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जिंदा हूं साहब….. गूंज रही पुकार, अमवार से .... उठी पीड़ा की आवाज़ अपार, कब जागेगा सिस्टम....कब मिलेगा हक, मवई की धरती ....पूछ रही हर बार मंडला जिले के मवई विकासखंड की ग्राम पंचायत अमवार से प्रशासनिक लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है… जहां सत्तो बाई बैगा जिंदा हैं… लेकिन समग्र आईडी में उनका नाम गायब है… यानी कागजों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है मामला मवई के अमवार गांव का है…पीड़िता का कहना है कि कई बार पंचायत के चक्कर लगाए, लेकिन नाम नहीं जोड़ा गया… जिसके चलते वह शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।पीडिता का कहना है कि साहब… मैं जिंदा हूं… लेकिन कागजों में मुझे मार दिया गया है…अब देखना होगा कि मीडिया में मामला उजागर होने के बाद प्रशासन इस बड़ी लापरवाही को कब सुधारता है… और सत्तो बाई बैगा को उनका हक दिलाता है।
Neelesh THAKUR
जिंदा हूं साहब….. गूंज रही पुकार, अमवार से .... उठी पीड़ा की आवाज़ अपार, कब जागेगा सिस्टम....कब मिलेगा हक, मवई की धरती ....पूछ रही हर बार मंडला जिले के मवई विकासखंड की ग्राम पंचायत अमवार से प्रशासनिक लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है… जहां सत्तो बाई बैगा जिंदा हैं… लेकिन समग्र आईडी में उनका नाम गायब है… यानी कागजों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है मामला मवई के अमवार गांव का है…पीड़िता का कहना है कि कई बार पंचायत के चक्कर लगाए, लेकिन नाम नहीं जोड़ा गया… जिसके चलते वह शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।पीडिता का कहना है कि साहब… मैं जिंदा हूं… लेकिन कागजों में मुझे मार दिया गया है…अब देखना होगा कि मीडिया में मामला उजागर होने के बाद प्रशासन इस बड़ी लापरवाही को कब सुधारता है… और सत्तो बाई बैगा को उनका हक दिलाता है।
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