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मध्य प्रदेश में मौसम का 'खतरनाक खेल': विंध्य के जिलों में अलर्ट, कहीं गर्मी का टॉर्चर तो कहीं आंधी-ओलों की मार विंध्य बलराम/रुद्र प्रताप सिंह. भोपाल/सीधी। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ चुका है। एक तरफ भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, तो दूसरी तरफ सीधी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज और शहडोल समेत प्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलों का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय मोड में है। विंध्य क्षेत्र रडार पर: आंधी-बारिश का दौर मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए जो अलर्ट जारी किया है, उसमें विंध्य अंचल के जिलों पर विशेष नजर है। सीधी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज और शहडोल सहित अनूपपुर, सतना और मैहर जैसे जिलों में मौसम में अचानक बदलाव होगा। यहां तेज आंधी के साथ बारिश और ओले गिरने की पूरी संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। भीषण गर्मी का टॉर्चर: पारा 45 डिग्री तक जहां एक ओर बारिश का खतरा है, वहीं दूसरी तरफ अप्रैल का महीना अपने साथ भीषण गर्मी भी लेकर आया है। प्रदेश के मैदानी इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। ग्वालियर, धार, खरगोन और नौगांव जैसे इलाकों में तापमान 44 से 45 डिग्री तक जाने की आशंका है। ग्वालियर-चंबल, उज्जैन और सागर संभाग के लिए 'सीवियर हीट वेव' की चेतावनी जारी की गई है। किसानों की बढ़ी चिंता फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदलने से पहले ही रबी की फसलों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। अब अप्रैल की शुरुआत में फिर से आंधी और ओलों की चेतावनी ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ी फसल को बचाने की चुनौती अब और भी बड़ी हो गई है। प्रशासन ने जारी किया अलर्ट मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 4 अप्रैल तक प्रदेश के कई हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण अस्थिर मौसम बना रहेगा। जिला प्रशासन ने आम जनता और विशेषकर किसानों को सावधान रहने के निर्देश दिए हैं।

1 hr ago
user_पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
Local News Reporter गोपदबनास, सीधी, मध्य प्रदेश•
1 hr ago
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मध्य प्रदेश में मौसम का 'खतरनाक खेल': विंध्य के जिलों में अलर्ट, कहीं गर्मी का टॉर्चर तो कहीं आंधी-ओलों की मार विंध्य बलराम/रुद्र प्रताप सिंह. भोपाल/सीधी। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ चुका है। एक तरफ भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, तो दूसरी तरफ सीधी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज और शहडोल समेत प्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलों का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय मोड में है। विंध्य क्षेत्र रडार पर: आंधी-बारिश का दौर मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए जो अलर्ट जारी किया है, उसमें विंध्य अंचल के जिलों पर विशेष नजर है। सीधी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज और शहडोल सहित अनूपपुर, सतना और मैहर जैसे जिलों में मौसम में अचानक बदलाव होगा। यहां तेज आंधी के साथ बारिश और ओले गिरने की पूरी संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। भीषण गर्मी का टॉर्चर: पारा 45 डिग्री तक जहां एक ओर बारिश का खतरा है, वहीं दूसरी तरफ अप्रैल का महीना अपने साथ भीषण गर्मी भी लेकर आया है। प्रदेश के मैदानी इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। ग्वालियर, धार, खरगोन और नौगांव जैसे इलाकों में तापमान 44 से 45 डिग्री तक जाने की आशंका है। ग्वालियर-चंबल, उज्जैन और सागर संभाग के लिए 'सीवियर हीट वेव' की चेतावनी जारी की गई है। किसानों की बढ़ी चिंता फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदलने से पहले ही रबी की फसलों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। अब अप्रैल की शुरुआत में फिर से आंधी और ओलों की चेतावनी ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ी फसल को बचाने की चुनौती अब और भी बड़ी हो गई है। प्रशासन ने जारी किया अलर्ट मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 4 अप्रैल तक प्रदेश के कई हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण अस्थिर मौसम बना रहेगा। जिला प्रशासन ने आम जनता और विशेषकर किसानों को सावधान रहने के निर्देश दिए हैं।

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  • विंध्य बलराम/रुद्र प्रताप सिंह. सीधी। भारतीय जनता पार्टी केवल पार्टी नहीं हमारी मां है, इसलिए पार्टी का जन्म दिवस आगामी 6 अप्रैल को हर्षोल्लास के साथ आयोजित करें। पार्टी के कारण हमारी शान और सम्मान है, व्यक्तित्व और नाम की पहचान है। उक्त आशय के विचार भारतीय जनता पार्टी द्वारा आगामी 6 अप्रैल को मनाए जा रहे स्थापना दिवस के कार्यक्रम की तैयारी बैठक को संबोधित करते हुए सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक ने बतौर मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान की अध्यक्षता और पूर्व जिला अध्यक्ष के के तिवारी की विशिष्ट उपस्थिति में कहीं। सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जन्म दिवस आनंद और उल्लास का दिन होता है। इसलिए पार्टी का स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों को शानदार ढंग से आयोजित करें। भारतीय जनता पार्टी की सरकार कार्यकर्ताओं के दम और जनता जनार्दन के आशीर्वाद से लगातार बना रही है। अध्यक्षीय उद्बोधन में भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय प्रथम फिर पार्टी और उसके बाद कार्यकर्ता आता है। सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन मंत्र है। कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता जनार्दन के आशीर्वाद के कारण आज भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। जिला अध्यक्ष श्री चौहान ने कहा कि स्थापना दिवस 6 अप्रैल के तारीख में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है। जिसमें साज सज्जा, ध्वजारोहण, स्वच्छता अभियान, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों का सम्मान, बस्ती संपर्क, केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं पर चर्चा, सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन सहित आदि प्रकार के अलग-अलग दिनों मे अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रभावी और शानदार हो कार्यक्रम -- के के तिवारी भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रशिक्षण के संभागीय सह प्रभारी के के तिवारी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 6 अप्रैल पार्टी का स्थापना दिवस है। इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम प्रदेश एवं केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार आयोजित हो रहे हैं। सभी कार्यक्रम प्रभावी और ऐतिहासिक हो, इसके लिए हम सभी को पूर्ण मनोयोग से जुटना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री अनिल पाण्डेय एवं आभार प्रदर्शन जिला मंत्री सूर्य प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू राम जी सिंह, जिला उपाध्यक्ष उषा गोपाल पटेल, शिवदान साकेत, मनीला सिंह चौहान, जिला महामंत्री चंद्रपाल सिंह उइके, जिला मंत्री गजराज सिंह चंदेल, उमाशंकर यादव, सूर्य प्रताप सिंह, कपूर चंद साहू, जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र मणि दुबे, नवनिर्वाचित अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष कृष्ण पाल सिंह, मोर्चा अध्यक्ष पूनम सोनी, पुन्नू खान, सोशल मीडिया सह संभागीय प्रभारी जितेन्द्र तिवारी, मंडल अध्यक्ष पंकज पाण्डेय, सूबेदास यादव, योगेंद्र सिंह, कृष्णा तिवारी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
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    विंध्य बलराम/रुद्र प्रताप सिंह.
सीधी। 
भारतीय जनता पार्टी केवल पार्टी नहीं हमारी मां है,  इसलिए पार्टी का जन्म दिवस आगामी 6 अप्रैल को हर्षोल्लास के साथ आयोजित करें। पार्टी के कारण हमारी शान और सम्मान है, व्यक्तित्व और नाम की पहचान है। 
उक्त आशय के विचार भारतीय जनता पार्टी द्वारा आगामी 6 अप्रैल को मनाए जा रहे स्थापना दिवस के कार्यक्रम की तैयारी बैठक को संबोधित करते हुए सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक ने बतौर मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान की अध्यक्षता और पूर्व जिला अध्यक्ष के के तिवारी की विशिष्ट उपस्थिति में कहीं।
सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जन्म दिवस आनंद और उल्लास का दिन होता है। इसलिए पार्टी का स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों को शानदार ढंग से आयोजित करें। भारतीय जनता पार्टी की सरकार कार्यकर्ताओं के दम और जनता जनार्दन के आशीर्वाद से लगातार बना रही है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय प्रथम फिर पार्टी और उसके बाद कार्यकर्ता आता है। सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन मंत्र है। कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता जनार्दन के आशीर्वाद के कारण आज भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। जिला अध्यक्ष श्री चौहान ने कहा कि स्थापना दिवस 6 अप्रैल के तारीख में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है। जिसमें साज सज्जा, ध्वजारोहण, स्वच्छता अभियान, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों का सम्मान, बस्ती संपर्क, केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं पर चर्चा, सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन सहित आदि प्रकार के अलग-अलग दिनों मे अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रभावी और शानदार हो कार्यक्रम -- के के तिवारी 
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रशिक्षण के संभागीय सह प्रभारी के के तिवारी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 6 अप्रैल पार्टी का स्थापना दिवस है। इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम प्रदेश एवं केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार आयोजित हो रहे हैं। सभी कार्यक्रम प्रभावी और ऐतिहासिक हो, इसके लिए हम सभी को पूर्ण मनोयोग से जुटना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री अनिल पाण्डेय एवं आभार प्रदर्शन जिला मंत्री सूर्य प्रताप सिंह ने किया।  
इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू राम जी सिंह, जिला उपाध्यक्ष उषा गोपाल पटेल, शिवदान साकेत, मनीला सिंह चौहान, जिला महामंत्री चंद्रपाल सिंह उइके, जिला मंत्री गजराज सिंह चंदेल, उमाशंकर यादव, सूर्य प्रताप सिंह, कपूर चंद साहू, जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र मणि दुबे, नवनिर्वाचित अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष कृष्ण पाल सिंह, मोर्चा अध्यक्ष पूनम सोनी, पुन्नू खान, सोशल मीडिया सह संभागीय प्रभारी जितेन्द्र तिवारी,  मंडल अध्यक्ष पंकज पाण्डेय, सूबेदास यादव, योगेंद्र सिंह, कृष्णा तिवारी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
    user_पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
    पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
    Local News Reporter गोपदबनास, सीधी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मऊगंज में बहू बनी कातिल! मामूली विवाद ने लिया खूनी मोड़—26 साल की बहू ने 75 वर्षीय ससुर को बेरहमी से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, लात-घूंसों की बरसात में बुझ गई जिंदगी, गांव में सनसनी!
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    मऊगंज में बहू बनी कातिल! मामूली विवाद ने लिया खूनी मोड़—26 साल की बहू ने 75 वर्षीय ससुर को बेरहमी से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, लात-घूंसों की बरसात में बुझ गई जिंदगी, गांव में सनसनी!
    user_Lavkesh singh
    Lavkesh singh
    Voice of people मऊगंज, रीवा, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • *ईरान के भूमिगत "मिसाइल शहर" में भीषण बमबारी*
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    *ईरान के भूमिगत "मिसाइल शहर" में भीषण बमबारी*
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • कॉलेज में बिताए पल हमेशा याद आएंगे ब्योहारी | पंडित राम किशोर शुक्ला शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के मुख्य लेखपाल वंश बहादुर सिंह को सेवानिवृत्ति पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में जीवन का ज्यादातर समय बीता है, यहां बिताए पल हमेशा याद आएंगे।
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    कॉलेज में बिताए पल हमेशा याद आएंगे
ब्योहारी | पंडित राम किशोर शुक्ला शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के मुख्य लेखपाल वंश बहादुर सिंह को सेवानिवृत्ति पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में जीवन का ज्यादातर समय बीता है, यहां बिताए पल हमेशा याद आएंगे।
    user_Durgesh Kumar Gupta
    Durgesh Kumar Gupta
    Electrician Beohari, Shahdol•
    12 hrs ago
  • Sidhi jila khaddi area ki ghatna Jo Khushi uske Naam Se Hui Hai 24 February ke din vah ghatna ko dabane ki koshish ki ja rahi hai main Narendra Singh bess Gram Panchayat kuniya
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    Sidhi jila khaddi area ki ghatna Jo Khushi uske Naam Se Hui Hai 24 February ke din vah ghatna ko dabane ki koshish ki ja rahi hai main Narendra Singh bess Gram Panchayat kuniya
    user_Thakur Saheb
    Thakur Saheb
    Firefighter ब्योहारी, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • दिलशाद गार्डन में दलित सफाईकर्मी की मौत हादसा नहीं, प्रशासनिक लापरवाही से हुई हत्या है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार manual scavanging प्रतिबंधित है लेकिन भाजपा सरकार ने हमारे दलित समाज के बच्चे को नाले में बिना किसी सेफ्टी किट के उतारा जिससे उसको अपनी जान गंवानी पड़ी। भाजपा 4 इंजन वाले दावे तो बड़े–बड़े करती है लेकिन एक मशीन का प्रबंध नहीं कर पाई। रेखा गुप्ता सरकार बताए कि इस गरीब परिवार को हुए इस नुकसान की भरपाई कैसे होगी? AAP मांग करती है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाए। जब तक दोषियों के ऊपर कार्रवाई नहीं होगी और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, हम लोग पीछे हटने वाले नहीं हैं।
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    दिलशाद गार्डन में दलित सफाईकर्मी की मौत हादसा नहीं, प्रशासनिक लापरवाही से हुई हत्या है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार manual scavanging प्रतिबंधित है लेकिन भाजपा सरकार ने हमारे दलित समाज के बच्चे को नाले में बिना किसी सेफ्टी किट के उतारा जिससे उसको अपनी जान गंवानी पड़ी।
भाजपा 4 इंजन वाले दावे तो बड़े–बड़े करती है लेकिन एक मशीन का प्रबंध नहीं कर पाई। 
रेखा गुप्ता सरकार बताए कि इस गरीब परिवार को हुए इस नुकसान की भरपाई कैसे होगी? AAP मांग करती है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाए।
जब तक दोषियों के ऊपर कार्रवाई नहीं होगी और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, हम लोग पीछे हटने वाले नहीं हैं।
    user_पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल
    पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल
    पत्रकार Rewa, Madhya Pradesh•
    12 min ago
  • लेकिन आम आदमी की जिंदगी इतनी व्यस्त होती है कि उसे किसी भी चीज का समय ही नहीं मिल पाता
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    लेकिन आम आदमी की जिंदगी इतनी व्यस्त होती है कि उसे किसी भी चीज का समय ही नहीं मिल पाता
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Huzur, Rewa•
    13 hrs ago
  • ​सीधी। जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में गेहूं की कटाई का कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। अमूमन देखा जाता है कि गेहूं की फसल लेने के बाद किसान भाई मानसून और धान की बुवाई के इंतजार में अपने खेतों को खाली छोड़ देते हैं। लेकिन कृषि विशेषज्ञों और 'विंध्य बलराम' के इस विशेष विश्लेषण के अनुसार, गेहूं की कटाई और खरीफ की बुवाई के बीच के ये 60 से 70 दिन किसानों के लिए 'गोल्डन पीरियड' साबित हो सकते हैं। इस समय को 'जायद' का सीजन कहा जाता है, जिसमें कम पानी और कम समय में तैयार होने वाली फसलें लगाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। ​कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि इस समय मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलों की बुवाई करना सबसे समझदारी भरा निर्णय है। मूंग की उन्नत किस्में मात्र दो महीने में तैयार हो जाती हैं। दलहनी फसलों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनकी जड़ें मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती हैं, जिससे आने वाली धान की फसल में यूरिया और अन्य खादों की जरूरत काफी कम हो जाती है। इससे न केवल लागत घटती है, बल्कि खेत की उपजाऊ शक्ति में भी अभूतपूर्व सुधार होता है। ​दूसरी ओर, जो किसान भाई नकदी आय (Cash Crop) की तलाश में हैं, उनके लिए सब्जी की खेती एक बेहतरीन विकल्प है। गर्मी के मौसम में बाजार में हरी सब्जियों की मांग और दाम दोनों ही ऊंचे रहते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस समय किसान भाई लौकी, तोरई, करेला, भिंडी, खीरा और ककड़ी जैसी फसलों पर ध्यान दें। ये फसलें 40 से 50 दिनों के भीतर फल देना शुरू कर देती हैं, जिससे किसानों के पास दैनिक आय का जरिया बन जाता है। खासकर भिंडी और ग्वार फली जैसी फसलें भीषण गर्मी को सहने की क्षमता रखती हैं और कम सिंचाई में भी अच्छा उत्पादन देती हैं। ​इसके साथ ही, पशुपालन से जुड़े किसानों के लिए यह समय हरे चारे के संकट को दूर करने का है। खाली पड़े खेतों में मक्का, ज्वार या लोबिया की बुवाई कर अगले 45 दिनों में पौष्टिक चारा प्राप्त किया जा सकता है, जो गर्मियों में दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक है। ​अंत में, 'विंध्य बलराम' के माध्यम से मैं, रुद्र प्रताप सिंह, सभी किसान भाइयों से यह विशेष अपील करता हूँ कि गेहूं की कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों (नरवाई) को कतई न जलाएं। नरवाई जलाने से मिट्टी के मित्र कीट मर जाते हैं और जमीन की उर्वरा शक्ति क्षीण होती है। इसके बजाय अवशेषों को खेत में ही जोतकर मिला दें, जिससे मिट्टी को प्राकृतिक खाद मिले। उचित बीज उपचार और समय पर हल्की सिंचाई के साथ जायद की फसलें अपनाकर किसान भाई आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ा सकते हैं।
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    ​सीधी।
जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में गेहूं की कटाई का कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। अमूमन देखा जाता है कि गेहूं की फसल लेने के बाद किसान भाई मानसून और धान की बुवाई के इंतजार में अपने खेतों को खाली छोड़ देते हैं। लेकिन कृषि विशेषज्ञों और 'विंध्य बलराम' के इस विशेष विश्लेषण के अनुसार, गेहूं की कटाई और खरीफ की बुवाई के बीच के ये 60 से 70 दिन किसानों के लिए 'गोल्डन पीरियड' साबित हो सकते हैं। इस समय को 'जायद' का सीजन कहा जाता है, जिसमें कम पानी और कम समय में तैयार होने वाली फसलें लगाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं।
​कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि इस समय मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलों की बुवाई करना सबसे समझदारी भरा निर्णय है। मूंग की उन्नत किस्में मात्र दो महीने में तैयार हो जाती हैं। दलहनी फसलों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनकी जड़ें मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती हैं, जिससे आने वाली धान की फसल में यूरिया और अन्य खादों की जरूरत काफी कम हो जाती है। इससे न केवल लागत घटती है, बल्कि खेत की उपजाऊ शक्ति में भी अभूतपूर्व सुधार होता है।
​दूसरी ओर, जो किसान भाई नकदी आय (Cash Crop) की तलाश में हैं, उनके लिए सब्जी की खेती एक बेहतरीन विकल्प है। गर्मी के मौसम में बाजार में हरी सब्जियों की मांग और दाम दोनों ही ऊंचे रहते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस समय किसान भाई लौकी, तोरई, करेला, भिंडी, खीरा और ककड़ी जैसी फसलों पर ध्यान दें। ये फसलें 40 से 50 दिनों के भीतर फल देना शुरू कर देती हैं, जिससे किसानों के पास दैनिक आय का जरिया बन जाता है। खासकर भिंडी और ग्वार फली जैसी फसलें भीषण गर्मी को सहने की क्षमता रखती हैं और कम सिंचाई में भी अच्छा उत्पादन देती हैं।
​इसके साथ ही, पशुपालन से जुड़े किसानों के लिए यह समय हरे चारे के संकट को दूर करने का है। खाली पड़े खेतों में मक्का, ज्वार या लोबिया की बुवाई कर अगले 45 दिनों में पौष्टिक चारा प्राप्त किया जा सकता है, जो गर्मियों में दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
​अंत में, 'विंध्य बलराम' के माध्यम से मैं, रुद्र प्रताप सिंह, सभी किसान भाइयों से यह विशेष अपील करता हूँ कि गेहूं की कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों (नरवाई) को कतई न जलाएं। नरवाई जलाने से मिट्टी के मित्र कीट मर जाते हैं और जमीन की उर्वरा शक्ति क्षीण होती है। इसके बजाय अवशेषों को खेत में ही जोतकर मिला दें, जिससे मिट्टी को प्राकृतिक खाद मिले। उचित बीज उपचार और समय पर हल्की सिंचाई के साथ जायद की फसलें अपनाकर किसान भाई आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ा सकते हैं।
    user_पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
    पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
    Local News Reporter गोपदबनास, सीधी, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
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