सकती सरकार* सीएम ने कहा कि इन 9.30 लाख युवाओं ने डेमोग्राफिक डिविडेंड के रूप में यूपी को लाभान्वित किया है। यूपी की अर्थव्यवस्था व प्रतिव्यक्ति आय को तीन गुना करने में योगदान दिया है। पिछली सरकारें युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करती थीं। बंदरबांट कर पैसे के बल पर नौकरी देती थीं, लेकिन आज युवाओं के चेहरे की खुशी बता रही है कि बिना किसी लेनदेन, सिफारिश के उनके सपनों को उड़ान मिल रही है। युवा यूपी को बीमारू राज्य से उबारकर टॉप-3 राज्य बनाने में सफल हुए हैं। कोई सरकार युवाओं की उपेक्षा करके न विकास कर सकती और न ही परिणाम ला सकती है। *यूपी के युवाओं को दुनिया दे रही नौकरी* सीएम ने कहा कि 2017 के पहले यहां कोई नहीं आता था, लेकिन दुनिया आज यूपी के नौजवानों को मांग रही है। उन्होंने विगत दिनों यूपी में आए जापान के प्रतिनिधिमंडल का भी जिक्र किया। कहा कि 240 सदस्यों का इतना बड़ा दल पहली बार भारत आया। इसमें बड़े नेता, अधिकारी, इडस्ट्री-बिजनेस लीडर्स शामिल थे। वे यूपी के युवाओं को जापान में नौकरी देना चाहते हैं। जर्मनी, इजराइल भी यूपी के नौजवानों को नौकरी देते हैं। इजराइल में यूपी के 5000 नौजवान गए, वहां डेढ़ लाख रुपये प्राप्त करते हैं। घर पर भी पैसा भेज रहे हैं। उनके रहने-खाने की भी व्यवस्था है। इजराइल जब युद्ध लड़ रहा था, तब भी यूपी के युवा वहां काम कर रहे थे। *2017 के पहले खेतों से मोटर चोरी कराते थे सरकार के लोग* सीएम ने कहा कि 2017 से पहले किसान खेत में जाने से डरता था। उसकी मोटर चोरी हो जाती थी, लेकिन अब कोई मोटर चोरी नहीं करता, क्योंकि पता है कि ऐसा करने पर अंजाम भुगतना पड़ेगा। 2017 के पहले सरकार के लोग ही मोटर चोरी कराते थे। सीएम ने 2017 के पहले बिजली क्षेत्र की दुर्दशा का भी जिक्र करते हुए बताया कि यूपी के किसानों को सर्वाधिक (10 घंटे) बिजली मिलती है। 16 लाख से अधिक निजी ट्यूबवेल का 3000 करोड़ रुपये का बिजली बिल भी सरकार ने माफ किया। अब इसका भुगतान प्रदेश सरकार करती है। पहली बार यूपी में किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिला है। *जिस चीनी मिल का स्क्रैप 10 करोड़ में बिकता, उसे 3 करोड़ में बेच दिया* सीएम ने 2017 से पहले गन्ना किसानों की तबाही बयान की और बताया कि 2009 से चीनी मिलों पर बकाया था। 2007 से 2017 के बीच सपा-बसपा सरकारों ने 29 चीनी मिलों को बंद किया था और 21 को औने-पौने दाम पर बेच दिया था। गोरखपुर मंडल की एक चीनी मिल मात्र तीन करोड़ रुपये में बेची गई थी, जबकि उसका स्क्रैप ही 10 करोड़ में बिकता। उस जमीन की कीमत आज 1000 करोड़ रुपये है। बतौर सांसद मैंने आंदोलन किया और माफिया की चलने न दी। तत्कालीन सरकारें चीनी मिलों को बंद करती थीं। आज 122 मिलें चल रही हैं। *30 फीसदी तक पहुंचा सकते हैं कृषि विकास दर* सीएम ने कहा कि यूपी जितना सामर्थ्य किसी के पास नहीं है। यूपी ने कृषि विकास दर 8 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी किया। अब इसे और आगे बढ़ाते हुए 30 फीसदी तक पहुंचा सकते हैं। इसके लिए अच्छी क्वालिटी के बीज उपलब्ध कराने होंगे। चौधरी चरण सिंह सीड पार्क काम काम लखनऊ में प्रारंभ हो रहा है। अब 3.25 लाख करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजे जा चुके हैं। सीएम ने किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी जिक्र किया। *किसानों के लिए 2014-15 में आया पैसा हमने 2017 में बांटा* सीएम ने कहा कि 2014-15 में हुदहुद साइक्लोन आया था, जिससे असमय अतिवृष्टि, अनावृष्टि, अत्यधिक बारिश से वर्ष भर का फसल चक्र बिगड़ा था। उस समय केंद्र सरकार ने आपदा राहत से पैसा उपलब्ध कराया था। यह पैसा 2017 तक नहीं बंट पाया था। मुख्यमंत्री बनने के बाद हमने किसानों को वह पैसा बांटा। अब मानव-वन्यजीव संघर्ष, सर्पदंश, आकाशीय बिजली की चपेट में आने पर किसान, बटाईदार व परिवार वालों को 24 घंटे के भीतर 5 लाख की सहायता देते हैं। अतिवृष्टि-अनावृष्टि खेत का नुकसान हुआ है तो फसल बीमा का पैसा बाद में मिलेगा, लेकिन आपदा राहत का पैसा किसान को तत्काल दिलाते हैं। *हमारी सरकार ने सिंचाई के दायरे को भी बढ़ाया* सीएम ने कहा कि 2017 के पहले किसान सरकार के एजेंडे में ही नहीं था, लेकिन हमारी सरकार ने सिंचाई के दायरे को भी बढ़ाया। 2018 में बाणसागर परियोजना पूरी की। इससे ढाई लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिल रही है। अर्जुन सहायक परियोजना के जरिए महोबा से बांदा तक सिंचाई सुविधा को बढ़ाया। 1972 में बनी सरयू राष्ट्रीय नहर परियोजना 2021 में पूरी हुई। इससे बहराइच से गोरखपुर तक 9-10 जनपदों को 14 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा मिल रही है। *अच्छे कार्यों से किसानों के मन में जगह बनाइए* सीएम ने नवनियुक्त मंडी सचिवों से कहा कि मंडियों को चमकाइए। वह साफ-सुथरी हों, कचरे का निस्तारण व रंगरोगन हो। किसानों को बुनियादी सुविधाएं, सम्मान मिले, मंडी समिति की सड़कों का समय से निर्माण हो। शेड अच्छे व प्रभावी हों। किसान की उपज की खरीद व एमएसपी देने की उचित व्यवस्था हो। मंडी को ई-नाम से जोड़ने की कार्रवाई को बढ़ाइए। किसानों को वैल्यू एडिशन, ड्रिप एरिगेशन, स्प्रिंकलर प्रणाली, आधुनिक तकनीकों से जोड़ें ताकि उनकी आमदनी बढ़े। आपके अच्छे कार्यों से किसानों के मन में श्रद्धाभाव पैदा होगा। *यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं* सीएम ने कहा कि यूपी 140 करोड़ देशवासियों का भी पेट भरने की क्षमता रखता है। यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं है। यूपी में एक महीने की कुल खपत 4 लाख टन चीनी है और हमारे पास 28 लाख टन चीनी (7 महीने की चीनी) मौजूद है। 15 अक्टूबर से चीनी मिलें प्रारंभ होगी तो 90 लाख टन चीनी का और उत्पादन हो जाएगा। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव (कृषि) रविंद्र, कृषि निदेशक त्र्यंबक मणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
- लखनऊ। राजधानी लखनऊ के थाना दुबग्गा क्षेत्र में हरे-भरे आम के पेड़ों की कथित रूप से खुलेआम कटान का मामला सामने आया है। आरोप है कि दिनदहाड़े पेड़ों को काटकर उनकी लकड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोड कर ले जाई जा रही है। मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या पेड़ कटान करने वालों के बीच कानून का खौफ खत्म हो गया है, या फिर उन्हें किसी स्तर से संरक्षण प्राप्त है? यदि उक्त पेड़ों की कटान के लिए वैध अनुमति प्राप्त है, तो संबंधित अनुमति/परमिट की जानकारी सार्वजनिक कर आमजन को अवगत कराया जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। अब देखना यह है कि वन विभाग एवं पुलिस प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर जांच करता है या नहीं और यदि कटान अवैध पाया जाता है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है. दुबग्गा में खुलेआम आम के हरे-भरे पेड़ों की कटान, ट्रैक्टर-ट्रॉली से हो रही लकड़ी की लोडिंग1
- लखनऊ व्यूरो रिपोर्ट बाबा देंगे लाख सरकारी नौकरियां युवाओं मिलेगा रोजगार1
- इंदिरा नगर के लवकुश नगर से निकला बारावफात का जुलूस, हजारों की संख्या में उमड़े अकीदतमंद* 🔴 **लखनऊ ब्रेकिंग* | *इंदिरा नगर के लवकुश नगर से निकला बारावफात का जुलूस, हजारों की संख्या में उमड़े अकीदतमंद* *लखनऊ में बारावफात के जुलूस में उमड़ा आस्था का सैलाब* पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर बारावफात (ईद-ए-मिलाद-उन-नबी) का जुलूस इंदिरा नगर स्थित लवकुश नगर की गौसिया मस्जिद से श्रद्धा, शांति और सौहार्द के साथ निकाला गया। जुलूस में हजारों की संख्या में लोगों ने शामिल होकर पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब को खिराज-ए-अकीदत पेश की। जुलूस के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। इस दौरान भारत का तिरंगा शान के साथ लहराता हुआ नजर आया, जो देश की एकता और भाईचारे का संदेश देता दिखा। *सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थाना गाजीपुर पुलिस टीम भी बड़ी संख्या में मौके पर मौजूद रही। पुलिसकर्मियों ने जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए यातायात और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाई।* *बारावफात के जुलूस में धार्मिक आस्था के साथ शांति, सौहार्द, भाईचारे और देश की एकता का संदेश भी देखने को मिला।* *समीर नक़वी* ✍️✍️1
- *सरकारी स्कूलों के लिए जिम्मेदार अफसरों के बच्चे प्राइवेट में:* सिर्फ एक शिक्षा अधिकारी का बेटा यूपी बोर्ड में, जानिए किसके बच्चे कहां पढ़ रहे जानिए किस बड़े शिक्षा अधिकारी के बच्चे कहां पढ़ रहे हैं?उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों में तैनात शिक्षा अधिकारियों के बच्चों की स्कूलिंग की स्थिति इस प्रकार है:अधिकारी का नाम व पदतैनात जिलाबच्चों की पढ़ाई और स्कूल का विवरणविनोद मिश्रा (DIOS)लखीमपुर खीरीदो बेटे हैं। दोनों लखनऊ के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) में क्रमशः 11वीं और 8वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं.संतोष कुमार (DIOS)प्रयागराजइनके दो बच्चे हैं, जो लखनऊ के प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं.अजीत सिंह (DIOS)गोरखपुरबेटा और बेटी दोनों ICSE बोर्ड के लिटिल फ्लावर स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं.संजय तिवारी (BSA)अमेठीदो बेटे (सम्राट और स्वराज) हैं, जो CBSE बोर्ड के प्राइवेट स्कूल में कक्षा 4 और केजी (KG) में हैं.मुकुल आनंद पांडे (BSA)सोनभद्र10 साल का बेटा गाजीपुर के एक कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा 4 का छात्र है.रिपोर्ट के मुख्य बिंदुCBSE और ICSE पहली पसंद: ज्यादातर बड़े शिक्षा अधिकारियों की पहली पसंद सीबीएसई (CBSE) या आईसीएसई (ICSE) बोर्ड के महंगे कॉन्वेंट स्कूल हैं.देहात में तैनाती, लखनऊ में पढ़ाई: कई अधिकारी ऐसे जिलों या ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात हैं जहां के सरकारी स्कूलों को सुधारने का जिम्मा उन पर है, लेकिन उनके खुद के बच्चे राजधानी लखनऊ के बड़े स्कूलों के हॉस्टलों या वहां रहकर पढ़ रहे हैं.उच्च शिक्षा: कुछ वरिष्ठ अधिकारियों जैसे सीतापुर के बीएसए (BSA) गोरखनाथ पटेल के बच्चे स्कूली शिक्षा पूरी कर MBBS जैसी उच्च शिक्षा की पढ़ाई कर रहे हैं.छोटे बच्चे: कई युवा अधिकारियों (जैसे आजमगढ़, फतेहपुर, बहराइच, बलिया और जौनपुर के BSA/DIOS) के बच्चे अभी बहुत छोटे हैं (3 महीने से 3 साल तक), इसलिए वे अभी स्कूल नहीं जाते हैं. ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ दैनिक समाचार पत्र1
- राजधानी लखनऊ में 12 रबीउल अव्वल के जुलूस में दिखी हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की खूबसूरत मिसाल राजधानी लखनऊ में 12 रबीउल अव्वल के मौके पर निकाले गए जुलूस के दौरान एक ऐसा खूबसूरत नज़ारा देखने को मिला, जिसने इंसानियत, भाईचारे और मोहब्बत का संदेश दिया। मेना बेकरी के पास से जुलूस निकलने के दौरान एक हिंदू भाई ने जुलूस में शामिल लोगों के लिए मोहब्बत और अपनापन दिखाते हुए पानी पिलाया। इस दौरान जिस तरह एक-दूसरे के प्रति सम्मान और भाईचारे का जज़्बा देखने को मिला, उसने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। यह तस्वीर सिर्फ पानी पिलाने की नहीं, बल्कि लखनऊ की गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी मोहब्बत की एक खूबसूरत मिसाल नजर आई। धर्म और मजहब से ऊपर उठकर एक इंसान का दूसरे इंसान के लिए आगे आना समाज के लिए बेहद खूबसूरत संदेश है। आज जब छोटी-छोटी बातों को लेकर लोगों के बीच दूरियां पैदा करने की कोशिशें होती हैं, ऐसे वक्त में इस तरह के नज़ारे उम्मीद जगाते हैं कि मोहब्बत और भाईचारा आज भी जिंदा है। जुलूस में शामिल लोगों ने भी इस हिंदू भाई के इस नेक काम की सराहना की। पानी पिलाकर उन्होंने यह संदेश दिया कि इंसानियत का कोई मजहब नहीं होता और मोहब्बत किसी एक धर्म की जागीर नहीं है। लखनऊ हमेशा से अपनी गंगा-जमुनी तहज़ीब, अदब और भाईचारे के लिए जाना जाता है। 12 रबीउल अव्वल के इस मौके पर सामने आया यह नज़ारा उसी परंपरा को और मजबूत करता दिखाई दिया। ऐसे लोग समाज के लिए मिसाल होते हैं, जो बिना किसी भेदभाव के दूसरों की सेवा करते हैं और अपने छोटे से प्रयास से बड़ी मोहब्बत का पैगाम देते हैं। इस हिंदू भाई को दिल से सलाम, जिन्होंने मोहब्बत और इंसानियत का खूबसूरत पैगाम दिया। ऐसे ही नज़ारे समाज में नफरत की दीवारों को कमजोर और भाईचारे की नींव को मजबूत करते हैं। मोहब्बत बांटिए, भाईचारा बढ़ाइए और इंसानियत को सबसे ऊपर रखिए1
- लखनऊ।* समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड ने बापू भवन चौराहे पर बाटी चीनी। *लखनऊ।* समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड ने बापू भवन चौराहे पर बाटी चीनी। बढ़ती चीनी के रेट को लेकर राजनीतिक दलों में दिख रहा है आक्रोश और रोष। जनता के बीच पहुंचकर यूथ ब्रिगेड ने बाटी चीनी। महंगाई की मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड सड़कों पर।1
- लखनऊ में बारावफ़ात-2026 के दृष्टिगत किये गये सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक प्रबंध के संबंध में JCP बबलू कुमार द्वारा दी गयी बाइट!! Lko Big Breaking राजधानी लखनऊ में बारावफ़ात-2026 के दृष्टिगत किये गये सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक प्रबंध के संबंध में JCP बबलू कुमार द्वारा दी गयी बाइट!!1
- नेपाल से भयानक तस्वीरें सामने आई हैं। रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। तेज बहाव में कई वाहन, पुल और नदी किनारे की बस्तियां बह गईं। टिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाके में सबसे ज्यादा नुकसान की खबर है। कई लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव के लिए नेपाल सेना, पुलिस और सुरक्षा बलों को लगाया गया है।2