लखनऊ में एक तीन मंजिला इमारत में आग लगने से 15 छात्र-छात्राओं की मौत के बाद कानपुर देहात प्रशासन सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी कपिल सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय के निर्देश पर मंगलवार को डेरापुर उपजिलाधिकारी शालिनी उत्तम और क्षेत्राधिकारी धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी ने मंगलपुर पुलिस के साथ मिलकर झींझक नगर में संचालित कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और प्रशिक्षण संस्थानों में एक सघन जांच अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और संचालन संबंधी खामियां पाए जाने पर दो संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया, जबकि कई अन्य को नोटिस जारी कर सख्त चेतावनी दी गई। दोपहर करीब एक बजे शुरू हुए इस अभियान में अधिकारियों ने सबसे पहले सीएसजेम एजुकेशन सेंटर कौशल एवं प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया, जहाँ भवन में आपातकालीन निकास द्वार न होने और अन्य सुरक्षा मानकों में कमियां मिलने के कारण संस्थान को सीज करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद स्टेशन रोड स्थित ओमनगर में संचालित 4 नेट कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र की जाँच की गई, जहाँ निर्धारित मानक पूरे नहीं पाए जाने पर संचालक को चेतावनी देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा गया। भोलानगर स्थित पाल कॉम्प्लेक्स में दो अग्निशमन सिलेंडर एक्सपायर मिले, जिस पर संबंधित संस्थान को नोटिस जारी किया गया। वहीं, राम पैलेस भवन में संचालित शोभा अचीवर्स लाइब्रेरी की जाँच के दौरान संचालक मौके पर नहीं मिला और संचालन संबंधी आवश्यक अभिलेख व सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने पर कार्रवाई की गई। उपजिलाधिकारी शालिनी उत्तम ने बताया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, संचालन संबंधी कमियों और अवैध रूप से संचालित पाए जाने पर दो लाइब्रेरी और आईटी सेंटरों को तत्काल प्रभाव से सीज किया गया है। अन्य संस्थानों के संचालकों को भी विधिक नोटिस जारी कर मानकों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है। इस अभियान में अग्निशमन विभाग से राजनारायण सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी शैलेश द्विवेदी, मंगलपुर प्रभारी निरीक्षक महेश कुमार दुबे समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
लखनऊ में एक तीन मंजिला इमारत में आग लगने से 15 छात्र-छात्राओं की मौत के बाद कानपुर देहात प्रशासन सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी कपिल सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय के निर्देश पर मंगलवार को डेरापुर उपजिलाधिकारी शालिनी उत्तम और क्षेत्राधिकारी धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी ने मंगलपुर पुलिस के साथ मिलकर झींझक नगर में संचालित कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और प्रशिक्षण संस्थानों में एक सघन जांच अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और संचालन संबंधी खामियां पाए जाने पर दो संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया, जबकि कई अन्य को नोटिस जारी कर सख्त चेतावनी दी गई। दोपहर करीब एक बजे शुरू हुए इस अभियान में अधिकारियों ने सबसे पहले सीएसजेम एजुकेशन सेंटर कौशल एवं प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया, जहाँ भवन में आपातकालीन निकास द्वार न होने और अन्य सुरक्षा मानकों में कमियां मिलने के कारण संस्थान को सीज करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद स्टेशन रोड स्थित ओमनगर में संचालित 4 नेट कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र की जाँच की गई, जहाँ निर्धारित मानक पूरे नहीं पाए जाने पर संचालक को चेतावनी देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा गया। भोलानगर स्थित पाल कॉम्प्लेक्स में दो अग्निशमन सिलेंडर एक्सपायर मिले, जिस पर संबंधित संस्थान को नोटिस जारी किया गया। वहीं, राम पैलेस भवन में संचालित शोभा अचीवर्स लाइब्रेरी की जाँच के दौरान संचालक मौके पर नहीं मिला और संचालन संबंधी आवश्यक अभिलेख व सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने पर कार्रवाई की गई। उपजिलाधिकारी शालिनी उत्तम ने बताया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, संचालन संबंधी कमियों और अवैध रूप से संचालित पाए जाने पर दो लाइब्रेरी और आईटी सेंटरों को तत्काल प्रभाव से सीज किया गया है। अन्य संस्थानों के संचालकों को भी विधिक नोटिस जारी कर मानकों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है। इस अभियान में अग्निशमन विभाग से राजनारायण सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी शैलेश द्विवेदी, मंगलपुर प्रभारी निरीक्षक महेश कुमार दुबे समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
- मंगलपुर थाना क्षेत्र से एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झींझक नगर पालिका क्षेत्र निवासी शाहिद, शाहरुख और वाहिद के रूप में हुई है, जिन्हें झींझक-रसूलाबाद मार्ग स्थित महाराजपुर मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, थाना क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 15 वर्षीय बेटी 21 जून की रात करीब एक से दो बजे के बीच घर से बिना बताए चली गई थी। परिजनों ने अपनी ओर से काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाद में जानकारी मिली कि झींझक निवासी शाहिद किशोरी को अपने साथ ले गया है। महिला ने यह भी आरोप लगाया था कि उसकी बेटी घर से नकदी और जेवरात भी अपने साथ ले गई थी, और शाहिद के भाई आरिफ पर घटना में सहयोग करने का आरोप लगाया गया था। परिजनों ने आशंका जताई थी कि आरोपी किशोरी का धर्म परिवर्तन करा सकते हैं। इस शिकायत के आधार पर मंगलपुर थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किशोरी को सुरक्षित ढूंढ निकाला और मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। मंगलपुर थाना पुलिस ने मंगलवार सुबह 10 बजे बताया कि तीनों आरोपियों को देर रात गिरफ्तार किया गया था। मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है, और बरामदगी, उपलब्ध साक्ष्यों तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- सिकंदरा तहसील क्षेत्र में यमुना नदी में लगातार अवैध रूप से मछलियों का शिकार जारी है, जिससे संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालाँकि, इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इसे यमुना नदी क्षेत्र का ही बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यमुना नदी के किनारे स्थित भुपैयापुर, गौहानी बांगर, बिलासपुर, बैजामऊ और महेशपुर गांवों के आसपास बड़े पैमाने पर मछली शिकार की शिकायतें सामने आ रही हैं। जिला प्रशासन ने 31 मई 2026 से मछलियों के शिकार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है, क्योंकि जून माह में अधिकांश मछलियाँ अंडे देती हैं और सितंबर तक उनके बच्चों का विकास होता है। मत्स्य संपदा के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से हर वर्ष इस अवधि में प्रतिबंध लगाया जाता है, इसके बावजूद कुछ मछुआरे चोरी-छिपे नदी में जाल डालकर मछली पकड़ रहे हैं, जिससे मत्स्य संपदा को भारी नुकसान पहुँचने की आशंका है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक निगरानी के अभाव में प्रतिबंध का प्रभावी पालन नहीं हो पा रहा है और यमुना नदी में खुलेआम मछलियों का शिकार किया जा रहा है। इस मामले पर जिलाधिकारी कपिल सिंह ने संज्ञान लेते हुए बताया कि उन्हें इसकी जानकारी मिली है। उन्होंने अवैध मछली शिकार पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है और यमुना नदी में हो रहे अवैध मछली शिकार पर प्रभावी रोक लग पाती है या नहीं।1
- लखनऊ में हुई अग्निकांड की घटना के बाद, औरैया का प्रशासन अब पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। इस सतर्कता अभियान के तहत, प्रशासन ने जिले के चार कोचिंग सेंटरों को सील करने की कार्रवाई की है। सदर एसडीएम ने इस पूरे मामले की जानकारी प्रदान की है।1
- औरैया में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा और क्षेत्राधिकारी नगर ने कोतवाली औरैया क्षेत्र में जुलूस और ताजियों के निर्धारित मार्गों का ड्रोन कैमरे की मदद से स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ताजियादारों के साथ एक बैठक भी की, जिसमें जुलूस के समय, मार्ग, संवेदनशील स्थानों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने जुलूस के पूरे रूट पर पैदल भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का व्यक्तिगत रूप से जायजा लिया। इस दौरान प्रमुख चौराहों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील बिंदुओं की विशेष जांच की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि मोहर्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, पुलिस टीम ने प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले अन्य इलाकों में पैदल गश्त करते हुए आम लोगों से सीधे संवाद किया। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग भी की गई। पुलिस ने आमजन से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अधिकारियों ने नागरिकों को यह भी भरोसा दिलाया कि पर्व के दौरान सुरक्षा के पूरे और व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने इस अवसर पर ताजियादारों और सभी क्षेत्रवासियों से भाईचारा और शांति बनाए रखने तथा प्रशासन का पूरा सहयोग करने की अपील की। इस मौके पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली औरैया सहित अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।1
- हज़रत इमाम हुसैन की स्मृति में मोहर्रम की सातवीं तारीख को औरैया नगर में परंपरागत 'आलम' का जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोगों ने शिरकत की, जिसके चलते पूरे रास्ते 'या हुसैन, या हुसैन' के नारों से माहौल गूंज उठा। इस अवसर पर नगर के विभिन्न स्थानों पर हुसैनी लंगर का आयोजन भी किया गया, जहाँ लोगों ने अत्यंत अदब और एहतराम के साथ ‘तबर्रुक’ ग्रहण किया। आलम का जुलूस तिलक नगर के जमाल शाह मोहल्ले से शुरू हुआ और नगर के कई प्रमुख मार्गों से गुजरा। इस दौरान, लोगों ने अपनी आस्था के अनुरूप मन्नतें मांगीं और मन्नत पूरी होने पर चाँदी का नींबू चढ़ाकर अपनी अकीदत पेश की। इम्तियाज़ अब्बासी ने बताया कि यह जुलूस हर वर्ष की तरह इस बार भी परंपरागत तरीके से निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लेकर हज़रत इमाम हुसैन को खिराज-ए-अकीदत पेश की। डॉ. रिजवान वारसी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रशासन द्वारा जारी सभी निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया, और जुलूस में वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं का ही अनुसरण किया गया, बिना किसी नई प्रथा को शामिल किए। उन्होंने यह भी बताया कि जुलूस ने तिलक नगर और जमाल शाह मोहल्ले सहित कई क्षेत्रों में गश्त की, जहाँ जगह-जगह हुसैनी लंगर लगाए गए थे। मोहर्रम के मद्देनज़र, ज़िला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए गए थे। पूरे जुलूस मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद दिखाई दी। फ़िरोज़ फ़ारूक़ी ने ज़िला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। इस मौके पर शमशाद अब्बासी, फ़ारूक़, भोले, तौफ़ीक़ फ़ारूक़ी, लल्ला, चाँद बाबू, अब्दुल अहद, नौशाद, आरिफ़, शाहिद, नहीम, अकलीम, मुकीम, तौसीफ़, नाज़िम वारसी, शादाब अब्बासी, फ़रान, ओसन सहित सैकड़ों मुस्लिम समाज के लोग मौजूद रहे।1
- जनपद औरैया के तर्रई गांव में एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोरों ने लाखों रुपये के जेवरात, नकदी और घरेलू सामान पर हाथ साफ कर दिया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। यह मकान मदन पुत्र श्रीकृष्ण कुशवाहा और उनकी पत्नी सीमा देवी का है, जो अपने दो बच्चों के साथ गुड़गांव में रहते हुए कोठियों में माली का कार्य करते हैं। परिवार के बाहर रहने के कारण यह घर काफी समय से बंद था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने पहले छत पर पहुंचकर जालीनुमा स्थान पर लगे सरियों के सहारे नीचे उतरने का तरीका अपनाया। इसके बाद उन्होंने जीने के गेट की कुंडी तोड़ी और लोहे का जंगला तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया। घर में रखी अलमारी के लॉक तोड़कर चोरों ने उसमें रखे कीमती जेवरात, नकदी और अन्य सामान चोरी कर लिया। घटना के बाद घर का सामान बिखरा हुआ मिला और अलमारियों के टूटे हुए लॉक देखकर चोरी की पुष्टि हुई। पीड़ित परिवार ने बताया कि चोरी गए सामान में दो सोने के हार, पुरुषों की तीन सोने की अंगूठियां, महिलाओं की तीन सोने की अंगूठियां, चार सोने की चूड़ियां, एक जोड़ी झुमकी, एक जोड़ी झाला, दो जोड़ी चांदी की पायल, तीन जोड़ी चांदी की करधनी, तीन गैस सिलेंडर, मोटरसाइकिल की चाबी और लगभग 15 हजार रुपये नकद शामिल हैं। घटना की सूचना मिलने पर पीड़ित परिवार ने डायल 112 के माध्यम से पुलिस को सूचित किया। सूचना पर पाता चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, जिन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द मामले का खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।1
- कानपुर देहात की संगसियापुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2016 से 2019 के बीच हुए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिला प्रशासन की कार्रवाई के तहत, जिलाधिकारी के निर्देश पर तत्कालीन ग्राम प्रधान सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई एक जांच समिति की रिपोर्ट के बाद की गई है, जिसमें लाखों रुपये की वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई थी। अकबरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली संगसियापुर ग्राम पंचायत में हुई जांच में ₹7,31,067 के गबन का खुलासा हुआ है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर, जिलाधिकारी के आदेश पर एडीओ पंचायत ने अकबरपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस मुकदमे में तत्कालीन ग्राम प्रधान राम सिंह, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी हरनाथ संखवार, तत्कालीन वीपीओ प्रियंका शुक्ला, और तत्कालीन वीडीओ स्नेहा राजपूत को नामजद किया गया है। इन पर सरकारी धन के उपयोग में अनियमितता बरतने और विकास कार्यों के नाम पर वित्तीय गड़बड़ी करने का आरोप है। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने बताया कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई है। अकबरपुर थाना पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र में एक युवती को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर ले जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में युवती के पिता की तहरीर पर पुलिस ने चार नामजद व्यक्तियों सहित कुछ अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित पिता के अनुसार, यह घटना 18 जून 2026 को हुई, जब उनकी लगभग 18 वर्ष 5 माह की बेटी को ग्राम कटेही निवासी अंकित पुत्र महेश राठौर, अवधेश पुत्र मुन्नीलाल, उपेंद्र पुत्र भूरा राठौर, और शरद पुत्र महेश राठौर अपने साथ ले गए। आरोप है कि युवती अपने साथ शैक्षणिक प्रमाण पत्र, कुछ जेवरात और लगभग 1.32 लाख रुपये नकद भी ले गई है। मामले में कुछ अन्य लोगों पर भी इन नामित व्यक्तियों का सहयोग करने का आरोप लगाया गया है। डेरापुर थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह ने सोमवार शाम पांच बजे बताया कि मिली तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, और युवती की बरामदगी के लिए आवश्यक कार्रवाई करते हुए मामले की गहराई से जांच की जा रही है।1
- परिवहन आयुक्त लखनऊ के निर्देश पर, औरैया जिले में सोमवार रात एक विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। एआरटीओ एनसी शर्मा के नेतृत्व में, थाना एरवाकटरा क्षेत्र के किशनी मार्ग पर स्लीपर और यात्री बसों की सघन जांच की गई। अचानक शुरू हुई इस कार्रवाई के कारण देर रात तक बस संचालकों और वाहन स्वामियों के बीच हड़कंप की स्थिति बनी रही। जांच के दौरान, वाहनों के परमिट, आवश्यक दस्तावेजों और संचालन से संबंधित नियमों की गहराई से पड़ताल की गई। एआरटीओ ने बताया कि कई बस संचालक, जिनके पास ऑल इंडिया परमिट हैं, वे निर्धारित शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं। विशेष रूप से, यह भी सामने आया कि कुछ बसें बीच रास्ते में ही सवारियां बैठा रही थीं, जो परमिट नियमों का सीधा उल्लंघन है। इस अभियान में, नियमों का उल्लंघन करते हुए एक यात्री बस को पकड़ा गया, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। एआरटीओ ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और परिवहन नियमों का सख्ती से पालन करवाने के लिए भविष्य में भी ऐसे विशेष चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेंगे।1