शाहपुरा में देव गौशाला सेवा संस्थान के नाम पर सरकारी चरागाह भूमि के कथित दुरुपयोग, अवैध कब्जे और निर्माण कार्यों को लेकर सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) ने कड़ा विरोध जताया है। पार्टी के जिला अध्यक्ष सिराजुद्दीन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उपखंड अधिकारी के माध्यम से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। आरोप है कि इस प्रकरण में जनप्रतिनिधियों के परिजनों की संलिप्तता भी हो सकती है, जिससे मामले की गंभीरता बढ़ गई है। ज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि अतिरिक्त जिला कलेक्टर, भीलवाड़ा ने 25 फरवरी 2026 को जारी एक पत्र में राजस्थान भू-राजस्व (गौशाला को भूमि आवंटन) नियम, 1957 के तहत संबंधित संस्था को भूमि आवंटन के लिए अपात्र करार दिया था। इसके बावजूद भूमि पर फेंसिंग, बोरिंग, विद्युत कनेक्शन और निर्माण कार्यों के दावे किए गए हैं। एसडीपीआई ने राजस्व रिकॉर्ड और भूमि आवंटन की वैधता की गहन जांच करने के साथ-साथ संस्था को प्राप्त अनुदान और दान की राशि का ऑडिट कराने की मांग की है। प्रशासन से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है कि जब तक मामले की जांच पूरी न हो जाए, तब तक संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार के नए निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए। पार्टी ने मांग की है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस दौरान पार्षद यूसुफ मोहम्मद सहित पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।
शाहपुरा में देव गौशाला सेवा संस्थान के नाम पर सरकारी चरागाह भूमि के कथित दुरुपयोग, अवैध कब्जे और निर्माण कार्यों को लेकर सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) ने कड़ा विरोध जताया है। पार्टी के जिला अध्यक्ष सिराजुद्दीन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उपखंड अधिकारी के माध्यम से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। आरोप है कि इस प्रकरण में जनप्रतिनिधियों के परिजनों की संलिप्तता भी हो सकती है, जिससे मामले की गंभीरता बढ़ गई है। ज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि अतिरिक्त जिला कलेक्टर, भीलवाड़ा ने 25 फरवरी 2026 को जारी एक पत्र में राजस्थान भू-राजस्व (गौशाला को भूमि आवंटन) नियम, 1957 के तहत संबंधित संस्था को भूमि आवंटन के लिए अपात्र करार दिया था। इसके बावजूद भूमि पर फेंसिंग, बोरिंग, विद्युत कनेक्शन और निर्माण कार्यों के दावे किए गए हैं। एसडीपीआई ने राजस्व रिकॉर्ड और भूमि आवंटन की वैधता की गहन जांच करने के साथ-साथ संस्था को प्राप्त अनुदान और दान की राशि का ऑडिट कराने की मांग की है। प्रशासन से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है कि जब तक मामले की जांच पूरी न हो जाए, तब तक संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार के नए निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए। पार्टी ने मांग की है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस दौरान पार्षद यूसुफ मोहम्मद सहित पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।
- राजस्थान के भीलवाड़ा का सबसे बड़ा महात्मा गांधी अस्पताल इस समय प्रसूताओं की लगातार मौतों को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। इस अस्पताल में पिछले महज एक सप्ताह के भीतर ही 5 प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। इन मौतों के बीच, अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर (ओटी) की सैम्पलिंग रिपोर्ट में खतरनाक बैक्टीरिया पॉजिटिव पाया गया है, जिससे पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। ओटी में खतरनाक बैक्टीरिया मिलने के बाद अब अस्पताल प्रशासन की संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था और साफ-सफाई पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। यह गंभीर आशंका जताई जा रही है कि विभाग द्वारा स्टरलाइजेशन और डिसइंफेक्शन में बरती गई लापरवाही ही इन प्रसूताओं के लिए जानलेवा साबित हुई है। फिलहाल, प्रसूताओं की हुई मौतों और ओटी में मिले बैक्टीरिया के बीच सीधे संबंध की जांच की जा रही है।1
- भीलवाड़ा के शाहपुरा में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चलानिया भैरुनाथ मार्ग की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। शाहपुरा से चलानिया तक के रास्ते में जगह-जगह बड़े-बड़े खड्डे हो गए हैं और सड़क की साइडें भी खराब हो चुकी हैं। इस वजह से यहां दूर-दराज से दर्शन और पेशी के लिए आने वाले यात्रियों को, विशेषकर शनिवार और रविवार को, भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां आने-जाने के लिए पर्याप्त परिवहन साधनों की भी भारी कमी है। शनिवार की रात और रविवार की सुबह केवल गिने-चुने ऑटो रिक्शा ही चलते हैं। सवारी मिलने पर ये ऑटो चालक रास्ते में आने वाले एक-दो गांवों का किराया भी चलानिया के हिसाब से ही वसूलते हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने इस क्षतिग्रस्त सड़क को जल्द से जल्द ठीक करने की मांग की है। चलानिया भैरुनाथ के पास सड़क के किनारों पर पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण वाहनों को मोड़ने और साइड लेने में बेहद दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस समस्या पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया, तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।4
- भीलवाड़ा जिले में मानसून के सक्रिय होने के बावजूद अपेक्षित वर्षा न होने के कारण पतंजलि परिवार द्वारा शनिवार को पर्जन्य एवं वरुण यज्ञ का आयोजन किया गया। विजय सिंह पथिक नगर स्थित बड़े पार्क में चल रही नि:शुल्क योग कक्षा के दौरान यह यज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें योग साधकों ने वर्षा के देवता इंद्र एवं वरुण देव को प्रसन्न करने के लिए वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दीं। महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी नीरा मेहता के मुख्य आतिथ्य और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओ.पी. आगाल की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में भारत स्वाभिमान न्यास के जिला प्रभारी एवं मुख्य योग शिक्षक प्रेम शंकर जोशी ने यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सनातन परंपरा के अनुसार यज्ञ की आहुतियों का धुआं वातावरण में सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करता है और वर्षा के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाता है। साथ ही, उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टि से भी यज्ञ को वातावरण की शुद्धि में सहायक बताया। इस धार्मिक आयोजन में रेखा आगाल, शोभा जागेटिया, लीला पंचोली, संतोष वर्मा, कौशल्या पोरवाल, सुशीला बाहेती, सुनीता अग्रवाल, मंजू दाधीच, तारा, किरण श्याम नानी, नरेंद्र वर्मा, ओ.पी. जागेटिया, रमेश बांगड़ और जटाशंकर खटवा सहित अनेक योग साधकों ने विधि-विधान से भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने अच्छी वर्षा, भरपूर अन्न, जल की उपलब्धता और समस्त प्राणियों के कल्याण की प्रार्थना की, जिसके बाद शांति पाठ के साथ यज्ञ का समापन हुआ।3
- मेरठ-हापुड़ क्षेत्र में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दुकान से खरीदी गई पानी की सीलबंद बोतल में पानी की जगह खौफनाक तेजाब निकला। पानी समझकर इसका घूंट पीते ही एक स्कूल शिक्षिका का गला और अंदरूनी हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। पीड़ित शिक्षिका को गंभीर हालत में मेरठ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह फिलहाल जिंदगी की जंग लड़ रही हैं। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पुलिस और खाद्य विभाग की टीम इस जांच में जुट गई है कि आखिर सीलबंद बोतल में तेजाब कहां से आया।1
- राजस्थान में सरकारी रिकॉर्ड से 'दलित' शब्द को हटाने के आदेश पर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस सरकारी फैसले को लेकर राज्य में लगातार यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर इस आदेश पर इतना बवाल क्यों मचा हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस कार्रवाई की भी बात सामने आ रही है, जिसने इस विवाद को और अधिक हवा दे दी है।1
- राजस्थान के अजमेर जिले के विकास को नई गति देते हुए आज करीब ₹880 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं में 'देवली-नसीराबाद फोरलेन सड़क परियोजना' के प्रथम चरण का शिलान्यास भी शामिल है। पिछले ढाई वर्षों में हमारी सरकार प्रदेश में विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना के निर्माण को अभूतपूर्व गति देते हुए 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।1
- अजमेर में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। हड़ताल खत्म होने के साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था एक बार फिर पटरी पर लौट आई है।1
- भीलवाड़ा के शाहपुरा में स्थित पीएम श्री वीर माता माणिक कंवर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) और 21वीं सदी के कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 'जीवन जीने हेतु कौशल' विषय पर 'मेरा परिचय' एवं व्यक्तित्व परीक्षण गतिविधि का सफल आयोजन किया गया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं में स्व-जागरूकता विकसित करना और उन्हें अपनी क्षमताओं व रुचियों को पहचानने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्य रीता धोबी के प्रेरणादायक उद्बोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने छात्राओं को अपनी खूबियों को पहचानकर जीवन के हर क्षेत्र में सफलता हासिल करने का मंत्र दिया। इस गतिविधि के दौरान छात्राओं को वर्कशीट प्रदान की गई, जिसमें उन्होंने अपने अनुशासन, रचनात्मकता, खेलकूद, चित्रकला, गायन और नेतृत्व जैसे सकारात्मक गुणों का उल्लेख किया। इसके बाद छात्राओं को दो-दो के समूहों में विभाजित कर एक-दूसरे के व्यक्तित्व को समझने और उनके व्यवहार का अवलोकन करने का अवसर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान कक्षा 12 की पलक कोली ने अपने व्यक्तित्व कौशल का बेहतरीन वर्णन किया, वहीं कक्षा 8 की भूमिका कोली ने भी अपना परिचय देकर अपने गुणों व रुचियों की जानकारी दी। शिक्षकों ने भी छात्राओं की विशिष्ट खूबियों को पहचानकर 'आप समय की पाबंद हैं' और 'आप विनम्र व्यवहार करती हैं' जैसी सकारात्मक टिप्पणियों से उनका हौसला बढ़ाया। इस गतिविधि के माध्यम से छात्राओं में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, प्रभावी संवाद, सहयोग, आत्मसम्मान और सामाजिक व नैतिक मूल्यों का विकास स्पष्ट रूप से देखने को मिला। छात्राओं ने बताया कि दूसरों से अपनी खूबियों की सराहना सुनकर उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम प्रभारी तबस्सुम ने छात्राओं की इस सक्रिय सहभागिता की सराहना की और भविष्य में भी ऐसी जीवनोपयोगी गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया।3