भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा सरकारी भवन: देवरिया में सूचना विभाग के नवनिर्मित कार्यालय में घटिया निर्माण की पोल खुली देवरिया। सरकारी धन का किस तरह दुरुपयोग किया जाता है, इसकी एक बानगी देवरिया जिले में देखने को मिल रही है। यहाँ सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के नवनिर्मित भवन में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आलम यह है कि उद्घाटन से पहले ही भवन की दीवारों में दरारें और प्लास्टर के झड़ने की खबरें आने लगी हैं, जिससे विभाग और कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठ रही हैं। लाखों की लागत, पर काम में भारी लापरवाही मिली जानकारी के अनुसार, इस भवन के निर्माण में तय मानकों की जमकर अनदेखी की गई है। स्थानीय लोगों और जानकारों का आरोप है कि निर्माण के दौरान प्रयुक्त की गई ईंटों, सीमेंट और बालू का मिश्रण मानकों के विपरीत था। छत से पानी टपकने और दीवारों की फिनिशिंग में आई गड़बड़ियों ने भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया है। मुख्य बिंदु जो निर्माण पर उठाते हैं सवाल: दीवारों में दरारें: भवन पूरी तरह से सुपुर्द होने से पहले ही मुख्य दीवारों में दरारें दिखने लगी हैं। घटिया सामग्री का प्रयोग: प्लास्टर को छूते ही वह रेत की तरह झड़ रहा है, जो खराब गुणवत्ता वाले सीमेंट की पुष्टि करता है। अधूरी फिनिशिंग: बिजली और पानी की फिटिंग में भी तकनीकी खामियां देखी जा रही हैं। प्रशासनिक चुप्पी पर उठते सवाल हैरानी की बात यह है कि जिस सूचना विभाग की जिम्मेदारी सरकार की योजनाओं को पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुँचाना है, उसी का अपना कार्यालय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। अब सवाल यह उठता है कि क्या संबंधित अधिकारियों ने निर्माण के दौरान भौतिक निरीक्षण किया था? और यदि किया था, तो ऐसी खामियां नजरअंदाज कैसे हो गईं? जांच की मांग तेज जिले के जागरूक नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार ठेकेदार व इंजीनियर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा सरकारी भवन: देवरिया में सूचना विभाग के नवनिर्मित कार्यालय में घटिया निर्माण की पोल खुली देवरिया। सरकारी धन का किस तरह दुरुपयोग किया जाता है, इसकी एक बानगी देवरिया जिले में देखने को मिल रही है। यहाँ सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के नवनिर्मित भवन में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आलम यह है कि उद्घाटन से पहले ही भवन की दीवारों में दरारें और प्लास्टर के झड़ने की खबरें आने लगी हैं, जिससे विभाग और कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठ रही हैं। लाखों की लागत, पर काम में भारी लापरवाही मिली जानकारी के अनुसार, इस भवन के निर्माण में तय मानकों की जमकर अनदेखी की गई है। स्थानीय लोगों और जानकारों का आरोप है कि निर्माण के दौरान प्रयुक्त की गई ईंटों, सीमेंट और बालू का मिश्रण मानकों के विपरीत था। छत से पानी टपकने और दीवारों की फिनिशिंग में आई गड़बड़ियों ने भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया है। मुख्य बिंदु जो निर्माण पर उठाते हैं सवाल: दीवारों में दरारें: भवन पूरी तरह से सुपुर्द होने से पहले ही मुख्य दीवारों में दरारें दिखने लगी हैं। घटिया सामग्री का प्रयोग: प्लास्टर को छूते ही वह रेत की तरह झड़ रहा है, जो खराब गुणवत्ता वाले सीमेंट की पुष्टि करता है। अधूरी फिनिशिंग: बिजली और पानी की फिटिंग में भी तकनीकी खामियां देखी जा रही हैं। प्रशासनिक चुप्पी पर उठते सवाल हैरानी की बात यह है कि जिस सूचना विभाग की जिम्मेदारी सरकार की योजनाओं को पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुँचाना है, उसी का अपना कार्यालय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। अब सवाल यह उठता है कि क्या संबंधित अधिकारियों ने निर्माण के दौरान भौतिक निरीक्षण किया था? और यदि किया था, तो ऐसी खामियां नजरअंदाज कैसे हो गईं? जांच की मांग तेज जिले के जागरूक नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार ठेकेदार व इंजीनियर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार महिला सशक्तिकरण एवं बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता के विकास के उद्देश्य से संचालित मिशन शक्ति फेज-5 (द्वितीय चरण) के अंतर्गत कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित “एक दिन की जिलाधिकारी” कार्यक्रम ने बालिकाओं के उत्साह और आत्मविश्वास को नई दिशा दी। इस विशेष कार्यक्रम के तहत चयनित छात्रा साक्षी दूबे को एक दिन के लिए जिलाधिकारी का दायित्व सौंपा गया। साक्षी ने जिलाधिकारी कार्यकक्ष में बैठकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा और विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारियों के साथ संवाद स्थापित करते हुए उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने जनहित से जुड़े विषयों पर भी जानकारी ली और प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया को समझने का प्रयास किया। जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल की गरिमामयी उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास तथा प्रशासनिक समझ विकसित करना है, जिससे वे भविष्य में समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय एवं सशक्त भूमिका निभा सकें। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि लगन, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं को बड़े सपने देखने, चुनौतियों से न घबराने और निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं में प्रशासनिक कार्यों के प्रति जिज्ञासा और उत्साह स्पष्ट रूप से देखने को मिला। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे बालिकाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।4
- खबर देवरिया जिले से है जहां लार थाना क्षेत्र के नादौली घाट पर एक बार फिर हादसा हो गया।घाघरा नदी के किनारे उस पर से इस पर आ रहा कंबाइन मशीन किनारे आकर पलट गया।जिससे कंबाइन मशीन के ड्राइवर और क्लीनर बाल बाल बच गए।जेसीबी मशीन की सहायता से कंबाइन को निकालने का कार्य जारी है।हम आपको बताते चलें कि पुल न बनने की वजह नादौली घाट के उस पार बड़े पैमाने पर किसान गेहूं की फसल उगाते हैं और गेहूं की फसल काटने के लिए घाघरा नदी के इस पार से उस पार कंबाइन मशीन ले जाते हैं।1
- Chauri Chaura mundera Bajar ka yah Nali jo hai पांच-छह Din bad ek video upload kiye the abhi tak Beet Gaya Hai use per koi abhi sunvaee Nahin Hua Hai1
- Post by विवेकानन्द1
- *मजार में इतना पैसा कहां से?* *"प्रेम मंदिर" जी हां !* *अकेले कृपालु जी ने अपने बूते जो प्रेम मंदिर बनाया है वृंदावन में आज अगर बनाना चाहें तो 10 ताजमहल के बराबर एक प्रेम मंदिर की कीमत है।* *जबकि प्रेम मंदिर में निशुल्क दर्शन होता है!* *अजमेर दरगाह में आतंकवादी- आतंकी कार्यवाही करने के बाद मीटिंग करने भी जाते हैं .वहां दो बार बड़े सेक्स स्कैंडल हो चुका है और प्रतिदिन करोड़ों में पैसे आते हैं. उन्होंने एक हाल भी ढंग का नहीं बनाया ! *तो इतने पैसे कहां जा रहा है?* *कहां उपयोग हो रहा है?* *भारत के विरुद्ध कौन सी साजिश रची जा रही है?* *क्या भारत सरकार को यह देखने का हक नहीं है?* *क्या भारत सरकार से भी बड़ा संविधान से भी बड़ा, नियम कानून से भी बड़ा -अजमेर का सस्पेक्टेड दरगाह है?* *हम और हमारी सरकार कब तक देश निष्ठा के संदिग्धों को, स्वच्छंद कार्यवाही नि: शुल्क करने की छूट देकर आत्मघाती कार्यवाही करते रहेंगे और क्यों?*1
- **कुशीनगर: पेट्रोल पंप पर मारपीट, पुलिस जांच में जुटी** कुशीनगर जिले के हनुमानगंज थाना क्षेत्र स्थित एक इंडियन पेट्रोल पंप पर मारपीट की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया, जिसके बाद कुछ लोगों ने पेट्रोल पंप के कर्मचारियों के साथ हाथापाई कर दी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में मामूली कहासुनी हुई थी, लेकिन देखते ही देखते मामला गंभीर हो गया और आरोपियों ने कर्मचारियों पर हमला कर दिया। इससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।1
- देवरिया में “एक दिन की जिलाधिकारी” बनीं साक्षी दूबे, मिशन शक्ति के तहत बालिकाओं में बढ़ा आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता। कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम में डीएम दिव्या मित्तल के मार्गदर्शन में छात्राओं ने समझी प्रशासनिक कार्यप्रणाली, बड़े सपने देखने की मिली प्रेरणा।6
- देवरिया जनपद के बरियारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत राम भरोसे चौराहे के पास एक खेत में दिनदहाड़े पराली जलाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, तेज धूप और हवा के बीच खेत में आग लगाकर पुआल जलाया जा रहा था, जिससे आसपास के मकानों और लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग की लपटें और धुआं तेजी से फैल रहा था। क्षेत्र में कई घर और झोपड़ियां पास में स्थित हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने तत्काल इस घटना की सूचना संबंधित थाने को देने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने फोन तक नहीं उठाया। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा पराली जलाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद खुलेआम नियमों की अनदेखी कर दिन में ही आग लगाई जा रही है। इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आसपास के लोगों के जीवन और संपत्ति पर भी खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि जब प्रशासन को समय रहते सूचना दी गई, तब भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में यदि कोई बड़ा हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? इस घटना ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्यों जिम्मेदार अधिकारी और पुलिस इस तरह की गंभीर शिकायतों पर भी सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं? क्या किसी बड़े नुकसान के बाद ही प्रशासन हरकत में आएगा? ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही, पुलिस की लापरवाही की भी जांच होनी चाहिए ताकि आम जनता का भरोसा बहाल किया जा सके।4
- ब्रेकिंग-- देवरिया:--रेलवे ट्रैक पर बाइक स्टंट करते , युवक का वीडियो वायरल रील बनाने के चक्कर में ट्रैक पर दौड़ाई बाइक जान जोखिम में डाल कर की स्टंट बाजी RPF पुलिस ने की कार्रवाई FIR दर्ज युवक गिरफ्तार बाइक बरामद, मोनापार रेलवे स्टेशन का का बताया जा रहा वीडियो1