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होली पर्व को लेकर अपने पंचायत सहित देशवासियों को दी शुभकामनाएं भोजपुर के बड़हरा प्रखंड के ग्राम पंचायत बड़हरा मुखिया प्रतिनिधि मनोज कुमार सिंह ने पंचायत में विकास नहीं होने पर नाराजगी जताई एवं पंचायत में सरकार के द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बहुत दुख जताया एवं नल जल योजना के बारे में निष्क्रिय बताया एवं साथ ही आवासीय योजना के हुई गड़बड़ी को लेकर निंदा की तथा होली पर्व को लेकर अपने पंचायत सहित देशवासियों को दी शुभकामनाएं

18 hrs ago
user_जनता की आवाज
जनता की आवाज
Arrah, Bhojpur•
18 hrs ago

होली पर्व को लेकर अपने पंचायत सहित देशवासियों को दी शुभकामनाएं भोजपुर के बड़हरा प्रखंड के ग्राम पंचायत बड़हरा मुखिया प्रतिनिधि मनोज कुमार सिंह ने पंचायत में विकास नहीं होने पर नाराजगी जताई एवं पंचायत में सरकार के द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बहुत दुख जताया एवं नल जल योजना के बारे में निष्क्रिय बताया एवं साथ ही आवासीय योजना के हुई गड़बड़ी को लेकर निंदा की तथा होली पर्व को लेकर अपने पंचायत सहित देशवासियों को दी शुभकामनाएं

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  • गड़हनी प्रखंड मुख्यालय में प्रशासनिक पतन की भयावह तस्वीर: गंदगी, गैरहाजिरी, टूटी व्यवस्था और जनता के अधिकारों पर खुला प्रहार बिहार न्यूज़ 24 /गडहनी। गड़हनी प्रखंड मुख्यालय की मौजूदा स्थिति किसी साधारण प्रशासनिक लापरवाही की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस गहरे संकट का प्रतीक बन चुकी है जिसमें व्यवस्था धीरे-धीरे ढहती नजर आ रही है। सोमवार और शुक्रवार को सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जनता दरबार का आयोजन नहीं होना केवल एक कार्यक्रम का रद्द होना नहीं, बल्कि यह आम लोगों के अधिकारों और उम्मीदों पर सीधे प्रहार जैसा साबित हो रहा है।प्रतिदिन सुबह से ही विभिन्न पंचायतों और गांवों से लोग अपनी समस्याएं लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं। किसी को राशन से जुड़ी शिकायत है, तो किसी को जमीन विवाद का समाधान चाहिए था, तो कोई पेंशन, आवास या प्रमाणपत्र के लिए भटक रहा है। लेकिन जैसे-जैसे कार्यालय का समय बीतता जाता, लोगों की उम्मीदें निराशा में बदलती चली जाती है। *जनता दरबार बना ‘कागजी हकीकत’* सरकार की मंशा साफ है कि जनता दरबार के माध्यम से प्रशासन सीधे लोगों की समस्याएं सुने और त्वरित समाधान दे। लेकिन गड़हनी में यह व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सिमटकर रह गई है। सोमवार और शुक्रवार को न तो जनता दरबार की कोई तैयारी होता और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी इसे लेकर गंभीर नजर आता है। स्थानीय जनता ने बताया कि हमलोग कई बार पहले भी यहां जनता दरबार के नाम पर आए, लेकिन अक्सर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।विगद सोमवार को भी वही हुआ घंटों इंतजार, लेकिन न सुनवाई, न कोई व्यवस्था। *अधिकारी-कर्मचारियों की गैरहाजिरी ने खोली पोल* बुधवार को स्थिति तब और चिंताजनक दिखी जब दोपहर तक कई विभागो में सन्नाटा पसरा रहा। प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय में दो दिनो से मौजूद नहीं रही वहीं बुधवार को दिन के 12:30 बजे कार्यालय पहुंची। इस बीच प्रतियोगी परीक्षा के फार्म भरने वाले छात्र छात्राएं ईडब्ल्यूएस, क्रिमिलेयर, जाति, आय, आवासीय बनवाने को लेकर कार्यालय का चक्कर लगाते रहे।वहीं ऋषि कुमार का कहना है कि 28 फरवरी तक रेलवे ग्रुप डी का हमे फार्म भरना है क्रिमिलेयर के लिए सोमवार से कार्यालय का चक्कर लगा रहा हूँ लेकिन अभी तक नही बना।क्रिमिलेयर के अभाव मे फार्म नही भरा पा रहा है।करनौल चांदी गांव निवासी हरेराम, बलिगांव पंचायत अंतर्गत लालगंज गांव निवासी स्वर्गीय सत्यनारायण पाल के पत्नी सीता कुंअर, बडौरा पंचायत अंतर्गत शिवपुर डिहरी निवासी तपेश्वर तिवारी के पत्नी सहित दर्जनो ग्रामीण जनता ने कहा कि हमलोग पेंशन बनवाने के लिए और अन्य कई कार्यो को लेकर कई दिनो से दौड रहे हैं ना तो बीडीओ से भेंट हो रहा है और ना ही काम। कई महत्वपूर्ण कक्ष बंद पड़े मिले। कई कर्मियों की अनुपस्थिति ने आम लोगों के काम पूरी तरह ठप कर रखा है। केवल आरटीपीएस काउंटर पर कर्मी मौजूद थे, जहां लोगों की लंबी कतार लगी रही।विदित हो कि राजस्व कर्मचारियों के हडताल पर जाने के कारण पंचायत सचिवों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन उनके उपर कार्य की अधिकता के कारण अतिरिक्त कार्य करने मे वे सभी असमर्थता जता रहे हैं।वहीं कुछ पंचायत सचिव का कहीं अता-पता नहीं रहता। इससे साफ जाहिर होता है कि जिम्मेदारियां तय होने के बावजूद निगरानी और जवाबदेही पूरी तरह नदारद है। *घोर अव्यवस्था का प्रतीक बना कार्यालय परिसर* प्रखंड कार्यालय परिसर में प्रवेश करते ही जो दृश्य सामने आता है, वह प्रशासनिक संवेदनहीनता की कहानी खुद बयान करता है। सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है- गंदगी, दुर्गंध और बदहाल साफ-सफाई व्यवस्था स्वच्छ भारत अभियान को ठेंगा दिखा रहा।वहीं कार्यालय के अंदर स्थित शौचालय भी उपयोग के लायक नहीं बचे हैं। वहीं कुछ लोगो का कहना है कि यहां आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग सबसे ज्यादा परेशान होते हैं। गंदगी का यह आलम केवल सफाई की कमी नहीं, बल्कि यह उस मानसिकता को दर्शाता है जहां आम नागरिक की गरिमा और सुविधा को महत्व ही नहीं दिया जा रहा। *ठप पड़ी सेवाएं, भटकते रहे लोग* पदाधिकारी व कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण कई लोग सुबह से फाइल लेकर भटकते रहे, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। वहीं कुछ विभागो मे लोगों को बार-बार अगले दिन आने की सलाह दी जाती रही, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। उस दौरान जनता में बढ़ता आक्रोश लोगों की नाराजगी साफ तौर पर देखी जा सकती थी। कई लोगों ने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही अब रोजमर्रा की बात हो गई है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बिना दबाव या सिफारिश के यहां काम होना बेहद मुश्किल है। इससे आम नागरिक खुद को असहाय महसूस कर रहा है। *जवाबदेही का अभाव-सबसे बड़ा संकट* गड़हनी प्रखंड की स्थिति यह संकेत देती है कि यहां सबसे बड़ी समस्या जवाबदेही की कमी है। जब अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं आते, जनता दरबार महज खानापूर्ति हो और कोई पूछने वाला नहीं होता, तो पूरी व्यवस्था अपने-आप ढीली पड़ जाती है। सरकार की योजनाएं कागजों पर चलती रहती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका असर नहीं दिखता। इससे लोगों का प्रशासन पर भरोसा कमजोर होता जा रहा है। *स्थानीय लोगों की मांग* स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी भोजपुर एवं बिहार सरकार से मांग की है कि जनता दरबार को नियमित और पारदर्शी बनाया जाए और अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।वहीं सफाई व्यवस्था को तत्काल सुधार मे लाते हुए लापरवाही पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करेंगे। *व्यवस्था सुधार की जरूरत क्यों जरूरी* प्रखंड स्तर का प्रशासन आम लोगों के लिए सरकार का सबसे नजदीकी चेहरा होता है। यहीं से लोगों को राहत, योजनाओं का लाभ और समस्याओं का समाधान मिलता है। अगर यही स्तर कमजोर पड़ जाए तो पूरी शासन व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। गड़हनी की मौजूदा स्थिति इसी खतरे की ओर इशारा कर रही है। गड़हनी प्रखंड मुख्यालय की बदहाली केवल एक दिन की समस्या नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से जमा हो रही प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम प्रतीत होती है। जनता दरबार का न लगना, अधिकारियों की अनुपस्थिति, गंदगी और ठप सेवाएं ये सभी संकेत हैं कि अब स्थिति सामान्य शिकायतों से आगे बढ़ चुकी है। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह असंतोष बड़े जनआक्रोश में बदल सकता है। प्रशासन के लिए यह समय चेतावनी की घंटी है या तो व्यवस्था सुधारी जाए, या जनता का विश्वास पूरी तरह टूटने का जोखिम उठाया जाए।वहीं इस संबंध मे गडहनी बीडीओ अर्चना कुमारी से संपर्क किया गया लेकिन उनके द्वारा फोन नही उठाया गया।
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    गड़हनी प्रखंड मुख्यालय में प्रशासनिक पतन की भयावह तस्वीर: गंदगी, गैरहाजिरी, टूटी व्यवस्था और जनता के अधिकारों पर खुला प्रहार
बिहार न्यूज़ 24 /गडहनी।
गड़हनी प्रखंड मुख्यालय की मौजूदा स्थिति किसी साधारण प्रशासनिक लापरवाही की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस गहरे संकट का प्रतीक बन चुकी है जिसमें व्यवस्था धीरे-धीरे ढहती नजर आ रही है। सोमवार और शुक्रवार को सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जनता दरबार का आयोजन नहीं होना केवल एक कार्यक्रम का रद्द होना नहीं, बल्कि यह आम लोगों के अधिकारों और उम्मीदों पर सीधे प्रहार जैसा साबित हो रहा है।प्रतिदिन सुबह से ही विभिन्न पंचायतों और गांवों से लोग अपनी समस्याएं लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं। किसी को राशन से जुड़ी शिकायत है, तो किसी को जमीन विवाद का समाधान चाहिए था, तो कोई पेंशन, आवास या प्रमाणपत्र के लिए भटक रहा है। लेकिन जैसे-जैसे कार्यालय का समय बीतता जाता, लोगों की उम्मीदें निराशा में बदलती चली जाती है।
*जनता दरबार बना ‘कागजी हकीकत’*
सरकार की मंशा साफ है कि जनता दरबार के माध्यम से प्रशासन सीधे लोगों की समस्याएं सुने और त्वरित समाधान दे। लेकिन गड़हनी में यह व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सिमटकर रह गई है। सोमवार और शुक्रवार को न तो जनता दरबार की कोई तैयारी होता और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी इसे लेकर गंभीर नजर आता है। स्थानीय जनता ने बताया कि हमलोग कई बार पहले भी यहां जनता दरबार के नाम पर आए, लेकिन अक्सर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।विगद सोमवार को भी वही हुआ घंटों इंतजार, लेकिन न सुनवाई, न कोई व्यवस्था।
*अधिकारी-कर्मचारियों की गैरहाजिरी ने खोली पोल*
बुधवार को स्थिति तब और चिंताजनक दिखी जब दोपहर तक कई विभागो में सन्नाटा पसरा रहा। प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय में दो दिनो से मौजूद नहीं रही वहीं बुधवार को दिन के 12:30 बजे कार्यालय पहुंची। इस बीच प्रतियोगी परीक्षा के फार्म भरने वाले छात्र छात्राएं ईडब्ल्यूएस, क्रिमिलेयर, जाति, आय, आवासीय बनवाने को लेकर कार्यालय का चक्कर लगाते रहे।वहीं ऋषि कुमार का कहना है कि 28 फरवरी तक रेलवे ग्रुप डी का हमे फार्म भरना है क्रिमिलेयर के लिए सोमवार से कार्यालय का चक्कर लगा रहा हूँ लेकिन अभी तक नही बना।क्रिमिलेयर के अभाव मे फार्म नही भरा पा रहा है।करनौल चांदी गांव निवासी  हरेराम, बलिगांव पंचायत अंतर्गत लालगंज गांव निवासी स्वर्गीय सत्यनारायण पाल के पत्नी सीता कुंअर, बडौरा पंचायत अंतर्गत शिवपुर डिहरी निवासी तपेश्वर तिवारी के पत्नी सहित दर्जनो ग्रामीण जनता ने कहा कि हमलोग पेंशन बनवाने के लिए और अन्य कई कार्यो को लेकर कई दिनो से दौड रहे हैं ना तो बीडीओ से भेंट हो रहा है और ना ही काम। कई महत्वपूर्ण कक्ष बंद पड़े मिले। कई कर्मियों की अनुपस्थिति ने आम लोगों के काम पूरी तरह ठप कर रखा है। केवल आरटीपीएस काउंटर पर कर्मी मौजूद थे, जहां लोगों की लंबी कतार लगी रही।विदित हो कि राजस्व कर्मचारियों के हडताल पर जाने के कारण पंचायत सचिवों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन उनके उपर कार्य की अधिकता के कारण अतिरिक्त कार्य करने मे वे सभी असमर्थता जता रहे हैं।वहीं कुछ पंचायत सचिव का कहीं अता-पता नहीं रहता। इससे साफ जाहिर होता है कि जिम्मेदारियां तय होने के बावजूद निगरानी और जवाबदेही पूरी तरह नदारद है।
*घोर अव्यवस्था का प्रतीक बना कार्यालय परिसर*
प्रखंड कार्यालय परिसर में प्रवेश करते ही जो दृश्य सामने आता है, वह प्रशासनिक संवेदनहीनता की कहानी खुद बयान करता है। सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है- गंदगी, दुर्गंध और बदहाल साफ-सफाई व्यवस्था स्वच्छ भारत अभियान को ठेंगा दिखा रहा।वहीं कार्यालय के अंदर स्थित शौचालय भी उपयोग के लायक नहीं बचे हैं। वहीं कुछ लोगो का कहना है कि यहां आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग सबसे ज्यादा परेशान होते हैं। गंदगी का यह आलम केवल सफाई की कमी नहीं, बल्कि यह उस मानसिकता को दर्शाता है जहां आम नागरिक की गरिमा और सुविधा को महत्व ही नहीं दिया जा रहा।
*ठप पड़ी सेवाएं, भटकते रहे लोग*
पदाधिकारी व कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण  कई लोग सुबह से फाइल लेकर भटकते रहे, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। वहीं कुछ विभागो मे लोगों को बार-बार अगले दिन आने की सलाह दी जाती रही, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। उस दौरान जनता में बढ़ता आक्रोश लोगों की नाराजगी साफ तौर पर देखी जा सकती थी। कई लोगों ने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही अब रोजमर्रा की बात हो गई है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बिना दबाव या सिफारिश के यहां काम होना बेहद मुश्किल है। इससे आम नागरिक खुद को असहाय महसूस कर रहा है।
*जवाबदेही का अभाव-सबसे बड़ा संकट* 
गड़हनी प्रखंड की स्थिति यह संकेत देती है कि यहां सबसे बड़ी समस्या जवाबदेही की कमी है। जब अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं आते, जनता दरबार महज खानापूर्ति हो और कोई पूछने वाला नहीं होता, तो पूरी व्यवस्था अपने-आप ढीली पड़ जाती है। सरकार की योजनाएं कागजों पर चलती रहती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका असर नहीं दिखता। इससे लोगों का प्रशासन पर भरोसा कमजोर होता जा रहा है।
*स्थानीय लोगों की मांग*
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी भोजपुर एवं बिहार सरकार से मांग की है कि जनता दरबार को नियमित और पारदर्शी बनाया जाए और अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।वहीं 
सफाई व्यवस्था को तत्काल सुधार मे लाते हुए 
लापरवाही पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करेंगे।
*व्यवस्था सुधार की जरूरत क्यों जरूरी*
प्रखंड स्तर का प्रशासन आम लोगों के लिए सरकार का सबसे नजदीकी चेहरा होता है। यहीं से लोगों को राहत, योजनाओं का लाभ और समस्याओं का समाधान मिलता है।
अगर यही स्तर कमजोर पड़ जाए तो पूरी शासन व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। गड़हनी की मौजूदा स्थिति इसी खतरे की ओर इशारा कर रही है। गड़हनी प्रखंड मुख्यालय की बदहाली केवल एक दिन की समस्या नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से जमा हो रही प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम प्रतीत होती है। जनता दरबार का न लगना, अधिकारियों की अनुपस्थिति, गंदगी और ठप सेवाएं ये सभी संकेत हैं कि अब स्थिति सामान्य शिकायतों से आगे बढ़ चुकी है। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह असंतोष बड़े जनआक्रोश में बदल सकता है। प्रशासन के लिए यह समय चेतावनी की घंटी है या तो व्यवस्था सुधारी जाए, या जनता का विश्वास पूरी तरह टूटने का जोखिम उठाया जाए।वहीं इस संबंध मे गडहनी बीडीओ अर्चना कुमारी से संपर्क किया गया लेकिन उनके द्वारा फोन नही उठाया गया।
    user_Bihar News 24
    Bihar News 24
    Journalist Bhojpur, Bihar•
    20 hrs ago
  • शर्मनाक घटना स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में बैठी महिला पैसेंजरों को दो लड़कों ने खुलेआम परेशान किया। बिहार: बाढ़ स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में बैठी महिला पैसेंजरों के साथ एक शर्मनाक घटना सामने आई है। ट्रेन के स्टेशन पर रुके होने के दौरान दो लड़कों ने महिलाओं को खुलेआम परेशान किया। उनमें से एक लड़के ने महिलाओं की ओर बीच की उंगली दिखाते हुए बिना अनुमति उनकी तस्वीरें खींचनी शुरू कर दीं। बाढ़ (Barh) रेलवे स्टेशन,बाढ़ रेल थाना (Barh Railway Police Station) के क्षेत्र का मामला।l बिहार के पटना जिले के अंतर्गत आने वाले बाढ़ (Barh) रेलवे स्टेशन की है। पटना, बिहार
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    शर्मनाक घटना स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में बैठी महिला पैसेंजरों को दो लड़कों ने खुलेआम परेशान किया।
बिहार: बाढ़ स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में बैठी महिला पैसेंजरों के साथ एक शर्मनाक घटना सामने आई है। ट्रेन के स्टेशन पर रुके होने के दौरान दो लड़कों ने महिलाओं को खुलेआम परेशान किया। उनमें से एक लड़के ने महिलाओं की ओर बीच की उंगली दिखाते हुए बिना अनुमति उनकी तस्वीरें खींचनी शुरू कर दीं।
बाढ़ (Barh) रेलवे स्टेशन,बाढ़ रेल थाना (Barh Railway Police Station) के क्षेत्र का मामला।l
बिहार के पटना जिले के अंतर्गत आने वाले बाढ़ (Barh) रेलवे स्टेशन की है। 
पटना, बिहार
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service Bikram, Patna•
    21 min ago
  • pura ganda hai gali sbi bank ke peche sadawa wale road me
    1
    pura ganda hai gali sbi bank ke peche sadawa wale road me
    user_Sabid Alam
    Sabid Alam
    दुलहिन बाजार, पटना, बिहार•
    11 hrs ago
  • Buxar marriage
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    Buxar marriage
    user_Rohit Kumar
    Rohit Kumar
    अगिआंव, भोजपुर, बिहार•
    13 hrs ago
  • मोदी और नेतन्याहू ने जेरूसलम में याद वाशेम - द वर्ल्ड होलोकॉस्ट रिमेंबरेंस सेंटर का दौरा किया, नेतन्याहू बोले आप डगमगाए नहीं। आप पीछे नहीं हटे। आप इज़राइल के साथ खड़े रहे, फ़ाइल में नाम आने के बाद इस्तीफा दे रहे हैं लेकिन भारत में नहीं - प्रियंका, बंगाल में भाजपा की सरकार बनने वाली है,एक-एक घुसपैठिया बाहर होगा बोले शाह, मैंने स्वास्थ्य के कारण इस्तीफा नहीं दिया - पूर्व राष्ट्रपति, भाई-बहन के रिश्ते में नोक-झोंक तो चलती रहती है बताया राहुल गांधी ने.... देखिए राजपथ न्यूज़ पर..
    1
    मोदी और नेतन्याहू ने जेरूसलम में याद वाशेम - द वर्ल्ड होलोकॉस्ट रिमेंबरेंस सेंटर का दौरा किया, नेतन्याहू बोले आप डगमगाए नहीं। आप पीछे नहीं हटे। आप इज़राइल के साथ खड़े रहे, फ़ाइल में नाम आने के बाद इस्तीफा दे रहे हैं लेकिन भारत में नहीं - प्रियंका, बंगाल में भाजपा की सरकार बनने वाली है,एक-एक घुसपैठिया बाहर होगा बोले शाह, मैंने स्वास्थ्य के कारण इस्तीफा नहीं दिया - पूर्व राष्ट्रपति, भाई-बहन के रिश्ते में नोक-झोंक तो चलती रहती है बताया राहुल गांधी ने.... देखिए राजपथ न्यूज़ पर..
    user_Rajpath News
    Rajpath News
    Bihta, Patna•
    13 hrs ago
  • पटना जिला के पालीगंज कस्तूरबा गांधी छात्रावास से छात्रा गायब पुलिस जांच में जुटी. रिपोर्ट अशोक कुमार संध्या न्यूज़ पालीगंज अनुमंडल
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    पटना जिला के पालीगंज कस्तूरबा गांधी छात्रावास से छात्रा गायब पुलिस जांच में जुटी.                               रिपोर्ट अशोक कुमार संध्या न्यूज़ पालीगंज अनुमंडल
    user_संध्या न्यूज़ NH139 पालीगंज
    संध्या न्यूज़ NH139 पालीगंज
    पालीगंज, पटना, बिहार•
    19 hrs ago
  • बिहार पुलिस सप्ताह का समापनः भोजपुर में SP व पुलिस कर्मियों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान; कुल 128 यूनिट रक्त संग्रहित !
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    बिहार पुलिस सप्ताह का समापनः भोजपुर में SP व पुलिस कर्मियों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान; कुल 128 यूनिट रक्त संग्रहित !
    user_Neha Gupta
    Neha Gupta
    Reporter hai reporting karte Hain आरा, भोजपुर, बिहार•
    5 hrs ago
  • आपको बता दे की कला कलाकारों के प्रमोटर नीरज राय पंचायत मुखिया प्रतिनिधि सहार भोजपुर
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    आपको बता दे की कला कलाकारों के प्रमोटर नीरज राय 
पंचायत मुखिया प्रतिनिधि 
सहार भोजपुर
    user_Bihar News 24
    Bihar News 24
    Journalist Bhojpur, Bihar•
    20 hrs ago
  • शर्मनाक घटना स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में बैठी महिला पैसेंजरों को दो लड़कों ने खुलेआम परेशान किया। बिहार: बाढ़ स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में बैठी महिला पैसेंजरों के साथ एक शर्मनाक घटना सामने आई है। ट्रेन के स्टेशन पर रुके होने के दौरान दो लड़कों ने महिलाओं को खुलेआम परेशान किया। उनमें से एक लड़के ने महिलाओं की ओर बीच की उंगली दिखाते हुए बिना अनुमति उनकी तस्वीरें खींचनी शुरू कर दीं। बाढ़ (Barh) रेलवे स्टेशन,बाढ़ रेल थाना (Barh Railway Police Station) के क्षेत्र का मामला।l बिहार के पटना जिले के अंतर्गत आने वाले बाढ़ (Barh) रेलवे स्टेशन की है। पटना, बिहार
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    शर्मनाक घटना स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में बैठी महिला पैसेंजरों को दो लड़कों ने खुलेआम परेशान किया।
बिहार: बाढ़ स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में बैठी महिला पैसेंजरों के साथ एक शर्मनाक घटना सामने आई है। ट्रेन के स्टेशन पर रुके होने के दौरान दो लड़कों ने महिलाओं को खुलेआम परेशान किया। उनमें से एक लड़के ने महिलाओं की ओर बीच की उंगली दिखाते हुए बिना अनुमति उनकी तस्वीरें खींचनी शुरू कर दीं।
बाढ़ (Barh) रेलवे स्टेशन,बाढ़ रेल थाना (Barh Railway Police Station) के क्षेत्र का मामला।l
बिहार के पटना जिले के अंतर्गत आने वाले बाढ़ (Barh) रेलवे स्टेशन की है। 
पटना, बिहार
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service Bihta, Patna•
    23 min ago
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