उमरिया में मातमी पर्व मोहर्रम शरीफ की सातवीं तारीख यानी आज मंगलवार रात्रि 11 से 12 बजे के बीच बाबा हुजूर की सवारी उठेगी, जो नगर गस्त के लिए रवाना होगी। इमामबाड़ा मोहर्रम कमेटी के सदस्य एराश खान ने यह जानकारी दी है। यह सवारी इमामबाड़ा से निकलकर शहर की जामा मस्जिद, कैम्प स्थित मस्जिद, ताजिया स्थल और अखाड़ा सहित विभिन्न स्थलों से होते हुए वापस इमामबाड़ा पहुँचेगी। इस दौरान बाबा हुजूर की सवारी में भारी संख्या में लोग शामिल होते हैं। उमरिया शहर में मोहर्रम पर्व की प्रसिद्धि का मुख्य कारण उमरिया वाले बाबा हुजूर की यह सवारी ही है। इमामबाड़ा मोहर्रम कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारी मेंहदी हसन ने बताया कि नगर में इस सवारी का आगमन पहली बार सन् 1882 में हुआ था। शुरुआत में यह सवारी स्व. माधव सिंह जी को आई थी और 40 वर्षों तक उन्हीं के साथ जारी रही। उनके निधन के बाद, बाबा फूल सिंह जी को लगातार 70 वर्षों तक सवारी आती रही। बाबा फूल सिंह जी के निधन के उपरांत, पिछले 30 वर्षों से बाबा सुशील सिंह जी को सवारी की तशरीफ आमद होती चली आ रही है, जो आज भी बदस्तूर जारी है।
उमरिया में मातमी पर्व मोहर्रम शरीफ की सातवीं तारीख यानी आज मंगलवार रात्रि 11 से 12 बजे के बीच बाबा हुजूर की सवारी उठेगी, जो नगर गस्त के लिए रवाना होगी। इमामबाड़ा मोहर्रम कमेटी के सदस्य एराश खान ने यह जानकारी दी है। यह सवारी इमामबाड़ा से निकलकर शहर की जामा मस्जिद, कैम्प स्थित मस्जिद, ताजिया स्थल और अखाड़ा सहित विभिन्न स्थलों से होते हुए वापस इमामबाड़ा पहुँचेगी। इस दौरान बाबा हुजूर की सवारी में भारी संख्या में लोग शामिल होते हैं। उमरिया शहर में मोहर्रम पर्व की प्रसिद्धि का मुख्य कारण उमरिया वाले बाबा हुजूर की
यह सवारी ही है। इमामबाड़ा मोहर्रम कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारी मेंहदी हसन ने बताया कि नगर में इस सवारी का आगमन पहली बार सन् 1882 में हुआ था। शुरुआत में यह सवारी स्व. माधव सिंह जी को आई थी और 40 वर्षों तक उन्हीं के साथ जारी रही। उनके निधन के बाद, बाबा फूल सिंह जी को लगातार 70 वर्षों तक सवारी आती रही। बाबा फूल सिंह जी के निधन के उपरांत, पिछले 30 वर्षों से बाबा सुशील सिंह जी को सवारी की तशरीफ आमद होती चली आ रही है, जो आज भी बदस्तूर जारी है।
- जनहानि की एक घटना से जुड़ी और सिवनी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के आसपास लगातार विचरण कर रही एक मादा बाघ शावक को सिवनी से सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लाया गया था। इस शावक को मंगलवार सुबह करीब 5 बजे मगधी रेंज के बहेरहा बाड़े में सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया है। यह बाघ शावक सिवनी के दक्षिण वन मंडल क्षेत्र में लंबे समय से गांवों के आसपास देखी जा रही थी, जिससे जनसुरक्षा पर खतरा था। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने एक विशेष अभियान चलाकर उसे पिंजरे में सुरक्षित पकड़ा था। वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी में शावक को सिवनी से बांधवगढ़ लाया गया था। शावक को बाड़े में छोड़े जाने के दौरान उपसंचालक, सहायक संचालक मगधी, वन परिक्षेत्र अधिकारी मगधी, वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी और अन्य वनकर्मी मौजूद थे। रिलीज़ के बाद क्षेत्र संचालक ने शावक का निरीक्षण किया, जिसमें उसकी स्थिति पूरी तरह सामान्य पाई गई। वह बाड़े में सहज रूप से घूमती और वातावरण के अनुरूप खुद को ढालती दिखाई दी। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शावक की वैज्ञानिक तरीके से देखभाल की जाएगी और उसकी गतिविधियों व स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में, उपयुक्त समय आने पर उसे पुनः वन क्षेत्र में मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी। यह प्रयास मानव-वन्यप्राणी संघर्ष में शामिल, अनाथ या घायल बाघों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के चल रहे कार्यों का हिस्सा है, जिसे वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।1
- पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात और टीआई ज्योति शुक्ला के निर्देशन में दो दिवसीय चालानी कार्यवाही सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई करते हुए कुल एक लाख छह हजार नौ सौ रुपये (₹1,06,900) समन शुल्क के रूप में वसूल किए गए। दिनांक 21/06/26 को हुई कार्रवाई में बिना हेलमेट वाहन के 26 प्रकरणों से 7,800 रुपये और बिना वैध बीमा वाहन के 1 प्रकरण से 6,000 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। वहीं, दिनांक 22/06/26 को बिना हेलमेट के 16 प्रकरणों से 4,800 रुपये, बिना वैध बीमा वाहन के 1 प्रकरण से 500 रुपये, ओवर लोड माल के 2 प्रकरणों से 42,000 रुपये और बिना परमिटवस के मामलों में 10,000 रुपये वसूल किए गए। इसके अतिरिक्त, शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई और उनके प्रकरण तैयार कर न्यायालय में भेजे गए। इस पूरी कार्यवाही को सफलतापूर्वक संचालित करने में भारतेड पाण्डेय, कल्याण सिंह, अमय प्रताप सिंह, पीयूष मिश्रा, ब्रजेश यादव और चंद्र भान महोबिया ने अहम भूमिका निभाई।1
- मानपुर की एसडीएम हरनीत कौर कलसी ने सोमवार देर रात करीब 12 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मानपुर का औचक निरीक्षण कर सभी को चौंका दिया। इस आधी रात हुए प्रशासनिक दौरे से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम ने स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सकीय व्यवस्था और कर्मचारियों की उपस्थिति का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने पाया कि नाइट ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक और स्टाफ नर्स उपस्थित थे, और अस्पताल में भर्ती मरीजों को आवश्यक उपचार व दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही थीं। हालांकि, इस औचक निरीक्षण में अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था में कुछ खामियां पाई गईं। इन कमियों पर एसडीएम कलसी ने संबंधित अधिकारियों से सफाई कर्मियों का रोस्टर तलब किया है। एसडीएम कलसी ने इस दौरान जोर दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल की अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था में पाई गई कमियों को लेकर जवाब तलब किया जाएगा। प्रशासन द्वारा आधी रात किए गए इस निरीक्षण को प्रशासन की सक्रियता और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसकी लोगों ने सराहना की है।2
- भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ, जिला इकाई शहडोल ने पत्रकारों के विरुद्ध कथित तौर पर झूठी और भ्रामक शिकायतें कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने के प्रयासों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में, महासंघ ने पुलिस अधीक्षक शहडोल को एक ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी द्वारा प्रस्तुत आवेदन में बताया गया है कि वरिष्ठ पत्रकार साथी एवं ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता तथा संभागीय उपाध्यक्ष निलेश सोनी के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव ने फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की है, जिसे महासंघ ने प्रथम दृष्टया तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया है। महासंघ के अनुसार, ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने निलेश सोनी को दूरभाष पर यह जानकारी दी थी कि पत्रकार सूर्यभान यादव द्वारा किसी अन्य संगठन के नाम पर राशि लिए जाने और अतिरिक्त धनराशि की मांग किए जाने की बात सामने आई थी। इसी संबंध में तथ्य जानने के उद्देश्य से निलेश सोनी ने सूर्यभान यादव से फोन पर संपर्क किया था, जिसके दौरान बातचीत में विवाद की स्थिति बनी। इसके बाद कथित रूप से ऑडियो को संपादित कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और निलेश सोनी के विरुद्ध थाना ब्यौहारी में शिकायत भी दर्ज करा दी गई। महासंघ ने यह भी आरोप लगाया है कि ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता के विरुद्ध भी बिना किसी ठोस आधार के शिकायत दर्ज कराई गई, जिससे उनकी पत्रकारिता और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। इस मामले को लेकर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्लॉक इकाई ब्यौहारी ने 17 जून 2026 को थाना प्रभारी ब्यौहारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से पत्रकारों में असंतोष व्याप्त है। महासंघ का कहना है कि पत्रकारों के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करना और मानसिक प्रताड़ना देना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। संगठन ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति लगातार पत्रकार साथियों को बदनाम करने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि वायरल किए गए ऑडियो की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिकायत मिथ्या एवं दुर्भावनापूर्ण पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की प्रतिष्ठा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन निष्पक्षता और कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए पूरे मामले में न्याय सुनिश्चित करेगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह पत्रकारों की गरिमा एवं स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और किसी भी दुर्भावनापूर्ण गतिविधि का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध करता रहेगा।1
- कटनी में जन सुनवाई के दौरान नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत सीताराम चौधरी नामक एक कर्मचारी ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर कुछ व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदक ने बताया है कि जब उन्होंने वेतन मांगा, तो अभिषेक अजगरिया, मुकेश बघेल और कपिल पंडित परिहा (जो एक ड्राइवर हैं) ने कथित तौर पर उनके साथ छुआछूत का व्यवहार किया, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उन्हें अपमानित किया और गाली-गलौज की। 32 वर्षीय सीताराम चौधरी, जो शाहनगर, जिला पन्ना (म.प्र.) के निवासी हैं और वर्तमान में कलेक्ट्रेट परिसर के सामने स्थित गार्डन में बने कमरे में रहते हैं, ने यह भी आरोप लगाया है कि उक्त लोग उन्हें कार्य नहीं करने दे रहे हैं। पीड़ित कर्मचारी ने 23 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपना आवेदन प्रस्तुत करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। यह समाचार आवेदक द्वारा दिए गए आवेदन में लगाए गए आरोपों पर आधारित है, और मामले की पुष्टि एवं जांच संबंधित विभाग तथा पुलिस प्रशासन द्वारा की जानी शेष है।3
- कटनी जिले में स्थित बहोरीबंद जलाशय, जिसे 'भूता' के नाम से भी जाना जाता है, अपनी जल लहरों से लोगों को आकर्षित करता है। इस जलाशय की पानी की लहरें समुद्री लहरों से कम नहीं लगतीं, जिसके कारण यह लोगों को अपनी ओर खींचता है। इतनी प्राकृतिक सुंदरता और आकर्षण के बावजूद, इस बहोरीबंद जलाशय के लिए पर्यटन के क्षेत्र में कोई भी विकास योजना नहीं बनाई गई है।1
- कलेक्टर श्री तिवारी ने जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान उपस्थित होकर नागरिकों की समस्याओं पर ध्यान दिया।1
- कटनी जिले में एक कर्मचारी ने गंभीर आरोप लगाया है कि वेतन मांगने पर उसे अपमानित करने के लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और उसके साथ गाली-गलौज की गई। इस घटना के बाद, पीड़ित कर्मचारी ने न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) से संपर्क किया है।1