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पिछले कई दिनों से कोटा सहित हाड़ौती क्षेत्र में मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है, जहाँ कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश तो कहीं आंधी-तूफान का सिलसिला बना हुआ है। कोटा में विशेष रूप से, दिन भर तेज धूप और उमस के बाद शाम होते-होते अचानक बादल घिरने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी का दौर चल रहा है। मौसम विभाग द्वारा 24 घंटे में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने की चेतावनी का असर आज भी मौसम पर दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में, कल शाम कोटा में हुई हल्की बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई थी। वहीं, बारां जिले के अटरू में कल जमकर बारिश हुई और कोटा जिले के भी कई स्थानों से बारिश की खबरें मिली हैं। एक वीडियो बारां जिले के अटरू का बताया जा रहा है।
Ahmed Siraj Farooqi
पिछले कई दिनों से कोटा सहित हाड़ौती क्षेत्र में मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है, जहाँ कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश तो कहीं आंधी-तूफान का सिलसिला बना हुआ है। कोटा में विशेष रूप से, दिन भर तेज धूप और उमस के बाद शाम होते-होते अचानक बादल घिरने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी का दौर चल रहा है। मौसम विभाग द्वारा 24 घंटे में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने की चेतावनी का असर आज भी मौसम पर दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में, कल शाम कोटा में हुई हल्की बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई थी। वहीं, बारां जिले के अटरू में कल जमकर बारिश हुई और कोटा जिले के भी कई स्थानों से बारिश की खबरें मिली हैं। एक वीडियो बारां जिले के अटरू का बताया जा रहा है।
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- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोटा में ब्रह्माकुमारीज द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सामूहिक योग का अभ्यास कराया गया और राजयोग का संदेश दिया गया।1
- कोटा के गोविंद नगर क्षेत्र में रविवार को चली तेज आंधी और भारी हवाओं ने जमकर तबाही मचाई। इन तेज हवाओं के कारण कई मकानों के छज्जे टूटकर गिर गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन कई घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र में जगह-जगह मलबा फैल जाने से स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समाजसेवी हकीम खान ने जानकारी दी है कि प्रभावित परिवार अपने नुकसान का आकलन कर रहे हैं और उन्होंने प्रशासन से सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। इसी बीच, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और एहतियाती कदम उठाने की अपील की है।1
- रविवार को कोटा शहर में आई तेज आंधी और बारिश ने कई स्थानों पर भारी नुकसान पहुँचाया। अचानक बदले मौसम के चलते शहर के विभिन्न इलाकों में कई पेड़ धराशायी हो गए, वहीं तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर टिनशेड भी उड़ते नजर आए। आंधी और बारिश के चलते कुछ स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन और नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचकर सड़कों से गिरे पेड़ों और मलबे को हटाने के काम में जुटी रहीं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज हवा और बारिश होने की संभावना जताई है।4
- कोटा में दोपहर बाद आए तेज अंधड़ के कारण गुमानपुरा स्थित मल्टी पर्पज स्कूल रोड पर एक पेड़ गिर गया। इस घटना के चलते उक्त रोड पर यातायात पूरी तरह से बंद हो गया है।1
- यह जानकारी दी गई है कि राय सागर झील द्वारकाधीश मंदिर के बिलकुल निकट स्थित है। यह वही राय सागर झील है जो द्वारकाधीश जी के मंदिर के पास है।1
- कोटा में 21 जून 2026 को दोपहर 2:56 बजे भयंकर बारिश और तूफान आने की सूचना मिली है। बताया गया है कि कोटा में भीषण वर्षा और तूफान का आगमन हो रहा है।1
- दिल्ली पुलिस ने NEET UG 2026 री-एग्जामिनेशन से पहले सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में, पुलिस की टीमों ने फ्रिस्किंग यूनिट और डॉग स्क्वायड के साथ मिलकर विभिन्न परीक्षा केंद्रों का गहन निरीक्षण किया, जहाँ सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने विशेष रूप से परीक्षा केंद्रों के प्रवेश और निकास मार्गों, अभ्यर्थियों की जांच प्रक्रिया तथा संवेदनशील क्षेत्रों का आकलन किया। इस प्रक्रिया के तहत, परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या सुरक्षा चूक को रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने इस बात पर जोर दिया है कि परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।1
- रविवार को कोटा के आनंतपुरा थाना क्षेत्र में तेज आंधी-बारिश आने से पहले एक विशालकाय पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। इस घटना के कारण पेड़ के नीचे खड़ी कई मोटरसाइकिलें दबकर क्षतिग्रस्त हो गईं। यह गनीमत रही कि हादसे के वक्त पेड़ के नीचे कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था। पेड़ गिरने से कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, और बाद में जेसीबी मशीन की सहायता से पेड़ को हटाकर सड़क को आवागमन के लिए साफ किया गया।1