इटावा कचहरी परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर आज एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ 'इटावा लाइव' के पत्रकार आशीष बाजपेई के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की गई। यह आरोप शुगर सिंह जाटव पर लगा है। इस घटना के दौरान मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद होने के बावजूद मूकदर्शक बने रहे, जिससे उनकी भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना तब हुई जब कचहरी परिसर में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। विवाद बढ़ता रहा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे उनकी कार्यप्रणाली और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। सवाल उठ रहे हैं कि जिलाधिकारी कार्यालय जैसे संवेदनशील स्थान पर एक पत्रकार के साथ खुलेआम हुई इस अभद्रता और मारपीट के बावजूद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की। यह भी पूछा जा रहा है कि क्या पुलिस किसी बड़ी वारदात का इंतजार कर रही थी, या उनकी उपस्थिति में ही कानून का सरेआम उल्लंघन होता रहा। इस पूरे मामले को लेकर पत्रकार समुदाय और आम नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है। पत्रकार संगठनों ने इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, घटना के समय पुलिस की भूमिका की भी गहन जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगने की अपील की गई है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी मानी जाती है। यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं होंगे, तो निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता का निर्वहन कैसे संभव होगा, यह एक अहम सवाल है। फिलहाल, सभी की निगाहें प्रशासन और पुलिस की ओर से की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
इटावा कचहरी परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर आज एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ 'इटावा लाइव' के पत्रकार आशीष बाजपेई के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की गई। यह आरोप शुगर सिंह जाटव पर लगा है। इस घटना के दौरान मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद होने के बावजूद मूकदर्शक बने रहे, जिससे उनकी भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना तब हुई जब कचहरी परिसर में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। विवाद बढ़ता रहा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे उनकी कार्यप्रणाली और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। सवाल उठ रहे हैं कि जिलाधिकारी कार्यालय जैसे संवेदनशील स्थान पर एक पत्रकार के साथ खुलेआम हुई इस अभद्रता और मारपीट के बावजूद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की। यह भी पूछा जा रहा है कि क्या पुलिस किसी बड़ी वारदात का इंतजार कर रही थी, या उनकी उपस्थिति में ही कानून का सरेआम उल्लंघन होता रहा। इस पूरे मामले को लेकर पत्रकार समुदाय और आम नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है। पत्रकार संगठनों ने इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, घटना के समय पुलिस की भूमिका की भी गहन जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगने की अपील की गई है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी मानी जाती है। यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं होंगे, तो निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता का निर्वहन कैसे संभव होगा, यह एक अहम सवाल है। फिलहाल, सभी की निगाहें प्रशासन और पुलिस की ओर से की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
- सोमवती अमावस्या और पुरुषोत्तम मास के समापन पर इटावा शहर के छैराहा स्थित वृंदावन धाम श्री राधाबल्लभ मंदिर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जहां ठाकुर जी के दरबार को विभिन्न प्रकार के खुशबूदार फूलों से सजाकर आकर्षक फूल बंगला बनाया गया, वहीं भक्तों ने युगल सरकार को श्रद्धाभाव से नौका विहार भी कराया। मंदिर परिसर में भजन कीर्तन की धूम मची रही और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को भंडारे का प्रसाद वितरित किया गया। नौका विहार उत्सव और ठाकुर जी के फूल बंगले के दर्शन के लिए मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी। श्री राधाबल्लभ मंदिर में सभी उत्सव वृंदावन धाम की परंपराओं के अनुसार मनाए जाते हैं। हर साल शरद पूर्णिमा पर ठाकुर जी को चंद्रमा की रोशनी में शरद बिहार कराया जाता है, जबकि पुरुषोत्तम मास के संपन्न होने पर यह पहली बार था जब ठाकुर जी का नौका विहार उत्सव मनाया गया। इस पुरुषोत्तम मास के दौरान साल भर के सभी त्यौहार भी पारंपरिक ढंग से मनाए गए थे। ठाकुर जी के चरण सेवक गोपाल प्रकाश चंद्र गोस्वामी ने सुबह भगवान का पूजन-अर्चन कर विशेष श्रृंगार किया, जिसके बाद ठाकुर जी के दरबार में फूल बंगला सजाया गया और विभिन्न प्रकार के फलों के साथ जूस अर्पित किए गए। युगल सरकार को नौका विहार कराने के लिए ठाकुर जी के गर्भ गृह के बाहर एक विशेष छोटा तालाब बनाया गया था, जिसमें गुलाब, कमल, बेला और अन्य प्रकार के फूलों की पत्तियों के साथ इत्र भी डाला गया। सजी-धजी नाव के ऊपर जब युगल सरकार को नौका विहार के लिए विराजमान किया गया, तो पूरा मंदिर परिसर 'जय जय श्री राधे' के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से भगवान की नौका को तालाब में भ्रमण कराकर स्वयं को धन्य माना। इस दौरान भक्तों पर इत्र की फुहारें भी उड़ाई गईं। गोपाल प्रकाश चंद्र गोस्वामी और प्रथम शर्मा ने सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। ठाकुर जी के चरण सेवक गोपाल प्रकाश चंद्र गोस्वामी ने इन उत्सवों का महत्व समझाते हुए कहा कि गर्मी के दिनों में ठाकुर जी को शीतल सेवा देने के लिए फूल बंगला सजाया जाता है, जिससे फूलों की ठंडक और खुशबू से भगवान को प्रसन्नता मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि भगवान कृष्ण का एक नाम सौंदर्य है और फूल बंगले में उनके रूप को निहारने से श्रद्धालुओं का मन पवित्र होता है। नौका विहार उत्सव को युगल सरकार की जल क्रीड़ा लीला बताया गया, जिसे शास्त्रों में चंदन यात्रा भी कहते हैं। शास्त्रों के अनुसार, जीवन एक समंदर है और राधा-कृष्ण की नौका भक्ति की नौका है, जिसे श्रद्धा से खींचने और दर्शन करने वाला भक्त भवसागर से पार हो जाता है।1
- ग्रेटर नोएडा में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर RTO चेकिंग से बचने के लिए एक डंपर चालक ने हैरान कर देने वाली खतरनाक हरकत की है। चालक ने RTO चेकिंग से बचने के लिए डंपर को गलत दिशा में दौड़ा दिया और पीछा किए जाने की आशंका के चलते वाहन का जैक उठाकर डंपर में भरे सभी पत्थर हाईवे पर गिरा दिए। डंपर से बड़ी मात्रा में पत्थर सड़क पर बिखर जाने के कारण हाईवे पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया, जिससे वहां हादसों का खतरा भी पैदा हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और हाईवे पर फैले पत्थरों को हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और डंपर चालक के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- जसवंतनगर पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए एनीमिया से जूझ रही एक बालिका को रक्त उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। ग्राम कैस्त निवासी शिखा, जो सज्जन कुमार की पुत्री है, लंबे समय से खून की कमी से पीड़ित है और उसके लिए रक्त की आवश्यकता संबंधी एक अपील सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई थी। सोशल मीडिया पर यह अपील देखकर थाना प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी ने तुरंत कार्रवाई की और मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल शिखा के पिता सज्जन कुमार से संपर्क किया। इसके बाद, मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस टीम ने बालिका के परिवार से मुलाकात की और उनकी स्थिति जानने के बाद आवश्यक रक्त उपलब्ध कराने का वादा किया। थाना प्रभारी की इस संवेदनशील और सहयोगात्मक पहल से शिखा के परिवार को बड़ी राहत मिली है, और परिवारजनों ने पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें इस संकट की घड़ी में नया संबल मिला है। इस अवसर पर थाना प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद महिलाओं एवं बेटियों को हर संभव सहायता प्रदान करना भी है। उन्होंने समाज से रक्तदान जैसे सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील भी की। इस मानवीय पहल के दौरान उपनिरीक्षक शुभम वर्मा, मिशन शक्ति प्रभारी संगम कुमारी, कांस्टेबल अवनीश कुमार, और समाजसेवी विकास पाठक (पाठक बैटरी हाउस, तहसील के सामने, जसवंतनगर) सहित अन्य लोग मौजूद रहे। पुलिस और समाजसेवियों के इस प्रयास की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है, और लोगों ने इसे जरूरतमंदों की मदद के लिए एक प्रेरणादायक कदम बताया है।1
- इटावा के सिविल लाइन इलाके में अदालत परिसर के भीतर एक युवक को प्रेम विवाह करने के कारण लड़की पक्ष के लोगों ने जमकर पीटा। यह घटना भरथना/इटावा में हुई, जहाँ प्रेम विवाह के चलते युवक को यह महंगा खामियाजा भुगतना पड़ा।1
- अजीतमल के बाबरपुर कस्बे के शास्त्री नगर मोहल्ले में गुरुवार शाम एक 28 वर्षीय युवक का शव उसके घर के कमरे में फंदे से लटका मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों ने तुरंत उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अजीतमल पहुँचाया, लेकिन वहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है, जिसमें शुरुआती तौर पर गृहकलह को मौत का संभावित कारण माना जा रहा है। युवक की पत्नी घटना के समय मायके में थी। इस संदिग्ध मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।2
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले से सटे उत्तर प्रदेश के गोपालपुरा में स्थित पहुज नदी में नहाने गए एक दर्जन से अधिक युवकों में से तीन की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना उत्तर प्रदेश के माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गोपालपुरा में हुई। मृतक युवक मध्य प्रदेश के मिहोना थाना क्षेत्र के लिधोरा गांव और अतियनपुरा गांव के निवासी थे। ये सभी युवक लिधोरा गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ पहुज नदी में नहाने के लिए गए थे। तीनों युवकों के डूबने की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश की माधौगढ़ थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और गोताखोरों की मदद से तीनों शवों को नदी से बाहर निकाला गया।1
- भिंड जिले में ग्रामीण जिला कांग्रेस ने अघोषित बिजली कटौती, मनमाने बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर की कमियों के विरोध में विद्युत विभाग के अधीक्षण यंत्री कार्यालय का घेराव किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वाटर वर्क्स रोड स्थित कार्यालय के सामने जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस ने कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बिजली कंपनी को इन समस्याओं का समाधान करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। ग्रामीण जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि भीषण गर्मी में घंटों की बिजली कटौती से जनता परेशान है, जिससे किसानों, छात्रों और छोटे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर और गलत रीडिंग ने उपभोक्ताओं की कमर तोड़ दी है। कांग्रेस की प्रमुख मांगों में अघोषित बिजली कटौती को तुरंत बंद करना, बढ़े हुए बिलों की समीक्षा करना और जर्जर तारों व पुरानी डीपी को बदलना शामिल है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे इससे भी बड़ा जनांदोलन करेंगे।4
- इटावा जिले में तेज़ रफ़्तार वाहनों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहाँ फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र में पीएसी गली के सामने एक अनियंत्रित स्विफ्ट डिजायर कार ने सड़क किनारे खड़े दो हाथ ठेलों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में चाट एवं फल विक्रेता घायल हो गए, जबकि उनके ठेले बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक कथित रूप से नशे की हालत में था। टक्कर इतनी भीषण थी कि ठेलों पर रखा सारा सामान सड़क पर बिखर गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना से दोनों दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। हादसे के बाद, आरोपी कार चालक अपने वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दे दी गई है। स्थानीय लोगों ने फरार चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।1