श्रावणी मेला 2026 के मद्देनजर बेगूसराय के गढ़पुरा स्थित बाबा हरिगिरी धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की सुविधा तथा सुरक्षा को लेकर बेगूसराय के जिलाधिकारी से व्यापक व्यवस्था करने की मांग की गई है। इस संबंध में ऋतूराज कुमार द्वारा जिलाधिकारी को एक विस्तृत 24 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया है, जिसमें सिमरिया धाम से बाबा हरिगिरी धाम तक संपूर्ण कांवड़िया पथ और मेला क्षेत्र में समय रहते सभी आवश्यक प्रशासनिक और जनसुविधाएं बहाल करने का अनुरोध किया गया है। इस मांग पत्र को समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक व संपादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रसारित किया गया है। सौंपे गए मांग पत्र में सिमरिया गंगा घाट पर महिला एवं पुरुष पुलिस बल, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और गोताखोरों की तैनाती करने तथा ड्रोन कैमरे से निगरानी करने की मांग की गई है। साथ ही वहां अस्थायी शौचालय, मेडिकल कैंप और पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की गई है। इसके अलावा कांवड़िया पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रत्येक तीन किलोमीटर पर मेडिकल कैंप एवं शौचालय, प्रत्येक पांच किलोमीटर पर विश्राम शिविर, चलंत एंबुलेंस और चलंत शौचालय उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। मेला क्षेत्र तथा कांवड़िया पथ पर जलजमाव की समस्या का समाधान करने, फायर सेफ्टी के लिए दमकल वाहनों की तैनाती, पर्याप्त रोशनी, बैरिकेडिंग, कांवड़ स्टैंड, दिशा-सूचक बोर्ड, नियंत्रण कक्ष, उद्घोषणा केंद्र, खोया-पाया केंद्र और महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम बनाने की भी मांग रखी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए बाबा हरिगिरी धाम मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल, सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति, सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती, अस्थायी वॉच टावर और ड्रोन निगरानी के साथ-साथ स्थानीय स्वयंसेवकों के माध्यम से भीड़ नियंत्रण का मॉक ड्रिल कराने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा श्रावणी मेले के दौरान रविवार रात 10 बजे से सोमवार शाम 6 बजे तक बाबा हरिगिरी धाम से नित्यानंद चौक, मंझौल तक आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर दोपहिया से ऊपर के सभी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने और कांवड़िया पथ पर खुले में मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है ताकि श्रद्धालुओं, शिवभक्तों एवं आम जनों की आस्था और सुरक्षा के साथ शांतिपूर्ण ढंग से मेला संपन्न हो सके।
श्रावणी मेला 2026 के मद्देनजर बेगूसराय के गढ़पुरा स्थित बाबा हरिगिरी धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की सुविधा तथा सुरक्षा को लेकर बेगूसराय के जिलाधिकारी से व्यापक व्यवस्था करने की मांग की गई है। इस संबंध में ऋतूराज कुमार द्वारा जिलाधिकारी को एक विस्तृत 24 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया है, जिसमें सिमरिया धाम से बाबा हरिगिरी धाम तक संपूर्ण कांवड़िया पथ और मेला क्षेत्र में समय रहते सभी आवश्यक प्रशासनिक और जनसुविधाएं बहाल करने का अनुरोध किया गया है। इस मांग पत्र को समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक व संपादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रसारित किया गया है। सौंपे गए मांग पत्र में सिमरिया गंगा घाट पर महिला एवं पुरुष पुलिस बल, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और गोताखोरों की तैनाती करने तथा ड्रोन कैमरे से निगरानी करने की मांग की गई है। साथ ही वहां अस्थायी शौचालय, मेडिकल कैंप और पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की गई है। इसके अलावा कांवड़िया पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रत्येक तीन किलोमीटर पर मेडिकल कैंप एवं शौचालय, प्रत्येक पांच किलोमीटर पर विश्राम शिविर, चलंत एंबुलेंस और चलंत शौचालय उपलब्ध कराने
का आग्रह किया गया है। मेला क्षेत्र तथा कांवड़िया पथ पर जलजमाव की समस्या का समाधान करने, फायर सेफ्टी के लिए दमकल वाहनों की तैनाती, पर्याप्त रोशनी, बैरिकेडिंग, कांवड़ स्टैंड, दिशा-सूचक बोर्ड, नियंत्रण कक्ष, उद्घोषणा केंद्र, खोया-पाया केंद्र और महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम बनाने की भी मांग रखी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए बाबा हरिगिरी धाम मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल, सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति, सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती, अस्थायी वॉच टावर और ड्रोन निगरानी के साथ-साथ स्थानीय स्वयंसेवकों के माध्यम से भीड़ नियंत्रण का मॉक ड्रिल कराने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा श्रावणी मेले के दौरान रविवार रात 10 बजे से सोमवार शाम 6 बजे तक बाबा हरिगिरी धाम से नित्यानंद चौक, मंझौल तक आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर दोपहिया से ऊपर के सभी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने और कांवड़िया पथ पर खुले में मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है ताकि श्रद्धालुओं, शिवभक्तों एवं आम जनों की आस्था और सुरक्षा के साथ शांतिपूर्ण ढंग से मेला संपन्न हो सके।
- समस्तीपुर के ताजपुर प्रखंड अंतर्गत मौलानाचक और सरसौना गांव में शनिवार को अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) द्वारा सदस्यता अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व भाकपा (माले) के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह और खेग्रामस के प्रखंड अध्यक्ष प्रभात रंजन गुप्ता ने किया। इस दौरान कुल 45 लोगों ने खेग्रामस की सदस्यता ग्रहण की।1
- बिहार में भाजपा उम्मीदवार द्वारा अपना नाम वापस लिए जाने के घटनाक्रम पर प्रशांत किशोर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस स्थिति को 'जन बल' की जीत करार देते हुए कहा कि जनता की ताकत के आगे कोई दूसरा बल नहीं टिक सकता। प्रशांत किशोर ने अपनी टिप्पणी में कहा कि अब तक लोग भाजपा के डर से भागते रहे हैं, लेकिन यह पहली बार हुआ है कि भाजपा का अपना उम्मीदवार ही मैदान छोड़कर भाग गया है। उन्होंने इसे इंसाफ की एक बड़ी घटना के रूप में रेखांकित किया।1
- Post by Lalu Kumar1
- बिहार के समस्तीपुर में बारिश के कारण जगह-जगह भारी जलजमाव हो गया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित है। बारिश के इस मौसम में जलभराव की स्थिति ऐसी है कि सड़क पर चल रहे सभी वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। 'हम किराए के राजा' की ओर से इस समस्या को दिखाते हुए लोगों से समर्थन की अपील की गई है।1
- बिहार के समस्तीपुर में जूट मिल रोड का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सड़क पर जलजमाव की स्थिति दिखाई दे रही है। यह वीडियो राजमार्ग के काम और बारिश के बीच की स्थिति को दर्शाता है, जिसे स्थानीय स्तर पर बारिश के 'प्रसाद' के रूप में देखा जा रहा है।1
- दरभंगा के हायाघाट स्थित निमती चौक पर गुरुवार रात्रि करीब 8:50 बजे हुई एक गोलीकांड की घटना के बाद ग्रामीणों का भारी आक्रोश देखने को मिला। संजीव सिंह नामक व्यक्ति को अज्ञात हमलावरों ने दो गोली मार दी, जिसके बाद स्थानीय लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भड़क गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने निमती चौक को पूरी तरह जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना मिलते ही जिला से डीएसपी मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन ग्रामीणों ने थाना अध्यक्ष सूरज गुप्ता के देर से पहुंचने पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारी ग्रामीण सुरक्षा की मांग को लेकर घंटों तक प्रशासन के अधिकारियों को वार्ता के लिए इंतजार कराते रहे।1
- समस्तीपुर में महज एक घंटे की बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की बदहाली को उजागर कर दिया है। शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद काशीपुर, विवेक विहार, आजाद नगर, आदर्श नगर, सरोजनी गली और बारह पत्थर जैसे कई मोहल्लों की सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं, जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ और उन्हें आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भाकपा माले के जिला कमिटी सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर नगर निगम की लापरवाही और भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि जलनिकासी, सड़क और नाला निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे खोखले साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत इन सरकारी दावों के बिल्कुल विपरीत है, क्योंकि शहर की सड़कें पहली ही बारिश में तालाब का रूप ले लेती हैं। सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने मांग की है कि जिलाधिकारी इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाएं। उन्होंने इस भ्रष्टाचार में शामिल नगर निगम के आयुक्त, मेयर, उपमेयर, संबंधित पार्षदों, जेई और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर जोर दिया है। साथ ही, उन्होंने शहर के निवासियों को इस समस्या से स्थायी रूप से मुक्ति दिलाने के लिए तत्काल प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- Post by Lalu Kumar1