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भारत में दिखेगा ‘पिंक मून’ 2026: जानिए क्या है यह खगोलीय घटना और कैसे देखें। गोरखपुर खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अप्रैल 2026 की शुरुआत एक शानदार खगोलीय घटना से हो रही है, जब आकाश में “पिंक मून” दिखाई देगा। यह अप्रैल महीने का पूर्ण चंद्रमा होगा, जिसे दुनिया भर के खगोलप्रेमी बड़े उत्साह से देख सकते हैं।वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल), गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह एक पूर्णतः प्राकृतिक खगोलीय घटना है, जिसमें चंद्रमा अपने पूर्ण प्रकाशित रूप में दिखाई देता है। क्या होता है पिंक मून?।खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि “पिंक मून” वास्तव में कोई अलग प्रकार का चंद्रमा नहीं है। बल्कि यह अप्रैल महीने की पूर्णिमा को दिया गया पारंपरिक नाम है। यह हर साल अप्रैल में होने वाली पूर्णिमा है और इसका रंग सामान्यतः सफेद या हल्का पीला ही होता है एवम् “पिंक” नाम सिर्फ सांस्कृतिक है, वैज्ञानिक रूप से, यह वही पूर्ण चंद्र) है जब चंद्रमा पूरी तरह सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित होता है पिंक मून नाम क्यों पड़ा?खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह नाम अमेरिका में खिलने वाले गुलाबी फूल से लिया गया है यह फूल अप्रैल में खिलता है, इसलिए इस पूर्णिमा को ( पिंक मून) कहा गया लेकिन चंद्रमा वास्तव में गुलाबी नहीं दिखता है।खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार यह नाम प्रकृति के मौसमी बदलाव को दर्शाता है, न कि चंद्रमा के रंग को।” कब है,भारत में पिंक मून 2026 का समय ?।खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया इसे देखने का सबसे अच्छा समय 1 अप्रैल की रात और 2 अप्रैल की भोर ( सुबह ) तक है। यह खगोलीय वसंत ऋतु की पहली पूर्णिमा, जिसे पिंक मून कहते हैं लेकिन इसका चरम समय 2 अप्रैल 2026 सुबह 7:42 बजे (IST) घटित होगा, उस दौरान भारत में दिन का समय होगा, यह वह उच्च समय है जब चंद्रमा पूर्ण रूप से 100% चमक पर होता है। या कुछ यूं कहें कि 2026 में भारत में 'पिंक मून' (अप्रैल की पूर्णिमा) 1 अप्रैल और 2 अप्रैल को दिखाई देगा, यह 1 अप्रैल को शाम को उदित होगा और सबसे अच्छा दृश्य 2 अप्रैल की भोर (सुबह) तक बना रहेगा। लेकिन चंद्रमा आपको 1 अप्रैल की रात और 2 अप्रैल की रात दोनों में लगभग पूरा गोल ही दिखाई देगा। हालाँकि, यह आधिकारिक तौर पर 1 अप्रैल को पूर्वी मानक समय के अनुसार रात में चरम पर होगा, लेकिन भारत में यह 2 अप्रैल 2026 की तड़के सुबह तक अपने चरम पर रहेगा, लेकिन आप इसे 1 अप्रैल 2026 की शाम से लेकर 2 अप्रैल 2026 की भोर 5: 30 AM तक ही देख सकते हैं। उसके बाद चंद्रमा धीरे धीरे क्षितिज के नीचे जाना शुरू हो जायेगा। कब और कैसे देखें पिंक मून? खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में इसको देखने का सबसे अच्छा समय 1 अप्रैल 2026 (शाम) सूर्यास्त के बाद से 2 अप्रैल 2026 की भोर (सुबह) तक देख सकते हैं, इस दौरान चंद्रमा लगभग पूर्ण गोल दिखाई देगा साथ ही ज्यादा चमकीला और बड़ा दिखेगा साथ ही विशेष सलाह देते हुए खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अच्छी तरह से देखने के लिए आपको किसी साफ़ स्वच्छ अंधेरी बाली जगहों से किसी भी खुले स्थान (छत/मैदान) से पूर्व दिशा (शाम) और पश्चिम दिशा भोर (सुबह) में देखें और साथ ही इसको बिना किसी दूरबीन के आसानी से ही देख सकते हैं लेकिन अगर आपके पास कोई टेलीस्कोप/ दूरबीन वगैरह है तब आप चंद्रमा के कुछ छोटे एवम् बड़े क्रेटर्स (गड्ढों) को भी साफ़ साफ़ देख सकते हैं। जो अपने आप में रोमांचकारी अनुभव देता है। पूर्णिमा कैसे होती है? । खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्णिमा तब होती है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा लगभग एक सीध में आ जाते हैं ,पृथ्वी बीच में होती है और सूर्य के प्रकाश के कारण चंद्रमा का पूरा प्रकाशित हिस्सा पृथ्वी से दिखाई देता है ,इस स्थिति को खगोल विज्ञान में ( “alignment”) या (syzygy) सिजिगी कहा जाता है कितने दिनों तक दिखेगा पूर्ण चंद्रमा?। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि तकनीकी खगोलीय वैज्ञानिक रूप से पूर्ण चंद्र (Full Moon ) एक क्षण (moment) होता है जिसे चरम समय कहा जाता है,लेकिन आकाश में साधारण आंखों से देखने पर किसी को भी चंद्रमा 1 दिन पहले और 1 दिन बाद तक भी लगभग पूरा गोल दिखता है। या साधारण भाषा में कुछ यूं कहें कि 1 अप्रैल और 2 अप्रैल दोनों दिन शानदार चंद्र दृश्य मिलेगा पूर्ण चंद्र का विशेष खगोलीय महत्व क्या होता है?। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह खगोलीय वसंत ऋतु (Spring) का पहला पूर्ण चंद्रमा है, एवं कई कैलेंडर और धार्मिक तिथियाँ इसी पर आधारित होती हैं और पूर्ण चंद्र होने पर पृथ्वी पर समुद्रों में ज्वार-भाटा (Tides) भी इस समय अधिक प्रभावी होते हैं इसलिए इसका अपना खगोलीय महत्व होता है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पिंक मून 2026 एक शानदार खगोलीय अवसर है, जिसे भारत में बिना किसी उपकरण के आसानी से देखा जा सकता है। खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार,“यह घटना न केवल देखने में सुंदर है, बल्कि हमें ब्रह्मांड की सटीक खगोलीय व्यवस्था और प्रकृति के चक्र को समझने का अवसर भी देती है।” क्या वास्तव में होगा गुलाबी चंद्रमा ( पिंक मून) ?। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह नाम प्राकृतिक फूलों से प्रेरित है, न कि रंग से। इसका नाम उत्तरी अमेरिका के मूल निवासियों ने 'मॉस पिंक' या 'ग्राउंड फ्लॉक्स' फूलों से दिया था जो अप्रैल में खिलते हैं। यह चांद वास्तव में गुलाबी नहीं होता, बल्कि सामान्य सफेद पूर्ण चंद्रमा है। अमर पाल सिंह ने स्पष्ट किया कि वायुमंडलीय रिफ्रैक्शन एवं रिफ्लेक्शन एवं प्रकाश के प्रकीर्णन आदि से कभी-कभी हल्की गुलाबी या नारंगी छटा दिख सकती है, खासकर क्षितिज के पास। लेकिन खगोलीय रूप से इसका यह कतई मतलब नहीं है कि इस दौरान पूरा चंद्रमा गुलाबी (पिंक) दिखाई देगा, इसलिए किसी भी प्रकार के भ्रम की स्थिति से दूर ही रहें, और पहले ठीक से जानें उसके बाद में ही मानें। इसीलिए खगोलविद अमर पाल सिंह हमेशा ही कहते हैं कि सही ज्ञान सभी समस्याओं का समाधान और यही है विज्ञान। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चंद्र चक्र 29.5 दिनों का होता है, जिसमें पूर्णिमा चरण लभगग 100% चमक (illuminated ) होता है। इस पूर्णिमा ( पिंक मून) के दौरान चंद्रमा का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 12.6 होगा एवं पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी लगभग 393,594.5 किलोमीटर होगी। धन्यवाद।🙏🙏 सादर। किन्हीं भी विशेष खगोलीय जानकारियों हेतु संपर्क सूत्र। © खगोलविद अमर पाल सिंह, एस्ट्रोनॉमी एजुकेटर वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत।🇮🇳 मोबाईल नंबर +7355546489, +7518016100,

3 hrs ago
user_Abulaish Ansari Kushinagr News
Abulaish Ansari Kushinagr News
Youth Social Services Organisation पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago
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भारत में दिखेगा ‘पिंक मून’ 2026: जानिए क्या है यह खगोलीय घटना और कैसे देखें। गोरखपुर खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अप्रैल 2026 की शुरुआत एक शानदार खगोलीय घटना से हो रही है, जब आकाश में “पिंक मून” दिखाई देगा। यह अप्रैल महीने का पूर्ण चंद्रमा होगा, जिसे दुनिया भर के खगोलप्रेमी बड़े उत्साह से देख सकते हैं।वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल), गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह एक पूर्णतः प्राकृतिक खगोलीय घटना है, जिसमें चंद्रमा अपने पूर्ण प्रकाशित रूप में दिखाई देता है। क्या होता है पिंक मून?।खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि “पिंक मून” वास्तव में कोई अलग प्रकार का चंद्रमा नहीं है। बल्कि यह अप्रैल महीने की पूर्णिमा को दिया गया पारंपरिक नाम है। यह हर साल अप्रैल में होने वाली पूर्णिमा है और इसका रंग सामान्यतः सफेद या हल्का पीला ही होता है एवम् “पिंक” नाम सिर्फ सांस्कृतिक है, वैज्ञानिक रूप से, यह वही पूर्ण चंद्र) है जब चंद्रमा पूरी तरह सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित होता है पिंक मून नाम क्यों पड़ा?खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह नाम अमेरिका में खिलने वाले गुलाबी फूल से लिया गया है यह फूल अप्रैल में खिलता है, इसलिए इस पूर्णिमा को ( पिंक मून) कहा गया लेकिन चंद्रमा वास्तव में गुलाबी नहीं दिखता है।खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार यह नाम प्रकृति के मौसमी बदलाव को दर्शाता है, न कि चंद्रमा के रंग को।” कब है,भारत में पिंक मून 2026 का समय ?।खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया इसे देखने का सबसे अच्छा समय 1 अप्रैल की रात और 2 अप्रैल की भोर ( सुबह ) तक है। यह खगोलीय वसंत ऋतु की पहली पूर्णिमा, जिसे पिंक मून कहते हैं लेकिन इसका चरम समय 2 अप्रैल 2026 सुबह 7:42 बजे (IST) घटित होगा, उस दौरान भारत में दिन का समय होगा, यह वह उच्च समय है जब चंद्रमा पूर्ण रूप से 100% चमक पर होता है। या कुछ यूं कहें कि 2026 में भारत में 'पिंक मून' (अप्रैल की पूर्णिमा) 1 अप्रैल और 2 अप्रैल को दिखाई देगा, यह 1 अप्रैल को शाम को उदित होगा और सबसे अच्छा दृश्य 2 अप्रैल की भोर (सुबह)

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तक बना रहेगा। लेकिन चंद्रमा आपको 1 अप्रैल की रात और 2 अप्रैल की रात दोनों में लगभग पूरा गोल ही दिखाई देगा। हालाँकि, यह आधिकारिक तौर पर 1 अप्रैल को पूर्वी मानक समय के अनुसार रात में चरम पर होगा, लेकिन भारत में यह 2 अप्रैल 2026 की तड़के सुबह तक अपने चरम पर रहेगा, लेकिन आप इसे 1 अप्रैल 2026 की शाम से लेकर 2 अप्रैल 2026 की भोर 5: 30 AM तक ही देख सकते हैं। उसके बाद चंद्रमा धीरे धीरे क्षितिज के नीचे जाना शुरू हो जायेगा। कब और कैसे देखें पिंक मून? खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में इसको देखने का सबसे अच्छा समय 1 अप्रैल 2026 (शाम) सूर्यास्त के बाद से 2 अप्रैल 2026 की भोर (सुबह) तक देख सकते हैं, इस दौरान चंद्रमा लगभग पूर्ण गोल दिखाई देगा साथ ही ज्यादा चमकीला और बड़ा दिखेगा साथ ही विशेष सलाह देते हुए खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अच्छी तरह से देखने के लिए आपको किसी साफ़ स्वच्छ अंधेरी बाली जगहों से किसी भी खुले स्थान (छत/मैदान) से पूर्व दिशा (शाम) और पश्चिम दिशा भोर (सुबह) में देखें और साथ ही इसको बिना किसी दूरबीन के आसानी से ही देख सकते हैं लेकिन अगर आपके पास कोई टेलीस्कोप/ दूरबीन वगैरह है तब आप चंद्रमा के कुछ छोटे एवम् बड़े क्रेटर्स (गड्ढों) को भी साफ़ साफ़ देख सकते हैं। जो अपने आप में रोमांचकारी अनुभव देता है। पूर्णिमा कैसे होती है? । खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्णिमा तब होती है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा लगभग एक सीध में आ जाते हैं ,पृथ्वी बीच में होती है और सूर्य के प्रकाश के कारण चंद्रमा का पूरा प्रकाशित हिस्सा पृथ्वी से दिखाई देता है ,इस स्थिति को खगोल विज्ञान में ( “alignment”) या (syzygy) सिजिगी कहा जाता है कितने दिनों तक दिखेगा पूर्ण चंद्रमा?। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि तकनीकी खगोलीय वैज्ञानिक रूप से पूर्ण चंद्र (Full Moon ) एक क्षण (moment) होता है जिसे चरम समय कहा जाता है,लेकिन आकाश में साधारण आंखों से देखने पर किसी को भी चंद्रमा 1 दिन पहले और 1 दिन बाद तक भी लगभग पूरा गोल दिखता है। या साधारण भाषा में कुछ

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यूं कहें कि 1 अप्रैल और 2 अप्रैल दोनों दिन शानदार चंद्र दृश्य मिलेगा पूर्ण चंद्र का विशेष खगोलीय महत्व क्या होता है?। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह खगोलीय वसंत ऋतु (Spring) का पहला पूर्ण चंद्रमा है, एवं कई कैलेंडर और धार्मिक तिथियाँ इसी पर आधारित होती हैं और पूर्ण चंद्र होने पर पृथ्वी पर समुद्रों में ज्वार-भाटा (Tides) भी इस समय अधिक प्रभावी होते हैं इसलिए इसका अपना खगोलीय महत्व होता है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पिंक मून 2026 एक शानदार खगोलीय अवसर है, जिसे भारत में बिना किसी उपकरण के आसानी से देखा जा सकता है। खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार,“यह घटना न केवल देखने में सुंदर है, बल्कि हमें ब्रह्मांड की सटीक खगोलीय व्यवस्था और प्रकृति के चक्र को समझने का अवसर भी देती है।” क्या वास्तव में होगा गुलाबी चंद्रमा ( पिंक मून) ?। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह नाम प्राकृतिक फूलों से प्रेरित है, न कि रंग से। इसका नाम उत्तरी अमेरिका के मूल निवासियों ने 'मॉस पिंक' या 'ग्राउंड फ्लॉक्स' फूलों से दिया था जो अप्रैल में खिलते हैं। यह चांद वास्तव में गुलाबी नहीं होता, बल्कि सामान्य सफेद पूर्ण चंद्रमा है। अमर पाल सिंह ने स्पष्ट किया कि वायुमंडलीय रिफ्रैक्शन एवं रिफ्लेक्शन एवं प्रकाश के प्रकीर्णन आदि से कभी-कभी हल्की गुलाबी या नारंगी छटा दिख सकती है, खासकर क्षितिज के पास। लेकिन खगोलीय रूप से इसका यह कतई मतलब नहीं है कि इस दौरान पूरा चंद्रमा गुलाबी (पिंक) दिखाई देगा, इसलिए किसी भी प्रकार के भ्रम की स्थिति से दूर ही रहें, और पहले ठीक से जानें उसके बाद में ही मानें। इसीलिए खगोलविद अमर पाल सिंह हमेशा ही कहते हैं कि सही ज्ञान सभी समस्याओं का समाधान और यही है विज्ञान। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चंद्र चक्र 29.5 दिनों का होता है, जिसमें पूर्णिमा चरण लभगग 100% चमक (illuminated ) होता है। इस पूर्णिमा ( पिंक मून) के दौरान चंद्रमा का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 12.6 होगा एवं पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी लगभग 393,594.5 किलोमीटर होगी। धन्यवाद।🙏🙏 सादर। किन्हीं भी विशेष खगोलीय जानकारियों हेतु संपर्क सूत्र। © खगोलविद अमर पाल सिंह, एस्ट्रोनॉमी एजुकेटर वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत।🇮🇳 मोबाईल नंबर +7355546489, +7518016100,

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  • मैरेज हॉल पर पुलिस ने की जांच पड़ताल, एक जोड़ा अभिरक्षा में कुशीनगर नगरपालिका परिषद कुशीनगर के वार्ड नंबर 3, संत गाडगेनगर सपहा बाजार के समीप स्थित एक निजी मैरेज हॉल पर पुलिस टीम ने पहुंचकर जांच पड़ताल की। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान पुलिस ने एक नाबालिग जोड़ा को अभिरक्षा में ले लिया। हालांकि पुलिस अभी कुछ बताने से परहेज कर रही है।मंगलवार शाम को हल्का एसआई बरूणेश उपाध्याय पुलिस टीम के साथ मैरेज हॉल पहुंचकर जांच पड़ताल की। इस बाबत हल्का एसआई बरूणेश उपाध्याय ने बताया कि जांच पड़ताल चल रही है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के उपरांत ही जानकारी बता सकेंग
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    मैरेज हॉल पर पुलिस ने की जांच पड़ताल, एक जोड़ा अभिरक्षा में
कुशीनगर नगरपालिका परिषद कुशीनगर के वार्ड नंबर 3, संत गाडगेनगर सपहा बाजार के समीप स्थित एक निजी मैरेज हॉल पर पुलिस टीम ने पहुंचकर जांच पड़ताल की। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया।
सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान पुलिस ने एक नाबालिग जोड़ा को अभिरक्षा में ले लिया। हालांकि पुलिस अभी कुछ बताने से परहेज कर रही है।मंगलवार शाम को हल्का एसआई बरूणेश उपाध्याय पुलिस टीम के साथ मैरेज हॉल पहुंचकर जांच पड़ताल की। इस बाबत हल्का एसआई बरूणेश उपाध्याय ने बताया कि जांच पड़ताल चल रही है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के उपरांत ही जानकारी बता सकेंग
    user_Salma khatoon
    Salma khatoon
    Audio visual consultant पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 min ago
  • कुशीनगर नगरपालिका परिषद कुशीनगर के वार्ड नंबर 3, संत गाडगेनगर सपहा बाजार के समीप स्थित एक निजी मैरेज हॉल पर पुलिस टीम ने पहुंचकर जांच पड़ताल की। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया।सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान पुलिस ने एक नाबालिग जोड़ा को अभिरक्षा में ले लिया। हालांकि पुलिस अभी कुछ बताने से परहेज कर रही है।मंगलवार शाम को हल्का एसआई बरूणेश उपाध्याय पुलिस टीम के साथ मैरेज हॉल पहुंचकर जांच पड़ताल की। इस बाबत हल्का एसआई बरूणेश उपाध्याय ने बताया कि जांच पड़ताल चल रही है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के उपरांत ही जानकारी बता सकेंग
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    कुशीनगर नगरपालिका परिषद कुशीनगर के वार्ड नंबर 3, संत गाडगेनगर सपहा बाजार के समीप स्थित एक निजी मैरेज हॉल पर पुलिस टीम ने पहुंचकर जांच पड़ताल की। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया।सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान पुलिस ने एक नाबालिग जोड़ा को अभिरक्षा में ले लिया। हालांकि पुलिस अभी कुछ बताने से परहेज कर रही है।मंगलवार शाम को हल्का एसआई बरूणेश उपाध्याय पुलिस टीम के साथ मैरेज हॉल पहुंचकर जांच पड़ताल की। इस बाबत हल्का एसआई बरूणेश उपाध्याय ने बताया कि जांच पड़ताल चल रही है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के उपरांत ही जानकारी बता सकेंग
    user_Abulaish Ansari Kushinagr News
    Abulaish Ansari Kushinagr News
    Youth Social Services Organisation पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    8 min ago
  • Post by Pramod Rauniyar
    1
    Post by Pramod Rauniyar
    user_Pramod Rauniyar
    Pramod Rauniyar
    Media house पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • पूरा मामला पडरौना के धर्मशाला रोड पर लाल बंदर बिजली के तारों पर झूलते नजर आ रहे थे लेकिन बिजली के तार से अचानक बंदर के बच्चे को करेंट लग गया जिससे बंदर का बच्चा जमीन पर गिर कर बेहोस हो गया घायल बेहोस अपने बच्चे को देख कर घायल बंदर की मां आग बबूला हो गई और आतंक मचाने लगी और आते जाते राह गिरो को परेशान करने लगी काफी देर तक बंदर के आतंक का खेल चलता रहा कुछ देर बाद जब घायल बंदर को जब होश आया तो घायल अपने बच्चे को लेकर चली गई तब जा कर लोगों ने राहत की सास ली बंदरों का बिजली के तारों पर झुलना कोई नई बात नहीं है नगर में कई जगह ऐसा देखा गया है कि लाल बंदर बिजली के तारों पर झूला झूलते नजर आते है
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    पूरा मामला पडरौना के धर्मशाला रोड पर लाल बंदर  बिजली के तारों पर झूलते नजर आ रहे थे 
लेकिन  बिजली के तार से अचानक  बंदर के बच्चे को करेंट लग गया जिससे बंदर का बच्चा जमीन पर गिर कर बेहोस हो गया   घायल बेहोस  अपने बच्चे को देख कर घायल बंदर की मां आग बबूला हो गई  और  आतंक मचाने  लगी और आते जाते राह गिरो को परेशान करने लगी 
काफी देर तक बंदर के आतंक का खेल चलता रहा 
कुछ देर बाद जब घायल बंदर को जब होश आया तो घायल अपने बच्चे को लेकर चली गई  तब जा कर लोगों ने राहत की सास ली 
बंदरों का बिजली के तारों पर झुलना कोई नई बात नहीं है 
नगर में कई जगह ऐसा देखा गया है कि लाल बंदर बिजली के तारों पर झूला झूलते नजर आते है
    user_Mantosh Jaiswal
    Mantosh Jaiswal
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • कुशीनगर में तीन दिवसीय इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव 2026 का भव्य शुभारंभ *महापरिनिर्वाण मंदिर परिसर में पारंपरिक बौद्ध वंदना के साथ हुआ उद्घाटन* *कुशीनगर को वैश्विक बौद्ध एवं सांस्कृतिक केंद्र बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल प्रभारी मंत्री* आज से जनपद कुशीनगर में प्रारंभ हो रहे तीन दिवसीय इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कांक्लेव कुशीनगर 2026 का शुभारंभ माननीय राज्य मंत्री,(स्वतंत्र प्रभार) उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, कृषि निर्यात एवं जनपद के प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने शुभारंभ किया। शुभारंभ महापरिनिर्वाण मुख्य मंदिर परिसर में पारंपरिक बौद्ध वंदना के साथ किया गया, जहां देश-विदेश से आए बौद्ध भिक्षु, उपासक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। माननीय मंत्री जी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मेहमानों एवं बौद्ध भिक्षु ऑन के सम्मान में जिला अधिकारी एवं पूरा प्रशासन विशेष रूप से सराहनीय प्रयास किया है उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम बहुत ही पवित्र एवं पवन है जो आज से पहले नहीं आयोजित किया गया था उन्होंने कहा कि हम सब विभिन्न रूपों में इस दुनिया में आकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं कोई इतिहास बनाता है तथा कोई इतिहास बन जाता है उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि इस पावन पवित्र निर्माण स्थल में को वैश्विक पहचान मिले यह सपना पहली बार किसी जिला अधिकारी ने देखा है उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने इसी प्रकार से काशी तमिल संगम के नाम से कार्यक्रम वाराणसी में कराया जिससे दक्षिण भारत के लोग आकर यहां की संस्कृति से जुड़े। माननीय प्रभारी मंत्री जी ने कहा कि आज महावीर जी की जयंती भी है उनकी जयंती के इस पावन अवसर पर जिला अधिकारी ने बुद्धिस्म एवं जैनिज्म का संगम का भी कार्यक्रम रखा है यह एक पवित्र विचार है जो भारतीय संस्कृति एवं संस्कार के संगम में मिल का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के पद चिन्हों पर चलते हुए कुशीनगर प्रशासन एवं सभी जनप्रतिनिधि गण मिलकर भारतीय संस्कृति संस्कार के संवर्धन में एक है उन्होंने कहा कि अंग्रेजी मित्रों से बेहतर संस्कृति हमारे बुद्धिस्म एवं जैनिज्म की है उन्होंने कहा कि इस परिवार को मजबूत एवं एक करने की पहल आज कुशीनगर जनपद से हो रही है उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी के प्रोत्साहन से एवं उत्साहवर्धन से जिला अधिकारी द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के आयोजन के संबंध में जिला अधिकारी ने हमारे सामने प्रस्ताव रखा था तो हमने तत्काल मंजूरी दे दी थी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन से कुशीनगर को वैश्विक पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य सात समुंदर पार से भगवान बुद्ध के अनुयाई देख सुन एवं समझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कान के लिए अपना प्रभाव अवश्य छोड़ेगा कुशीनगर की इस पावन स्थल का वैश्विक पहचान बनेगा और जिला अधिकारी का सपना साकार होगा उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के बहुत से उद्देश्य हैं कुशीनगर को भारत की बौद्ध शैक्षणिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय आयोजन में विचार एवं मंथन होगा जिससे बहुत सी चीज निकल कर आएंगे जो देश एवं विश्व के लिए उपयोगी साबित होगी कार्यक्रम का उद्देश्य है क्रॉस नेशनल शोध का निर्माण करना आधारभूत संबंधों का दस्तावेजीकरण करना जो आने वाली पीढ़ी को हमारी सभ्यता से पहचान करावेगी उन्होंने कहा कि भारत युद्ध का नहीं बुद्ध का देश है प्रधानमंत्री जी ने दुनिया को हमेशा यह संदेश दिया है कि युद्ध से दुनिया को शांति नहीं मिलती है बुद्ध से मिलती है प्रधानमंत्री जी ने कई देशों में इस बात को कहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया के लोग उच्च एवं निम्न मार्ग से चलते हैं लेकिन हम लोग हमारे देश के लोग भगवान बुद्ध के बताएं मध्य मार्ग से चलते हैं बुद्ध के बताए हुए उपदेशों का पालन कर रहे हैं तथा खुश हैं उन्होंने कहा कि दुनिया के बहुत से देश इस समय युद्ध में व्यस्त हैं जबकि हमारा देश एक मजबूत ताकत के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का संदेश पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है बुद्ध ने उपदेश दिया कि मध्यम मार्ग में सबको लेकर चलना चाहिए भारत विश्व का कल्याण चाहता है सबको एक होकर भारत को सर्वश्रेष्ठ देश बनाना चाहिए यह कान के लिए मिल का पत्थर साबित होगा दुनिया तक हमारी आवाज पहुंचेगी। इस प्रकार के आयोजन से लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। प्रदेश सरकार की 9 वर्ष की उपलब्धियां की जानकारी देते हुए कहां की बनी मुख्यमंत्री जी ने कुशीनगर को बढ़ाने के लिए बहुत काम किए हैं।उन्होंने बताया कि कृषि एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 434 करोड़ की लागत से कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है जो निर्माण अधीन है। 254 करोड़ की लागत से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण हो गया है। जिससे दूसरे देशों के लोग हवाई मार्ग से आसानी से यहां पहुंच सकते हैं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 281 करोड़ से मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है।228 करोड़ की लागत से गृह विभाग द्वारा जिला कारागार का निर्माण कराया जा रहा है।तमकुही राज में 72 एकड़ में मल्टी मॉडल हाउस का निर्माण 500 करोड़ की लागत से हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 488 करोड़ की लागत से 41 हजार लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है।मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में 99 करोड़ की लागत से 9414 लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है।इस अंतर्राष्ट्रीय आयोजन विभिन्न देशों से विदेशी प्रतिनिधियों की भागीदारी ने इसे वैश्विक स्वरूप प्रदान किया है। कॉन्क्लेव के पहले दिन ही कुशीनगर की धरती पर आध्यात्मिकता, संस्कृति और वैश्विक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरा मंदिर परिसर बौद्ध मंत्रों की गूंज और शांति के संदेश से सराबोर रहा।अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कुशीनगर आज वैश्विक बौद्ध जगत के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां विकसित किया गया अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट दुनिया भर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आसान पहुंच सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक विमर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से क्षेत्र में पर्यटन और उद्योग को भी नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। “हमारा सपना है कि कुशीनगर केवल आस्था का केंद्र न रहकर आर्थिक और औद्योगिक दृष्टि से भी मजबूत बने,” उन्होंने कहा। कॉन्क्लेव की संपूर्ण रूपरेखा माननीय मुख्यमंत्री जी के दिशा निर्देश पर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर द्वारा तैयार की गई है। उनके नेतृत्व में प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ आयोजन को सफल बनाने में जुटा हुआ है। सुरक्षा, यातायात, आवास और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इस आयोजन के माध्यम से कुशीनगर की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि “आज जब दुनिया के कोने-कोने से लोग इस कार्यक्रम को देख और सुन रहे हैं, तो यह कुशीनगर के लिए गर्व का क्षण है। कॉन्क्लेव के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधि बौद्ध दर्शन, शांति, करुणा और वैश्विक सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न देशों की परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। कुशीनगर एक बार फिर यह साबित कर रहा है कि वह विश्व शांति और बौद्ध संस्कृति का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर सभी माननीय विधायक जिला पंचायत अध्यक्ष नगर पालिका अध्यक्ष और पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य फूल बदन कुशवाहा तथा सभी प्रशासनिक अधिकारी एवं जनपद स्तरीय सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे
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    कुशीनगर में तीन दिवसीय इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव 2026 का भव्य शुभारंभ
*महापरिनिर्वाण मंदिर परिसर में पारंपरिक बौद्ध वंदना के साथ हुआ उद्घाटन*
*कुशीनगर को वैश्विक बौद्ध एवं सांस्कृतिक केंद्र बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल प्रभारी मंत्री* 
आज से जनपद कुशीनगर में प्रारंभ हो रहे तीन दिवसीय इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कांक्लेव कुशीनगर 2026 का शुभारंभ माननीय राज्य मंत्री,(स्वतंत्र प्रभार) उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, कृषि निर्यात एवं जनपद के प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने शुभारंभ किया।
शुभारंभ महापरिनिर्वाण मुख्य मंदिर परिसर में पारंपरिक बौद्ध वंदना के साथ किया गया, जहां देश-विदेश से आए बौद्ध भिक्षु, उपासक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। माननीय मंत्री जी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मेहमानों एवं बौद्ध भिक्षु ऑन के सम्मान में जिला अधिकारी एवं पूरा प्रशासन विशेष रूप से सराहनीय प्रयास किया है उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम बहुत ही पवित्र एवं पवन है जो आज से पहले नहीं आयोजित किया गया था उन्होंने कहा कि हम सब विभिन्न रूपों में इस दुनिया में आकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं कोई इतिहास बनाता है तथा कोई इतिहास बन जाता है उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि इस पावन पवित्र निर्माण स्थल में को वैश्विक पहचान मिले यह सपना पहली बार किसी जिला अधिकारी ने देखा है 
उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने इसी प्रकार से काशी तमिल संगम के नाम से कार्यक्रम वाराणसी में कराया जिससे दक्षिण भारत के लोग आकर यहां की संस्कृति से जुड़े। 
माननीय प्रभारी मंत्री जी ने कहा कि आज महावीर जी की जयंती भी है उनकी जयंती के इस पावन अवसर पर जिला अधिकारी ने बुद्धिस्म एवं जैनिज्म का संगम का भी कार्यक्रम रखा है यह एक पवित्र विचार है जो भारतीय संस्कृति एवं संस्कार के संगम  में मिल का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के पद चिन्हों पर चलते हुए कुशीनगर प्रशासन एवं सभी जनप्रतिनिधि गण मिलकर भारतीय संस्कृति संस्कार के संवर्धन में एक है उन्होंने कहा कि अंग्रेजी मित्रों से बेहतर संस्कृति हमारे बुद्धिस्म एवं जैनिज्म की है उन्होंने कहा कि इस परिवार को मजबूत एवं एक करने की पहल आज कुशीनगर जनपद से हो रही है उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी के प्रोत्साहन से एवं उत्साहवर्धन से जिला अधिकारी द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। 
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के आयोजन के संबंध में जिला अधिकारी ने हमारे सामने प्रस्ताव रखा था तो हमने तत्काल मंजूरी दे दी थी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन से कुशीनगर को वैश्विक पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य सात समुंदर पार से भगवान बुद्ध के अनुयाई देख सुन एवं समझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कान के लिए अपना प्रभाव अवश्य छोड़ेगा कुशीनगर की इस पावन स्थल का वैश्विक पहचान बनेगा और जिला अधिकारी का सपना साकार होगा 
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के बहुत से उद्देश्य हैं कुशीनगर को भारत की बौद्ध शैक्षणिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय आयोजन में विचार एवं मंथन होगा जिससे बहुत सी चीज निकल कर आएंगे जो देश एवं विश्व के लिए उपयोगी साबित होगी कार्यक्रम का उद्देश्य है क्रॉस नेशनल शोध का निर्माण करना आधारभूत संबंधों का दस्तावेजीकरण करना जो आने वाली पीढ़ी को हमारी सभ्यता से पहचान करावेगी उन्होंने कहा कि भारत युद्ध का नहीं बुद्ध का देश है प्रधानमंत्री जी ने दुनिया को हमेशा यह संदेश दिया है कि युद्ध से दुनिया को शांति नहीं मिलती है बुद्ध से मिलती है प्रधानमंत्री जी ने कई देशों में इस बात को कहा है। 
उन्होंने कहा कि दुनिया के लोग उच्च एवं निम्न मार्ग से चलते हैं लेकिन हम लोग हमारे देश के लोग भगवान बुद्ध के बताएं मध्य मार्ग से चलते हैं बुद्ध के बताए हुए उपदेशों का पालन कर रहे हैं तथा खुश हैं उन्होंने कहा कि दुनिया के बहुत से देश इस समय युद्ध में व्यस्त हैं जबकि हमारा देश एक मजबूत ताकत के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का संदेश पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है बुद्ध ने उपदेश दिया कि मध्यम मार्ग में सबको लेकर चलना चाहिए भारत विश्व का कल्याण चाहता है सबको एक होकर भारत को सर्वश्रेष्ठ देश बनाना चाहिए यह कान के लिए मिल का पत्थर साबित होगा दुनिया तक हमारी आवाज पहुंचेगी। इस प्रकार के आयोजन से लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। 
प्रदेश सरकार की 9 वर्ष की उपलब्धियां की जानकारी देते हुए कहां की बनी मुख्यमंत्री जी ने कुशीनगर को बढ़ाने के लिए बहुत काम किए हैं।उन्होंने बताया कि कृषि एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 434 करोड़ की लागत से कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है जो निर्माण अधीन है। 254 करोड़ की लागत से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण हो गया है। जिससे दूसरे देशों के लोग हवाई मार्ग से आसानी से यहां पहुंच सकते हैं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 281 करोड़ से मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है।228 करोड़ की लागत से गृह विभाग द्वारा जिला कारागार का निर्माण कराया जा रहा है।तमकुही राज में 72 एकड़ में मल्टी मॉडल हाउस का निर्माण 500 करोड़ की लागत से हो रहा है। 
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 488 करोड़ की लागत से 41 हजार लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है।मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में 99 करोड़ की लागत से 9414 लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है।इस अंतर्राष्ट्रीय आयोजन विभिन्न देशों से विदेशी प्रतिनिधियों की भागीदारी ने इसे वैश्विक स्वरूप प्रदान किया है। 
कॉन्क्लेव के पहले दिन ही कुशीनगर की धरती पर आध्यात्मिकता, संस्कृति और वैश्विक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरा मंदिर परिसर बौद्ध मंत्रों की गूंज और शांति के संदेश से सराबोर रहा।अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कुशीनगर आज वैश्विक बौद्ध जगत के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां विकसित किया गया अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट दुनिया भर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आसान पहुंच सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक विमर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से क्षेत्र में पर्यटन और उद्योग को भी नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।
“हमारा सपना है कि कुशीनगर केवल आस्था का केंद्र न रहकर आर्थिक और औद्योगिक दृष्टि से भी मजबूत बने,” उन्होंने कहा। कॉन्क्लेव की संपूर्ण रूपरेखा माननीय मुख्यमंत्री जी के दिशा निर्देश पर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर द्वारा तैयार की गई है। उनके नेतृत्व में प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ आयोजन को सफल बनाने में जुटा हुआ है। सुरक्षा, यातायात, आवास और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इस आयोजन के माध्यम से कुशीनगर की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि “आज जब दुनिया के कोने-कोने से लोग इस कार्यक्रम को देख और सुन रहे हैं, तो यह कुशीनगर के लिए गर्व का क्षण है। 
कॉन्क्लेव के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधि बौद्ध दर्शन, शांति, करुणा और वैश्विक सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न देशों की परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। कुशीनगर एक बार फिर यह साबित कर रहा है कि वह विश्व शांति और बौद्ध संस्कृति का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 
इस अवसर पर सभी माननीय विधायक जिला पंचायत अध्यक्ष नगर पालिका अध्यक्ष और पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य फूल बदन कुशवाहा तथा सभी प्रशासनिक अधिकारी एवं जनपद स्तरीय सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे
    user_Pawan Mishra india ahead english hindi news chainal
    Pawan Mishra india ahead english hindi news chainal
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • 🔴दुदही सीएचसी परिसर मे खडा प्राइवेट हास्पिटल का एंबुलेंस 🔴 दुदही सीएचसी का वायरल वीडियो, सिस्टम पर सीधा हमला 🔴युगान्धर टाइम्स व्यूरो कुशीनगर। जनपद के दुदही स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि रात्रि करीब दस बजे किसके शह पर यह प्राइवेट एम्बुलेंस सरकारी अस्पताल परिसर में दाखिल हुआ है? क्या यह महज इत्तेफाक है या फिर अंदरखाने चल रहा कोई ‘सेटिंग-गेम’? वायरल वीडियो में साफ दिख रहा कि प्राइवेट एम्बुलेंस दुदही क्षेत्र के महन्थ शिवानंद हॉस्पिटल की बताई जा रही है। अगर यह सच है, तो मामला और भी संगीन हो जाता है। क्या सरकारी अस्पताल मरीजों के लिए ‘ट्रांजिट पॉइंट’ बन चुका है, जहां से उन्हें निजी अस्पतालों की ओर धकेला जा रहा है? हैरानी की बात यह है कि वीडियो वायरल होने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी और भूमिका दोनों संदिग्ध नजर आ रही हैं। अब निगाहें सीएचसी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों पर टिकी हैं। यदि फुटेज की निष्पक्ष जांच हो जाए, तो यह साफ हो जायेगा कि प्राइवेट एम्बुलेंस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में कैसे और क्यों पहुंची, और इसके पीछे किसका हाथ है। सूत्र बताते है कि अगर सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच हुई, तो कई चेहरे बेनकाब होंगे। लेकिन डर यही है कहीं इस सच को अन्य मामलो की तरह फाइलों में दफन न कर दिया जाए।
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    🔴दुदही सीएचसी परिसर मे खडा प्राइवेट हास्पिटल का एंबुलेंस 
🔴 दुदही सीएचसी का वायरल वीडियो, सिस्टम पर सीधा हमला
🔴युगान्धर टाइम्स व्यूरो 
कुशीनगर। जनपद के दुदही स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि रात्रि करीब दस बजे  किसके शह पर यह प्राइवेट एम्बुलेंस सरकारी अस्पताल परिसर में दाखिल हुआ है? क्या यह महज इत्तेफाक है या फिर अंदरखाने चल रहा कोई ‘सेटिंग-गेम’?
वायरल वीडियो में साफ दिख रहा कि प्राइवेट एम्बुलेंस दुदही क्षेत्र के महन्थ शिवानंद हॉस्पिटल की बताई जा रही है। अगर यह सच है, तो मामला और भी संगीन हो जाता है। क्या सरकारी अस्पताल मरीजों के लिए ‘ट्रांजिट पॉइंट’ बन चुका है, जहां से उन्हें निजी अस्पतालों की ओर धकेला जा रहा है? हैरानी की बात यह है कि वीडियो वायरल होने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी और भूमिका दोनों संदिग्ध नजर आ रही हैं। अब निगाहें सीएचसी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों पर टिकी हैं। यदि फुटेज की निष्पक्ष जांच हो जाए, तो यह साफ हो जायेगा कि प्राइवेट एम्बुलेंस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में कैसे और क्यों पहुंची, और इसके पीछे किसका हाथ है। सूत्र बताते है कि अगर सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच हुई, तो कई चेहरे बेनकाब होंगे। लेकिन डर यही है कहीं इस सच को अन्य मामलो की तरह फाइलों में दफन न कर दिया जाए।
    user_संजय चाणक्य
    संजय चाणक्य
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज कुशीनगर कुशीनगर जनपद के पडरौना धर्मशाला रोड पर लाल बंदर ने लोगो को किया परेशान पूरा मामला पडरौना के धर्मशाला रोड पर लाल बंदर बिजली के तारों पर झूलते नजर आ रहे थे लेकिन बिजली के तार से अचानक बंदर के बच्चे को करेंट लग गया जिससे बंदर का बच्चा जमीन पर गिर कर बेहोस हो गया घायल बेहोस अपने बच्चे को देख कर घायल बंदर की मां आग बबूला हो गई और आतंक मचाने लगी और आते जाते राह गिरो को परेशान करने लगी काफी देर तक बंदर के आतंक का खेल चलता रहा कुछ देर बाद जब घायल बंदर को जब होश आया तो घायल अपने बच्चे को लेकर चली गई तब जा कर लोगों ने राहत की सास ली बंदरों का बिजली के तारों पर झुलना कोई नई बात नहीं है नगर में कई जगह ऐसा देखा गया है कि लाल बंदर बिजली के तारों पर झूला झूलते नजर आते है
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    ब्रेकिंग न्यूज कुशीनगर
कुशीनगर जनपद के पडरौना धर्मशाला रोड पर लाल बंदर ने  लोगो को  किया परेशान
पूरा मामला पडरौना के धर्मशाला रोड पर लाल बंदर  बिजली के तारों पर झूलते नजर आ रहे थे 
लेकिन  बिजली के तार से अचानक  बंदर के बच्चे को करेंट लग गया जिससे बंदर का बच्चा जमीन पर गिर कर बेहोस हो गया   घायल बेहोस  अपने बच्चे को देख कर घायल बंदर की मां आग बबूला हो गई  और  आतंक मचाने  लगी और आते जाते राह गिरो को परेशान करने लगी 
काफी देर तक बंदर के आतंक का खेल चलता रहा 
कुछ देर बाद जब घायल बंदर को जब होश आया तो घायल अपने बच्चे को लेकर चली गई  तब जा कर लोगों ने राहत की सास ली 
बंदरों का बिजली के तारों पर झुलना कोई नई बात नहीं है 
नगर में कई जगह ऐसा देखा गया है कि लाल बंदर बिजली के तारों पर झूला झूलते नजर आते है
    user_Ajeet kumar bk Kushinagr
    Ajeet kumar bk Kushinagr
    Padrauna, Kushi Nagar•
    13 hrs ago
  • सोनवल, में बना सामुद्रिक शौचालय व स्नान घर बना सो पिस जिम्मेदार लोगों मौन, कुशीनगर विकास खंड विशुनपुरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनवल, में बना सामुद्रिक शौचालय व स्नान घर बना सो पिस जिम्मेदार लोगों मौन
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    सोनवल, में बना सामुद्रिक शौचालय व स्नान घर बना सो पिस जिम्मेदार लोगों मौन,
कुशीनगर विकास खंड विशुनपुरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनवल, में बना सामुद्रिक शौचालय व स्नान घर बना सो पिस जिम्मेदार लोगों मौन
    user_Salma khatoon
    Salma khatoon
    Audio visual consultant पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    22 min ago
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