फरसगांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत सेक्टर कोनगुड में सिरहा-गुनिया बैगा सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ज्योतिर्मय प्रभावती, बीपीएम चेतन चौहान, खंड प्रशिक्षण एवं विस्तार अधिकारी मन्नूराम बघेल सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। सम्मेलन में कोनगुड सेक्टर के विभिन्न सिरहा, गुनिया, बैगा और माता पुजारियों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। कार्यक्रम की शुरुआत मां दंतेश्वरी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पारंपरिक सेवा अर्जी के साथ हुई, जिसके बाद सभी वैद्यों का तिलक और पुष्पों से स्वागत किया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने सम्मेलन के दौरान मलेरिया, टीबी और अन्य मौसमी बीमारियों की पहचान, उनकी रोकथाम और समय पर उपचार के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उपस्थित लोगों को बुखार होने पर तत्काल रक्त जांच कराने, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने, स्वच्छता बनाए रखने और जल जमाव को रोकने के लिए जागरूक किया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने पारंपरिक वैद्यों से अपील की कि वे अपने समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने का कार्य करें और लोगों को समय पर उपचार के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम का समापन सिरहा, गुनिया, बैगा और माता पुजारियों को श्रीफल और गमछा भेंट कर उनके सम्मान के साथ हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक वैद्यों के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़ और प्रभावशाली बनाना है।
फरसगांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत सेक्टर कोनगुड में सिरहा-गुनिया बैगा सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ज्योतिर्मय प्रभावती, बीपीएम चेतन चौहान, खंड प्रशिक्षण एवं विस्तार अधिकारी मन्नूराम बघेल सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। सम्मेलन में कोनगुड सेक्टर के विभिन्न सिरहा, गुनिया, बैगा और माता पुजारियों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। कार्यक्रम की शुरुआत मां दंतेश्वरी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पारंपरिक सेवा अर्जी के साथ हुई, जिसके बाद सभी वैद्यों का तिलक और पुष्पों से स्वागत किया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने सम्मेलन के दौरान मलेरिया, टीबी और अन्य मौसमी बीमारियों की पहचान, उनकी
रोकथाम और समय पर उपचार के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उपस्थित लोगों को बुखार होने पर तत्काल रक्त जांच कराने, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने, स्वच्छता बनाए रखने और जल जमाव को रोकने के लिए जागरूक किया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने पारंपरिक वैद्यों से अपील की कि वे अपने समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने का कार्य करें और लोगों को समय पर उपचार के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम का समापन सिरहा, गुनिया, बैगा और माता पुजारियों को श्रीफल और गमछा भेंट कर उनके सम्मान के साथ हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक वैद्यों के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़ और प्रभावशाली बनाना है।
- छत्तीसगढ़ के कांकेर स्थित थाना सिटी कोतवाली में 11 जुलाई दोपहर साढ़े 3 बजे शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कांकेर पुलिस को मिले नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के नेतृत्व में कांकेर पुलिस को एक नई बस और तीन स्कॉर्पियो वाहन प्राप्त हुए हैं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि आधुनिक संसाधनों से पुलिस व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन नए वाहनों के बेड़े में शामिल होने से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने के साथ-साथ आम नागरिकों को भी बेहतर और त्वरित पुलिस सेवाएं प्रदान करने में पुलिस को काफी सहायता मिलेगी।1
- धमतरी पुलिस द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी, एकरूप और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन रूद्री के कम्पोजिट भवन में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में सेवानिवृत्त पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज (आईपीएस) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)-2023 के विभिन्न व्यावहारिक और विधिक पक्षों पर विस्तृत व्याख्यान और मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज ने विवेचना की नवीन प्रक्रियाओं, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, प्रभावी अभियोजन की रणनीतियों तथा न्यायालयीन कार्यवाही में इन नए कानूनों के व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि इन नवीन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, पीड़ित-केंद्रित और समयबद्ध बनाना है। वहीं, पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते विधिक परिदृश्य में पुलिस बल का निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास समय की मांग है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग और सुदृढ़ अभियोजन बेहद जरूरी है। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और इकाइयों के लगभग 250 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धमतरी शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी, उप पुलिस अधीक्षक भानूप्रताप चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मोनिका मरावी, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मीना साहू, उप पुलिस अधीक्षक यशकरण दीप ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नगरी विपिन रंगारी, वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल, डीपीओ अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित सभी थाना-चौकी प्रभारी, विवेचक, सीसीटीएनएस ऑपरेटर और प्रशिक्षु उप निरीक्षक उपस्थित रहे। इस दौरान प्रकरण आधारित उदाहरणों के माध्यम से विवेचना, डिजिटल साक्ष्य, गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और अदालती प्रक्रिया से जुड़ी पुलिसकर्मियों की शंकाओं का समाधान किया गया।1
- सुकमा के कोंटा में थाना कोंटा पुलिस ने 18 मवेशियों को ट्रक से कुचलने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ट्रक चालक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। ग्राम डोण्ड्रा निवासी मडकम वीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 11 जुलाई 2026 की रात करीब 1 बजे ट्रक क्रमांक CG 12 AX 4808 के चालक ने तेज गति एवं लापरवाही से वाहन चलाते हुए बैल, गाय, बछड़ा एवं बछिया सहित 18 मवेशियों को कुचल दिया। इस हादसे में 14 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रार्थी की शिकायत पर थाना कोंटा में अपराध क्रमांक 19/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 तथा छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 10 के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी ट्रक चालक राजकुमार उरांव (पिता महेश उरांव, निवासी वार्ड क्रमांक 10, फरठिया, थाना गढ़वा, जिला गढ़वा, झारखंड) को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके कब्जे से ट्रक तथा वाहन के दस्तावेज जब्त किए। पुलिस ने आरोपी चालक को 11 जुलाई 2026 को शाम 5 बजे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश देखा गया है। पुलिस ने मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए आगे की विवेचना जारी होने की जानकारी दी है।2
- कोण्डागांव कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना ने कोपाबेड़ा स्थित शासकीय उद्यान रोपणी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रोपणी को आधुनिक संसाधनों से विकसित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने रोपणी में ड्रैगन फ्रूट और आम की उन्नत किस्मों के प्रदर्शन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए और इस रोपणी को एक आदर्श प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र के रूप में तैयार किया जाए।1
- छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 11 जुलाई को दोपहर 3 बजे शनिवार को कांकेर के कोतवाली थाना में पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के नेतृत्व में विकसित की गई 'ई-मालखाना' प्रणाली का शुभारंभ किया। क्यूआर (QR) कोड आधारित इस डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से जब्त वाहनों, मोबाइल, नकदी, हथियार, आभूषण और एनडीपीएस प्रकरणों सहित सभी केस प्रॉपर्टी का पूरी तरह से सुरक्षित एवं पारदर्शी डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। इस उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद भोजराज नाग ने की। इस अवसर पर विधायक आशाराम नेताम, हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी तथा नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक भी उपस्थित रहे।1
- ईश्वर की सही पहचान के विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का प्रसारण किया जा रहा है, जिसका शीर्षक 'हे! भोले इंसान, करो सही GOD की पहचान' रखा गया है। यह कार्यक्रम शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को सुबह 11:00 बजे प्रसारित होगा। दर्शक इस प्रस्तुति को 'AL KABIR ISLAMIC' यूट्यूब चैनल पर देख सकते हैं।1