शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर ने पुलिस लाइन मऊ में साप्ताहिक परेड की सलामी ली और उसका निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उच्च कोटि के अनुशासन, वर्दी के टर्नआउट, तथा शांति व सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से बल को ब्रीफ किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को मानसिक और शारीरिक रूप से सदैव तत्पर रहने का निर्देश देते हुए यह भी कहा कि दंगा नियंत्रण के सभी उपकरण सक्रिय दशा में अपने साथ रखें, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। निरीक्षण के दौरान ड्रोन कैमरा, फॉरेंसिक वैन, चारपहिया और दोपहिया पीआरवी वाहनों की साफ-सफाई, हूटर, लाइट, एमडीटी, मेडिकल किट, फायर एक्सटिंग्विशर और एंटी-राइट इक्विपमेंट जैसी चीजों की जांच की गई। पीआरवी कर्मियों को विशेष रूप से गंभीर और महिला संबंधित घटनाओं की सूचना पर मौके पर तत्काल पहुंचकर प्राथमिक कार्यवाही करने, घटनास्थल को सुरक्षित करने के लिए क्राइम सीन किट का सही तरीके से प्रयोग करने, तथा रिस्पॉन्स टाइम और जीपीएस परसेंटेज में सुधार लाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन का भ्रमण कर विभिन्न शाखाओं और परिसर की साफ-सफाई का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर की समग्र व्यवस्था, बैरक और मेस में भोजन व अन्य सुविधाओं का भी जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने पुलिसकर्मियों को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और उत्कृष्टता के साथ पुलिस सेवा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी लाइन दिनेश दत्त मिश्र, क्षेत्राधिकारी घोसी जितेंद्र सिंह, प्रतिसार निरीक्षक अरुण कुमार सिंह और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर ने पुलिस लाइन मऊ में साप्ताहिक परेड की सलामी ली और उसका निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उच्च कोटि के अनुशासन, वर्दी के टर्नआउट, तथा शांति व सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से बल को ब्रीफ किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को मानसिक और शारीरिक रूप से सदैव तत्पर रहने का निर्देश देते हुए यह
भी कहा कि दंगा नियंत्रण के सभी उपकरण सक्रिय दशा में अपने साथ रखें, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। निरीक्षण के दौरान ड्रोन कैमरा, फॉरेंसिक वैन, चारपहिया और दोपहिया पीआरवी वाहनों की साफ-सफाई, हूटर, लाइट, एमडीटी, मेडिकल किट, फायर एक्सटिंग्विशर और एंटी-राइट इक्विपमेंट जैसी चीजों की जांच की गई। पीआरवी कर्मियों को विशेष रूप से गंभीर और
महिला संबंधित घटनाओं की सूचना पर मौके पर तत्काल पहुंचकर प्राथमिक कार्यवाही करने, घटनास्थल को सुरक्षित करने के लिए क्राइम सीन किट का सही तरीके से प्रयोग करने, तथा रिस्पॉन्स टाइम और जीपीएस परसेंटेज में सुधार लाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन का भ्रमण कर विभिन्न शाखाओं और परिसर की साफ-सफाई का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर
की समग्र व्यवस्था, बैरक और मेस में भोजन व अन्य सुविधाओं का भी जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने पुलिसकर्मियों को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और उत्कृष्टता के साथ पुलिस सेवा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी लाइन दिनेश दत्त मिश्र, क्षेत्राधिकारी घोसी जितेंद्र सिंह, प्रतिसार निरीक्षक अरुण कुमार सिंह और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
- मऊ जिले के मोहम्मदपुर चंदापार गांव में पिछले चार से पांच सालों से गांव की नाली बंद पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह गांव फतेहपुर ताल रतोई से इब्राहिम पट्टी जाने वाले मार्ग के बीच में स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने लंबे समय से नाली बंद होने के बावजूद इसकी सफाई या समस्या के समाधान के लिए कोई सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का जल्द से जल्द निष्कर्ष निकालने की अपील की है।4
- बंगाल में सफेद साड़ी विवाद पर नया बवाल खड़ा हो गया है, जहाँ लोगों द्वारा एक TMC नेता को "करारा जवाब" दिए जाने की बात सामने आ रही है। चुनावी विवाद के बाद गुस्साई भीड़ कथित तौर पर नेता के घर पहुँच गई, जिससे राज्य की राजनीति में एक नया विवाद छिड़ गया है। यह पूरा मामला TMC नेता और सफेद साड़ी विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। इस घटना के वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी है, जहाँ लोग "जैसा किया वैसा भरा?" जैसे सवाल उठाकर इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और चर्चा तेज हो गई है। इस घटना ने बंगाल में राजनीतिक लड़ाई को एक बार फिर गरमा दिया है, और यह लगातार गहराते राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है।1
- मऊ (रानीपुर) विकास खंड रानीपुर की ग्राम सभा सरसेना में लाखों रुपये की सरकारी लागत से निर्मित 'संसाधन पुनर्प्राप्ति केंद्र' (RRC केंद्र) अब कचरा घर और आवारा पशुओं का अड्डा बन चुका है। यह केंद्र सरकार के ग्रामीण इलाकों को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने के दावों की जमीनी हकीकत को दर्शाता है, जहाँ जिस जगह को गांव के कचरा प्रबंधन और स्वच्छता के लिए इस्तेमाल होना था, वह खुद गंदगी का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है और अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान सामने आई तस्वीरों के अनुसार, केंद्र के भीतर सूखे और गीले कचरे को रीसायकल करने के लिए बनाए गए कंक्रीट के केबिनों में प्लास्टिक की बोतलें, फटे हुए बैग, दवाइयों के खाली रैपर और मलबे का ढेर भरा पड़ा है। केंद्र का निर्माण अधूरा प्रतीत होता है, जहाँ दीवारों पर प्लास्टर और पेंट का काम तो दिख रहा है, लेकिन गेट और बाउंड्री वॉल के पास की जमीन उबड़-खाबड़ और धूल से भरी है। मुख्य द्वार पर लगे लोहे के चैनल गेट खुले होने के कारण यह आवारा पशुओं का ठिकाना भी बन गया है। इस आरआरसी सेंटर का निर्माण स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांव से निकलने वाले प्लास्टिक और अन्य कचरे को प्रोसेस करके दोबारा इस्तेमाल योग्य बनाने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और उचित देखरेख के अभाव में यह पूरी तरह निष्क्रिय पड़ा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि केंद्र तो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन यहाँ न तो कोई कर्मचारी तैनात किया गया है और न ही गांव से कचरा उठाने की कोई नियमित व्यवस्था की गई है। उन्होंने सरकारी पैसे के इस दुरुपयोग को दुखद बताया है।4
- बलिया के बिल्थरारोड स्थित उभांव थाना क्षेत्र के एकसार पिपरौली गांव में एक भाई की पैतृक जमीन पर विपक्षीगण द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य जारी है। पीड़ित गंगासागर, जो स्व. अमारे के पुत्र हैं और तीन भाइयों में 1/3 हिस्सेदार हैं, अपनी हिस्से की जमीन पर हो रहे इस अवैध कब्जे को लेकर न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। इस मामले में पीड़ित ने उपजिलाधिकारी को शिकायत पत्र दिया था, जिसके संज्ञान में लेते हुए उपजिलाधिकारी ने तुरंत उभांव थानाध्यक्ष को अवैध निर्माण रोकने का निर्देश दिया था। हालांकि, इन आदेशों के बावजूद, विपक्षीगण द्वारा निर्माण कार्य लगातार जारी है। थाने के हल्का दरोगा का इस संबंध में कहना है कि वे मौके पर जाकर निर्माण रुकवा देते हैं, लेकिन उनके जाते ही कार्य फिर से शुरू हो जाता है। पुलिस के इस बयान से उनकी कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं, और उपजिलाधिकारी के आदेश के बावजूद भी पीड़ित गंगासागर को न्याय नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते वह न्याय की आस में लगातार भटकने को मजबूर है।3
- उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर से चोरी की एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसे देखकर लोग हैरान रह जाएंगे।1
- रसड़ा (बलिया) नगर पालिका परिषद अपने विकास कार्यों के कारण इन दिनों हर तरफ चर्चा का विषय बनी हुई है। इसी कड़ी में, आज नगर पालिका अध्यक्ष विनय शंकर जायसवाल के नेतृत्व में गांधी पार्क रोड के किनारे नई दुकानों के निर्माण के लिए विधि-विधान से भूमि पूजन किया गया।1
- देवरिया के पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने शुक्रवार को जनपद में शांति, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से थाना सलेमपुर क्षेत्र में पैदल गश्त किया। इस दौरान उनके साथ क्षेत्राधिकारी सलेमपुर मनोज कुमार और थाना सलेमपुर का पुलिस बल भी मौजूद रहा। पैदल गश्त के तहत, पुलिस अधीक्षक ने सलेमपुर कस्बे के प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों, संवेदनशील क्षेत्रों और मुख्य मार्गों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का गहनता से निरीक्षण किया, साथ ही आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने हेतु सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा भी की। गश्त के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने व्यापारियों, दुकानदारों, युवाओं और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनीं और सुझाव लिए। उन्होंने आमजन को आश्वस्त किया कि जनपद पुलिस उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, तथा कानून-व्यवस्था को बाधित करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील करते हुए, उन्होंने किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इसके अतिरिक्त, निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों और थाना प्रभारी को सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्कता, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। पुलिस के इस अभियान को क्षेत्र में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- पूर्वांचल के जाने-माने जे के मोबाइल ट्रेनिंग सेंटर में एक भव्य प्रमाण पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लगभग 100 प्रशिक्षुओं को मोबाइल रिपेयरिंग इंजीनियर का प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने चार महीने की कुशल ट्रेनिंग पूरी की है। इस खास मौके पर देवरिया आईटीआई के प्रबंधक और समाजसेवी प्रेम कुशवाहा सहित कई सम्मानित लोग मौजूद रहे। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र सौंपते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। जे के मोबाइल ट्रेनिंग सेंटर में बलिया, महाराजगंज, गोपालगंज, कुशीनगर, गोरखपुर, मुंबई और आजमगढ़ सहित कई विभिन्न जिलों से आए युवाओं ने यह प्रशिक्षण प्राप्त किया। संस्था के संचालक जनार्दन कुशवाहा ने बताया कि अब तक उनके केंद्र से 4 हजार से अधिक युवा मोबाइल रिपेयरिंग की ट्रेनिंग लेकर आत्मनिर्भर बन चुके हैं। इनमें से कई प्रशिक्षु आज अपनी मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान खोलकर अच्छी आमदनी कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आज प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले युवा भी अपने हुनर के दम पर आगे बढ़ेंगे, बेहतर रोजगार हासिल करेंगे और अपने परिवार के साथ-साथ संस्था का नाम भी रोशन करेंगे। जे के मोबाइल ट्रेनिंग सेंटर का मुख्य लक्ष्य युवाओं को हुनरमंद बनाकर 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में आगे बढ़ाना है।1