सुल्तानगंज नगर परिषद के मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू के निधन पर शोक सभा आयोजित संजय वर्मा सुल्तानगंज, भागलपुर: सुल्तानगंज नगर परिषद के मुख्य पार्षद राजकुमार उर्फ गुड्डू के आकस्मिक निधन पर शनिवार को हिसूआ नगर परिषद कार्यालय भवन में शोक सभा का आयोजन किया गया। नगर परिषद कार्यालय में हुई कायरतापूर्ण गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल राजकुमार गुड्डू ने 11 दिनों तक पटना के कंकड़बाग स्थित जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ने के बाद 9 मई अंतिम सांस ली शोक सभा में हिसूआ नगर परिषद की मुख्य पार्षद पूजा कुमारी, उपमुख्य पार्षद टिंकू चौधरी, नगर भाजपा अध्यक्ष अशोक चौधरी उर्फ बिल्टू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें समाजसेवी अरविंद कुमार चंद्रवंशी, विनोद कुमार चंद्रवंशी, लक्ष्मीकांत उर्फ बेगन सिंह, जितेंद्र कुमार, पंकज सिंह, हीरा सिंह, उदय वाला, मोती कुमार, विक्की कुमार, जितेंद्र कुमार फुल्लू, सुधीर सिंह, सुबोध कुमार सहित अन्य स्थानीय कार्यकर्ता और कर्मी शामिल थे। उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत पार्षद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके निधन को अपूर्णीय क्षति बताया। 28 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे मजदूर के वेश में नगर परिषद कार्यालय में घुसे कुख्यात अपराधी रामधनी यादव और उसके साथियों ने टेंडर विवाद को लेकर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू के पेट, सिर और सीने में गोलियां लगी थीं। गंभीर स्थिति में उन्हें पहले भागलपुर रेफर किया गया, फिर पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली निकालने का प्रयास किया, लेकिन उनकी स्थिति लगातार नाजुक बनी रही। पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी रामधनी यादव की पहचान हुई, जिसे नगर परिषद की उपसभापति नीलम देवी का पति बताया जा रहा है। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के दौरान रामधनी यादव मारा गया, जबकि घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की साजिश और पृष्ठभूमि की जांच कर रही है। शोक सभा को संबोधित करते हुए नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी आतिश रंजन ने कहा कि राजकुमार गुड्डू के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा और उनके अधूरे कार्यों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्य पार्षद पूजा कुमारी ने कहा कि राजकुमार गुड्डू एक जमीनी नेता थे जो हमेशा आम जनता के सुख-दुख में साथ खड़े रहते थे। उपमुख्य पार्षद टिंकू चौधरी ने कहा कि उनके निधन से नगर परिषद ने एक कर्मठ और संघर्षशील जनप्रतिनिधि खो दिया है। समाजसेवी अरविंद कुमार चंद्रवंशी और नगर भाजपा अध्यक्ष अशोक चौधरी ने भी उनके कार्यों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। उपस्थित सभी ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। राजकुमार गुड्डू के निधन की खबर से सुल्तानगंज और पूरे भागलपुर में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को उनका पार्थिव शरीर पटना से पुलिस एस्कॉर्ट के साथ सुल्तानगंज लाया गया, जहां हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। प्रशासनिक अधिकारियों, धार्मिक संगठनों, व्यापारियों और आम लोगों की भारी भीड़ उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की और डीजीपी को स्पीडी ट्रायल के निर्देश दिए। सुल्तानगंज नगर परिषद के मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू के निधन पर शोक सभा आयोजित संजय वर्मा सुल्तानगंज, भागलपुर: सुल्तानगंज नगर परिषद के मुख्य पार्षद राजकुमार उर्फ गुड्डू के आकस्मिक निधन पर शनिवार को हिसूआ नगर परिषद कार्यालय भवन में शोक सभा का आयोजन किया गया। नगर परिषद कार्यालय में हुई कायरतापूर्ण गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल राजकुमार गुड्डू ने 11 दिनों तक पटना के कंकड़बाग स्थित जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ने के बाद 9 मई अंतिम सांस ली शोक सभा में हिसूआ नगर परिषद की मुख्य पार्षद पूजा कुमारी, उपमुख्य पार्षद टिंकू चौधरी, नगर भाजपा अध्यक्ष अशोक चौधरी उर्फ बिल्टू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें समाजसेवी अरविंद कुमार चंद्रवंशी, विनोद कुमार चंद्रवंशी, लक्ष्मीकांत उर्फ बेगन सिंह, जितेंद्र कुमार, पंकज सिंह, हीरा सिंह, उदय वाला, मोती कुमार, विक्की कुमार, जितेंद्र कुमार फुल्लू, सुधीर सिंह, सुबोध कुमार सहित अन्य स्थानीय कार्यकर्ता और कर्मी शामिल थे। उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत पार्षद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके निधन को अपूर्णीय क्षति बताया। 28 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे मजदूर के वेश में नगर परिषद कार्यालय में घुसे कुख्यात अपराधी रामधनी यादव और उसके साथियों ने टेंडर विवाद को लेकर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू के पेट, सिर और सीने में गोलियां लगी थीं। गंभीर स्थिति में उन्हें पहले भागलपुर रेफर किया गया, फिर पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली निकालने का प्रयास किया, लेकिन उनकी स्थिति लगातार नाजुक बनी रही। पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी रामधनी यादव की पहचान हुई, जिसे नगर परिषद की उपसभापति नीलम देवी का पति बताया जा रहा है। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के दौरान रामधनी यादव मारा गया, जबकि घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की साजिश और पृष्ठभूमि की जांच कर रही है। शोक सभा को संबोधित करते हुए नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी आतिश रंजन ने कहा कि राजकुमार गुड्डू के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा और उनके अधूरे कार्यों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्य पार्षद पूजा कुमारी ने कहा कि राजकुमार गुड्डू एक जमीनी नेता थे जो हमेशा आम जनता के सुख-दुख में साथ खड़े रहते थे। उपमुख्य पार्षद टिंकू चौधरी ने कहा कि उनके निधन से नगर परिषद ने एक कर्मठ और संघर्षशील जनप्रतिनिधि खो दिया है। समाजसेवी अरविंद कुमार चंद्रवंशी और नगर भाजपा अध्यक्ष अशोक चौधरी ने भी उनके कार्यों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। उपस्थित सभी ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। राजकुमार गुड्डू के निधन की खबर से सुल्तानगंज और पूरे भागलपुर में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को उनका पार्थिव शरीर पटना से पुलिस एस्कॉर्ट के साथ सुल्तानगंज लाया गया, जहां हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। प्रशासनिक अधिकारियों, धार्मिक संगठनों, व्यापारियों और आम लोगों की भारी भीड़ उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की और डीजीपी को स्पीडी ट्रायल के निर्देश दिए।
सुल्तानगंज नगर परिषद के मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू के निधन पर शोक सभा आयोजित संजय वर्मा सुल्तानगंज, भागलपुर: सुल्तानगंज नगर परिषद के मुख्य पार्षद राजकुमार उर्फ गुड्डू के आकस्मिक निधन पर शनिवार को हिसूआ नगर परिषद कार्यालय भवन में शोक सभा का आयोजन किया गया। नगर परिषद कार्यालय में हुई कायरतापूर्ण गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल राजकुमार गुड्डू ने 11 दिनों तक पटना के कंकड़बाग स्थित जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ने के बाद 9 मई अंतिम सांस ली शोक सभा में हिसूआ नगर परिषद की मुख्य पार्षद पूजा कुमारी, उपमुख्य पार्षद टिंकू चौधरी, नगर भाजपा अध्यक्ष अशोक चौधरी उर्फ बिल्टू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें समाजसेवी अरविंद कुमार चंद्रवंशी, विनोद कुमार चंद्रवंशी, लक्ष्मीकांत उर्फ बेगन सिंह, जितेंद्र कुमार, पंकज सिंह, हीरा सिंह, उदय वाला, मोती कुमार, विक्की कुमार, जितेंद्र कुमार फुल्लू, सुधीर सिंह, सुबोध कुमार सहित अन्य स्थानीय कार्यकर्ता और कर्मी शामिल थे। उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत पार्षद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके निधन को अपूर्णीय क्षति बताया। 28 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे मजदूर के वेश में नगर परिषद कार्यालय में घुसे कुख्यात अपराधी रामधनी यादव और उसके साथियों ने टेंडर विवाद को लेकर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू के पेट, सिर और सीने में गोलियां लगी थीं। गंभीर स्थिति में उन्हें पहले भागलपुर रेफर किया गया, फिर पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली निकालने का प्रयास किया, लेकिन उनकी स्थिति लगातार नाजुक बनी रही। पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी रामधनी यादव की पहचान हुई, जिसे नगर परिषद की उपसभापति नीलम देवी का पति बताया जा रहा है। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के दौरान रामधनी यादव मारा गया, जबकि घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की साजिश और पृष्ठभूमि की जांच कर रही है। शोक सभा को संबोधित करते हुए नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी आतिश रंजन ने कहा कि राजकुमार गुड्डू के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा और उनके अधूरे कार्यों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्य पार्षद पूजा कुमारी ने कहा कि राजकुमार गुड्डू एक जमीनी नेता थे जो हमेशा आम जनता के सुख-दुख में साथ खड़े रहते थे। उपमुख्य पार्षद टिंकू चौधरी ने कहा कि उनके निधन से नगर परिषद ने एक कर्मठ और संघर्षशील जनप्रतिनिधि खो दिया है। समाजसेवी अरविंद कुमार चंद्रवंशी और नगर भाजपा अध्यक्ष अशोक चौधरी ने भी उनके कार्यों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। उपस्थित सभी ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। राजकुमार गुड्डू के निधन की खबर से सुल्तानगंज और पूरे भागलपुर में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को उनका पार्थिव शरीर पटना से पुलिस एस्कॉर्ट के साथ सुल्तानगंज लाया गया, जहां हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। प्रशासनिक अधिकारियों, धार्मिक संगठनों, व्यापारियों और आम लोगों की भारी भीड़ उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की और डीजीपी को स्पीडी ट्रायल के निर्देश दिए। सुल्तानगंज नगर परिषद के मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू के निधन पर शोक सभा आयोजित संजय वर्मा सुल्तानगंज, भागलपुर: सुल्तानगंज नगर परिषद के मुख्य पार्षद राजकुमार उर्फ गुड्डू के आकस्मिक निधन पर शनिवार को हिसूआ नगर परिषद कार्यालय भवन में शोक सभा का आयोजन किया गया। नगर परिषद कार्यालय में हुई कायरतापूर्ण गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल राजकुमार गुड्डू ने 11 दिनों तक पटना के कंकड़बाग स्थित जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ने के बाद 9 मई अंतिम सांस ली शोक सभा में हिसूआ नगर परिषद की मुख्य पार्षद पूजा कुमारी, उपमुख्य पार्षद टिंकू चौधरी, नगर भाजपा अध्यक्ष अशोक चौधरी उर्फ बिल्टू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें समाजसेवी अरविंद कुमार चंद्रवंशी, विनोद कुमार चंद्रवंशी, लक्ष्मीकांत उर्फ बेगन सिंह, जितेंद्र कुमार, पंकज सिंह, हीरा सिंह, उदय वाला, मोती कुमार, विक्की कुमार, जितेंद्र कुमार फुल्लू, सुधीर सिंह, सुबोध कुमार सहित अन्य स्थानीय कार्यकर्ता और कर्मी शामिल थे। उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत पार्षद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके निधन को अपूर्णीय क्षति बताया। 28 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे मजदूर के वेश में नगर परिषद कार्यालय में घुसे कुख्यात अपराधी रामधनी यादव और उसके साथियों ने टेंडर विवाद को लेकर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू के पेट, सिर और सीने में गोलियां लगी थीं। गंभीर स्थिति में उन्हें पहले भागलपुर रेफर किया गया, फिर पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली निकालने का प्रयास किया, लेकिन उनकी स्थिति लगातार नाजुक बनी रही। पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी रामधनी यादव की पहचान हुई, जिसे नगर परिषद की उपसभापति नीलम देवी का पति बताया जा रहा है। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के दौरान रामधनी यादव मारा गया, जबकि घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की साजिश और पृष्ठभूमि की जांच कर रही है। शोक सभा को संबोधित करते हुए नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी आतिश रंजन ने कहा कि राजकुमार गुड्डू के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा और उनके अधूरे कार्यों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्य पार्षद पूजा कुमारी ने कहा कि राजकुमार गुड्डू एक जमीनी नेता थे जो हमेशा आम जनता के सुख-दुख में साथ खड़े रहते थे। उपमुख्य पार्षद टिंकू चौधरी ने कहा कि उनके निधन से नगर परिषद ने एक कर्मठ और संघर्षशील जनप्रतिनिधि खो दिया है। समाजसेवी अरविंद कुमार चंद्रवंशी और नगर भाजपा अध्यक्ष अशोक चौधरी ने भी उनके कार्यों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। उपस्थित सभी ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। राजकुमार गुड्डू के निधन की खबर से सुल्तानगंज और पूरे भागलपुर में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को उनका पार्थिव शरीर पटना से पुलिस एस्कॉर्ट के साथ सुल्तानगंज लाया गया, जहां हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। प्रशासनिक अधिकारियों, धार्मिक संगठनों, व्यापारियों और आम लोगों की भारी भीड़ उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की और डीजीपी को स्पीडी ट्रायल के निर्देश दिए।
- नवादा पुलिस ने दो महिला चेन स्नेचर को गिरफ्तार करने का दावा किया है। हालांकि, प्रेस के सामने दिए गए पुलिस के बयान में गलतबयानी का आरोप लगने से अब उनकी कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।2
- थाली थाना के एक गांव मे महादलित युवती से छेड़छाड़, पीड़िता ने विधायक प्रतिनिधि से लगाई न्याय की गुहार महादलित युवती से छेड़छाड़ का आरोप, पीड़िता ने विधायक प्रतिनिधि से लगाई न्याय की गुहार, नवादा/गोविंदपुर: गोविंदपुर प्रखंड अंतर्गत थाली थाना क्षेत्र के एक गांव से एक महादलित युवती के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पीड़िता ने गांव के ही दो युवकों पर दुष्कर्म की नियत से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए थाली थाना में आवेदन दिया है। घटना 7 मई 2026 की शाम की बताई जा रही है। पीड़िता द्वारा थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, उसके दो घर हैं जिनके बीच एक छोटा नदी पड़ता है। युवती ने बताया कि वह खाना खाने के बाद दूसरे घर में सोने जा रही थी, तभी पहले से घात लगाए बैठे दो युवकों ने उसे पकड़ लिया। आरोप है कि दोनों युवक उसका मुंह बंद कर उसे घसीटते हुए नदी की ओर ले जाने लगे। विरोध करने पर उसके गाल पर दांत से काट लिया गया। पीड़िता के अनुसार, किसी तरह उसने अपना मुंह छुड़ाकर शोर मचाया, जिसके बाद गांव और परिवार के लोग दौड़े। लोगों को आता देख दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए। सोमवार को पीड़िता अपने परिजनों के साथ गोविंदपुर विधायक प्रतिनिधि सह बीजेपी जिला अध्यक्ष अनिल मेहता से मिली और उचित न्याय की गुहार लगाई। वहीं विधायक प्रतिनिधि अनील मेहता ने पीड़िता की बातो को सुनकर उचित कार्रवाई और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। इस मामले मे थानाध्यक्ष दिपक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पीड़िता के आवेदन के अनुसार प्राथमिकी दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा दिया गया है, फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा, फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। यह जानकारी सोमवार 5 बजे प्राप्त हुई1
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- गोविंदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार रात बिजली गुल होने से पूरा अस्पताल घंटों अंधेरे में डूबा रहा। हैरानी की बात यह है कि घंटों तक जनरेटर भी चालू नहीं किया गया और इलाज एक बल्ब व मोबाइल टॉर्च के सहारे चलता रहा।1
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- नवादा के पकरीबरावां में शराब माफियाओं ने एक चौकीदार को सरेआम चाकू से गोदकर हत्या कर दी। सूचना देने की खौफनाक सजा में हुई इस हत्या से बिहार की पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- बिहार में भाजपा सरकार पर 'जंगल राज' चलाने और बहू-बेटियों की सुरक्षा में चूक के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन दावों के साथ, राज्य की कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।1
- नालंदा जिले के इस्लामपुर थाना क्षेत्र में हुई मारपीट में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई है। इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया है, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।1