चित्रकूट के जिलाधिकारी महोदय ने 25 मई 2026 को रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति, जलापूर्ति व्यवस्था, कमीशनिंग गतिविधियों और SCADA ऑटोमेशन प्रणाली की समीक्षा की। यह निरीक्षण पूर्व निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार संपन्न हुआ, जिसमें योजना के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कर धरातलीय स्थिति का विस्तृत जायजा लिया गया। निरीक्षण की शुरुआत ग्राम पंचायत सरहट के राजस्व ग्राम मानिकपुर ग्रामीण स्थित निर्मित क्लियर वाटर रिजर्वॉयर (CWR) से हुई। अधिकारियों ने बताया कि मानिकपुर रूरल ओवरहेड टैंक (OHT) की क्षमता 175 KL / 12 मीटर और CWR की क्षमता 50 KL है। योजना के अंतर्गत कुल 20512 मीटर पाइपलाइन प्रस्तावित है, जिसमें से 20188 मीटर का कार्य पूर्ण हो चुका है। मानिकपुर ग्रामीण में CWR के माध्यम से 5 HP क्षमता के दो पंप (एक कार्यशील, एक स्टैंडबाय) से OHT भरा जाता है, जबकि 10 HP क्षमता के दो पंप से कुबरी OHT और हेला OHT को जलापूर्ति की जाती है। ग्रामवार जल संयोजन की जानकारी भी दी गई, जिसके अनुसार मानिकपुर रूरल (400), हेला (208), उमरी (282) और खिचरी (243) ग्रामों में सभी संयोजन फंक्शनल पाए गए, जबकि झरी ग्राम के 38 गृह संयोजनों में जलापूर्ति व्यवस्था प्रगतिरत मिली। अधिशासी अभियंता, खंड कार्यालय विद्युत यांत्रिक, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), चित्रकूट ने बताया कि मानिकपुर ग्रामीण OHT हेतु CWR के आउटलेट प्वाइंट पर स्थापित फ्लो मीटर की रीडिंग विगत लगभग 15 दिवस से सही नहीं मिल रही है। इस पर जिलाधिकारी महोदय ने कार्यदायी संस्था GVPR के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर श्री एस. मौर्य को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल SCADA ऑटोमेशन से संबंधित समस्त कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने तथा आगामी एक सप्ताह के भीतर पूरी योजना में SCADA ऑटोमेशन प्रणाली को पूर्ण रूप से क्रियाशील करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने हेला ओवरहेड टैंक (क्षमता 125 KL / 8 मीटर) के माध्यम से ग्राम बगदरी, गोधराई और निही ग्राम में प्रस्तावित जलापूर्ति की भी जानकारी दी। योजना अंतर्गत लगभग 15624 मीटर पाइपलाइन के सापेक्ष 16480 मीटर पाइपलाइन कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि लगभग 500 मीटर Cap Closing Balance शेष है। बगदरी ग्राम में स्थापित सभी 336 गृह संयोजन फंक्शनल पाए गए, जहां जिलाधिकारी के फीडबैक लेने पर ग्रामीणों ने संतुष्टि व्यक्त की। जिलाधिकारी ने बगदरी ग्राम में पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त की गई 2 मीटर नाली की तत्काल मरम्मत का कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने FTK महिलाओं को किट वितरित की, जिन्होंने पेयजल की जांच और क्लोरीन टेस्ट किया, जो मानक के अनुरूप पाया गया। उन्होंने FTK महिलाओं को नियमित रूप से पेयजल की जांच करते हुए रिपोर्ट पोर्टल पर अपडेट करने तथा अधिशासी अभियंता को उनके लंबित मानदेय के भुगतान हेतु मुख्यालय स्तर पर समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गोधराई ग्राम में 122 और निही ग्राम में 140 गृह संयोजन स्थापित किए गए हैं, लेकिन दोनों ही ग्रामों में नियमित जलापूर्ति अभी प्रारंभ नहीं हुई है और कमीशनिंग का कार्य शेष पाया गया। जिलाधिकारी महोदय ने गोधराई एवं निही ग्राम में संचालित कमीशनिंग कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था को आगामी एक सप्ताह के भीतर दोनों ग्रामों में कमीशनिंग कार्य पूर्ण कर नियमित जलापूर्ति प्रत्येक दशा में प्रारंभ कराने का निर्देश दिया। इस पर फर्म GVPR के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर श्री एस. मौर्य द्वारा आगामी एक सप्ताह के भीतर दोनों ग्रामों में नियमित जलापूर्ति प्रारंभ करने का आश्वासन दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने गुणवत्ता, पारदर्शिता, समयबद्धता एवं तकनीकी मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी चित्रकूट श्री डी.पी. पाल, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) श्री स्वप्निल यादव, अधिशासी अभियंता खंड कार्यालय उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) चित्रकूट श्री आशीष कुमार भारती, अधिशासी अभियंता खंड कार्यालय विद्युत यांत्रिक उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) चित्रकूट श्री सुमित कुमार, सहायक अभियंता खंड कार्यालय उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) चित्रकूट श्री शशीकांत मौर्य, सहायक अभियंता खंड कार्यालय उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) चित्रकूट श्री गुलाम सिब्टेन, जूनियर इंजीनियर खंड कार्यालय उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) चित्रकूट श्री विजय शंकर यादव तथा फर्म GVPR चित्रकूट के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर श्री एस. मौर्य सहित अन्य संबंधित अधिकारी, कर्मचारी एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
चित्रकूट के जिलाधिकारी महोदय ने 25 मई 2026 को रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति, जलापूर्ति व्यवस्था, कमीशनिंग गतिविधियों और SCADA ऑटोमेशन प्रणाली की समीक्षा की। यह निरीक्षण पूर्व निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार संपन्न हुआ, जिसमें योजना के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कर धरातलीय स्थिति का विस्तृत जायजा लिया गया। निरीक्षण की शुरुआत ग्राम पंचायत सरहट के राजस्व ग्राम मानिकपुर ग्रामीण स्थित निर्मित क्लियर वाटर रिजर्वॉयर (CWR) से हुई। अधिकारियों ने बताया कि मानिकपुर रूरल ओवरहेड टैंक (OHT) की क्षमता 175 KL / 12 मीटर और CWR की क्षमता 50 KL है। योजना के अंतर्गत कुल 20512 मीटर पाइपलाइन प्रस्तावित है, जिसमें से 20188 मीटर का कार्य पूर्ण हो चुका है। मानिकपुर ग्रामीण में CWR के माध्यम से 5 HP क्षमता के दो पंप (एक कार्यशील, एक स्टैंडबाय) से OHT भरा जाता है, जबकि 10 HP क्षमता के दो पंप से कुबरी OHT और हेला OHT को जलापूर्ति की जाती है। ग्रामवार जल संयोजन की जानकारी भी दी गई, जिसके अनुसार मानिकपुर रूरल (400), हेला (208), उमरी (282) और खिचरी (243) ग्रामों में सभी संयोजन फंक्शनल पाए गए, जबकि झरी ग्राम के 38 गृह संयोजनों में जलापूर्ति व्यवस्था प्रगतिरत मिली। अधिशासी अभियंता, खंड कार्यालय विद्युत यांत्रिक, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), चित्रकूट ने बताया कि मानिकपुर ग्रामीण OHT हेतु CWR के आउटलेट प्वाइंट पर स्थापित फ्लो मीटर की रीडिंग विगत लगभग 15 दिवस से सही नहीं मिल रही है। इस पर जिलाधिकारी महोदय ने कार्यदायी संस्था GVPR के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर श्री एस. मौर्य को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल SCADA ऑटोमेशन से संबंधित समस्त कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने तथा आगामी एक सप्ताह के भीतर पूरी योजना में SCADA ऑटोमेशन प्रणाली को पूर्ण रूप से क्रियाशील करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने हेला ओवरहेड टैंक (क्षमता 125 KL / 8 मीटर) के माध्यम से ग्राम बगदरी, गोधराई और निही ग्राम में प्रस्तावित जलापूर्ति की भी जानकारी दी। योजना अंतर्गत लगभग 15624 मीटर पाइपलाइन के सापेक्ष 16480 मीटर पाइपलाइन कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि लगभग 500 मीटर Cap Closing Balance शेष है। बगदरी ग्राम में स्थापित सभी 336 गृह संयोजन फंक्शनल पाए गए, जहां जिलाधिकारी के फीडबैक लेने पर ग्रामीणों ने संतुष्टि व्यक्त की। जिलाधिकारी ने बगदरी ग्राम में पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त की गई 2 मीटर नाली की तत्काल मरम्मत का कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने FTK महिलाओं को किट वितरित की, जिन्होंने पेयजल की जांच और क्लोरीन टेस्ट किया, जो मानक के अनुरूप पाया गया। उन्होंने FTK महिलाओं को नियमित रूप से पेयजल की जांच करते हुए रिपोर्ट पोर्टल पर अपडेट करने तथा अधिशासी अभियंता को उनके लंबित मानदेय के भुगतान हेतु मुख्यालय स्तर पर समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गोधराई ग्राम में 122 और निही ग्राम में 140 गृह संयोजन स्थापित किए गए हैं, लेकिन दोनों ही ग्रामों में नियमित जलापूर्ति अभी प्रारंभ नहीं हुई है और कमीशनिंग का कार्य शेष पाया गया। जिलाधिकारी महोदय ने गोधराई एवं निही ग्राम में संचालित कमीशनिंग कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था को आगामी एक सप्ताह के भीतर दोनों ग्रामों में कमीशनिंग कार्य पूर्ण कर नियमित जलापूर्ति प्रत्येक दशा में प्रारंभ कराने का निर्देश दिया। इस पर फर्म GVPR के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर श्री एस. मौर्य द्वारा आगामी एक सप्ताह के भीतर दोनों ग्रामों में नियमित जलापूर्ति प्रारंभ करने का आश्वासन दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने गुणवत्ता, पारदर्शिता, समयबद्धता एवं तकनीकी मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी चित्रकूट श्री डी.पी. पाल, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) श्री स्वप्निल यादव, अधिशासी अभियंता खंड कार्यालय उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) चित्रकूट श्री आशीष कुमार भारती, अधिशासी अभियंता खंड कार्यालय विद्युत यांत्रिक उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) चित्रकूट श्री सुमित कुमार, सहायक अभियंता खंड कार्यालय उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) चित्रकूट श्री शशीकांत मौर्य, सहायक अभियंता खंड कार्यालय उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) चित्रकूट श्री गुलाम सिब्टेन, जूनियर इंजीनियर खंड कार्यालय उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) चित्रकूट श्री विजय शंकर यादव तथा फर्म GVPR चित्रकूट के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर श्री एस. मौर्य सहित अन्य संबंधित अधिकारी, कर्मचारी एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
- जिलाधिकारी श्री पुरकित गर्ग ने आज नगर पंचायत मानिकपुर के तिगलिया चौराहा से बस स्टैंड तक का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें नगर की साफ-सफाई व्यवस्था अत्यंत लचर और प्रशासनिक शिथिलता देखने को मिली, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। निरीक्षण के समय, सुबह की पाली में कोई भी सफाई कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद नहीं पाया गया और पूरे कस्बे में गंदगी का अंबार लगा था। जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत मानिकपुर को सख्त निर्देश दिए कि प्रतिदिन सुबह 06:00 बजे सभी सफाई कर्मचारियों की सामूहिक उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और उनकी उपस्थिति की तस्वीरें विभागीय ग्रुप पर अनिवार्य रूप से साझा की जाएं। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि सभी सफाई कर्मचारी अपनी यूनिफॉर्म में रहें। उन्होंने नवोदय विद्यालय के आसपास के क्षेत्रों और खाली पड़े भूखंडों पर व्याप्त गंदगी को तत्काल साफ कराने के कड़े निर्देश दिए और कहा कि यदि नगर वासियों द्वारा कूड़ा एवं गंदगी फैलाई जाती है, तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार जुर्माना लगाया जाए। निरीक्षण में फुटपाथ पर भारी अतिक्रमण भी पाया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि फुटपाथ केवल आमजन के आवागमन के लिए हैं। उन्होंने अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिए कि फुटपाथ पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने दिया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों की सामग्री जब्त कर उनके विरुद्ध तत्काल नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की जाए। मानिकपुर के वार्ड संख्या 10 (आर्य नगर मोड़) पर चल रही एक जलेबी की दुकान को मुख्य मार्ग से हटाकर पास की गली में व्यवस्थित रूप से स्थापित कराने का आदेश दिया गया, ताकि यातायात बाधित न हो। इसके अतिरिक्त, सड़क पर कोई भी बस खड़ी न रहे, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए और यदि बस संचालक नहीं मानते हैं, तो बसों को सीज करने की कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी मानिकपुर मोहम्मद जसीम को निर्देश दिए कि जब तक पूरे नगर क्षेत्र की मुस्तैदी से साफ-सफाई कराकर उसकी साक्ष्य सहित रिपोर्ट (फोटोग्राफ्स) प्रेषित न की जाए, तब तक अधिशासी अधिकारी श्री भारत सिंह का वेतन आहरित न किया जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इसके बावजूद यदि नगर क्षेत्र में समुचित साफ-सफाई नहीं होती है, तो संबंधित के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति भेजी जाएगी। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी मानिकपुर मोहम्मद जसीम, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत श्री भारत सिंह सहित अन्य संबंधित प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- भीषण गर्मी और तपती लू के बीच चित्रकूट जिले के पहाड़ी कस्बे राजापुर में एक बालक अपने स्कूल की फीस भरने के लिए नंगे पैर नींबू बेचने का काम कर रहा है। यह हृदय विदारक दृश्य वाकई दिल को छू लेने वाला है, जहाँ बालक चप्पल, गमछे या पूरे कपड़ों के बिना, केवल आधे कपड़ों में कड़ाके की धूप में अपने काम में पूरी तरह लीन है। यह मार्मिक तस्वीर कई गहरी सच्चाइयों को उजागर करती है। यह बालक की मजबूरी को साफ दर्शाती है, जिसे गर्म लू चलती जमीन पर नंगे पैर और तेज धूप में काम करना पड़ रहा है, जो उसके पास किसी विकल्प की अनुपस्थिति को दर्शाता है। नींबू बेचने का काम भले ही छोटा लगे, लेकिन भीषण गर्मी में घंटों खड़े रहना उसकी कड़ी मेहनत और लगन का प्रमाण है। यह दृश्य बचपन की कमी को भी सामने लाता है, जहाँ इस उम्र में बच्चे को स्कूल और खेल के मैदान में होना चाहिए था, लेकिन स्कूल फीस की चिंता उसे सड़क पर काम करने के लिए मजबूर कर रही है। ऐसे बच्चे अक्सर आर्थिक तंगी या परिवार चलाने की जिम्मेदारी के कारण काम करते दिखाई देते हैं। हमारे संवाददाता दिनेश सिंह कुशवाहा ने इस बालक को नींबू बेचते देखा और उससे बातचीत भी की।2
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के कर्वी क्षेत्र में डांस के नाम पर गंभीर शोषण के आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इन आरोपों में डांस के बहाने एक बड़े जालसाजी और शोषण का संदेह जताया जा रहा है। पुलिस अब इन आरोपों की सच्चाई का पता लगाने में जुटी हुई है।2
- चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र के खेर का पुरवा मजरा रेहुंटा गांव में महिलाएं धोखाधड़ी का शिकार हो गईं। बताया गया है कि इस घटना के बाद कुछ दबंगों ने उनके घर में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट की। पीड़ित महिलाओं ने इस मामले को लेकर प्रभारी निरीक्षक पहाड़ी को एक शिकायती पत्र सौंपा था, लेकिन इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके बाद, न्याय की मांग करते हुए, पीड़ित महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक महोदय को एक और शिकायती पत्र देकर तत्काल कार्यवाही की अपील की है।1
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पंडित जितेंद्र राय ने ब्राह्मण संगठनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, कहते हुए कि वे केवल अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए कार्य कर रहे हैं, जिससे ब्राह्मण समाज का कल्याण बाधित हो रहा है। उन्होंने सतना से रवि शर्मा और आशीष चतुर्वेदी के साथ सर्व परशुराम ब्राह्मण संघ के राष्ट्रीय अधिवेशन में यह बात कही, जो उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के अन्य जिलों के सदस्यों के साथ आयोजित एक राष्ट्रीय गोष्ठी थी। पंडित जितेंद्र राय के अनुसार, ये संगठन ब्राह्मणों के उत्थान के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं। उनका आरोप है कि देश का कोई भी ब्राह्मण संगठन न तो ब्राह्मण आयोग की माँग को लेकर सड़क पर उतरता है और न ही ब्राह्मणों पर हो रहे अन्याय के खिलाफ कोई धरना या प्रदर्शन करता है। इसी निष्क्रियता के कारण आज ब्राह्मण समाज का लगातार पतन हो रहा है। उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि जब सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों पर लोग ब्राह्मणों के खिलाफ बोलते हैं, तब भी ये संगठन चुपचाप सुनते रहते हैं, जिसकी वजह से ब्राह्मण समाज आज हाशिए पर पहुँच गया है। राय ने दृढ़ता से कहा कि यदि ब्राह्मण संगठन अपने व्यक्तिगत स्वार्थों को छोड़कर ब्राह्मणों के हित में कार्य करने लगें, तो ब्राह्मणों को अपमानित करने के सभी प्रयास रुक जाएँगे।1
- सेमरिया विधानसभा की ग्राम पंचायत बरौ में श्री मकखू गौतम जी के निज निवास पर चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा में एक अलौकिक दिन देखने को मिला। व्यासपीठ से शास्त्री जी ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग इतने विस्तृत और भावपूर्ण तरीके से सुनाया कि पूरा पंडाल मानो वृंदावन में बदल गया। शास्त्री जी ने कंस के अत्याचारों से त्रस्त देवकी-वसुदेव के कारागार में बंद होने का मार्मिक चित्रण किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधी रात, घनघोर वर्षा और बिजली की गड़गड़ाहट के बीच अचानक कारागार में दिव्य प्रकाश हुआ और भगवान चतुर्भुज रूप में प्रकट हुए, जिनके हाथों में शंख, चक्र, गदा, पद्म थे और वे पीतांबर व वनमाला धारण किए हुए थे। माता देवकी की प्रार्थना पर भगवान मुस्कुराए और नन्हे शिशु के रूप में परिवर्तित हो गए। इस चमत्कार के साथ ही वसुदेव जी की हथकड़ियाँ और बेड़ियाँ खुल गईं, कारागार के सभी द्वार स्वयं खुल गए और पहरेदार गहरी नींद में सो गए। वसुदेव जी टोकरी में बालक को लेकर यमुना की ओर चल पड़े। शास्त्री जी ने यमुना लीला का वर्णन करते हुए बताया कि कैसे उफान पर आती यमुना जी बालक के चरणों को छूने को आतुर थीं और जब जल बालक के चरणों तक पहुँचा, तो शेषनाग ने फन फैलाकर छत्र किया और यमुना ने मार्ग दे दिया। गोकुल पहुँचकर वसुदेव जी ने बालक को यशोदा माता के पास सुला दिया और योगमाया को लेकर मथुरा लौट आए। जैसे ही शास्त्री जी ने "नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" का उद्घोष किया, पूरा पंडाल भक्तिभाव में झूम उठा। महिलाएँ सोहर गाने लगीं और ढोल-नगाड़े तथा मंजीरे बजने लगे। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की, तथा बाल गोपाल को झूले में बैठाकर "हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" गाते हुए झुलाया गया। इसके उपरांत मिश्री, माखन और पंजीरी का प्रसाद वितरित किया गया। इस अद्भुत क्षण को देखकर कई भक्तों की आँखें नम हो गईं, और ऐसा प्रतीत हुआ मानो 5000 साल बाद बरौ गाँव में कान्हा ने फिर से जन्म लिया हो। पूरा वातावरण "बोलो नन्दलाल की जय", "बाल गोपाल की जय", "देवकीनंदन की जय" के नारों से गूँज उठा। श्री मकखू गौतम जी का परिवार और समस्त ग्रामवासी इस दिव्य आयोजन से स्वयं को धन्य महसूस कर रहे थे।1
- Post by CockroachJanataparty(priyanshu1
- चित्रकूट जिले के मानिकपुर विकासखंड अंतर्गत निही ग्राम पंचायत के भ्रमण पर पहुंचे जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग ने हैंडपंप के पास अत्यधिक गंदगी देखकर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने तत्काल जिला पंचायत राज अधिकारी को सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि संबंधित क्षेत्र में नियमित सफाई कर्मियों की कमी है, तो नियमानुसार तत्काल आउटसोर्सिंग के माध्यम से अतिरिक्त कर्मियों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को भी निर्देशित किया कि जनपद की जिन ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मियों की तैनाती नहीं है, वहां नियमानुसार आउटसोर्सिंग के जरिए सफाई कर्मियों को तैनात करते हुए साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। श्री गर्ग ने सचेत किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में, जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग ने ग्राम पंचायत निही में निर्मित खेल मैदान का भी औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खेल मैदान में कोई खेल गतिविधि संचालित न पाए जाने पर, उन्होंने मौके पर उपस्थित जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) को कड़े निर्देश दिए। इन निर्देशों में बच्चों व युवाओं हेतु बैडमिंटन, वॉलीबॉल सहित अन्य आवश्यक खेल सामग्रियां तत्काल उपलब्ध कराना शामिल था, ताकि स्थानीय प्रतिभाएं इसका समुचित लाभ उठा सकें और खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। इस निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी (CDO) श्री डीपी पाल, जिला पंचायत राज अधिकारी श्री देवेंद्र सिंह सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी व कर्मचारी भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।1