रामनगर (बाराबंकी) स्थित यूनियन इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षक उमेश प्रताप सिंह का गुरुवार सुबह उनके आवास पर 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही शिक्षकों, शिष्यों, परिजनों और क्षेत्रवासियों में गहन शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोगों ने उनके आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके व्यक्तित्व व योगदान को याद किया। उमेश प्रताप सिंह यूनियन इंटर कॉलेज रामनगर में जीव विज्ञान के सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत रहे थे और वर्ष 2013-14 में सेवानिवृत्त हुए थे। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. कमलेश सिंह और वरिष्ठ शिक्षक सुधाकर दीक्षित ने बताया कि उमेश सिंह अत्यंत उदार स्वभाव के शिक्षक थे। वे अपने विषय के गहन जानकार होने के साथ-साथ बहुमुखी प्रतिभा के धनी भी थे, और विद्यार्थियों के प्रति उनका व्यवहार हमेशा आत्मीय व प्रेरणादायक रहा। प्रधानाचार्य डॉ. कमलेश सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि विद्यालय के विकास और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में उमेश प्रताप सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समर्पित और कर्मठ शिक्षक बार-बार नहीं मिलते, और उनके निधन से यूनियन इंटर कॉलेज परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है। शिक्षकों और कर्मचारियों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। क्षेत्रवासियों ने उमेश सिंह को उनके सरल स्वभाव, अनुशासन और शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए याद किया, जिसके कारण उन्होंने समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। सभी ने कहा कि उनका योगदान और उनकी शिक्षाएं सदैव याद की जाएंगी। उमेश प्रताप सिंह की अंत्येष्टि में क्षेत्रवासियों के साथ-साथ जिले भर के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारी शामिल हुए, और सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। इसी अवसर पर, क्षेत्र के एक अन्य प्रतिष्ठित परिवार में भी शोक का माहौल रहा, जहाँ पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामनगर राजन सिंह के चाचा, वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्णेन्द्र प्रताप सिंह के पिता और ग्राम प्रधान देवसानी विवेक सिंह के बड़े पापा का भी निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार दोपहर तीन बजे तक उनके पैतृक आवास ग्राम देवसानी में संपन्न हुआ, जहाँ क्षेत्रवासियों और शुभचिंतकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
रामनगर (बाराबंकी) स्थित यूनियन इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षक उमेश प्रताप सिंह का गुरुवार सुबह उनके आवास पर 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही शिक्षकों, शिष्यों, परिजनों और क्षेत्रवासियों में गहन शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोगों ने उनके आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके व्यक्तित्व व योगदान को याद किया। उमेश प्रताप सिंह यूनियन इंटर कॉलेज रामनगर में जीव विज्ञान के सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत रहे थे और वर्ष 2013-14 में सेवानिवृत्त हुए थे। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. कमलेश सिंह और वरिष्ठ शिक्षक सुधाकर दीक्षित ने बताया कि उमेश सिंह अत्यंत उदार स्वभाव के शिक्षक थे। वे अपने विषय के गहन जानकार होने के साथ-साथ बहुमुखी प्रतिभा के धनी भी थे, और विद्यार्थियों के प्रति उनका व्यवहार हमेशा आत्मीय व प्रेरणादायक रहा। प्रधानाचार्य डॉ. कमलेश सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि विद्यालय के विकास और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में उमेश प्रताप सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समर्पित और कर्मठ शिक्षक बार-बार नहीं मिलते, और उनके निधन से यूनियन इंटर कॉलेज परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है। शिक्षकों और कर्मचारियों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। क्षेत्रवासियों ने उमेश सिंह को उनके सरल स्वभाव, अनुशासन और शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए याद किया, जिसके कारण उन्होंने समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। सभी ने कहा कि उनका योगदान और उनकी शिक्षाएं सदैव याद की जाएंगी। उमेश प्रताप सिंह की अंत्येष्टि में क्षेत्रवासियों के साथ-साथ जिले भर के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारी शामिल हुए, और सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। इसी अवसर पर, क्षेत्र के एक अन्य प्रतिष्ठित परिवार में भी शोक का माहौल रहा, जहाँ पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामनगर राजन सिंह के चाचा, वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्णेन्द्र प्रताप सिंह के पिता और ग्राम प्रधान देवसानी विवेक सिंह के बड़े पापा का भी निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार दोपहर तीन बजे तक उनके पैतृक आवास ग्राम देवसानी में संपन्न हुआ, जहाँ क्षेत्रवासियों और शुभचिंतकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद के रामनगर थाना क्षेत्र में करसा कला गांव के पास शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। सुमली नदी में नहाने गए दो नाबालिग बच्चों की डूबने से मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और मातम पसर गया। जानकारी के अनुसार, पुरैना निवासी 11 वर्षीय अर्पित और रतनपुर निवासी 13 वर्षीय अतुल शुक्रवार को भैंस चराने के लिए घर से निकले थे। दोपहर की भीषण गर्मी में जब भैंस सुमली नदी में नहाने लगीं, तो दोनों बच्चे भी नदी में उतर गए। शुरुआत में वे कम पानी में नहा रहे थे, लेकिन धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर चले गए और डूबने लगे। नदी में मौजूद अन्य बच्चों ने उन्हें डूबते देखा तो शोर मचाकर परिजनों और ग्रामीणों को सूचना दी। हादसे की खबर फैलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया और कुछ ही देर में सैकड़ों ग्रामीण नदी किनारे जमा हो गए और बच्चों की तलाश शुरू कर दी। सूचना मिलने पर 112 पीआरबी और रामनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद पहले एक बच्चे के शव को नदी से बाहर निकाला। करीब एक घंटे बाद दूसरे बच्चे का शव भी बरामद कर लिया गया। मौके पर उपजिलाधिकारी आनंद कुमार तिवारी, तहसीलदार विपुल सिंह, क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत, थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह और चौकी इंचार्ज रजनीश कुमार पांडेय सहित कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है। तहसीलदार विपुल सिंह ने पुष्टि की कि दोनों बच्चों की मौत नदी में डूबने से हुई है और नियमानुसार सरकारी सहायता दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद दोनों गांवों में शोक का माहौल छाया हुआ है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में नवमी के मोहर्रम के दौरान अमेठी के एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया है। चाकू से कई बार वार किए जाने के कारण युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। यह पूरा मामला सुबेहा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पीड़ित कौसर बेग के अनुसार, उनका छोटा भाई अननान बेग रात करीब 2:00 बजे मोहर्रम देखने के लिए सुबेहा थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव गया था। वहां, दर्जनों दबंगों ने कथित तौर पर योजनाबद्ध तरीके से उसपर चाकू से जानलेवा हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर सुबेहा पुलिस मौके पर पहुँची और कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस इस मामले की गहनता से जाँच पड़ताल में जुटी हुई है।2
- बाराबंकी के कोतवाली फतेहपुर क्षेत्र से एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पुलिस ने 43 दिन बाद एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई पीड़िता के पिता द्वारा फतेहपुर कोतवाली में दी गई तहरीर के आधार पर की गई, जिसमें उन्होंने अपनी 17 वर्षीय बेटी के 21 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता होने की जानकारी दी थी। परिजनों की खोजबीन के बाद पता चला कि गांव का ही एक युवक अपने साथी के साथ मिलकर किशोरी को बहला-फुसलाकर ले गया है। शिकायत में यह भी बताया गया था कि घर से सोने की बालियां और एक स्मार्टफोन भी गायब है। पिता की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी और मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश में जुट गई थी। जांच के दौरान पुलिस टीम को सफलता मिली और बुधवार को वांछित आरोपी सचिन कुमार गौतम पुत्र प्रवेश कुमार गौतम, निवासी पकरियापुर को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आवश्यक बिंदुओं की जांच अभी जारी है और फरार व्यक्तियों के संबंध में भी विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि नाबालिगों से जुड़े मामलों को पूरी गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पीड़ित परिवार ने आरोपी की गिरफ्तारी पर संतोष व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद जताई है।1
- तहसील कैसरगंज क्षेत्र में दशमी मुहर्रम का पर्व पूरे अकीदत और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से ताजिया जुलूस निर्धारित मार्गों से होते हुए अपने-अपने कर्बला स्थलों तक पहुंचे, जहाँ धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजियाओं को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस अवसर पर पूरे दिन हजारों की संख्या में अकीदतमंदों की मौजूदगी रही, जिन्होंने मातमी जुलूस, नौहा-ख्वानी और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। दशमी मुहर्रम के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय रहा, जिसमें उपजिलाधिकारी कैसरगंज अखिलेश कुमार सिंह और पुलिस क्षेत्राधिकारी कैसरगंज डी.के. श्रीवास्तव ने लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था की निगरानी की। अधिकारियों ने संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कैसरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न गांवों और कस्बों में निकले सभी ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए। प्रशासन द्वारा पहले से निर्धारित रूट व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया गया, तथा प्रमुख चौराहों, बाजारों और कर्बला स्थलों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस टीमों ने लगातार गश्त कर क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने का कार्य किया। इस दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की एक सुंदर मिसाल देखने को मिली, जहाँ स्थानीय लोगों ने जुलूस में शामिल अकीदतमंदों का स्वागत किया और प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया। क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों, धर्मगुरुओं एवं ताजियादारों ने भी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे आयोजन के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना, विवाद अथवा कानून व्यवस्था संबंधी समस्या की कोई सूचना नहीं मिली। प्रशासन की सतर्कता, पुलिस बल की मुस्तैदी और आम जनता के सहयोग के कारण दशमी मुहर्रम का पर्व सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों, ताजियादारों, धर्मगुरुओं एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक सौहार्द, आपसी सम्मान और भाईचारे की भावना ही क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत है। प्रशासन ने भविष्य में भी इसी प्रकार सभी धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोहर्रम के मद्देनजर एक स्पष्ट और कड़ा संदेश जारी किया है। उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अगर किसी ने भी उपद्रव करने की कोशिश की, तो उसे उसके गंभीर परिणामों के बारे में सोचना होगा।1
- बाराबंकी के रामसनेहीघाट स्थित रॉयल गैलेक्सी रेस्टोरेंट पर आम आदमी पार्टी द्वारा एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह का पार्टी कार्यकर्ताओं ने लखनऊ से अयोध्या जाते समय फूल-मालाएं और अंग वस्त्र भेंट कर जोरदार स्वागत किया। इस स्वागत समारोह की अगुवाई आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अधिवक्ता अभिषेक प्रताप सिंह ने की, जिनके साथ सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्टी के शीर्ष नेताओं के आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला, और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने इस समारोह में हिस्सा लिया।1
- बहराइच जिले में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए यातायात पुलिस ने एक बड़ा अभियान चलाया है। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की गई, जिसके तहत कुल 714 वाहनों का चालान किया गया। इन चालानों के माध्यम से ₹9,20,900 का शमन शुल्क अधिरोपित किया गया। अभियान के दौरान कुल 6 वाहनों को सीज किया गया। विशेष उल्लंघनों पर भी कार्रवाई की गई, जिसमें एक दोपहिया वाहन पर मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने के लिए, 12 वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने के कारण मोटर वाहन अधिनियम के तहत और 77 दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी बैठाने के लिए कार्रवाई शामिल है। इसके अतिरिक्त, चार पहिया वाहनों पर काली फिल्म लगाने वाले 4 वाहनों से फिल्म हटवाकर कार्रवाई की गई। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के 2 मामलों में वाहनों को सीज कर यातायात परिसर में दाखिल किया गया। इसी क्रम में, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त चेकिंग के दौरान 14 अन्य वाहनों को भी सीज किया गया। यातायात पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और लोगों से यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करने की अपील की गई है।2
- बाराबंकी जिले के बुढ़वल-शुगर मिल रेलखंड के बीच रेलवे ट्रैक किनारे एक व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव मिलने से हड़कंप मच गया। आरपीएफ बुढ़वल को रात करीब 11:40 बजे किलोमीटर संख्या 4/28-4/30 के बीच ट्रेन से कटने की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके उपरांत मौके पर पहुंची आरपीएफ टीम को प्राथमिक तलाश में शव नहीं मिला। तत्पश्चात, किलोमीटर संख्या 5/02-5/06 के बीच डाउन लाइन के पास झाड़ियों में तलाशी के दौरान शव बरामद किया गया। मृतक का एक पैर कटा हुआ था और सिर सहित शरीर के कई हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में मिले। घटनास्थल पर खून के निशान और सिर के अवशेष भी पाए गए। रामनगर थाने की पुलिस ने पहुंचकर शव की जांच की और आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की। ग्रामीणों की सूचना पर, सिंह राज सिंह ने शव की पहचान अपने पिता मैनेजर सिंह (55), निवासी खेतौरा, के रूप में की। पुलिस के अनुसार, मृतक के पास से कोई यात्रा टिकट या पहचान पत्र बरामद नहीं हुआ है। आरपीएफ ने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना से किसी भी ट्रेन का संचालन बाधित नहीं हुआ है, और मामले की जांच अभी भी जारी है।1