पूर्व विधायक बाबूलाल का निधन, निकाली अंतिम यात्रा,बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि खेड़ली. क्षेत्र की राजनीति के वरिष्ठ नेता और कठूमर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बाबूलाल बैरवा का रविवार सुबह करीब चार बजे निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे, जिनका उपचार जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल जयपुर चल रहा था। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को सायं करीब तीन बजे खेड़ली में उनका अंतिम संस्कार किया गया। कठूमर विधानसभा के सबसे वरिष्ट नेता थे, जिन्होंने 9 बार चुनाव लड़कर चार बार चुनाव जीता। उनके निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, भरतपुर सांसद संजना जाटव, विधायक रमेश खींची आदि ने शोक व्यक्त किया। पूर्व विधायक बैरवा का पार्थिव शरीर रविवार सुबह 10:30 बजे जयपुर से कस्बे के बाईपास रोड पर स्थित निवास पर लाया गया। जिसकी सूचना मिलने पर काफी संख्या में उनके समर्थक अंतिम दर्शन के लिए निवास पर पहुंचे। दोपहर करीब 1:30 बजे कस्बे में होकर उनकी शव यात्रा निकाली गई। सायं तीन बजे बैरवा का अंतिम संस्कार उनके ज्येष्ठ पुत्र अमिताभ दिवाकर ने मुखाग्नि देकर किया। अंतिम संस्कार के दौरान भरतपुर सांसद संजना जाटव, धौलपुर सांसद भजन जाटव, कठूमर विधायक रमेश खींची, कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत सहित भारी संख्या में उनके समर्थक सहित विभिन्न पार्टियों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। पूर्व विधायक बैरवा अपने पीछे शादीशुदा तीन पुत्र अमिताभ, आदर्श अवधेश और एक पुत्री सहित नाती पोते से भरा पूरा परिवार छोड़कर गए हैं। उनकी पत्नी का स्वर्गवास करीब 4 वर्ष पूर्व हो गया था। 50 वर्ष का लंबा राजनीतिक जीवन, 9 बार चुनाव लड़ा- बाबू लाल बैरवा का जन्म 5 नवंबर 1953 को क्षेत्र के गांव रोनिजाथान में हुआ। बैरवा का राजनीतिक जीवन लंबा और विविध अनुभवों से भरा रहा। पहला चुनाव 1977 में कांग्रेस से लड़ा जिसमें हार मिली। 1980 में कांग्रेस का टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय के रूप में चुनाव जीता और पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद वर्ष 1985 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर पुनः कठूमर विधायक बने। राजनीतिक परिस्थितियों में उन्होंने कांग्रेस, भाजपा और इनेलो जैसे दलों के साथ कार्य किया। वर्ष 2008 में भाजपा से चुनाव जीतकर विधायक बने। इसके बाद वर्ष 2018 में कांग्रेस का दामन थामा और विधायक बने। इस दौरान अपनी ही कांग्रेस सरकार के मंत्रियों के खिलाफ मुखर होने पर चर्चा में रहे। भाजपा कांग्रेस दोनों ही पार्टियों में के शीर्ष नेतृत्व में उनकी गहरी पैठ थी तथा स्थानीय जातिगत समीकरण से उनके पक्ष में रहा।
पूर्व विधायक बाबूलाल का निधन, निकाली अंतिम यात्रा,बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि खेड़ली. क्षेत्र की राजनीति के वरिष्ठ नेता और कठूमर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बाबूलाल बैरवा का रविवार सुबह करीब चार बजे निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे, जिनका उपचार जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल जयपुर चल रहा था। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को सायं करीब तीन बजे खेड़ली में उनका अंतिम संस्कार किया गया। कठूमर विधानसभा के सबसे वरिष्ट नेता थे, जिन्होंने 9 बार चुनाव लड़कर चार बार चुनाव जीता। उनके निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, भरतपुर सांसद संजना जाटव, विधायक रमेश खींची आदि ने शोक व्यक्त किया। पूर्व विधायक बैरवा का पार्थिव शरीर रविवार सुबह 10:30 बजे जयपुर से कस्बे के बाईपास रोड पर स्थित निवास पर लाया
गया। जिसकी सूचना मिलने पर काफी संख्या में उनके समर्थक अंतिम दर्शन के लिए निवास पर पहुंचे। दोपहर करीब 1:30 बजे कस्बे में होकर उनकी शव यात्रा निकाली गई। सायं तीन बजे बैरवा का अंतिम संस्कार उनके ज्येष्ठ पुत्र अमिताभ दिवाकर ने मुखाग्नि देकर किया। अंतिम संस्कार के दौरान भरतपुर सांसद संजना जाटव, धौलपुर सांसद भजन जाटव, कठूमर विधायक रमेश खींची, कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत सहित भारी संख्या में उनके समर्थक सहित विभिन्न पार्टियों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। पूर्व विधायक बैरवा अपने पीछे शादीशुदा तीन पुत्र अमिताभ, आदर्श अवधेश और एक पुत्री सहित नाती पोते से भरा पूरा परिवार छोड़कर गए हैं। उनकी पत्नी का स्वर्गवास करीब 4 वर्ष पूर्व हो गया था। 50 वर्ष का लंबा राजनीतिक जीवन, 9 बार चुनाव लड़ा- बाबू लाल बैरवा का जन्म 5 नवंबर 1953 को क्षेत्र
के गांव रोनिजाथान में हुआ। बैरवा का राजनीतिक जीवन लंबा और विविध अनुभवों से भरा रहा। पहला चुनाव 1977 में कांग्रेस से लड़ा जिसमें हार मिली। 1980 में कांग्रेस का टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय के रूप में चुनाव जीता और पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद वर्ष 1985 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर पुनः कठूमर विधायक बने। राजनीतिक परिस्थितियों में उन्होंने कांग्रेस, भाजपा और इनेलो जैसे दलों के साथ कार्य किया। वर्ष 2008 में भाजपा से चुनाव जीतकर विधायक बने। इसके बाद वर्ष 2018 में कांग्रेस का दामन थामा और विधायक बने। इस दौरान अपनी ही कांग्रेस सरकार के मंत्रियों के खिलाफ मुखर होने पर चर्चा में रहे। भाजपा कांग्रेस दोनों ही पार्टियों में के शीर्ष नेतृत्व में उनकी गहरी पैठ थी तथा स्थानीय जातिगत समीकरण से उनके पक्ष में रहा।
- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोतजी के 75वें जन्मदिन पर महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वेता यादव द्वारा सेवा कार्य अशोक गहलोत के 75वें जन्मदिन के अवसर पर महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वेता यादव के नेतृत्व में कच्ची बस्ती क्षेत्र में सेवा कार्य आयोजित किए गए। इस दौरान जरूरतमंद बच्चों एवं महिलाओं के बीच फल, बिस्किट तथा महिलाओं को सैनिटरी पैड वितरित किए गए। जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वेता यादव ने बताया कि कांग्रेस पार्टी की विचारधारा हमेशा से गरीब, कमजोर एवं जरूरतमंद वर्ग की सेवा करने की रही है। इसी भावना के साथ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनाया गया। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाना ही सच्ची राजनीति का उद्देश्य होना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं बच्चों ने इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महिला कांग्रेस की टीम एवं स्थानीय कार्यकर्ता भी मौजूद रहे और उन्होंने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।1
- Post by Gurnamsingh Gurnamsingh3
- Post by News 931
- gaw ka rasta 20. sal se koi kama nahi howa hey1
- संगम नगरी प्रयागराज के ककरहा घाट पर सीवर लाइन के लिए मिट्टी खुदाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जहां खुदाई कर रहा मजदूर गया प्रसाद (45) मिट्टी की चपेट में आने के चलते दब गया। जिसकी सूचना के बाद मौके पर पहुंची एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से मजदूर के शव को मिट्टी के ढ़ेर से 6 घंटे के बाद जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया है। एसीपी अतरसुईया निकिता श्रीवास्तव ने बताया कि जिस जगह मजदूर दबा था वहां अधिक मिट्टी होने के चलते रेस्क्यू में थोड़ा दिक्कत आ रही थी, लेकिन एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से मजदूर की बॉडी निकाला गया है। एसीपी निकिता श्रीवास्तव के मुताबिक जल निगम की तरफ से ककरहा घाट पर सीवर लाइन डालने का काम किया जा था। जिसमें दो मजदूर मिट्टी खोदने में लगे थे। इसी दौरान मिट्टी का ढेर गिर गया और मजदूर गया प्रसाद (45) उसकी चपेट में आ गया। फिलहाल पिछले 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मजदूर की बॉडी को रेस्क्यू करके बाहर निकाला गया है। मृतक की डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।4
- Post by लोहागढ़ न्यूज़ टाइम्स (सच ख़बर1
- झालावाड़ जिले के बकानी में वन विभाग ने बड़ी कार्यवाही करते हुए अवैध लकड़ी से भरे हुए पांच ट्रैक्टर ट्रालियों को जप्त किया यह करवाई उप वन संरक्षक झालावाड़ के सख्त निर्देश के बाद की गई इसके बाद विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया जानकारी के अनुसार वन मंडल झालावाड़ की गश्ती दल को सूचना मिली थी कि बकानी क्षेत्र में ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध रूप से लड़कियों का परिवहन किया जा रहा है सूचना मिलने पर टीम ने 5 ट्रैक्टर ट्राली को मय लड़कियों के जप्त कर लिया रेंज वन अधिकारी बकानी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में राजस्थान वन अधिनियम 1953 के तहत कानूनी कार्रवाई कर दी गई है और आगे की जांच जारी है इस कार्रवाई के दौरान गश्ती दल प्रभारी विजय सिंह सहायक वनपाल अरुण कुमार वनरक्षक हनुमान प्रसाद और वनरक्षक अमित कुमार सहित वन विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे4
- Post by Voice of Labour1
- ये क्या टैलेंट है इंस्टाग्राम को हिला के रख दिया लकड़े में दम तो है रिकॉर्ड इतने बना दिए तोड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है इंस्टाग्राम को भी इग्नोर कर रहा है1