राजस्थान के बालेसर (सिंगोड़ी) के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी और उनके ट्रांसफर को लेकर छात्र-छात्राओं का सब्र टूट गया। पढ़ाई चौपट होने के डर से आक्रोशित और बेबस मासूम बच्चों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। "हमारे गुरुजी को वापस लाओ" के नारों के साथ इन बच्चों ने करीब 4 घंटे तक उग्र प्रदर्शन किया और वहीं धरने पर बैठ गए। इस घटना ने सरकारी स्कूलों की बदहाली और चरमराई शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। इस गंभीर मुद्दे पर सोशल एक्टिविस्ट और जनसेवक रणजीत यादव (Tiger News) ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और सरकार को तुरंत इस पर सुध लेनी चाहिए। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और लगातार हो रहे ट्रांसफर से मासूम बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। इस ढीली व्यवस्था के खिलाफ प्रशासन तक बच्चों के हक की आवाज़ बिना डरे पहुँचाने का संकल्प दोहराया गया है और सरकार के कानों तक इस गूंज को पहुँचाने के लिए लोगों से समर्थन की अपील की गई है।
राजस्थान के बालेसर (सिंगोड़ी) के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी और उनके ट्रांसफर को लेकर छात्र-छात्राओं का सब्र टूट गया। पढ़ाई चौपट होने के डर से आक्रोशित और बेबस मासूम बच्चों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। "हमारे गुरुजी को वापस लाओ" के नारों के साथ इन बच्चों ने करीब 4 घंटे तक उग्र प्रदर्शन किया और वहीं धरने पर बैठ गए। इस घटना ने सरकारी स्कूलों की बदहाली और चरमराई शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। इस गंभीर मुद्दे पर सोशल एक्टिविस्ट और जनसेवक रणजीत यादव (Tiger News) ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और सरकार को तुरंत इस पर सुध लेनी चाहिए। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और लगातार हो रहे ट्रांसफर से मासूम बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। इस ढीली व्यवस्था के खिलाफ प्रशासन तक बच्चों के हक की आवाज़ बिना डरे पहुँचाने का संकल्प दोहराया गया है और सरकार के कानों तक इस गूंज को पहुँचाने के लिए लोगों से समर्थन की अपील की गई है।
- प्रयागराज के सरायइनायत थाना क्षेत्र के चकिया हिनौता गांव के राम सुचित मौर्य ने आरोप लगाया है कि स्टे होने के बावजूद भी दबंग उनकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं।2
- भदोही के औराई में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की उप शाखा की नई कार्यकारिणी का निर्वाचन बुधवार को निर्विरोध संपन्न हो गया। यह पूरी चुनाव प्रक्रिया जिला मंत्री की देखरेख में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की गई थी, जिसमें सभी पदों पर पदाधिकारियों का निर्विरोध चयन किया गया। इस निर्वाचन में अनिल कुमार यादव को अध्यक्ष घोषित किया गया है। अनिल कुमार यादव के अलावा नई कार्यकारिणी में राजेन्द्र कुमार पटेल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बृजेश चौधरी को कनिष्ठ उपाध्यक्ष, अजीत कुमार भारती को मंत्री, महेंद्र कुमार को उप मंत्री, नगीना जायसवाल को कोषाध्यक्ष तथा राकेश यादव को अंकेक्षक (ऑडिटर) के रूप में निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी श्याममणि त्रिपाठी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को माला पहनाकर बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नई कार्यकारिणी आगामी दो वर्षों तक लेखपाल संघ की उप शाखा औराई के हितों की रक्षा करेगी और संगठन को अधिक मजबूत बनाएगी। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने भी लेखपालों की समस्याओं के समाधान और संगठन को सशक्त बनाने के लिए पूर्ण निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया।4
- भदोही के कंपोजिट विद्यालय हरियाव की बेहद बदहाल तस्वीर सामने आई है। यहाँ एक तरफ विद्यालय में वृक्षारोपण और पुस्तक वितरण कार्यक्रम के जरिए बच्चों को बेहतर भविष्य का संदेश दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी चिंता का विषय बनी हुई है। विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक हरिशंकर यादव के अनुसार, स्कूल में करीब 597 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन उनके बैठने के लिए पर्याप्त टेबल तक उपलब्ध नहीं हैं। बुनियादी समस्याओं का आलम यह है कि विद्यालय भवन की छत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जो बारिश के दौरान लगातार टपकती है। इसके साथ ही, शौचालयों की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से बच्चों को रोज भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रधानाध्यापक का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रधानाध्यापक ने आशंका जताई है कि अगर समय रहते विद्यालय की मरम्मत नहीं कराई गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। जमीनी हकीकत को देखते हुए अब यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर इन 597 बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?1
- उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में स्थित कंपोजिट विद्यालय हरियाव की एक बेहद बदहाल तस्वीर सामने आई है। एक तरफ जहां इस विद्यालय में वृक्षारोपण और पुस्तक वितरण कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को बेहतर भविष्य का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक हरिशंकर यादव के अनुसार, स्कूल में करीब 597 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन उनके बैठने के लिए पर्याप्त टेबल तक उपलब्ध नहीं हैं। इसके साथ ही विद्यालय भवन की छत पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है, जो बारिश के दौरान टपकती है। इसके अलावा, शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते स्कूल भवन की मरम्मत नहीं की गई, तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर इन 597 बच्चों की सुरक्षा और उनकी बेहतर शिक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?1
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- प्रतापगढ़ के पट्टी कोतवाली क्षेत्र के परसंडा गांव में गेहूं पिसाने जा रहे एक युवक के साथ रास्ते में रोककर मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज करने का मामला सामने आया है। गांव के निवासी जयप्रकाश जब अपने घर से गेहूं पिसाने के लिए जा रहे थे, तभी रास्ते में उन्हें रोककर मुबारक अली, दिलशाद, चांद बाबू और नसीम ने मां-बहन की भद्दी-भद्दी गालियां दीं और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। जब जयप्रकाश ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की और पट्टी कोतवाल आनंदपाल सिंह के अनुसार, प्रार्थना पत्र की जांच में घटना सही पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ अपराध संख्या 309 के तहत धारा 3(5), 115 (2), 352, 351 (2), 324 (2) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1) घ व अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस द्वारा फिलहाल मामले में विवेचना की कार्रवाई की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में लालिता हत्याकांड को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है, जहां इस संवेदनशील मामले की सीबीआई जांच कराने और मेरठ एसएसपी को बर्खास्त करने की मांग को लेकर सड़कों पर भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में बैनर और झंडे लेकर इस घटना के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई किए जाने की मांग की। इसके साथ ही, यह पूरा मामला अब सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां लोग मेरठ एसएसपी को बर्खास्त करने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के पट्टी में फिल्म की शूटिंग की जा रही है।1
- Post by अपना प्रतापगढ़ 🙏🙏1