प्रेस विज्ञप्ति *UGC की नीतियों के विरोध में पत्रकारों का जोरदार प्रदर्शन, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन SDM को सौंपा* *उच्च शिक्षा को प्रयोगों का मैदान बनाया गया तो इसका दुष्परिणाम आएगा सामने: जिलाध्यक्ष बलराम तिवारी* *कहा- सरकार समाज की एकजुटता को स्वयं कर रही है प्रभावित* *भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंगठन अयोध्या ने UGC पर जताया पुरजोर विरोध* मिल्कीपुर, अयोध्या। *देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाली विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नीतियों एवं प्रस्तावों के विरोध में मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंगठन, अयोध्या के तत्वावधान में पत्रकारों ने तहसील परिसर मिल्कीपुर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर सुधीर कुमार को सौंपा।* ज्ञापन में UGC द्वारा लागू एवं प्रस्तावित नीतियों को शिक्षा की स्वायत्तता, गुणवत्ता और समान अवसरों के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए इन पर तत्काल पुनर्विचार की मांग की गई है। *इस अवसर पर संगठन के जिलाध्यक्ष बलराम तिवारी ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आत्मा होती है। यदि उच्च शिक्षा को प्रयोगों का मैदान बनाया गया तो इसका दुष्परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा। UGC की वर्तमान नीतियाँ छात्रों और शिक्षकों दोनों के भविष्य के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं। वरिष्ठ पत्रकार नरसिंह ने कहा कि शिक्षा का व्यवसायीकरण लोकतंत्र को कमजोर करता है। आज यदि हम नहीं बोले तो कल शिक्षा केवल संपन्न वर्ग तक सीमित रह जाएगी। संगठन के जिला महामंत्री रमा निवास पाण्डेय ने कहा कि बिना व्यापक संवाद के लिए गए फैसले अविश्वास को जन्म देते हैं। शिक्षा से जुड़े किसी भी निर्णय में शिक्षकों, छात्रों और विशेषज्ञों की भागीदारी अनिवार्य होनी चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार विजय पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि UGC के वर्तमान निर्णयों से देशभर में असमंजस की स्थिति है। पारदर्शिता के अभाव में लागू नियम शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं। मिल्कीपुर तहसील अध्यक्ष वेदप्रकाश तिवारी ने कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण होते हैं। जब शिक्षा पर संकट आए तो पत्रकारों का मुखर होना ही लोकतंत्र की रक्षा है।* संगठन के मंडलीय पदाधिकारी पत्रकार दिनेश जायसवाल ने कहा कि इन नीतियों का सबसे अधिक असर ग्रामीण और साधनविहीन विद्यार्थियों पर पड़ेगा, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। वहीं देवराज मिश्र ने कहा कि शिक्षा को लाभ का साधन नहीं बल्कि सेवा का क्षेत्र बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। *ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की गई कि UGC की विवादित नीतियों पर रोक लगाते हुए व्यापक विमर्श के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाए, जिससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, समानता और स्वायत्तता सुरक्षित रह सके।* यह ज्ञापन 27 जनवरी 2026 को मिल्कीपुर एसडीएम सुधीर कुमार को सौंपा गया। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि राष्ट्रपति देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होने के नाते इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेंगे और राष्ट्रहित में उचित दिशा-निर्देश प्रदान करेंगे। *इस मौके पर वेद प्रकाश तिवारी, नरसिंह , विनय गुप्ता, देवराज मिश्र, राहुल पाण्डेय, सूरज कौशल, सत्यनारायण तिवारी, उमाशंकर तिवारी, सुनील तिवारी, राकेश मिश्रा, दिनेश जायसवाल, राजेश तिवारी, वेदप्रकाश मिश्र, शिव कुमार पाण्डेय, राहुल पाण्डेय, सर्वेश पाण्डेय, सुनील दुबे, अधिवक्ता अमित कुमार मिश्र सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में शिक्षा विरोधी निर्णयों के खिलाफ आवाज बुलंद की।*
प्रेस विज्ञप्ति *UGC की नीतियों के विरोध में पत्रकारों का जोरदार प्रदर्शन, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन SDM को सौंपा* *उच्च शिक्षा को प्रयोगों का मैदान बनाया गया तो इसका दुष्परिणाम आएगा सामने: जिलाध्यक्ष बलराम तिवारी* *कहा- सरकार समाज की एकजुटता को स्वयं कर रही है प्रभावित* *भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंगठन अयोध्या ने UGC पर जताया पुरजोर विरोध* मिल्कीपुर, अयोध्या। *देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाली विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नीतियों एवं प्रस्तावों के विरोध में मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंगठन, अयोध्या के तत्वावधान में पत्रकारों ने तहसील परिसर मिल्कीपुर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर सुधीर कुमार को सौंपा।* ज्ञापन में UGC द्वारा लागू एवं प्रस्तावित नीतियों को शिक्षा की स्वायत्तता, गुणवत्ता और समान अवसरों के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए इन पर तत्काल पुनर्विचार की मांग की गई है। *इस अवसर पर संगठन के जिलाध्यक्ष बलराम तिवारी ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आत्मा होती है। यदि उच्च शिक्षा को प्रयोगों का मैदान बनाया गया तो इसका दुष्परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा। UGC की वर्तमान नीतियाँ छात्रों और शिक्षकों दोनों के भविष्य के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं। वरिष्ठ पत्रकार नरसिंह ने कहा कि शिक्षा का व्यवसायीकरण लोकतंत्र को कमजोर करता है। आज यदि हम नहीं बोले तो कल शिक्षा केवल संपन्न वर्ग तक सीमित रह जाएगी। संगठन के जिला महामंत्री रमा निवास पाण्डेय ने कहा कि बिना व्यापक संवाद के लिए गए फैसले अविश्वास को जन्म देते हैं। शिक्षा से जुड़े किसी भी निर्णय में शिक्षकों, छात्रों और विशेषज्ञों की भागीदारी अनिवार्य होनी चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार विजय पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि UGC के वर्तमान निर्णयों से देशभर में असमंजस की स्थिति है। पारदर्शिता के अभाव में लागू नियम शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं। मिल्कीपुर तहसील अध्यक्ष वेदप्रकाश तिवारी ने कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण होते हैं। जब शिक्षा पर संकट आए तो पत्रकारों का मुखर होना ही लोकतंत्र की रक्षा है।* संगठन के मंडलीय पदाधिकारी पत्रकार दिनेश जायसवाल ने कहा कि इन नीतियों का सबसे अधिक असर ग्रामीण और साधनविहीन विद्यार्थियों पर पड़ेगा, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। वहीं देवराज मिश्र ने कहा कि शिक्षा को लाभ का साधन नहीं बल्कि सेवा का क्षेत्र बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। *ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की गई कि UGC की विवादित नीतियों पर रोक लगाते हुए व्यापक विमर्श के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाए, जिससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, समानता और स्वायत्तता सुरक्षित रह सके।* यह ज्ञापन 27 जनवरी 2026 को मिल्कीपुर एसडीएम सुधीर कुमार को सौंपा गया। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि राष्ट्रपति देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होने के नाते इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेंगे और राष्ट्रहित में उचित दिशा-निर्देश प्रदान करेंगे। *इस मौके पर वेद प्रकाश तिवारी, नरसिंह , विनय गुप्ता, देवराज मिश्र, राहुल पाण्डेय, सूरज कौशल, सत्यनारायण तिवारी, उमाशंकर तिवारी, सुनील तिवारी, राकेश मिश्रा, दिनेश जायसवाल, राजेश तिवारी, वेदप्रकाश मिश्र, शिव कुमार पाण्डेय, राहुल पाण्डेय, सर्वेश पाण्डेय, सुनील दुबे, अधिवक्ता अमित कुमार मिश्र सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में शिक्षा विरोधी निर्णयों के खिलाफ आवाज बुलंद की।*
- क्षेत्रीय किसान नेता भाजपा और संघ से जुड़े हुए रमेश बहादुर सिंह ने यूजीसी को लेकर किया विरोध।1
- ऋषिकेश के नीम बीच पर गंगा में डूबते व्यक्ति को बचाने के लिए राफ्टिंग टीम ने जितनी मेहनत से बचाया, उससे ज़्यादा मेहनत युवक को होश में लाने के लिए करनी पड़ी। यह आज सुबह की घटना है, गंगा में पानी इतना ठंडा था कि डूबते वक्त युवक बेहोश हो गया, वो तो भला हो राफ्टिंग टीम का जो उसने खतरा भांपते हुए युवक को रेस्क्यू किया।1
- प्रतापगढ़ रामापुर बाजार में रेलवे अंडरपास की बदहाल स्थिति को लेकर व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। अंडरपास में लगातार पानी भरने और निर्माण में गुणवत्ता की कमी के कारण व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी दुकानें बंद रखीं। उनका कहना है कि अंडरपास निर्माण के समय मानकों की अनदेखी की गई, नशे के विपरीत बनाया गया है, जिसके चलते अंडरपास तालाब में तब्दील हो जाता है। व्यापारियों की प्रमुख मांगें: 1. रेलवे अंडरपास में स्थायी जल निकासी प्रणाली विकसित की जाए 2. निर्माण कार्य की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए 3. समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए 4. जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए व्यापारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।2
- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की टिप्पणी के विरोध में इस्तीफा । CM योगी पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा की गई अभद्र टिप्पणियों से आहत डिप्टी कमिश्नर GST ने त्याग पत्र दिया। अयोध्या में तैनात डिप्टी कमिश्नर GST प्रशांत सिंह ने दिया इस्तीफा।1
- Post by Ajay Kumar1
- UGC Protest l UGC को लेकर स्वर्ण आर्मी का विरोध प्रदर्शन DM कार्यालय पहुंची सवर्ण आर्मी सौपा ज्ञापन1
- पट्टी तहसील में चल रहे ग्राम न्यायालय में न्यायाधीश के पद पर तैनात अश्वनी कुमार उपाध्याय की नियुक्ति 18 जुलाई 2023 को न्यायाधीश के रूप में हुई थी तब से वह पट्टी ग्राम न्यायालय का कार्यभार देख रहे थे। उनका स्थानांतरण चित्रकूट के लिए हो गया। मंगलवार की शाम 3:30 बजे बार अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह के साथ भारी संख्या में अधिवक्ता कोर्ट समाप्त होने के बाद उनके चेंबर में पहुंचे। जहां उन्हें माल्यार्पण कर भावभीनी विदाई दी। इस दौरान न्यायाधीश अश्विनी कुमार उपाध्याय ने अधिवक्ताओं को कहा कि अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार बने। न्यायालय की गरिमा का हमेशा ध्यान रखें ऐसा आदर्श स्थापित करें की अन्य न्यायालय भी इस न्यायालय का अनुसरण करें। इस तरह की बातें अपने विदाई समारोह में मौजूद अधिवक्ताओं को उन्होंने बताई। बार अध्यक्ष अनिल सिंह ने उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामना देते हुए कहां की आप जल्द से जल्द जिला जज बनकर प्रतापगढ़ आए । विदाई समारोह को संबोधित करते हुए अधिवक्ता अंबरीश तिवारी ने कहा कि ग्राम न्यायालय के न्यायाधीश ईमानदार कर्तव्यनिष्ठ व अपने कार्य में निपुण रहे। जिस कारण से कभी भी किसी न्याय के इच्छुक व्यक्ति को कोई हानि नहीं हुई। उन्होंने जितने भी निर्णय सुनाएं सब गुणवत्तापूर्ण व न्याय के मानक पर खरे रहे। इस दौरान उन्हें प्रतीक चिन्ह अंग वस्त्र प्रदान किया। वरिष्ठ अधिवक्ता देवी प्रसाद तिवारी ने स्वयं की लिखी एक रचना उन्हें भेंट किया और उसे उनके सम्मुख खड़े होकर सुनाया भी जिसे सुनकर अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता भाव विभोर हो गए और जमकर तालियां बजाई। विदाई समारोह के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता राधा रमन मिश्रा राकेश खरे अशोक श्रीवास्तव सुरेश चंद शर्मा अमित चौरसिया निर्मल श्रीवास्तव देवी प्रसाद तिवारी के राम गौतम अरुण मिश्रा मनीष श्रीवास्तव रविंद्र पांडे राधेश्याम गिरी राकेश तिवारी अमरजीत शर्मा के अलावा ग्राम न्यायालय के कर्मचारी राकेश केसरवानी पेशकार, शिवदत्त पांडे बड़े बाबू विकास स्टेनो राजवीर सिंह अर्दली घनश्याम विजय यादव समेत तमाम बार के अधिवक्ता व स्टाफ मौजूद रहे।1
- *_🛑राजस्थान के कोटा में कनवास दरा रोड़ पर भूसे से भरा ट्रैक्टर पलट गया , इस हादसे में ट्रैक्टर ड्राइवर दब गया , ड्राइवर मदद की गुहार लगाता रहा लेकिन लोग वीडियो बनाते रहे_* करीब आधे घंटे बाद ट्रैक्टर के ड्राइवर को बाहर निकाला गया_1