Shuru
Apke Nagar Ki App…
दतिया उपचुनाव के बीच अवधेश नायक ने अपने भाजपा में जाने की अफवाहों पर पूर्ण विराम लगा दिया है। उन्होंने इन चर्चाओं का पूरी तरह से खंडन किया है। अवधेश नायक ने दृढ़ता से कहा कि वे कांग्रेस के सिपाही हैं, कांग्रेस में थे और कांग्रेस में ही रहेंगे। उनके इस बयान ने दल बदलने को लेकर उड़ रही तमाम अफवाहों और अटकलों को शांत कर दिया है।
SK NEWS 91
दतिया उपचुनाव के बीच अवधेश नायक ने अपने भाजपा में जाने की अफवाहों पर पूर्ण विराम लगा दिया है। उन्होंने इन चर्चाओं का पूरी तरह से खंडन किया है। अवधेश नायक ने दृढ़ता से कहा कि वे कांग्रेस के सिपाही हैं, कांग्रेस में थे और कांग्रेस में ही रहेंगे। उनके इस बयान ने दल बदलने को लेकर उड़ रही तमाम अफवाहों और अटकलों को शांत कर दिया है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यमंत्री अवधेश नायक के निवास पर राजनीतिक गतिविधियां चरम पर हैं। भले ही अवधेश नायक इस उपचुनाव में प्रत्याशी नहीं हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक भूमिका और अगला कदम भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल ही में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की उनसे हुई सौजन्य मुलाकात के बाद दतिया की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। अवधेश नायक का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वे लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे और वर्ष 2003 में उमा भारती के नेतृत्व में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार थे, जिसके प्रचार की शुरुआत उमा भारती ने दतिया स्थित मां पीतांबरा पीठ से की थी। बाद में जब उमा भारती ने भारतीय जनशक्ति पार्टी का गठन किया, तो वे भी उनके साथ चले गए। मध्य प्रदेश में परिसीमन के बाद जब डॉ. नरोत्तम मिश्रा का प्रभाव बढ़ा, तब अवधेश नायक मध्य प्रदेश पथ्य पुस्तक निगम के उपाध्यक्ष रहे और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी प्राप्त था। भाजपा में उपेक्षा महसूस होने के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार बनाकर अंतिम समय में टिकट बदल दिया था और भरोसा दिया था कि अगली बार अवसर दिया जाएगा। इसी विश्वास के साथ उन्होंने इस उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र भी खरीदा था, लेकिन कांग्रेस ने अंततः कुंवर घनश्याम सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अवधेश नायक का ब्राह्मण समाज और अपने समर्थकों के बीच काफी अच्छा प्रभाव है। यही कारण है कि कांग्रेस उनकी नाराजगी को लेकर सतर्क है, जबकि भाजपा के कई नेताओं ने उनसे संपर्क किया है और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भी उनसे मुलाकात कर चुके हैं। इन तमाम अटकलों के बीच अवधेश नायक ने अभी तक अपने राजनीतिक रुख का खुलासा नहीं किया है और न ही किसी दल के समर्थन या चुनाव प्रचार को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई घोषणा की है। ऐसे में दतिया उपचुनाव में उनकी अगली रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि उनका किसी भी एक पक्ष में जाना चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।1
- मध्य प्रदेश के भोपाल में आगामी 20 जुलाई 2026 को गूंगी, बहरी और मदहोश सत्ता की तानाशाही के खिलाफ विधानसभा घेराव का बड़ा ऐलान किया गया है। 'भोपाल चलो' के नारे के साथ आयोजित होने वाले इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य 13 प्रतिशत चयनित अभ्यर्थियों के होल्ड को जल्द से जल्द अनहोल्ड कराना है। इस बड़े आंदोलन में पिछड़ा वर्ग के साथ महेंद्र सिंह लोधी, चंद्रशेखर आजाद और दामोदर यादव शामिल हो रहे हैं, जो इस व्यवस्था के खिलाफ खुलकर आवाज उठाएंगे। इस आंदोलन के जरिए कई अन्य बुनियादी मांगें भी पुरजोर तरीके से उठाई जा रही हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, बिजली और पानी को पूरी तरह मुफ्त किया जाए, संख्यानुपात आरक्षण को जारी रखा जाए, और मूलभूत अधिकार हर नागरिक को मिले। इसके साथ ही, किसानों के लिए एमएसपी गारंटी कानून लागू करने, कॉलेजियम सिस्टम को बंद करने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की मांग भी इस आंदोलन का मुख्य हिस्सा है।1
- मध्य प्रदेश में दतिया उपचुनाव की सरगर्मियों के बीच सोशल मीडिया पर नरोत्तम मिश्रा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही चुनावी माहौल में काफी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग इस बात पर लगातार बहस कर रहे हैं कि वीडियो में दिखाई दे रहे ये भावुक पल वाकई में सच्चे हैं या नहीं, खासकर तब जब बैकग्राउंड में इमरती देवी भी नजर आ रही हैं। यह क्लिप चुनाव के समय बनने वाले बेहद संवेदनशील और तीव्र भावनात्मक माहौल को साफ तौर पर प्रदर्शित करती है।1
- दतिया जिले की ग्राम पंचायत रामनेर में बारिश के मौसम के दौरान ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर समय पर साफ-सफाई और जल निकासी की व्यवस्था न करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि सरपंच द्वारा विकास कार्यों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे गांव की हालत बदतर हो गई है। इस लापरवाही के कारण गांव की आरसीसी सड़कों पर बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। नालियों की नियमित सफाई न होने की वजह से वे पूरी तरह जाम हो चुकी हैं, जिससे पानी की निकासी का कोई रास्ता नहीं बचा है। परिणामस्वरूप, बारिश का पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है और कई परिवारों को रोजाना बेहद कठिन परिस्थितियों से जूझना पड़ रहा है, जिससे उनका आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।1
- दतिया जिले के भांडेर क्षेत्र के अंतर्गत कडखडा निवासी शिब्बू दाऊ ने मलखानपुर गांव में अपनी कविता के माध्यम से धूम मचा दी है।1
- मध्य प्रदेश में भाजपा के मंच पर जब भाषण चल रहे थे, ठीक उसी दौरान पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा अत्यधिक भावुक हो गए और मंच पर ही रो पड़े।2
- मध्य प्रदेश के दतिया में विधानसभा उपचुनाव के तहत भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में किला चौक पर एक विशाल नामांकन सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और आम लोगों की उपस्थिति रही। मंच से सभी नेताओं ने दतिया की जनता से भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, सांसद श्रीमती संध्या राय, भाजपा प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, प्रभारी मंत्री हैदर सिंह कंसाना, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा और डॉ. नरोत्तम मिश्रा सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता मंच पर उपस्थित रहे। सभा को संबोधित करने के दौरान मंच पर डॉ. नरोत्तम मिश्रा बेहद भावुक नजर आए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने दतिया की जनता से विशेष आग्रह करते हुए भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने और उन्हें रिकॉर्ड मतों से विजय दिलाने की भावुक अपील की।1
- दतिया में रेत परिवहन को लेकर प्रशासनिक सख्ती के दावों के बीच सोमवार को नेशनल हाईवे पर कोर्ट के सामने रेत से भरा एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना से जिले में रेत माफियाओं के बुलंद हौसले साफ नजर आ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रैक्टर के दोनों टायर फट जाने के कारण वाहन बेकाबू हो गया और रेलिंग तोड़ते हुए सर्विस रोड की तरफ जा पहुंचा। गनीमत यह रही कि हादसे के समय वहां कोई राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में अवैध रेत परिवहन लगातार जारी है और इस पर जल्द ही प्रभावी कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है।1